# अमेरिकी मध्यावधि चुनाव पर टिकी दुनिया की निगाहें, टेक शेयरों में बिकवाली के बीच डाउ जोन्स संभला

> अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के मतदान से ठीक पहले वॉल स्ट्रीट पर मिलाजुला रुख दिखा, जहां टेक शेयरों में गिरावट के बावजूद डाउ जोन्स ने बढ़त दर्ज की। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और चुनावी संभावनाओं के बीच वैश्विक निवेशक बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-madhyavadhi-chunava-para-tiki-duniya-ki-nigahen-teka-sheyaron-men-bikavali-ke-bicha-dow-jones-snbhala-55423 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी शेयर बाजार, मध्यावधि चुनाव 2026, डाउ जोन्स, नैस्डैक, कच्चा तेल, टेक शेयर

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के बीच होने वाले कड़े मुकाबले से पहले वॉल स्ट्रीट पर निवेशकों ने सतर्क रुख बनाए रखा है। 3 नवंबर 2026 को होने वाले मतदान से पहले अमेरिकी शेयर बाजार में अलग-अलग सूचकांकों की चाल बंटी हुई दिखाई दी। एक तरफ जहां पारंपरिक औद्योगिक कंपनियों के दम पर डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में मजबूती दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी कंपनियों में मुनाफावसूली हावी रहने से नैस्डैक कंपोजिट और एसएंडपी 500 लाल निशान में बंद हुए। मंगलवार के शुरुआती कारोबार में भी अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स से मिश्रित संकेत मिले हैं, जिसमें डाउ फ्यूचर्स में नरमी देखी गई जबकि टेक-हैवी फ्यूचर्स ने थोड़ा सुधार दिखाया। विश्लेषक इस चुनाव को वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए अगला सबसे बड़ा घटनाक्रम मान रहे हैं, क्योंकि चुनाव नतीजे अमेरिका की राजकोषीय प्राथमिकताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी संघर्षों के रुख को तय करेंगे।

## प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों का हालिया प्रदर्शन
सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 213.67 अंक यानी 0.41 प्रतिशत चढ़कर 51,983.98 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा। इसके विपरीत तकनीकी शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले नैस्डैक कंपोजिट पर भारी दबाव देखा गया। नैस्डैक 272.63 अंक या 1.07 प्रतिशत लुढ़ककर 25,164.36 पर बंद हुआ। वहीं अमेरिकी बाजार के व्यापक दायरे को दर्शाने वाला एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 38.67 अंक या 0.51 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज करते हुए 7,541.40 के स्तर पर फिसल गया।

बाजार की इस चाल पर वित्तीय फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसैलवन राधाकृष्णन ने टिप्पणी करते हुए कहा, "वॉल स्ट्रीट का सत्र मिलाजुला रहा, जिसमें अधिकतर शेयरों में खरीदारी और डाउ जोन्स में बढ़त के असर को एआई शेयरों की लगातार बिकवाली ने बेअसर कर दिया।" उन्होंने आगे बताया कि अमेरिकी टेक शेयरों की यह कमजोरी एशियाई बाजारों तक फैल गई है, जहां तकनीकी शेयरों में तेज क्षेत्रीय गिरावट दर्ज की गई।

## कॉरपोरेट कंपनियों के नतीजे और खर्च पर चिंता
कॉरपोरेट जगत से आ रहे वित्तीय आंकड़े भी निवेशकों की धारणा को लगातार प्रभावित कर रहे हैं। दिग्गज तकनीकी कंपनी एप्पल के शेयरों में आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी की सुस्त बिक्री वृद्धि और चौथी तिमाही के राजस्व को लेकर उम्मीद से कमजोर अनुमानों ने शेयरधारकों को निराश किया। डेटा एनालिटिक्स कंपनी पलान्टिर ने अपनी तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर कमाई दर्ज करने के बावजूद लगभग 3 प्रतिशत का नुकसान उठाया।

