अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से पहले कीवी डॉलर में हल्की नरमी, फेड और ईरान तनाव का साया हफ्ते की शुरुआत में NZD/USD जोड़ी 0.5869 के आसपास कमजोर कारोबार कर रही है, क्योंकि फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदें और अमेरिका-ईरान तनाव ने डॉलर को मजबूती दी है, जबकि आरबीएनजेड के सतर्क रुख ने कीवी डॉलर को दबाव में रखा है। हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र में न्यूज़ीलैंड डॉलर की चमक फीकी पड़ती दिख रही है। NZD/USD जोड़ी इस समय करीब 0.5869 पर टिकी है, जो पिछले बंद स्तर 0.5886 के मुकाबले करीब 0.28% नीचे है। हालांकि गिरावट में ज्यादा दम नहीं दिख रहा और बिकवाली सीमित ही बनी हुई है, क्योंकि कारोबारियों की नजरें अब इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं। फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदें और ईरान तनाव से डॉलर को सहारा अमेरिकी डॉलर को इस समय दो मोर्चों से मजबूती मिल रही है। पहला, पिछले शुक्रवार आए मजबूत अमेरिकी नौकरी आंकड़ों के बाद बाजार में यह उम्मीद बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। दूसरा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी निवेशकों को सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर की तरफ खींच रहा है। इन दोनों वजहों ने मिलकर डॉलर को सहारा दिया है, जिसका सीधा असर NZD/USD जैसी करेंसी जोड़ी पर पड़ा है। हालांकि इसके बावजूद जोड़ी में तेज गिरावट नहीं आई है, यानी बिकवाल भी फिलहाल पूरी ताकत के साथ बाजार में नहीं उतरे हैं। ज्यादातर कारोबारी अभी इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि असली दिशा इस हफ्ते जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से तय होगी। आरबीएनजेड के सतर्क रुख ने कीवी डॉलर को कमजोर बनाए रखा दूसरी तरफ न्यूज़ीलैंड डॉलर लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, और इसकी बड़ी वजह है आरबीएनजेड यानी न्यूज़ीलैंड के केंद्रीय बैंक का नरम भविष्य का नजरिया। जैसी उम्मीद थी, आरबीएनजेड ने पिछले हफ्ते लगातार दूसरी बैठक में अपनी नीतिगत ब्याज दर बढ़ा दी और यह भी संकेत दिया कि आगे दर बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन बाजार ने बैंक के आगे के मार्गदर्शन को उतना आक्रामक नहीं, बल्कि काफी सतर्क तरीके से लिया। आरबीएनजेड की गवर्नर अन्ना ब्रेमन ने भी साफ किया कि मौद्रिक नीति के लिए कोई तय रास्ता नहीं है, और अगली दर बढ़ोतरी का समय अभी पूरी तरह अनिश्चित बना हुआ है। इसी वजह से NZD/USD जोड़ी में पिछले हफ्ते बुधवार को देखे गए एक महीने से ज्यादा के निचले स्तर 0.5800 से आई उछाल पर भी लगाम लग गई है। ज्यादातर कारोबारी अभी कोई बड़ा दांव लगाने से पहले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार करना ज्यादा सही मान रहे हैं। चार्ट पर स्थिति: सपोर्ट कायम, लेकिन मोमेंटम कमजोर तकनीकी नजरिए से देखें तो NZD/USD जोड़ी अब भी हल्के तेजी के रुख में मानी जा रही है, क्योंकि यह 200 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.5855 और 38.2% फिबोनाची स्तर 0.5848 से ऊपर बनी हुई है। इसके अलावा पिछले हफ्ते 50% रिट्रेसमेंट स्तर 0.5805 से आई उछाल यह भी बताती है कि खरीदार अब भी इन अहम स्तरों के ऊपर पकड़ बनाए हुए हैं। ताजा आंकड़ों की बात करें तो जोड़ी इस समय 0.5869 पर है, जबकि पिछले 52 हफ्तों का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है, और कारोबार की मात्रा पिछले 20 दिनों के औसत के बराबर ही है। 