अमेरिकी डॉलर के सामने 1.34 के स्तर पर थमी ब्रिटिश पाउंड की रफ्तार, चुनावी हलचल और ब्याज दरों पर टिकी नजरें ब्रिटिश पाउंड ने अक्टूबर के निचले स्तर से उबरने के बाद 1.3426 पर मौजूद 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास कड़े तकनीकी प्रतिरोध का सामना किया है। बाजार की निगाहें अमेरिकी मध्यावधि चुनावों, बैंक ऑफ इंग्लैंड के नीतिगत फैसले और वैश्विक घटनाक्रमों पर केंद्रित हैं। वैश्विक मुद्रा बाजारों में ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक मजबूत सुधार के बाद अब तकनीकी बाधाओं के बीच संतुलन तलाश रहा है। अक्टूबर के मध्य में दर्ज किए गए निचले स्तरों से एक दमदार तेजी देखने को मिली थी, जिसने साप्ताहिक चार्ट पर तेजी का रुख तय किया था। हालांकि, मुद्रा जोड़ी की यह बढ़त अब 1.3400 के निचले क्षेत्र में आकर ठहर गई है, जहां तकनीकी प्रतिरोध स्तर आगे के रास्ते को सीमित कर रहे हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबारी आने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रमों, जिनमें अमेरिकी मध्यावधि चुनाव, ब्रिटेन के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़े और बैंक ऑफ इंग्लैंड का नीतिगत निर्णय शामिल हैं, से पहले सतर्कता बरत रहे हैं। तकनीकी स्तरों पर पाउंड की स्थिति और प्रतिरोध बाधाएं विदेशी मुद्रा चार्ट्स पर स्टर्लिंग का रुख अभी भी काफी हद तक सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन 1.3400 के शुरुआती स्तरों पर खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ी है। विश्लेषकों का आकलन है कि 1.3426 पर स्थित 200-दिवसीय मूविंग एवरेज इस जोड़ी के लिए एक प्रमुख अवरोधक की भूमिका निभा रहा है। छोटी अवधि के गति संकेतक मध्यम रूप से तेजी का समर्थन कर रहे हैं, जिससे आगे और सुधार की संभावनाएं खुली हुई हैं। यदि पाउंड इस तात्कालिक बाधा को पार करने में सफल रहता है, तो अगला प्रतिरोध स्तर 1.3470 पर और उसके बाद 1.3550 पर देखा जाएगा। इन स्तरों को पार करने के बाद ही बाजार की नजर अगस्त के उच्च स्तर 1.3676 पर लौट सकती है। दूसरी तरफ, नीचे की ओर गिरावट को रोकने के लिए 1.3370 से 1.3375 का क्षेत्र एक बेहद अहम समर्थन स्तर के रूप में काम कर रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट और केंद्रीय बैंकों का रुख अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी मंगलवार को भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट देखी गई। बाजार प्रतिभागी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आधिकारिक नकद दर में 25 आधार अंकों की बहुप्रतीक्षित वृद्धि के प्रभावों का लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं। केंद्रीय बैंक द्वारा उम्मीद से कम आक्रामक संदेश दिए जाने के बाद इस मुद्रा जोड़ी में बिकवाली बढ़ी और यह फिसलकर 0.6960 के क्षेत्र तक आ गई, जो कई दिनों का निचला स्तर है। इस नीतिगत निर्णय के लहजे ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बनाए रखा है। येन में सीमित हलचल और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का दायरा जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर मंगलवार के एशियाई कारोबारी सत्र में मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। पिछले सत्र में 158.00 तक की बढ़त दर्ज करने के बाद यह जोड़ी आंशिक रूप से नीचे खिसकी। अमेरिकी डॉलर पर ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की राजनीतिक अनिश्चितताओं का असर देखने को मिला। जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप का जोखिम येन को कुछ सहारा दे रहा है, लेकिन बैंक ऑफ जापान की अगली ब्याज दर वृद्धि के समय को लेकर बनी अनिश्चितता जापानी मुद्रा की बढ़त को सीमित किए हुए है। इसके चलते यह जोड़ी एक तय दायरे में फंसी हुई है। इस बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने सत्र के निचले स्तरों से सुधरने में कामयाब रहा, हालांकि यह 102.00 के स्तर से नीचे ही सीमित बना हुआ है। अमेरिकी मुद्रा को ईरान में तनाव और कच्चे तेल की मजबूत कीमतों से कुछ आधार मिल रहा है, पर घरेलू चुनावी माहौल ने व्यापक बढ़त रोक रखी है। सोने में सुस्ती और कच्चे तेल में उछाल जिंस बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले से जुड़े घटनाक्रमों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग की गति को प्रभावित किया। हाजिर सोना लगभग 3,909 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जिसमें दिन के दौरान 0.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। तेल की कीमतों में आई रिकवरी ने महंगाई और वैश्विक तनाव के मोर्चे पर नया संतुलन बनाया है, जिसका असर कीमती धातुओं के रुझान पर साफ तौर पर देखा गया। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में छह सप्ताह के निचले स्तर की परीक्षा डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में भी मंदी का दबाव बना रहा। बिटकॉइन मंगलवार को 76,566 डॉलर पर कारोबार करता नजर आया, जिससे यह छह सप्ताह के अपने सबसे निचले स्तर का परीक्षण कर रहा है। इथेरियम भी बिटकॉइन की तरह ही भारी बिकवाली दबाव में है और एक बेहद संकीर्ण समर्थन दायरे के भीतर समेकित हो रहा है। वहीं, रिपल का भाव मामूली अंतर से 1.25 डॉलर के स्तर के ठीक ऊपर टिका हुआ है। पूरी क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्ति श्रेणी व्यापक व्यापक-आर्थिक जोखिमों और राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सीमित दायरे में संघर्ष कर रही है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्राओं, कच्चे तेल और सोने में जारी हलचल का सीधा असर आयात लागत, यात्रा और खुदरा निवेश पर पड़ता है। • भारत में: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मजबूत रुख से घरेलू आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और परिवहन लागत से जुड़ी महंगाई प्रभावित हो सकती है। • वैश्विक स्तर पर: केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में किए जा रहे बदलाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कर्ज महंगा बना हुआ है। कारोबारी और विदेशी यात्रा करने वाले लोगों को मुद्रा विनिमय दरों पर नजदीकी नजर रखनी चाहिए। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन के छह सप्ताह के निचले स्तर पर जाने से खुदरा पोर्टफोलियो में अस्थिरता बढ़ गई है। अल्पावधि में पूंजी लगाने वालों को अत्यधिक जोखिम वाले सौदों से बचना चाहिए। • सोने के खरीदारों के लिए: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के 3,909 डॉलर पर आने से घरेलू आभूषण बाजारों में कीमतों में हल्की राहत मिल सकती है। खरीदारों को आगामी शादी-विवाह के मौसम से पहले कीमतों की चाल का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ मुद्राओं और जिंसों में यह उतार-चढ़ाव प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों, भू-राजनीतिक तनाव और आगामी राजनीतिक घटनाओं के मिले-जुले असर के कारण हुआ है। • तकनीकी प्रतिरोध: ब्रिटिश पाउंड ने मध्य अक्टूबर से तेज रिकवरी दिखाई थी, लेकिन 1.3426 पर स्थित 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास आकर खरीदारी की गति धीमी पड़ गई। निवेशकों ने महत्वपूर्ण घटनाओं से पहले मुनाफावसूली की रणनीति अपनाई है। • केंद्रीय बैंकों के नीतिगत संकेत: ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक द्वारा 25 आधार अंकों की दर वृद्धि के बावजूद कम आक्रामक रुख अपनाने से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा गिरी, जबकि जापानी केंद्रीय बैंक की अनिर्णायक स्थिति ने येन को एक सीमित दायरे में बांधे रखा। • भू-राजनीतिक घटनाएं: ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की रिपोर्ट के बाद कच्चे तेल में आई उछाल ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की चमक को थोड़ा फीका किया और डॉलर इंडेक्स को निचले स्तरों से सहारा दिया। • अमेरिकी चुनाव की अनिश्चितता: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले राजनीतिक परिदृश्य स्पष्ट न होने के कारण डॉलर की व्यापक बढ़त पर ब्रेक लगा हुआ है। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड की बढ़त किस तकनीकी स्तर पर जाकर रुक गई है? ब्रिटिश पाउंड की बढ़त 1.3400 के निचले क्षेत्र में रुकी है, जहां 1.3426 पर इसका 200-दिवसीय मूविंग एवरेज कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है। 2. पाउंड के लिए आगामी प्रमुख प्रतिरोध और समर्थन स्तर कौन से हैं? पाउंड के लिए ऊपर की ओर 1.3470 और 1.3550 प्रमुख प्रतिरोध हैं, जबकि नीचे की ओर 1.3370 से 1.3375 का स्तर मुख्य समर्थन है। 3. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट क्यों आई? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद उम्मीद से कम आक्रामक रुख अपनाने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6960 तक फिसल गया। 4. सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा और इसका क्या कारण था? सोने का भाव 0.93 प्रतिशत गिरकर 3,909 डॉलर पर आ गया, क्योंकि ईरान पर अमेरिकी हमले की रिपोर्ट के बाद कच्चे तेल में तेजी आई थी। 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? बिटकॉइन 76,566 डॉलर के स्तर पर कारोबार करते हुए छह सप्ताह के अपने सबसे निचले स्तर का परीक्षण कर रहा है। https://trendkia.com/market/ameriki-dollar-ke-samane-1-34-ke-stara-para-thami-british-pound-ki-raphtara-chunavi-halachala-aura-byaja-daron-para-tiki-najaren-55991 TrendKia — Har trend, sabse pehle.