दूसरी ओर, एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने अपने तिमाही राजस्व में बारह गुना बढ़ोतरी की जानकारी दी और आगामी वर्षों में 895 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना सामने रखी। हालांकि टेक क्षेत्र में भारी-भरकम पूंजी निवेश और उसके मुकाबले रिटर्न को लेकर निवेशक सतर्क हो रहे हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें अब मंगलवार को आने वाले कई बड़े कॉरपोरेट नतीजों पर टिकी हैं, जिनमें एएमडी, एसएमसीआई, फाइजर, शॉपिफाई और बुकिंग होल्डिंग्स जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।

## 3 नवंबर 2026 को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स का रुख
मंगलवार तड़के अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी मिलाजुला रुझान देखने को मिला। डाउ जोन्स फ्यूचर्स 143 अंक या 0.27 प्रतिशत फिसलकर 51,990 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके विपरीत नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 123.50 अंक या 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 28,251 पर पहुंचा, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 3.50 अंक की मामूली तेजी के साथ 7,578 पर ट्रेड कर रहा था।

यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय पर आ रहा है जब अमेरिकी मतदाता मतदान केंद्रों की तरफ बढ़ रहे हैं। राजनीतिक मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन और उनकी रिपब्लिकन पार्टी ईरान संघर्ष से पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच भारी दबाव का सामना कर रही है।

## मध्यावधि चुनाव के समीकरण और चुनावी अनुमान
3 नवंबर को होने वाले मतदान के नतीजों का इंतजार पूरी दुनिया कर रही है। द कन्वर्सेशन पोल्स के अनुसार, इस सप्ताह होने वाले मध्यावधि चुनाव में सीनेट पर नियंत्रण हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स की संभावना 82 प्रतिशत आंकी गई है। वहीं अमेरिकी विश्लेषक नेट सिल्वर के पूर्वानुमान मॉडल में भी प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण पाने के मामले में डेमोक्रेट्स भारी अंतर से आगे चल रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में सीनेट की रेस में डेमोक्रेट्स के पक्ष में स्पष्ट बदलाव देखा गया है।

जेनेरिक मतपत्रों पर डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन्स के मुकाबले 8 से 9.4 अंकों की बढ़त मिलने का अनुमान है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि रिपब्लिकन उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो इसकी एक बड़ी वजह सितंबर 2026 में पेट्रोल की कीमतों में आई हालिया गिरावट हो सकती है। हालांकि बाजार अब तक चुनावी अनिश्चितताओं को लेकर काफी सजग रहा है।

अक्टूबर 2026 के महीने में वॉल स्ट्रीट ने तेज गिरावट झेली थी। टेक शेयरों में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के मूल्य क्षरण के चलते नैस्डैक 100 में 2,023.65 अंक या 6.65 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1,424.06 अंक यानी 5.30 प्रतिशत टूटा था। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित थे कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी पूंजी खर्च क्या भविष्य में तेजी से और टिकाऊ विकास दे पाएगा। उसी महीने एसएंडपी 500 में 1 प्रतिशत की गिरावट आई थी, हालांकि डाउ जोन्स ने 1.7 प्रतिशत की बढ़त बनाई थी।

## कच्चे तेल की नरमी और भू-राजनीतिक परिदृश्य
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यावधि चुनाव के परिणाम राजकोषीय नीति, व्यापारिक समझौतों और ईरान संघर्ष के भविष्य पर बड़ा असर डालेंगे। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने बाजार की स्थिति पर कहा, "वैश्विक संकेत अभी भी असमंजस से भरे हैं। डाउ जोन्स तेल की गिरती कीमतों के सहारे आगे बढ़ा, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक महंगे वैल्युएशन और एआई खर्च के चलते दबाव में रहे।"

राधाकृष्णन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज सुधार ने व्यापक आर्थिक मोर्चे पर बाजार को कुछ राहत दी है। ब्रेंट क्रूड गिरकर लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है। कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत ने तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीदें जगाई हैं। हालांकि ओपेक प्लस ने अपने दिसंबर के उत्पादन लक्ष्यों में कोई बदलाव नहीं किया है।

