# अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं से न्यूजीलैंड डॉलर दबाव में, 0.5780 के करीब फिसला

> अमेरिका में महंगाई के गर्म आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की अटकलें 87 प्रतिशत तक पहुंच गईं, जिसके कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती और न्यूजीलैंड डॉलर में गिरावट दर्ज की गई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-federal-reserve-dvara-byaja-daron-men-barhotari-ki-barhati-snbhavanaon-se-new-zealand-dollar-dabava-men-0-5780-ke-kariba-p-34084 · **Language:** Hindi
**Tags:** न्यूजीलैंड डॉलर, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, विदेशी मुद्रा, ब्याज दरें, मुद्रास्फीति, वित्त

अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूत होती स्थिति के बीच न्यूजीलैंड डॉलर में कमजोरी देखी जा रही है। सोमवार को यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान NZD/USD की जोड़ी पिछले कारोबारी सत्र की हल्की बढ़त को गंवाते हुए 0.5780 के स्तर के करीब कारोबार करती नजर आई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने ग्रीनबैक यानी अमेरिकी डॉलर को मजबूत सहारा दिया है, जिसके चलते कीवी मुद्रा के नाम से पहचानी जाने वाली न्यूजीलैंड की करेंसी पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

## अमेरिकी मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों ने बढ़ाया नीतिगत सख्ती का दबाव
अगस्त महीने के दौरान अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़ों में अचानक आई तेजी ने वित्तीय बाजारों में नीतिगत बदलाव की लहर पैदा कर दी है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद निवेशकों के बीच यह उम्मीद काफी मजबूत हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी आगामी बैठक में उधारी लागत में इजाफा करने का फैसला ले सकता है। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज के सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय बाजार अब सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा चौथाई प्रतिशत यानी 25 बेसिस प्वाइंट की दर वृद्धि की 87 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं। यह आंकड़ा महज एक सप्ताह पहले केवल 59 प्रतिशत के स्तर पर दर्ज किया गया था, जो दिखाता है कि बाजार की धारणा कितनी तेजी से बदली है।

ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन के वरिष्ठ विश्लेषक एलियास हद्दाद ने मौजूदा आर्थिक हालात पर अपनी राय रखते हुए बताया कि फेडरल रिजर्व लगातार पांच बैठकों तक ब्याज दरों को स्थिर रखने के बाद बुधवार को नीतिगत दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर लक्ष्य दायरा 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत करने की पूरी तैयारी में है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जुलाई 2023 के बाद पहली बार दर वृद्धि की वापसी को दर्शाएगा। हद्दाद का मानना है कि लक्ष्य से लगातार ऊपर बनी अमेरिकी मुद्रास्फीति और मजबूत व स्थिर श्रम बाजार इस दर वृद्धि को पूरी तरह से न्यायसंगत ठहराते हैं, जिससे फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी द्वारा नए सिरे से मौद्रिक सख्ती के कदम उठाने की मजबूत पृष्ठभूमि तैयार हो गई है।

## न्यूजीलैंड के सेवा क्षेत्र में लगातार तीसरे महीने दर्ज हुआ सुधार
घरेलू मोर्चे पर आए आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो बीएनजेड - बिजनेसएनजेड परफॉर्मेंस ऑफ सर्विसेज इंडेक्स यानी पीएसआई के अनुसार, न्यूजीलैंड के सेवा क्षेत्र ने अगस्त में अपनी वृद्धि का सिलसिला जारी रखा है। इस विस्तार के साथ ही देश के सेवा उद्योग ने लगातार तीन महीनों से सकारात्मक दायरे में बने रहने का रिकॉर्ड दर्ज किया है। अगस्त माह के लिए पीएसआई का आंकड़ा 51.2 पर पहुंच गया, जो जुलाई के 50.6 और जून के 50.9 से थोड़ा बेहतर है। यह नवीनतम स्तर दिसंबर 2025 में दर्ज किए गए स्तर के बिल्कुल बराबर है और सितंबर 2023 के बाद से इस सूचकांक का सबसे उच्चतम स्तर साबित हुआ है।

