अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार, जानिए भारत में किस समय शुरू होगा केविन वॉर्श का संबोधन अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सितंबर 2026 नीतिगत बैठक के नतीजे बुधवार रात सामने आएंगे, जिसके बाद चेयर केविन वॉर्श प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। भारतीय समय के अनुसार रात 11:30 बजे ब्याज दरों पर निर्णय आएगा और मध्यरात्रि 12:00 बजे प्रेस वार्ता शुरू होगी। वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें इस समय अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व पर टिकी हुई हैं, जहां सितंबर 2026 की द्विदिवसीय मौद्रिक नीति बैठक अपने समापन की ओर बढ़ रही है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने मंगलवार, 15 सितंबर को इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की शुरुआत की थी, जो बुधवार, 16 सितंबर को खत्म हो रही है। इस बैठक में लिए जाने वाले ब्याज दर संबंधी फैसलों और भविष्य के नीतिगत संकेतों का सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों, अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में आने वाले विदेशी निवेश प्रवाह पर देखने को मिल सकता है। भारतीय निवेशक भी इस घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि अमेरिकी मौद्रिक रुख का प्रभाव घरेलू बाजार और भारतीय मुद्रा पर व्यापक रूप से पड़ता है। भारतीय समय के अनुसार घोषणा और प्रेस वार्ता का पूरा कार्यक्रम अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से औपचारिक नीतिगत घोषणा वाशिंगटन के स्थानीय समयानुसार बुधवार, 16 सितंबर को दोपहर 2:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) की जाएगी। भारत के संदर्भ में यह समय बुधवार की देर रात 11:30 बजे (IST) बैठता है। इस निर्धारित समय पर फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत बयान और नए आर्थिक अनुमान जारी किए जाएंगे। दरों की घोषणा के तुरंत बाद फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वॉर्श मीडिया को संबोधित करेंगे। उनका यह संवाददाता सम्मेलन वाशिंगटन समय के मुताबिक दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा, जिसका मतलब है कि भारत में उस समय गुरुवार, 17 सितंबर की मध्यरात्रि के ठीक 12:00 बज रहे होंगे। भारतीय वित्तीय विश्लेषकों और बाजार प्रतिभागियों के लिए यह कार्यक्रम रात के आखिरी घंटों से लेकर गुरुवार की तड़के तक चलेगा। आधिकारिक बयान रात 11:30 बजे सार्वजनिक होगा, जबकि चेयर की विस्तृत व्याख्या और सवालों के जवाब रात 12:00 बजे से सुने जा सकेंगे। लाइव प्रसारण देखने के आधिकारिक माध्यम इस महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले और उसके बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को लाइव देखने के लिए कई डिजिटल विकल्प उपलब्ध हैं। निवेशक फेडरल रिजर्व की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सीधे इस कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा केंद्रीय बैंक के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी पूरे संबोधन और सवाल जवाब सत्र की सीधी स्ट्रीमिंग उपलब्ध कराई जाएगी। रात 11:30 बजे नीतिगत दस्तावेज ऑनलाइन जारी होगा और ठीक 12:00 बजे यूट्यूब और वेबसाइट पर केविन वॉर्श का सीधा प्रसारण शुरू हो जाएगा। सितंबर बैठक की अहमियत और नए आर्थिक अनुमान सितंबर महीने की यह बैठक सामान्य बैठकों की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता अपने अद्यतन आर्थिक अनुमान भी प्रस्तुत करने वाले हैं। इन अनुमानों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की भावी वृद्धि, मुद्रास्फीति की रफ्तार, बेरोजगारी दर और आने वाले महीनों में ब्याज दरों के संभावित पथ को लेकर नीति निर्माताओं का साझा दृष्टिकोण शामिल होता है। विश्लेषक इन आंकड़ों के जरिए यह समझने की कोशिश करेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक का दीर्घकालिक रुख किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ब्याज दरों की वर्तमान स्थिति और संभावित परिदृश्य फेडरल रिजर्व ने जुलाई से अपनी संघीय निधि लक्ष्य सीमा को 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर बनाए रखा है। हालांकि हाल ही में जारी हुए मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद इस बैठक को लेकर बाजार की उम्मीदों में बड़ा बदलाव देखा गया है। ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े बताते हैं कि मासिक आधार पर मुद्रास्फीति में चार महीनों की सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। यदि नीति निर्माता दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करने का निर्णय लेते हैं, तो यह एक वर्ष से अधिक समय में पहली अमेरिकी ब्याज दर वृद्धि होगी। इस तरह का कदम यह साफ संदेश देगा कि केंद्रीय बैंक अभी भी महंगाई को एक गंभीर चुनौती मानता है और वित्तीय परिस्थितियों को कड़ा बनाए रखने के लिए तैयार है। दूसरी तरफ यदि फेडरल रिजर्व दरों को 3.50% से 3.75% पर यथावत रखने का फैसला करता है, तो निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह केवल एक अस्थायी विराम है या फिर मुद्रास्फीति के लक्ष्य की ओर लौटने का बढ़ता भरोसा है। केविन वॉर्श के बयानों का बाजारों पर असर नीतिगत फैसले के अतिरिक्त चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणियां भी वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होंगी। