# अमेरिकी फेड के सख्त रुख से जापानी येन की रफ्तार थमी, ब्याज दरों के भारी अंतर से डॉलर फिर मजबूत

> अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और सख्त रुख अपनाने के बाद जापानी येन में आई हालिया मजबूती बिखर गई है, जिससे डॉलर के मुकाबले येन तीन सत्रों से लगातार फिसल रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-fed-ke-sakhta-rukha-se-japani-yen-ki-raphtara-thami-byaja-daron-ke-bhari-antara-se-dollar-phira-majabuta-32788 · **Language:** Hindi
**Tags:** जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, विदेशी मुद्रा बाजार, ब्याज दरें, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन की हालिया तेजी पर ब्रेक लग गया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी किए जाने और आगे भी सख्त रुख बनाए रखने के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर में जोरदार उछाल देखने को मिला है। इस फैसले के बाद डॉलर के मुकाबले येन लगातार तीन कारोबारी सत्रों से गिरावट दर्ज कर रहा है। बुधवार के कारोबारी सत्र में यह गिरावट सबसे अधिक रही, जिसके चलते डॉलर बनाम येन की विनिमय दर बढ़कर 156.50 के करीब पहुंच गई। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 156.19 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 155.27 से 0.59 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है।

इस ताजा फेरबदल के कारण जापानी मुद्रा ने सितंबर के पहले पखवाड़े में हासिल की गई अपनी बढ़त का आधे से ज्यादा हिस्सा गंवा दिया है। सितंबर की शुरुआत में यह विनिमय दर 160.00 के करीब थी, जो येन में आई लगभग 4 प्रतिशत की मजबूती के चलते गिरकर 153.00 के निचले स्तर पर आ गई थी। लेकिन अब डॉलर ने उस गिरावट की लगभग 50 प्रतिशत भरपाई कर ली है और यह अपने मासिक निचले स्तर से तेजी से संभलकर ऊपर निकल आया है।

## केंद्रीय बैंकों की चाल और ब्याज दरों का फासला
बाजार का सारा ध्यान अब बैंक ऑफ जापान की शुक्रवार को होने वाली अहम मौद्रिक नीति बैठक पर टिका हुआ है। मुद्रा बाजार में इस बात की शत-प्रतिशत संभावना जताई जा रही है कि जापानी केंद्रीय बैंक अपनी बेंचमार्क नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत यानी 25 आधार अंकों का इजाफा करेगा। यदि ऐसा होता है, तो जापान में ब्याज दरें बढ़कर 1.25 प्रतिशत हो जाएंगी। वर्तमान में जापान की नीतिगत दर 1 प्रतिशत है, जो वर्ष 1995 के बाद का उच्चतम स्तर है। दूसरी तरफ, फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरों को बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत के दायरे में पहुंचा दिया है, जिसका मध्य बिंदु 3.875 प्रतिशत बैठता है।

इस गणित का सबसे दिलचस्प पहलू दोनों देशों के बीच ब्याज दरों का अंतर है। फेडरल रिजर्व के इस कदम और बैंक ऑफ जापान की संभावित वृद्धि के बाद भी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच दरों का अंतर लगभग दो और पांच-आठवां हिस्सा यानी करीब 2.625 प्रतिशत पर ही बना रहेगा। दोनों केंद्रीय बैंकों द्वारा एक ही सप्ताह में चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी करने से दरों का यह बड़ा अंतर बिल्कुल भी कम नहीं हुआ है। बाजार के अनुमानों के मुताबिक बैंक ऑफ जापान की नीतिगत दर दिसंबर तक 1.48 प्रतिशत और वर्ष 2027 के मध्य तक 1.85 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसके विपरीत, फेडरल रिजर्व के अनुमान बताते हैं कि अमेरिकी दरें 2027 के अंत तक 4.1 प्रतिशत पर बनी रह सकती हैं और उससे पहले दरों में किसी भी कटौती की संभावना नहीं है। यही कारण है कि दरों का अंतर येन के पक्ष में झुकने के बजाय डॉलर को सहारा दे रहा है।