हालांकि, सेवा क्षेत्र के इन सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद उद्योग जगत पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। बिजनेसएनजेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैथरीन रिच ने परिणामों पर टिप्पणी करते हुए सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विकास की राह पर लौटने के बाद पीएसआई का अपने सबसे मजबूत आंकड़े को छूना बेशक उत्साहजनक है, लेकिन 51.2 के स्तर पर यह आर्थिक सुधार अभी भी बेहद नाजुक बना हुआ है। रिच ने स्पष्ट किया कि सेवा क्षेत्र से जुड़े कुल पांच उप-सूचकांकों में से तीन उप-सूचकांक अब भी 50 के संकुचन स्तर से नीचे बने हुए हैं। उनका कहना है कि अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से मजबूत बदलाव की घोषणा करने से पहले कई पैमानों पर और अधिक सुधार देखने की आवश्यकता होगी।

## वैश्विक वित्तीय बाजारों में कीवी मुद्रा के उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारक
न्यूजीलैंड डॉलर, जिसे मुद्रा बाजार में कीवी के नाम से भी जाना जाता है, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और कारोबारियों के बीच व्यापक रूप से ट्रेड होने वाली संपत्तियों में शुमार है। इस मुद्रा का वास्तविक मूल्य मुख्य रूप से न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के समग्र स्वास्थ्य और वहां के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से तय होता है। इन बुनियादी बातों के अलावा कुछ बेहद अनूठे कारक भी कीवी मुद्रा की चाल को सीधे प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, चीनी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन न्यूजीलैंड डॉलर पर सीधा असर डालता है क्योंकि चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है। चीनी अर्थव्यवस्था से आने वाले नकारात्मक संकेत आमतौर पर न्यूजीलैंड से होने वाले निर्यात में गिरावट लाते हैं, जिससे देश की घरेलू अर्थव्यवस्था और उसकी राष्ट्रीय मुद्रा दोनों प्रभावित होते हैं।

इसके साथ ही डेयरी उत्पादों की वैश्विक कीमतें भी न्यूजीलैंड डॉलर की दिशा निर्धारित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। डेयरी उद्योग न्यूजीलैंड के विदेशी निर्यात का सबसे मुख्य आधार है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जब भी डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ते हैं, तब न्यूजीलैंड की निर्यात आय में जोरदार इजाफा होता है, जिससे देश के आर्थिक संकेतकों को मजबूती मिलती है और कीवी डॉलर ऊपर चढ़ता है। इसके विपरीत डेयरी कीमतों में गिरावट मुद्रा पर दबाव डालती है।

## रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड की रणनीति और ब्याज दरों का अंतर
न्यूजीलैंड का केंद्रीय बैंक यानी रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड मध्यम अवधि के दौरान महंगाई दर को 1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने के लक्ष्य पर काम करता है, जिसमें उसका मुख्य ध्यान 2 प्रतिशत के मध्य बिंदु पर टिका होता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक समय-समय पर अपनी आधिकारिक ब्याज दरों को उपयुक्त स्तर पर तय करता है। जब अर्थव्यवस्था में महंगाई बहुत अधिक हो जाती है, तो आरबीएनजेड बाजार से नकदी समेटने और आर्थिक गतिविधियों को धीमा करने के लिए ब्याज दरों में इजाफा करता है। इस कदम से देश के बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी होती है, जो अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को अधिक रिटर्न के लालच में आकर्षित करती है और इस तरह न्यूजीलैंड डॉलर मजबूत होता है।

इसके उलट जब ब्याज दरें घटाई जाती हैं, तो कीवी डॉलर में कमजोरी का रुख बनता है। मुद्रा बाजार में सबसे महत्वपूर्ण कारक दर अंतर यानी रेट डिफरेंशियल होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि न्यूजीलैंड की ब्याज दरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा तय की गई दरों की तुलना में कैसी हैं या आने वाले समय में उनकी दिशा क्या होगी। जब फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने की ओर बढ़ता है और दोनों देशों के बीच ब्याज दरों का अंतर अमेरिकी डॉलर के पक्ष में झुकता है, तो एनजेडडी/यूएसडी की जोड़ी में गिरावट देखने को मिलती है। इसके अलावा न्यूजीलैंड के समग्र वृहद आर्थिक आंकड़े जैसे उच्च विकास दर, बेरोजगारी की कम दर और मजबूत उपभोक्ता विश्वास मुद्रा के पक्ष में काम करते हैं, जबकि कमजोर आर्थिक आंकड़े गिरावट का कारण बनते हैं।

