अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और ईरान तनाव के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के नीचे फिसला अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में मतदान और वाशिंगटन-तेहरान के बीच वार्ता अटकने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर हुआ, जबकि आरबीए की ब्याज दर वृद्धि भी गिरावट नहीं रोक पाई। वैश्विक वित्तीय बाजारों में राजनीतिक अनिश्चितता और युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में आ गया है। मंगलवार देर शाम ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.6965 के स्तर पर आ गया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए द्वारा नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 4.85 प्रतिशत करने के बावजूद मुद्रा को सहारा नहीं मिल सका, क्योंकि आरबीए गवर्नर बुलॉक ने आगे की नीतिगत दिशा को लेकर कोई स्पष्ट संकेत देने से परहेज किया है। इसके साथ ही अमेरिका में चल रहे मध्यावधि चुनाव और मध्य पूर्व में कूटनीतिक प्रगति की धीमी रफ्तार ने भी जोखिम वाली मुद्राओं की धारणा को कमजोर किया है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के परिणाम पर टिकी नजरें अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तहत मतदान जारी रहने के बीच निवेशकों की नजरें आने वाले शुरुआती एग्जिट पोल पर केंद्रित हो गई हैं। बाजार के प्रतिभागी इस बात का बारीकी से आकलन कर रहे हैं कि क्या डेमोक्रेट पार्टी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और अमेरिकी सीनेट पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर पाएगी। इसके अलावा चुनाव के अंतिम नतीजों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित प्रतिक्रिया को लेकर भी वित्तीय गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। सट्टेबाजी और प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म पॉलीमार्केट के आंकड़ों के अनुसार, डेमोक्रेट्स के सीनेट जीतने की 75 प्रतिशत संभावना जताई गई है, जबकि प्रतिनिधि सभा में उनके बहुमत हासिल करने की संभावना 95 प्रतिशत आंकी गई है। राजनीतिक शक्ति के इस संभावित संतुलन से अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर असर पड़ने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान कूटनीति में गतिरोध मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के मोर्चे पर शांति समझौते की उम्मीदों को झटका लगा है। वाशिंगटन ने कतर के प्रतिनिधिमंडल द्वारा ईरान को सौंपे गए समझौता ज्ञापन के मसौदे को अपनी मंजूरी दे दी थी। हालांकि, इसके तुरंत बाद एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों देश किसी भी समझौते तक पहुंचने से अभी काफी दूर हैं। कूटनीतिक समाधान की आस धूमिल होने और युद्ध लंबा खिंचने की आशंका ने वैश्विक बाजार में जोखिम से बचने की भावना को और हवा दी है। इस अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की तरफ बना हुआ है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में मजबूती अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आए नए आंकड़े श्रम बाजार और विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं। अमेरिका में जॉब ओपनिंग्स यानी जोल्ट्स के आंकड़े बढ़कर 7.5 मिलियन पर पहुंच गए, जो पिछले महीने के 7.19 मिलियन के मुकाबले 4.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाते हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार देश में हायरिंग दर 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई, जबकि कुल अलगाव दर 3.3 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बनी रही। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फैक्ट्री ऑर्डर्स अगस्त के 0.3 प्रतिशत के आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए महीने-दर-महीने आधार पर 1.8 प्रतिशत दर्ज किए गए। सेवा क्षेत्र के स्तर पर भी सुधार देखा गया, जहां अक्टूबर महीने में एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई 47.8 से सुधरकर 48.5 के स्तर पर आ गई। इन बेहतर आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों से सहारा प्रदान किया है। तकनीकी स्तर और चार्ट परिदृश्य तकनीकी चार्ट के आधार पर देखा जाए तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए ऊपर की तरफ 0.7059 के करीब स्थित दैनिक सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए का समूह पहला कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है। इसके पार निकलने पर 0.7198 का क्षैतिज स्तर सामने आता है, जो व्यापक तेजी को सीमित कर रहा है। नीचे की तरफ, 0.6922 के आसपास ऊपर की ओर झुकाव वाली ट्रेंड-लाइन का क्षेत्र पहला तत्काल समर्थन प्रदान कर रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो मुद्रा जोड़ी के लिए 0.6897 और 0.6865 के स्तर सुरक्षा कुशन की तरह काम करेंगे। इसके बाद मध्यम अवधि के अन्य आधार स्तर 0.6833, 0.6673 और पिछले ब्रेकआउट क्षेत्र 0.6348 के पास स्थित हैं। येन, सोना, कच्चा तेल और बिटकॉ‍इन की चाल मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में, एशियाई सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई फिसलकर 158.00 के पिछले लाभ को आंशिक रूप से गंवा बैठा। जहां एक तरफ जापानी अधिकारियों के संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया, वहीं बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली ब्याज दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता ने इस बढ़त को सीमित कर दिया। दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में सोने की कीमत यानी एक्सएयू/यूएसडी में मंगलवार को कमजोरी दर्ज की गई और यह 0.93 प्रतिशत गिरकर लगभग 3,909 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने सोने की रफ्तार पर ब्रेक लगाया। इस बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने सत्र के निचले स्तरों से सुधरने के बावजूद 102.00 के नीचे दायरे में बना रहा। क्रिप्टो बाजार के संदर्भ में, बिटफिनेक्स के विश्लेषण के अनुसार बिटकॉइन निकट अवधि में 77,000 डॉलर से 80,000 डॉलर के दायरे में फंसा रह सकता है, जबकि स्पॉट मांग कमजोर होने के कारण 81,300 डॉलर की ओर किसी भी उछाल पर बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर आयात लागत और कमोडिटी व्यापार पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय दर: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट से विदेशों में पढ़ाई या यात्रा करने वाले लोगों के लिए डॉलर की विनिमय लागत में उतार-चढ़ाव आ सकता है। यदि आप आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय भुगतान या यात्रा की योजना बना रहे हैं तो विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखें। • कमोडिटी और ऊर्जा कीमतें: कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी वैश्विक ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत को प्रभावित कर सकती है। तेल महंगा होने पर उपभोक्ता वस्तुओं के परिवहन खर्च में इजाफा देखने को मिल सकता है। • सुरक्षित निवेश रुझान: सोने में 0.93 प्रतिशत की नरमी और डॉलर इंडेक्स के 102.00 के नीचे रहने से खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर पड़ सकता है। वित्तीय अनिश्चितता के दौर में आक्रामक निवेश के बजाय पूंजी संरक्षण को प्राथमिकता देना बेहतर रणनीति साबित हो सकती है। • क्रिप्टो संपत्ति बाजार: बिटकॉइन के 77,000 से 80,000 डॉलर के बीच सीमित रहने के संकेत से खुदरा खरीदारों को सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिलेगा। कमजोर स्पॉट मांग को देखते हुए उच्च स्तरों पर खरीदारी करते समय जोखिम प्रबंधन का ध्यान रखें। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कमजोरी और व्यापक बाजार उतार-चढ़ाव के पीछे प्रमुख आर्थिक निर्णयों, अमेरिकी चुनावी अनिश्चितता और मध्य पूर्व के कूटनीतिक तनाव का संयुक्त प्रभाव रहा है। • केंद्रीय बैंक का रुख: रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दरों को बढ़ाकर 4.85 प्रतिशत तो किया, लेकिन आरबीए गवर्नर बुलॉक द्वारा भविष्य की दरों पर मार्गदर्शन न देने से निवेशकों में विश्वास की कमी दिखी। बिना स्पष्ट भविष्योन्मुखी रुख के यह दर वृद्धि डॉलर की मजबूती का मुकाबला करने में अप्रभावी साबित हुई। • अमेरिकी चुनाव की अनिश्चितता: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स द्वारा संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने की संभावनाओं ने बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है। निवेशक चुनाव परिणाम और उस पर डोनाल्ड ट्रंप की संभावित प्रतिक्रिया स्पष्ट होने तक जोखिम भरी संपत्तियों से दूरी बना रहे हैं। • विफल कूटनीति और सैन्य तनाव: कतर द्वारा प्रस्तुत मसौदे पर अमेरिकी सहमति के बावजूद ईरान द्वारा समझौते से इनकार करने और केशम द्वीप पर हमले की खबरों ने भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। इससे कूटनीतिक हल की उम्मीदें टूटी हैं और तेल की कीमतों में उछाल आया है। • मजबूत अमेरिकी आर्थिक डेटा: अमेरिका में 7.5 मिलियन जोल्ट्स जॉब ओपनिंग्स और 1.8 प्रतिशत फैक्ट्री ऑर्डर्स जैसे मजबूत आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के दरों को लेकर लचीलेपन की संभावना घटाई है। मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर को व्यापक सहारा मिला है। सवाल-जवाब 1. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दरें कितनी बढ़ाई हैं? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 4.85 प्रतिशत कर दिया है। 2. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.6965 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 3. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव को लेकर पॉलीमार्केट का क्या अनुमान है? पॉलीमार्केट के अनुसार डेमोक्रेट्स के सीनेट जीतने की 75 प्रतिशत और प्रतिनिधि सभा में बहुमत पाने की 95 प्रतिशत संभावना है। 4. अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर क्या स्थिति है? वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान किसी समझौते पर पहुंचने से अभी काफी दूर हैं। 5. अमेरिका में जॉब ओपनिंग्स के नए आंकड़े क्या रहे? अमेरिका में जोल्ट्स जॉब ओपनिंग्स बढ़कर 7.5 मिलियन पर पहुंच गईं, जो पिछले महीने के 7.19 मिलियन से 4.5 प्रतिशत अधिक हैं। 6. सोने की कीमत पर क्या असर पड़ा है? सोने की कीमत 0.93 प्रतिशत गिरकर लगभग 3,909 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। 7. बिटकॉइन के लिए क्या दायरा बताया गया है? बिटफिनेक्स के अनुसार बिटकॉइन निकट अवधि में 77,000 डॉलर से 80,000 डॉलर के बीच सीमित रह सकता है। https://trendkia.com/market/ameriki-madhyavadhi-chunava-aura-iran-tanava-ke-bicha-streliyai-dolara-0-7000-ke-niche-phisala-56023 TrendKia — Har trend, sabse pehle.