पोनमुडी आर ने बताया कि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी लगभग 96 से 97 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है, जो तीन महीनों में इसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट के बाद दर्ज हुआ है। ईरानी और कतई अधिकारियों के बीच एक मसौदे पर बातचीत चल रही है, लेकिन गतिरोध पूरी तरह सुलझा नहीं है। उन्होंने आगाह किया कि अगर वार्ता सफल रहती है तो ऊर्जा की कीमतों में नरमी बाजार की रिकवरी को सहारा देगी, लेकिन बातचीत टूटने या टेक शेयरों में गिरावट बढ़ने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता फिर लौट सकती है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के परिणाम और टेक कंपनियों की चाल भारतीय शेयर बाजार तथा घरेलू ईंधन दरों पर सीधा असर डाल सकते हैं।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का 105 डॉलर और डब्ल्यूटीआई का 97 डॉलर प्रति बैरल पर आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरा संकेत है। यदि तेल की कीमतें इसी तरह घटती रहीं तो आयात बिल कम होगा और घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की महंगाई पर रोक लग सकती है।
- **घरेलू शेयर बाजार में:** अमेरिकी टेक शेयरों में जारी गिरावट का असर भारतीय आईटी सेक्टर और टेक कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल सकता है। निवेशकों को किसी भी बड़े फैसले से पहले चुनाव नतीजों और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की स्थिरता पर नजर रखनी चाहिए।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत से युद्ध के खर्च और व्यापारिक तनाव पर अंकुश लगने की उम्मीद की जा रही है। इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों के फंड प्रवाह और बॉन्ड यील्ड की दिशा में बड़ा बदलाव आ सकता है।
- **अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए:** सितंबर में पेट्रोल की कीमतों में आई नरमी ने रोजमर्रा के घरेलू बजट को कुछ सहारा दिया है। चुनाव के बाद बनने वाली सरकार की वित्तीय नीतियां महंगाई और उपभोक्ता खर्च का भविष्य तय करेंगी।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी शेयर बाजार में आई अस्थिरता और सूचकांकों का अलग-अलग दिशाओं में जाना मुख्य रूप से मध्यावधि चुनाव की राजनीतिक अनिश्चितता और टेक कंपनियों के भारी खर्च के कारण हुआ है।

- **राजनीतिक अनिश्चितता:** 3 नवंबर 2026 को हो रहे मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के बीच सत्ता का संतुलन बदलने की पूरी संभावना है। सीनेट और हाउस में संभावित बदलावों से सरकार की खर्च करने की योजनाएं और व्यापार नीतियां सीधे तौर पर प्रभावित होंगी।
- **एआई और टेक कंपनियों पर संदेह:** अक्टूबर के दौरान तकनीकी शेयरों से 2 ट्रिलियन डॉलर का मूल्य साफ हो गया क्योंकि निवेशक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे भारी पूंजी खर्च के रिटर्न को लेकर आशंकित हैं। एप्पल के कमजोर आउटलुक और टेक कंपनियों के नतीजों ने इस चिंता को और हवा दी है।
- **मध्य पूर्व और ऊर्जा संकट:** ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं, जिससे बाजारों में घबराहट थी। हालांकि कतर की मध्यस्थता से शुरू हुई बातचीत ने तेल कीमतों को नीचे लाकर पारंपरिक औद्योगिक शेयरों को कुछ सहारा दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव कब आयोजित हो रहे हैं?
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान 3 नवंबर 2026 को शुरू हो रहा है।

### 2. सोमवार को डाउ जोन्स और नैस्डैक का प्रदर्शन कैसा रहा?
डाउ जोन्स 213.67 अंक चढ़कर 51,983.98 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 272.63 अंक गिरकर 25,164.36 पर बंद हुआ।

### 3. टेक शेयरों में गिरावट का मुख्य कारण क्या था?
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च के रिटर्न को लेकर चिंता और एप्पल जैसी बड़ी कंपनियों के कमजोर आउटलुक ने टेक शेयरों को गिराया।

### 4. कच्चे तेल की कीमतों में क्या बदलाव आया है?
कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के बाद ब्रेंट क्रूड गिरकर करीब 105 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 96-97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

### 5. मध्यावधि चुनाव के पोल्स में किसकी बढ़त दिखाई दे रही है?
द कन्वर्सेशन पोल्स के अनुसार डेमोक्रेट्स के सीनेट जीतने की संभावना 82 प्रतिशत है और जेनेरिक मतपत्रों पर वे 8 से 9.4 अंकों से आगे हैं।

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