# अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में गिरावट, 1.3140 का निचला स्तर छूने का बना जोखिम

> यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) के विश्लेषकों के अनुसार ब्रिटिश पाउंड में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है, जिससे यह जून के निचले स्तर 1.3140 को छू सकता है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड में तेजी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी देखा जा रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-dollar-ke-mukabale-britisha-pound-men-giravata-1-3140-ka-nichala-stara-chhune-ka-bana-jokhima-38515 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, अमेरिकी डॉलर, फॉरेक्स बाजार, मुद्रा विनिमय दर, यूओबी, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, बॉन्ड यील्ड, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मजबूती के बीच ब्रिटिश पाउंड लगातार बिकवाली के दबाव का सामना कर रहा है। हालिया सत्र में तेज गिरावट दर्ज करने के बाद पाउंड 1.3205 के निचले स्तर तक फिसल गया था और अंततः 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.3219 पर बंद हुआ। हालांकि मौजूदा समय में लाइव मार्केट डेटा के अनुसार GBP/USD 1.33 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद 1.32 से 0.11 प्रतिशत अधिक है, लेकिन व्यापक तकनीकी संरचना अब भी कमजोरी का संकेत दे रही है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि यदि गिरावट का यह सिलसिला जारी रहता है, तो ब्रिटिश पाउंड जून के अपने निचले स्तर 1.3140 का भी परीक्षण कर सकता है।

## 24 घंटे का परिदृश्य और तकनीकी स्थिति
बुधवार से शुरू हुई तीव्र बिकवाली के बाद पाउंड में लगातार कमजोरी देखी गई। मुद्रा बाजार में आई इस एकतरफा गिरावट के कारण परिस्थितियां गहरे ओवरसोल्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 29 के आसपास दर्ज किया गया है, जो साफ तौर पर ओवरसोल्ड स्थिति दर्शाता है। इसके अलावा 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड में निचला दायरा 1.33 और ऊपरी दायरा 1.37 है, जबकि मध्य रेखा 1.35 पर है और भाव इस समय निचले बैंड के नीचे चल रहा है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 13 और सिग्नल लाइन 17 पर है, जबकि 14-दिवसीय एडीएक्स (ADX) 30 पर ट्रेंडिंग स्थिति की पुष्टि कर रहा है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही अत्यधिक बिकवाली के बाद तकनीकी सुधार की संभावना बनती हो, लेकिन पाउंड के लिए समग्र रुझान नीचे की ओर ही बना हुआ है। अल्पकालिक कारोबार के दौरान किसी भी गिरावट के 1.3190 से 1.3245 के सीमित दायरे में रहने की संभावना जताई गई है। मूविंग एवरेज के मोर्चे पर ईएमए20 (EMA20) 1.34, ईएमए50 (EMA50) 1.35 और ईएमए200 (EMA200) 1.34 पर स्थित है, जबकि एसएमए50 (SMA50) और एसएमए200 (SMA200) दोनों 1.35 पर हैं। लंबी अवधि के डाउनट्रेंड के बावजूद ईएमए50 का ईएमए200 से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस का संकेत देता है, किंतु एमएसीडी (MACD) -0.01 और सिग्नल लाइन -0.00 पर रहने से मंदड़ियों का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

## 1 से 3 सप्ताह का दृष्टिकोण और 1.3140 का अहम स्तर
व्यापक नजरिए से देखा जाए तो दो दिन पहले 23 सितंबर को जब यह जोड़ी 1.3345 पर थी, तब तक यह स्पष्ट नहीं था कि क्या पाउंड 1.3300 के स्तर को तोड़ पाएगा। हालांकि, बाजार की उम्मीदों के विपरीत पाउंड ने 1.3300 के मनोवैज्ञानिक स्तर को काफी आसानी से तोड़ दिया और तेजी से लुढ़कते हुए 1.3205 के निचले स्तर तक पहुंच गया। लगभग दो सप्ताह पहले शुरू हुई पाउंड की यह कमजोरी अब काफी आगे निकल चुकी है।

विश्लेषकों का स्पष्ट अनुमान है कि जब तक यह जोड़ी किसी स्थिर दायरे में संभल नहीं जाती, तब तक इसके जून के निचले स्तर 1.3140 को छूने की पूरी संभावना बनी रहेगी। दूसरी ओर, यदि बाजार में कोई सकारात्मक बदलाव आता है और भाव ऊपर की तरफ 1.3295 के स्तर को पार कर जाता है (जो पहले 1.3390 पर मजबूत प्रतिरोध का काम कर रहा था), तो यह संकेत मिलेगा कि 1.3140 तक की संभावित गिरावट अब टल चुकी है। वर्तमान में पिवट पॉइंट 1.32 पर है, जबकि ऊपर की ओर प्रतिरोध आर1 और आर2 दोनों 1.33 पर हैं तथा समर्थन एस1 व एस2 1.32 पर हैं। पाउंड का 52 हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है।

## डॉलर इंडेक्स की तेजी और अन्य प्रमुख मुद्राओं की हलचल
ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी केवल उसकी अपनी आंतरिक परिस्थितियों की वजह से नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर का दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचना भी इसका बड़ा कारण है। फेडरल रिजर्व का सख्त रुख, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों का सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर आकर्षित होना अन्य सभी प्रमुख मुद्राओं पर भारी पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की तेजी ने भी महंगाई की आशंकाओं को दोबारा जिंदा कर दिया है, जिसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