## मुद्रा बाजार और अन्य संपत्तियों पर फेड के फैसले का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने नीतिगत बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में महंगाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उनके इस सख्त वक्तव्य से बाजार में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि साल के अंत से पहले अमेरिकी केंद्रीय बैंक दरों में और भी इजाफा कर सकता है। इस कड़े रुख का असर सिर्फ येन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक हलचल देखी गई।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर डॉलर के मुकाबले टूटकर एशियाई कारोबारी सत्र में 0.7100 के स्तर से नीचे फिसल गया। सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट आई, जहां फेड के फैसले से पहले सोना 4,360 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया था, लेकिन फैसले के बाद अपनी सारी इंट्राडे बढ़त गंवाकर 4,250 डॉलर के स्तर की तरफ लुढ़क गया। निवेशकों की नजर अब जापान के राष्ट्रीय उपभोक्ता महंगाई आंकड़ों पर भी टिकी है, जो बैंक ऑफ जापान के फैसले से ठीक पहले गुरुवार को देर रात 23:30 जीएमटी पर जारी होने वाले हैं। ये आंकड़े शुक्रवार के फैसले की दिशा तय करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

## तकनीकी स्तर और चार्ट का विश्लेषण
तकनीकी चार्ट पर डॉलर बनाम येन की जोड़ी में तेजी का रुख देखा जा रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय आरएसआई 46 पर स्थिर है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक में तेज रेखा 44 और सिग्नल रेखा 32 पर है, जो ऊपर की ओर बढ़ते रुझान का संकेत देती है। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 26 पर रहते हुए ऊपर की ओर गति दिखा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि तेजी के पास अभी और आगे बढ़ने का दायरा बाकी है। औसत ट्रू रेंज यानी दैनिक उतार-चढ़ाव 1.54 पर बना हुआ है, जबकि ट्रेंड की ताकत मापने वाला एडीएक्स 45 पर है जो एक मजबूत ट्रेंड की ओर इशारा करता है।

रेजिस्टेंस स्तरों की बात करें तो पहला बड़ा अवरोध 156.50 पर मौजूद है, जिसके ठीक ऊपर बुधवार का उच्च स्तर और 156.80 का आर1 स्तर स्थित है। इसके बाद 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 157.62 और आर2 स्तर 157.41 पर स्थित है, जिसके पार जाने पर 158.00 का स्तर अहम रुकावट का काम करेगा जो अगस्त के अंत का निचला दायरा था। 50-दिवसीय ईएमए 158.24 और 200-दिवसीय एसएमए 158.40 पर स्थित हैं। नीचे की तरफ, सपोर्ट स्तर 155.20 से 155.00 के दायरे में है, जिसके बाद 154.21 का एस2 स्तर और फिर 154.00 का दायरा प्रमुख सहारा बनेगा। यदि यह जोड़ी दैनिक आधार पर 154.00 से नीचे बंद होती है, तो तेजी का परिदृश्य समाप्त हो जाएगा।

## जापानी येन की ऐतिहासिक भूमिका और कैरी ट्रेड का प्रभाव
जापानी येन दुनिया भर में सबसे ज्यादा कारोबार की जाने वाली प्रमुख मुद्राओं में शामिल है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीतियों, अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड के अंतर और वैश्विक बाजारों के जोखिम मिजाज पर निर्भर करता है। वित्तीय तनाव और अस्थिरता के दौर में येन को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश का जरिया माना जाता रहा है, क्योंकि संकट के समय निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकालकर जापानी मुद्रा में लगाना पसंद करते हैं।

वर्ष 2013 से लेकर 2024 तक बैंक ऑफ जापान ने अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति अपनाई, जिसके चलते दुनिया भर के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के साथ उसकी नीतियों में भारी अंतर पैदा हो गया। इस शून्य और नकारात्मक ब्याज दर व्यवस्था ने एक दशक से अधिक समय तक वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की। इसे कैरी ट्रेड कहा जाता है, जहां निवेशक जापान से बेहद सस्ती दरों पर कर्ज लेकर दुनिया के उन बाजारों में लगाते थे जहां ब्याज दरें अधिक थीं। वर्ष 2024 में जापान द्वारा इस ढीली नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने के कदम से येन को कुछ सहारा मिला था, लेकिन चूंकि फेडरल रिजर्व अब भी आक्रामक रुख अपनाए हुए है, इसलिए अमेरिकी डॉलर की यील्ड का आकर्षण येन पर लगातार हावी बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और डॉलर की मजबूती से वैश्विक मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी यात्रा की लागत पर पड़ेगा।

