अमेरिकी डॉलर की नरमी और जापान में ब्याज दर बढ़ने की आहट से जापानी येन में सीमित हलचल कमजोर अमेरिकी डॉलर और बैंक ऑफ जापान की सख्ती की उम्मीदों के बीच जापानी येन 158 के स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट और सरकारी दखल के अंदेशे ने मुद्रा बाजार को सतर्क रखा है। वैश्विक मुद्रा बाजार में जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के बीच की चाल शुक्रवार को बेहद संतुलित और सीमित दायरे में सिमट गई। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान शुरुआती बढ़त हासिल करने के बावजूद USD/JPY जोड़ी अपनी रफ्तार बरकरार रखने में संघर्ष करती नजर आई। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से आई नरमी और जापान के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों ने इस मुद्रा जोड़ी को 158.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के इर्द-गिर्द बांधे रखा है। मौजूदा बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY 158.02 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 158.06 के मुकाबले 0.03 प्रतिशत नीचे है। बीते 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 150.49 से 163.98 के बीच रहा है। जापान के घरेलू खर्च में गिरावट और वास्तविक वेतन का सहारा जापान के ताजा व्यापक आर्थिक आंकड़ों ने येन की दिशा को लेकर निवेशकों के सामने दोहरी तस्वीर पेश की है। अगस्त महीने में जापान के घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने संकुचन दर्ज किया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि गिरावट का यह आंकड़ा बाजार विश्लेषकों के अनुमान से कम रहा। इसके साथ ही जापान में लगातार आठवें महीने वास्तविक वेतन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आय में इस लगातार सुधार ने निवेशकों के बीच यह भरोसा मजबूत किया है कि बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है। नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की यह संभावना येन को बड़ी गिरावट से बचाने का काम कर रही है। मुद्रा हस्तक्षेप का डर और बॉन्ड यील्ड में सुधार टोक्यो के नीति निर्माताओं की ओर से मुद्रा बाजार में सीधे हस्तक्षेप का खतरा लगातार मंडरा रहा है। वित्तीय बाजारों के कारोबारी इस बात को लेकर बेहद सतर्क हैं कि यदि येन में अत्यधिक कमजोरी आई, तो जापानी अधिकारी अपनी मुद्रा को संभालने के लिए डॉलर की बिकवाली कर सकते हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी बॉन्ड बाजार से मिले संकेतों ने डॉलर पर दबाव बनाया है। हाल ही में अमेरिका में हुई 30-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की नीलामी को निवेशकों की ओर से मजबूत मांग मिली। इस मजबूत मांग के चलते अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड में सुधारात्मक गिरावट आई, जिसने अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) को अपने 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे खींच लिया। ग्रीनबैक के इस बैकफुट पर आने से USD/JPY जोड़ी को ऊपरी स्तरों पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल का दबाव कम अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने भी वित्तीय बाजारों की अनिश्चितता को कम किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि कांग्रेस चुनावों से पहले ईरान पर सैन्य हमले दोबारा शुरू नहीं करेगा। इस बयान के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल थम गया और बेकाबू महंगाई को लेकर निवेशकों की चिंताएं काफी हद तक शांत हुईं। ऊर्जा की लागत स्थिर रहने से वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक ब्याज दर वृद्धि का डर घटा है, जिसने मुद्रा बाजार की अस्थिरता को सीमित कर दिया है। आगामी आर्थिक संकेतकों पर निवेशकों की नजर मौजूदा मिले-जुले बुनियादी माहौल के कारण निवेशक और ट्रेडर किसी भी दिशा में बड़े सौदे करने से बच रहे हैं। यही वजह है कि पिछले एक सप्ताह से यह मुद्रा जोड़ी एक कड़े दायरे में फंसी हुई है। सप्ताहांत की ओर बढ़ते हुए बाजार सहभागियों की नजरें अब यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के प्रारंभिक अमेरिकी उपभोक्ता भावना और मुद्रास्फीति अपेक्षा सूचकांक पर टिकी हैं। इसके अलावा, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के प्रमुख सदस्यों के भाषण और आने वाली भू-राजनीतिक खबरें अमेरिकी डॉलर की मांग को नई दिशा दे सकती हैं, जिससे आगामी सत्रों में नए ट्रेडिंग मौके तैयार हो सकते हैं। तकनीकी संकेत और प्रमुख ट्रेडिंग स्तर चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर USD/JPY जोड़ी 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर बनी हुई है, जो अल्पावधि में इसके तेजी के रुझान को बरकरार रखने का संकेत देती है। वर्तमान में 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 54 के स्तर पर है, जो तटस्थ से हल्के सकारात्मक क्षेत्र को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) 0.17 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.02 पर है, जिसका हिस्टोग्राम 0.19 पर तेजी का संकेत दे रहा है। 50-दिवसीय घातीय मूविंग एवरेज (EMA50) 158.00 पर और 200-दिवसीय घातीय मूविंग एवरेज (EMA200) 157.76 पर है, जहां गोल्डन क्रॉस का निर्माण दीर्घकालिक मजबूती का इशारा करता है। हालांकि 14-अवधि का एडीएक्स (ADX) 17 पर है, जो ट्रेंड की कमजोरी और रेंज-बाउंड प्रकृति की पुष्टि करता है। तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से दैनिक धुरी बिंदु (Pivot) 157.97 पर स्थित है। ऊपर की तरफ पहला प्रतिरोध स्तर R1 158.19 और दूसरा प्रतिरोध R2 158.36 पर है, जबकि 20-दिवसीय बड़ा प्रतिरोध 159.00 के पास देखा जा रहा है। नीचे की ओर पहला तात्कालिक समर्थन S1 157.80 और दूसरा समर्थन S2 157.58 पर स्थित है, जबकि 20-दिवसीय मजबूत समर्थन 153.38 के करीब है। 