अमेरिकी डॉलर में सुस्ती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो हफ्ते के शीर्ष पर, 0.70 के स्तर को किया पार रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों की महंगाई पर चेतावनी और कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7017 के दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने जोरदार मजबूती दिखाते हुए 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है और 0.7017 के स्तर को छू लिया, जो पिछले दो हफ्तों का इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति से जुड़े रुख ने इस तेजी को गति प्रदान की है। दोनों देशों के आर्थिक कैलेंडर में सीमित आंकड़ों के बावजूद मुद्रा जोड़ी AUD/USD में बढ़त दर्ज की गई। ताजा कारोबारी सत्र के दौरान यह जोड़ी 0.7012 के आसपास सक्रिय देखी गई, जो पिछले बंद स्तर 0.6983 से करीब 0.42% की बढ़त दर्शाती है। महंगाई को लेकर सख्त रुख और ब्याज दरों का अंतर रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के हॉसर की ताजा टिप्पणियों ने निवेशकों के रुख को प्रभावित किया है। हॉसर ने साफ किया कि महंगाई लंबे समय से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हालांकि मौद्रिक नीति प्रभावी रूप से काम कर रही है, लेकिन मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण बिगड़ता दिख रहा है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की इस तरह की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि ऑस्ट्रेलिया में नीतिगत दरों में कटौती फिलहाल टल सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच ब्याज दरों का अंतर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के पक्ष में झुक सकता है। ऑस्ट्रेलिया की घरेलू अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर फिलहाल कोई बड़ा आंकड़ा जारी नहीं हुआ है, और बाजार प्रतिभागी अब 22 अक्टूबर को आने वाले एसएंडपी ग्लोबल फ्लैश पीएमआई आंकड़ों पर नजरें टिकाए हुए हैं। जब तक ये आंकड़े नहीं आ जाते, तब तक वैश्विक मैक्रो कारक ही मुद्रा विनिमय दरों को दिशा दे रहे हैं। कमजोर अमेरिकी आंकड़ों ने डॉलर इंडेक्स पर बनाया दबाव अमेरिकी डॉलर की गिरावट के पीछे सुस्त होते रोजगार और रियल एस्टेट आंकड़े प्रमुख कारण बने हैं। अमेरिका में एडीपी रोजगार बदलाव का चार हफ्तों का औसत घटकर 18.5K रह गया है, जो पिछली रिपोर्ट में 26K दर्ज किया गया था। रोजगार बाजार में नरमी के अलावा अमेरिकी श्रम विभाग के ताजा आंकड़ों ने दिखाया कि पेंडिंग होम सेल्स सितंबर में 7.3% गिर गई। यह बाजार के 0.5% संकुचन के अनुमान से कहीं अधिक कमजोर साबित हुई। इन कमजोर आर्थिक आंकड़ों के चलते छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.24% की गिरावट के साथ 101.73 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों से पहले डॉलर में यह कमजोरी AUD/USD के लिए अतिरिक्त उछाल की संभावना को बल दे रही है। तकनीकी स्तर और चार्ट पर अहम संकेत तकनीकी परिदृश्य पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए ऊपरी स्तरों पर शुरुआती प्रतिरोध 0.7078 के आसपास तीन सिंपल मूविंग एवरेज के संगम पर मौजूद है। इसके बाद ऊपर की ओर झुकी हुई ट्रेंड लाइन का ब्रेक 0.7091 पर अगला प्रतिरोध प्रस्तुत करता है। वहीं, 0.7198 पर एक मजबूत क्षैतिज बाधा स्थित है, जिसे पार करने के बाद ही 0.7440 का स्तर और उसके बाद 0.8921 तथा 0.9871 के उच्च संरचनात्मक अवरोध सामने आ सकते हैं। गिरावट की स्थिति में तात्कालिक समर्थन 0.7010 के मौजूदा मूल्य क्षेत्र के करीब मिलता है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो अगला ठोस आधार 0.6917 के पास स्थित उभरती हुई ट्रेंड लाइन पर मिलेगा। इससे नीचे फिसलने पर पुराना ब्रेकआउट स्तर 0.6358 नजर आएगा। लाइव संकेतकों की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI-14) 50 पर तटस्थ रुख दिखा रहा है, जबकि एडीएक्स (ADX-14) 36 पर मजबूत ट्रेंड की पुष्टि कर रहा है। मूविंग एवरेज में ईएमए 50 (0.7035) का ईएमए 200 (0.6975) से ऊपर रहना एक तेजी का गोल्डन क्रॉस ढांचा बरकरार रखे हुए है। विदेशी मुद्रा बाजार और अन्य वैश्विक संपत्तियों की स्थिति मुद्रा बाजार के भीतर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रमुख मुद्राओं की तुलना में सबसे मजबूत स्थिति में उभरा, खासकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसका प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। दूसरी ओर, अन्य वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला • USD/JPY: एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान मंगलवार को यह जोड़ी 158.50 के आसपास स्थिर रही, जहां व्यापारी शुक्रवार को आने वाले जापान के राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महंगाई आंकड़ों से पहले सतर्क नजर आए। ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से डॉलर को कुछ सहारा मिला। • सोना: मंगलवार को सोने की कीमतें किसी स्पष्ट दिशा के बिना लगभग 4,170 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में घटती-बढ़ती रहीं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी के बावजूद यह सोमवार के सुधार के बाद निर्णायक तेजी नहीं पकड़ सका। • बिटकॉइन: टेक शेयरों में कमजोरी के बाद बिटकॉइन (BTC) का नैस्डैक के साथ सह-संबंध फिर से बढ़ता दिखा। मैक्रो दबावों के बीच इसका 82,500 डॉलर का समर्थन स्तर जोखिम में बना हुआ है, जैसा कि के33 रिसर्च ने अपनी ताजा रिपोर्ट में रेखांकित किया। • स्पेसएक्स: एलन मस्क द्वारा स्थापित स्पेसएक्स के मंगलवार के सत्र के बाद तीसरी तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। हालांकि कंपनी का आने वाला महीना इस बात पर निर्भर करेगा कि गुरुवार को कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों द्वारा बेचे जाने योग्य करीब 1.3 अरब शेयर बाजार में किस तरह प्रभाव डालते हैं। इसका आप पर असर मुद्रा विनिमय दरों में आए इस बदलाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और विदेशी निवेश पर सीधा असर पड़ सकता है। • मुद्रा विनिमय लागत: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मजबूत होने से ऑस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीय छात्रों और पर्यटकों के लिए खर्च बढ़ सकता है। यदि यह मजबूती जारी रहती है, तो भारतीय रुपये के मुकाबले मुद्रा विनिमय पर अतिरिक्त बजट का प्रावधान करना होगा। • वैश्विक व्यापार और आयात: डॉलर के कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में वस्तुओं की डॉलर-मूल्य लागत में उतार-चढ़ाव आ सकता है। आयातकों और निर्यातकों को अपनी मुद्रा हेजिंग रणनीतियों की समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए। • विदेशी निवेश और रिटर्न: अमेरिकी बाजारों में निवेश करने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो पर डॉलर इंडेक्स में गिरावट का असर पड़ सकता है। विदेशी परिसंपत्तियों में निवेश करते समय विनिमय दर जोखिम का ध्यान रखना जरूरी है। • ब्याज दरों का रुख: केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों में भिन्नता से अंतरराष्ट्रीय कर्ज और बॉन्ड यील्ड प्रभावित हो सकते हैं। केंद्रीय बैंक के फैसलों पर नजर रखकर निवेशक अपनी निश्चित आय योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह उछाल केंद्रीय बैंक की महंगाई पर सख्त टिप्पणी और अमेरिका के कमजोर रोजगार व रियल एस्टेट आंकड़ों के संयुक्त प्रभाव के कारण आया है। • आरबीए की नीतिगत चेतावनी: रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अधिकारी हॉसर ने स्पष्ट किया कि महंगाई लंबे समय से ऊंची बनी हुई है और इसका दृष्टिकोण बिगड़ रहा है। इस रुख ने बाजार को संकेत दिया कि ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना बेहद कम है। • अमेरिकी रोजगार में गिरावट: अमेरिका में एडीपी चार-सप्ताह के औसत आंकड़ों में नए रोजगारों की संख्या 26K से घटकर 18.5K रह गई। श्रम बाजार की इस सुस्ती ने अमेरिकी डॉलर की मांग को कमजोर किया। • आवास बाजार में भारी संकुचन: सितंबर में पेंडिंग होम सेल्स के 7.3% गिरने से अमेरिकी आर्थिक वृद्धि पर चिंताएं बढ़ गईं, जिसने डॉलर इंडेक्स को 101.73 के स्तर तक गिरा दिया। सवाल-जवाब 1. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किस स्तर तक पहुंचा है? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के स्तर को पार कर दो हफ्ते के उच्चतम स्तर 0.7017 तक पहुंच गया। 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अधिकारी ने महंगाई पर क्या कहा? अधिकारी हॉसर ने कहा कि महंगाई लंबे समय से ऊंची बनी हुई है और मौद्रिक नीति प्रभावी होने के बावजूद इसका दृष्टिकोण बिगड़ रहा है। 3. अमेरिका से कौन से कमजोर आंकड़े सामने आए? अमेरिका में एडीपी रोजगार चार-सप्ताह का औसत घटकर 18.5K रह गया और पेंडिंग होम सेल्स सितंबर में 7.3% गिर गई। 4. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर क्या असर पड़ा? कमजोर आंकड़ों के बाद छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.24% गिरकर 101.73 पर बंद हुआ। https://trendkia.com/market/ameriki-dollar-men-susti-ke-bicha-streliyai-dollar-do-haphte-ke-shirsha-para-0-70-ke-stara-ko-kiya-para-49908 TrendKia — Har trend, sabse pehle.