इस व्यापक पृष्ठभूमि में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र के दौरान रात भर अपने 200-दिवसीय एसएमए के नीचे खिसकने के बाद अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और 0.7000 के करीब कमजोर नजर आया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं पर भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती पूरी तरह हावी हो गई। वहीं जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) हाल ही में 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर को छूने के बाद शुक्रवार के एशियाई सत्र में मामूली रूप से नीचे आया, क्योंकि जापान के मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंका से येन के मंदड़िए सतर्क हो गए हैं। पिछले हफ्ते बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया था, जिसे मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक कदम माना गया। हालांकि बैंक ऑफ जापान का रुख अपेक्षाकृत नरम रहने से जापानी येन में बड़ी तेजी सीमित रहने के आसार हैं।

## सोने की कीमतों पर दबाव और बाजार की अनिश्चितताएं
सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु यानी सोने में भी शुक्रवार को मामूली सुधार देखा गया, जहां यह 4,230 डॉलर के समर्थन स्तर से उछलकर 4,300 डॉलर के ठीक नीचे कारोबार करता दिखा। इसके बावजूद सोने में मंदी का व्यापक रुझान जस का तस बना हुआ है। फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाएं और दीर्घकालिक अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 5 प्रतिशत से ऊपर बना रहना कीमती धातुओं के लिए बड़ी बाधा साबित हो रहा है। मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में जारी यह उतार-चढ़ाव दिखाता है कि केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतियों और वैश्विक वृहद आर्थिक आंकड़ों पर ही आने वाले दिनों की दिशा निर्भर करेगी।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और ब्रिटिश पाउंड के कमजोर पड़ने से अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात-निर्यात और विदेशी मुद्रा निवेश करने वालों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारतीय यात्रियों पर असर:** ब्रिटेन की यात्रा की योजना बना रहे भारतीय पर्यटकों और छात्रों के लिए पाउंड में कमजोरी से खर्च कुछ हद तक सस्ता हो सकता है। दूसरी ओर, अमेरिका जाने वाले यात्रियों को डॉलर के उच्च स्तर पर होने के कारण अधिक खर्च उठाना पड़ेगा।
- **आयात और ईंधन की लागत:** कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। यदि आयातित सामान महंगे होते हैं, तो घरेलू स्तर पर भी महंगाई का दबाव देखने को मिल सकता है।
- **मुद्रा निवेशकों के लिए रणनीति:** तकनीकी रूप से पाउंड के अत्यधिक ओवरसोल्ड होने के कारण फॉरेक्स ट्रेडर्स को संभलकर पोजीशन लेनी चाहिए। 1.3140 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर और 1.3295 के प्रतिरोध स्तर पर नजर रखकर ही स्टॉप-लॉस निर्धारित करना बेहतर होगा।
- **सोना खरीदारों के लिए संकेत:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,300 डॉलर के नीचे बने रहने से घरेलू आभूषण खरीदारों को कीमतों में तेज उछाल से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण सोने में लंबी अवधि का दबाव बना रह सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
ब्रिटिश पाउंड में आई हालिया गिरावट अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के कड़े रुख और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपजी महंगाई की आशंकाओं का मिलाजुला परिणाम है।

- **फेडरल रिजर्व का सख्त रुख:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च रखने की उम्मीदों ने डॉलर को भारी मजबूती दी है। इसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे वैश्विक पूंजी डॉलर परिसंपत्तियों की ओर स्थानांतरित हो रही है।
- **कच्चे तेल में उछाल:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की तेजी ने एक बार फिर वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ा दी हैं। महंगाई की इस आशंका ने बाजार में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है।
- **भू-राजनीतिक जोखिम:** बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों ने सुरक्षित ठिकाना तलाशते हुए डॉलर में खरीदारी तेज कर दी है। इस अनिश्चितता ने पाउंड और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी जोखिम से जुड़ी मुद्राओं को काफी नुकसान पहुंचाया है।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला महत्वपूर्ण निचला स्तर कौन सा माना जा रहा है?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार पाउंड यदि अपनी कमजोरी जारी रखता है, तो यह जून के निचले स्तर 1.3140 का परीक्षण कर सकता है।

### 2. पाउंड में संभावित गिरावट को रोकने के लिए किस प्रतिरोध स्तर को पार करना जरूरी है?
यदि पाउंड 1.3295 के मजबूत प्रतिरोध स्तर को ऊपर की ओर तोड़ता है, तो 1.3140 तक गिरने का जोखिम समाप्त माना जाएगा।

### 3. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में हाल ही में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।

### 4. अमेरिकी डॉलर में आई हालिया तेजी के मुख्य कारण क्या हैं?
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, कच्चे तेल के कारण महंगाई की आशंका और भू-राजनीतिक तनाव इसके मुख्य कारण हैं।

### 5. सोने की कीमतों पर मौजूदा समय में क्या दबाव देखा जा रहा है?
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 5 प्रतिशत से ऊपर रहने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण सोना 4,300 डॉलर के नीचे दबाव में बना हुआ है।

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