## बाजार की जोखिम उठाने की क्षमता और अन्य वैश्विक मुद्राओं का परिदृश्य
न्यूजीलैंड डॉलर की गिनती कमोडिटी करेंसी में होती है, जिसके चलते यह मुद्रा वैश्विक बाजारों में जोखिम उठाने की भावना यानी रिस्क-ऑन माहौल के दौरान खासी मजबूत होती है। जब निवेशक वैश्विक विकास को लेकर आशावादी होते हैं और व्यापक बाजार जोखिमों को कम आंकते हैं, तो वे कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं में जमकर खरीदारी करते हैं। वहीं दूसरी ओर, जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, तनाव या बाजार में उथल-पुथल बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भागते हैं, जिससे कीवी मुद्रा में तीव्र बिकवाली आ जाती है।

ताजा कारोबारी सत्र में केवल न्यूजीलैंड डॉलर ही दबाव में नहीं रहा, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी हलचल देखी गई। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी AUD/USD फिसलकर 0.7140 के क्षेत्र के आसपास डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर को छू गई, हालांकि इसमें आगे बड़ी बिकवाली जारी नहीं रही और हाजिर भाव 0.7100 के मध्य स्तर से ठीक ऊपर लगभग 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता रहा। वहीं USD/JPY की जोड़ी में नए सप्ताह की शुरुआत में कुछ खरीदारी लौटी और यह 154.00 के स्तर के करीब पहुंच गई, जिससे शुक्रवार की गिरावट का कुछ हिस्सा संभल गया। हालांकि यह जोड़ी पिछले सप्ताह के दायरे में ही सीमित रही और महत्वपूर्ण केंद्रीय बैंक बैठकों से पहले सात महीने के निचले स्तर के करीब बनी रही। क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में पाई नेटवर्क यानी पीआई लगातार दो सप्ताह की बढ़त के बाद 0.097 डॉलर के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जिसे इकोसिस्टम विकास का समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, कनाडाई डॉलर के निवेशक कनाडा के अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जहां बैंक ऑफ कनाडा ने 2 सितंबर की बैठक में नीतिगत ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था।

## लाइव तकनीकी विश्लेषण और अल्पकालिक स्तर
मौजूदा लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा बाजार के क्लोज-बेल सत्र के दौरान NZD/USD की जोड़ी 0.5724 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 0.5728 से 0.07 प्रतिशत नीचे है। इस जोड़ी का 52-सप्ताह का ट्रेडिंग दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच दर्ज किया गया है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना पर सामान्य बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 29 के स्तर पर है, जो दर्शाता है कि यह जोड़ी फिलहाल ओवरसोल्ड जोन में दाखिल हो चुकी है। एमएसीडी हिस्टोग्राम -0.00 पर मंदड़ियों के पक्ष में बना हुआ है, जबकि औसत दिशात्मक सूचकांक यानी एडीएक्स 37 पर एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार की पुष्टि कर रहा है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 9 और सिग्नल लाइन 7 के स्तर पर है।

मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 0.5821, 50-दिवसीय ईएमए 0.5840 और 200-दिवसीय ईएमए 0.5830 पर स्थित है, जिसमें ईएमए50 के ईएमए200 से ऊपर होने के साथ गोल्डन क्रॉस बना हुआ है, हालांकि मौजूदा हाजिर भाव इन सभी मूविंग एवरेज के नीचे होने के कारण दीर्घकालिक डाउनट्रेंड को दर्शा रहा है। 50-दिवसीय एसएमए 0.5856 और 200-दिवसीय एसएमए 0.5854 पर है। 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड का दायरा 0.5694 से 0.6017 के बीच फैला है और मौजूदा कीमत इस बैंड के भीतर है। 14-दिवसीय एटीआर 0.00 पर दैनिक अस्थिरता को स्थिर दिखा रहा है। आगामी सत्रों के लिए 20-दिवसीय आधार पर महत्वपूर्ण सपोर्ट 0.5707 के आसपास और रजिस्टेंस 0.5978 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि दैनिक पिवट, सपोर्ट एस1, एस2 और रजिस्टेंस आर1, आर2 सभी 0.5724 के आसपास केंद्रित नजर आ रहे हैं।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर का सीधा असर वैश्विक पूंजी प्रवाह और आयात लागत पर पड़ता है।