- **करेंसी ट्रेडर्स और निवेशकों पर:** डॉलर बनाम येन में आई तेजी से कैरी ट्रेडर्स को राहत मिली है, जबकि येन में दांव लगाने वालों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि विनिमय दर 157.50 के पार जाती है तो डॉलर में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
- **आयात-निर्यात और व्यापार पर:** अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से डॉलर में बिलिंग करने वाले वैश्विक आयातकों के लिए लागत बढ़ जाएगी। वहीं कमजोर येन से जापानी निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त जारी रहेगी।
- **विदेशी यात्रा और शिक्षा पर:** अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों और पर्यटकों के लिए डॉलर का मजबूत होना खर्च बढ़ाएगा। दूसरी तरफ जापानी येन में नरमी रहने से जापान की यात्रा और वहां पढ़ाई का खर्च अपेक्षाकृत किफायती बना रहेगा।
- **कमोडिटी और सोने के खरीदारों पर:** फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण सोने के भाव 4,360 डॉलर से गिरकर 4,250 डॉलर के करीब आ गए हैं। मजबूत डॉलर के कारण कच्चा तेल और सोना खरीदने वाले खुदरा खरीदारों को कीमतों में सीमित राहत मिल सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और दोनों देशों के बीच ब्याज दरों के भारी अंतर के बने रहने की वजह से जापानी येन में आई तेजी थम गई है।

- **फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि:** अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर उन्हें 3.75-4.00 प्रतिशत कर दिया और चेयरमैन केविन वार्श ने महंगाई पर चिंता जताते हुए आगे और वृद्धि का संकेत दिया। इस अप्रत्याशित सख्त रुख ने डॉलर की मांग में भारी इजाफा किया।
- **दरों का अपरिवर्तित अंतर:** बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने की शत-प्रतिशत संभावना के बावजूद दोनों केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दरों का अंतर 2.625 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है। जब तक यह अंतर पर्याप्त रूप से कम नहीं होता, तब तक येन को स्थायी सहारा मिलना मुश्किल है।
- **दीर्घकालिक नीतिगत अनुमान:** फेडरल रिजर्व के अनुमानों के अनुसार 2027 के अंत तक अमेरिकी दरें 4.1 प्रतिशत पर रहेंगी और कोई कटौती नहीं होगी, जबकि जापानी दरें 2027 के मध्य तक सिर्फ 1.85 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। यह विशाल दीर्घकालिक अंतर डॉलर को लगातार मजबूती दे रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. डॉलर के मुकाबले जापानी येन में गिरावट क्यों आ रही है?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.75-4.00 प्रतिशत तक बढ़ाने और आगे भी सख्त रुख बनाए रखने के संकेतों से डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे येन पर दबाव बढ़ गया है।

### 2. बैंक ऑफ जापान की आगामी बैठक से बाजार को क्या उम्मीदें हैं?
बाजार में शत-प्रतिशत संभावना जताई जा रही है कि बैंक ऑफ जापान अपनी नीतिगत ब्याज दर को 25 आधार अंकों से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर देगा।

### 3. दोनों देशों के बीच ब्याज दरों का अंतर कितना है?
दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में बदलाव के बाद भी अमेरिका और जापान की नीतिगत दरों के बीच लगभग 2.625 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है।

### 4. तकनीकी रूप से USD/JPY के लिए कौन से स्तर महत्वपूर्ण हैं?
ऊपर की ओर 156.50 और 157.50 प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर हैं, जबकि नीचे की ओर 155.00 और 154.00 अहम सपोर्ट स्तर माने जा रहे हैं।

### 5. फेड के फैसले का सोने और अन्य मुद्राओं पर क्या प्रभाव पड़ा?
फेड के फैसले के बाद सोना 4,360 डॉलर से गिरकर 4,250 डॉलर के करीब आ गया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी टूटकर 0.7100 से नीचे फिसल गया।

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