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उनके द्वारा मुद्रास्फीति, रोजगार परिदृश्य, आर्थिक वृद्धि और भविष्य की ब्याज दरों के संबंध में दिए गए संकेतों को बहुत बारीकी से परखा जाएगा। यदि उनका रुख सख्त या हॉकिश रहता है, तो इससे अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को मजबूती मिल सकती है, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ने की आशंका रहेगी। इसके विपरीत, यदि उनका लहजा संतुलित अथवा कम प्रतिबंधात्मक रहता है, तो वैश्विक बाजारों को राहत मिल सकती है। भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू निवेशकों पर प्रभाव अमेरिकी ब्याज दरों और डॉलर की चाल का सीधा संबंध भारतीय वित्तीय तंत्र से जुड़ा हुआ है। जब अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उतार चढ़ाव आता है या डॉलर मजबूत होता है, तो भारत जैसे उभरते बाजारों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की पूंजी निकासी या नए प्रवाह पर असर पड़ता है। इससे भारतीय रुपया और घरेलू शेयर बाजार भी सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं। यही कारण है कि भारतीय निवेशक और अर्थशास्त्री वैश्विक तरलता के रुख को समझने के लिए इस मध्यरात्रि संबोधन पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसका आप पर असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले और चेयर केविन वॉर्श के रुख से वैश्विक पूंजी प्रवाह, मुद्रा विनिमय और बाजार की धारणा पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में प्रभाव: फेडरल रिजर्व के फैसले से भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली या बिकवाली की दिशा तय होगी। यदि अमेरिकी यील्ड में उछाल आता है तो रुपये पर दबाव बढ़ सकता है और घरेलू बाजारों में उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। • वैश्विक वित्तीय संपत्तियां: अमेरिकी ब्याज दरों का रुख डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। दरों में बढ़ोतरी या कड़े रुख से जोखिम वाले शेयर बाजारों पर बिकवाली का दबाव आ सकता है। • घरेलू निवेशक और ट्रेडर: भारतीय निवेशकों को गुरुवार की सुबह बाजार खुलते समय वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बाजार के बंद स्तरों को ध्यान में रखकर ही अपनी रणनीति बनानी होगी। मध्यरात्रि के बयानों से निफ्टी और बैंक निफ्टी में शुरुआती सत्र के दौरान हलचल देखने को मिल सकती है। • उधार और नीतिगत दिशा: अमेरिकी केंद्रीय बैंक का यह रुख अन्य वैश्विक केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतियों के लिए संदर्भ बिंदु का काम करेगा। यदि वैश्विक दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो अंतरराष्ट्रीय पूंजी की लागत पर असर पड़ना तय है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी केंद्रीय बैंक की यह महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हालिया आर्थिक आंकड़ों और लगातार बनी हुई मूल्य वृद्धि के दबावों की पृष्ठभूमि में आयोजित की जा रही है। • मुद्रास्फीति में नई तेजी: ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े दर्शाते हैं कि मासिक मुद्रास्फीति ने पिछले चार महीनों में अपनी सबसे तेज छलांग लगाई है। इस अप्रत्याशित उछाल ने नीति निर्माताओं के सामने दरों में ढील देने के बजाय उन्हें सख्त बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी है। • दरों पर जुलाई से ठहराव: फेडरल रिजर्व ने जुलाई के बाद से संघीय निधि लक्ष्य सीमा को 3.50% से 3.75% के बीच अपरिवर्तित बनाए रखा है। आर्थिक परिस्थितियों के बदलते स्वरूप के कारण अब इस ठहराव की निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं। • नीतिगत संकेतों की आवश्यकता: वित्तीय बाजार यह स्पष्टता चाहते हैं कि क्या केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए एक वर्ष से अधिक समय में पहली बार दर वृद्धि का जोखिम उठाने जा रहा है। इसी अनिश्चितता के समाधान के लिए नीति निर्माता नए आर्थिक अनुमानों के साथ अपनी रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक का फैसला कब आएगा? फेडरल रिजर्व का ब्याज दर फैसला बुधवार, 16 सितंबर को अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2:00 बजे और भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे जारी किया जाएगा। 2. चेयर केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत में किस समय शुरू होगी? केविन वॉर्श का मीडिया संबोधन भारतीय समयानुसार गुरुवार, 17 सितंबर की मध्यरात्रि 12:00 बजे (12:00 am IST) शुरू होगा। 3. इस संबोधन और घोषणा को लाइव कहां देखा जा सकता है? इस घोषणा और प्रेस कॉन्फ्रेंस को फेडरल रिजर्व की आधिकारिक वेबसाइट तथा उसके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव देखा जा सकता है। 4. वर्तमान में अमेरिकी फेडरल फंड्स ब्याज दर का दायरा क्या है? अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संघीय निधि लक्ष्य दर सीमा जुलाई से 3.50% से 3.75% पर स्थिर बनी हुई है। 5. यदि ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी होती है तो यह क्यों खास होगी? यदि दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की जाती है तो यह एक साल से अधिक समय में पहली अमेरिकी ब्याज दर बढ़ोतरी होगी। 6. सितंबर की इस बैठक को इतना अहम क्यों माना जा रहा है? यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि इसमें ब्याज दर के साथ-साथ फेडरल रिजर्व के अधिकारी मुद्रास्फीति, विकास और बेरोजगारी पर अपने नए आर्थिक अनुमान भी जारी करेंगे। https://trendkia.com/market/ameriki-federal-reserve-ke-nitigata-phaisale-ka-intajara-janie-bharata-men-kisa-samaya-shuru-hoga-kevin-warsh-ka-snbodhana-33787 TrendKia — Har trend, sabse pehle.