- **भारतीय निवेशकों और व्यापारियों पर असर:** अमेरिकी डॉलर में मजबूती से उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ता है और आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। निवेशकों को विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए हेजिंग रणनीतियों पर ध्यान देना चाहिए।
- **करेंसी ट्रेडर्स के लिए:** कीवी डॉलर के तकनीकी संकेतक ओवरसोल्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे सीमित दायरे में तकनीकी उछाल की संभावना बन सकती है। ट्रेडर्स को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत निर्णय तक सतर्क रहकर स्टॉप-लॉस का उपयोग करना चाहिए।
- **विदेश यात्रा और शिक्षा खर्च:** मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से डॉलर में किए जाने वाले भुगतान और विदेश में पढ़ाई का खर्च बढ़ सकता है। जिन छात्रों या यात्रियों को विदेशी मुद्रा में फीस या खर्च चुकाना है, उन्हें विनिमय दरों पर नजदीकी नजर रखनी चाहिए।
- **वैश्विक कमोडिटी बाजार पर प्रभाव:** अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में ट्रेड होने वाली धातुओं और कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव आयात करने वाले देशों की घरेलू मुद्रास्फीति पर पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
अगस्त में अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अप्रत्याशित रूप से तेज होने के बाद वित्तीय बाजारों में ब्याज दर वृद्धि की अटकलें अचानक बढ़ गईं। इस घटनाक्रम ने निवेशकों की पूंजी को अमेरिकी डॉलर की ओर मोड़ दिया और जोखिम भरी मुद्राओं पर दबाव बना दिया।

- **अमेरिकी महंगाई में अप्रत्याशित उछाल:** अगस्त महीने में आए सीपीआई आंकड़ों ने दिखाया कि मुद्रास्फीति अब भी केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। इसी वजह से वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों को 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 3.75 से 4.00 प्रतिशत करने की संभावना 87 प्रतिशत तक पहुंच गई।
- **स्थिर अमेरिकी श्रम बाजार:** अमेरिका में रोजगार और लेबर मार्केट के स्थिर आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व को नीतिगत सख्ती जारी रखने का आधार प्रदान किया है। इस मजबूत आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण नीति निर्माताओं के पास दरें बढ़ाने की गुंजाइश बनी हुई है।
- **न्यूजीलैंड के आर्थिक सुधार की नाजुकता:** यद्यपि न्यूजीलैंड का सेवा क्षेत्र 51.2 पर विस्तार दर्ज कर रहा है, लेकिन इसके पांच में से तीन उप-सूचकांक 50 से नीचे संकुचन में हैं। घरेलू अर्थव्यवस्था में पूर्ण स्थिरता न आने के कारण कीवी मुद्रा मजबूत डॉलर के मुकाबले नहीं टिक पाई।

## सवाल-जवाब

### 1. न्यूजीलैंड डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिका में गर्म मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना 87 प्रतिशत तक पहुंचने से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और कीवी डॉलर गिरा।

### 2. न्यूजीलैंड का परफॉर्मेंस ऑफ सर्विसेज इंडेक्स अगस्त में किस स्तर पर रहा?
अगस्त में न्यूजीलैंड का पीएसआई 51.2 दर्ज किया गया, जो लगातार तीसरे महीने विस्तार का संकेत देता है और सितंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है।

### 3. बिजनेसएनजेड ने सेवा क्षेत्र के आंकड़ों पर क्या चेतावनी दी?
बिजनेसएनजेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैथरीन रिच ने कहा कि पांच में से तीन उप-सूचकांक अभी भी 50 से नीचे हैं, जिससे मौजूदा आर्थिक सुधार नाजुक नजर आता है।

### 4. न्यूजीलैंड डॉलर के मूल्य को कौन से प्रमुख कारक प्रभावित करते हैं?
घरेलू ब्याज दरों और आर्थिक आंकड़ों के अलावा सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन की आर्थिक स्थिति तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में डेयरी उत्पादों की कीमतें कीवी डॉलर को प्रभावित करती हैं।

### 5. फेडरल रिजर्व से आगामी बैठक में किस कदम की उम्मीद की जा रही है?
विश्लेषकों और बाजार के अनुसार फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर लक्ष्य दायरा 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत कर सकता है, जो जुलाई 2023 के बाद पहली वृद्धि होगी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._