अमेरिकी डॉलर की मजबूती से स्विस फ्रैंक 10 महीने के निचले स्तर पर, फेड के रुख का असर फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत संकेत और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच अमेरिकी डॉलर में लगातार उछाल देखा जा रहा है। इसका सीधा असर स्विस फ्रैंक, यूरो और सोने की कीमतों पर पड़ा है जो अपने निचले स्तरों की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी डॉलर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और मई 2025 के बाद अपने सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया है। इस तेजी के पीछे पिछले हफ्ते हुई फेडरल रिजर्व की बैठक का अहम योगदान है, जिसमें नीति निर्माताओं ने बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण पैदा हुई महंगाई को रोकने के लिए इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का संकेत दिया है। डॉलर इंडेक्स और महंगाई के आंकड़े अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चाल को मापता है, अभी 101.36 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह स्तर मई 2025 के बाद से सबसे ज्यादा है। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मई में 4.2% तक पहुंच गया है, जो फेड के 2% के लक्ष्य से दोगुना से भी ज्यादा है। अब बाजार की निगाहें गुरुवार को आने वाले पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स पर टिकी हैं। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि मुख्य PCE प्राइस इंडेक्स अप्रैल के 3.3% से बढ़कर मई में 3.4% सालाना हो सकता है। भू-राजनीतिक तनाव और बाजार पर दबाव अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर भी वैश्विक बाजारों की पैनी नजर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु निरीक्षणों के लिए सहमत हो गया है, लेकिन तेहरान ने ऐसी किसी भी प्रतिबद्धता से इनकार किया है। जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक भू-राजनीतिक जोखिम बने रहेंगे, जो सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को और मजबूती दे रहे हैं। अन्य मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति • GBP/USD: पाउंड नवंबर 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर 1.3140 के करीब आ गया है। ब्रिटेन में राजनीतिक अस्थिरता और डॉलर की मजबूती इसे लगातार दबाव में रख रही है। • EUR/USD: बुधवार को यूरो और गिरकर अपने नए वार्षिक निचले स्तर 1.1320 के पास पहुंच गया है। • सोना: कीमती धातु सोना नवंबर 2025 के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर से नीचे फिसल गया है। • बिटकॉइन: भू-राजनीतिक तनाव और व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बिटकॉइन 62,000 डॉलर से 63,000 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है। हाल ही में कीयर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद भी पाउंड पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा, जो यह दर्शाता है कि बाजार की चाल ब्रिटेन के नेताओं के बजाय गिल्ट कर्व की लंबी अवधि की गतिविधियों से संचालित हो रही है। फेड की कमान संभालने के बाद केविन वॉर्श की पहली बैठक में बेंचमार्क दर को 3.50% से 3.75% के बीच स्थिर रखा गया है, जो कि बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था, लेकिन उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरानी नीतियों को बदलने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। इसका आप पर असर भारत में: डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है और आयातित वस्तुओं की कीमतें महंगी हो सकती हैं। निवेशकों के लिए: सोने और अन्य मुद्राओं में गिरावट निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो में उतार-चढ़ाव का संकेत है, इसलिए सुरक्षित निवेश की रणनीति अपनाना आवश्यक है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर में तेजी का मुख्य कारण क्या है? फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं द्वारा बढ़ती महंगाई को देखते हुए इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेत देने से डॉलर को मजबूती मिली है। 2. स्विस फ्रैंक पर क्या असर पड़ा है? अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते स्विस फ्रैंक गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। 3. अगला महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा कब आने वाला है? गुरुवार को पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स की रिपोर्ट आने वाली है, जिस पर बाजार की नजर है। 4. सोने की कीमत पर क्या प्रभाव पड़ा है? सोना नवंबर 2025 के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे फिसल गया है। https://trendkia.com/market/ameriki-dolara-ki-majabuti-se-swiss-franc-10-mahine-ke-nichale-stara-para-fed-ke-rukha-ka-asara-2750 TrendKia — Har trend, sabse pehle.