1.16 का दैनिक एवरेज ट्रू रेंज (ATR) बाजार में सामान्य उतार-चढ़ाव को दर्शाता है, जिसे स्टॉप-लॉस निर्धारित करने के लिए ध्यान में रखा जा सकता है। अन्य मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति व्यापक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का असर अन्य जोड़ियों पर भी साफ देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) जोड़ी ने पिछले दिन के निचले स्तर से उबरते हुए शुक्रवार को एशिया में 0.7000 के स्तर की ओर रुख किया, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त नीतिगत उम्मीदों का भी सहारा मिला। दूसरी तरफ, सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की कीमतें भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बाद पिछले दो हफ्तों के दायरे में सकारात्मक रुझान के साथ कारोबार करती दिखीं, जहां निवेशकों की नजरें $4,200 के स्तर पर टिकी हुई हैं। इसका आप पर असर USD/JPY जोड़ी का 158 के दायरे में ठहरना अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी शिक्षा और वैश्विक आयात-निर्यात से जुड़े लोगों के लिए अहम संकेत देता है। • भारतीय यात्रियों और छात्रों पर असर: डॉलर और येन की स्थिरता से विदेश यात्रा और ट्यूशन फीस के बजट में अचानक बड़े बदलाव नहीं होंगे। छात्र और यात्री बिना किसी बड़े करेंसी झटके के अपनी आगामी विदेशी मुद्रा जरूरतों की योजना बना सकते हैं। • आयात और निर्यात कारोबार: जापानी मशीनरी और कलपुर्जे मंगाने वाली कंपनियों के लिए लागत अनुमान स्थिर बने रहेंगे। कंपनियों को हेजिंग अनुबंधों पर अत्यधिक प्रीमियम चुकाने से तात्कालिक राहत मिलेगी। • वैश्विक वित्तीय बाजार: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से शेयर और कमोडिटी बाजारों को सहारा मिला है। सोने और अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं में निवेश करने वालों को स्थिरता का फायदा मिलेगा। • मुद्रा कारोबारियों के लिए सलाह: 158.00 के करीब सीमित दायरे के चलते बड़े ब्रेकआउट के बिना आक्रामक दांव लगाने से बचना चाहिए। तकनीकी स्तरों के अनुसार 1.16 के दैनिक उतार-चढ़ाव (ATR) को ध्यान में रखते हुए सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करना जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ जापानी येन और अमेरिकी डॉलर के बीच सीमित उतार-चढ़ाव आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत अनिश्चितताओं के संतुलन का सीधा परिणाम है। दोनों देशों के आर्थिक संकेतकों ने एक-दूसरे के प्रभाव को काफी हद तक बेअसर कर दिया है। • जापान के मिले-जुले आर्थिक आंकड़े: घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट आई लेकिन यह अनुमान से बेहतर रही, जबकि आठ महीनों से बढ़ रहे वास्तविक वेतन ने बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि की उम्मीदों को जीवित रखा। इस वजह से येन में न तो बड़ी कमजोरी आई और न ही कोई तेज उछाल देखा गया। • मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका: जापानी अधिकारियों द्वारा येन की अत्यधिक गिरावट को थामने के लिए बाजार में दखल देने की चेतावनी लगातार बनी हुई है। इस डर से संस्थागत निवेशकों ने डॉलर के पक्ष में बड़े आक्रामक सौदे करने से परहेज किया है। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: अमेरिका में 30-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की सफल नीलामी के बाद ट्रेजरी यील्ड में कमी आई, जिसने डॉलर इंडेक्स को उसके 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे धकेल दिया। इससे डॉलर की तेजी पर लगाम लगी और जोड़ी पर दबाव बना। • भू-राजनीतिक तनाव में तात्कालिक नरमी: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर सैन्य हमले न करने के बयान ने तेल कीमतों और मुद्रास्फीति की चिंताओं को शांत कर दिया। ऊर्जा लागत स्थिर होने से वित्तीय बाजारों में डॉलर को लेकर बना पैनिक ठंडा पड़ा है। सवाल-जवाब 1. USD/JPY जोड़ी वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही है? लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार USD/JPY 158.02 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 158.06 से 0.03 प्रतिशत कम है। 2. जापान के घरेलू खर्च और वेतन आंकड़ों से क्या संकेत मिले हैं? अगस्त में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने घटा लेकिन गिरावट अनुमान से कम रही, जबकि लगातार आठवें महीने वास्तविक वेतन में वृद्धि दर्ज की गई। 3. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट क्यों देखने को मिली? अमेरिका में 30-वर्षीय बॉन्ड की मजबूत नीलामी के बाद ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई, जिससे डॉलर अपने 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे आ गया। 4. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संदर्भ में क्या बयान दिया? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि कांग्रेस चुनाव से पहले ईरान पर सैन्य हमले दोबारा शुरू नहीं करेगा। 5. आने वाले कारोबारी सत्रों में किन आंकड़ों पर बाजार की नजर रहेगी? बाजार यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के उपभोक्ता भावना सूचकांक, मुद्रास्फीति अपेक्षाओं और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के सदस्यों के बयानों पर नजर रखेगा। https://trendkia.com/market/ameriki-dolara-ki-narami-aura-japan-men-byaja-dara-barhane-ki-ahata-se-japanese-yen-men-simita-halachala-45101 TrendKia — Har trend, sabse pehle.