14-दिन का आरएसआई 46 पर है, यानी यह न तो ओवरबॉट है और न ओवरसोल्ड, बल्कि तटस्थ जोन में है। एमएसीडी इंडिकेटर अपनी सिग्नल लाइन से थोड़ा नीचे है, जो हल्का मंदी का इशारा देता है। जोड़ी 20-दिन के मूविंग एवरेज 0.5899 से नीचे है, लेकिन 50-दिन के औसत 0.5867 के करीब और 200-दिन के औसत 0.5835 से ऊपर बनी हुई है, और 50-दिन का औसत 200-दिन के औसत से ऊपर है, जो लंबी अवधि के तेजी के रुख का संकेत है। बोलिंजर बैंड 0.5829 से 0.5992 के बीच है और कीमत इसके बीच वाले हिस्से में कारोबार कर रही है। एडीएक्स इंडिकेटर 22 पर है, जो बताता है कि रुझान फिलहाल कमजोर है और बाजार एक दायरे में सीमित है। स्टोकास्टिक इंडिकेटर की फास्ट और सिग्नल दोनों लाइनें 35 पर बराबर हैं, यानी अभी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही। सपोर्ट के लिहाज से पिवट स्तर 0.5874 है, जिसके नीचे S1 0.5863 और S2 0.5858 पर सपोर्ट है, जबकि ऊपर की तरफ R1 0.5880 और R2 0.5891 पर प्रतिरोध देखा जा सकता है। पिछले 20 दिनों के हिसाब से सपोर्ट करीब 0.5803 और प्रतिरोध करीब 0.5989 के आसपास बना हुआ है। चीन और डेयरी कीमतें क्यों तय करती हैं कीवी की चाल न्यूज़ीलैंड डॉलर, जिसे कीवी डॉलर के नाम से भी जाना जाता है, निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय करेंसी है। इसकी कीमत मुख्य रूप से न्यूज़ीलैंड की अर्थव्यवस्था की सेहत और वहां के केंद्रीय बैंक की नीतियों से तय होती है। लेकिन इसके अलावा कुछ खास वजहें भी हैं जो इस करेंसी को हिला सकती हैं। इनमें सबसे अहम है चीन की अर्थव्यवस्था, क्योंकि चीन न्यूज़ीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। अगर चीन की अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ती है, तो न्यूज़ीलैंड से होने वाला निर्यात घट सकता है, जिसका सीधा असर वहां की अर्थव्यवस्था और उसकी करेंसी पर पड़ता है। दूसरी बड़ी वजह है डेयरी कीमतें, क्योंकि डेयरी उद्योग न्यूज़ीलैंड का सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र है। जब डेयरी उत्पादों की कीमतें ऊंची रहती हैं, तो निर्यात से होने वाली कमाई बढ़ जाती है, जिससे अर्थव्यवस्था को फायदा होता है और कीवी डॉलर को भी मजबूती मिलती है। आरबीएनजेड का महंगाई लक्ष्य और ब्याज दरों का गणित आरबीएनजेड का मकसद मध्यम अवधि में महंगाई दर को 1% से 3% के बीच रखना है, और खासतौर पर इसे 2% के आसपास बनाए रखने पर जोर रहता है। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए बैंक ब्याज दरों का स्तर तय करता है। जब महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो आरबीएनजेड अर्थव्यवस्था को ठंडा करने के लिए ब्याज दरें बढ़ा देता है। इससे बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है, जो निवेशकों को न्यूज़ीलैंड में पैसा लगाने के लिए आकर्षित करती है, और इसका फायदा कीवी डॉलर को मिलता है। इसके उलट, जब ब्याज दरें घटती हैं तो कीवी डॉलर पर दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा एक और अहम पहलू है दरों का अंतर, यानी न्यूज़ीलैंड की मौजूदा या अनुमानित ब्याज दरों की तुलना अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दरों से किस तरह होती है। यह अंतर भी NZD/USD जोड़ी की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है। आर्थिक आंकड़े और बाजार का जोखिम मिजाज भी डालते हैं असर न्यूज़ीलैंड से आने वाले आर्थिक आंकड़े वहां की अर्थव्यवस्था की सेहत समझने के लिए बेहद अहम माने जाते हैं, और इनका सीधा असर कीवी डॉलर की कीमत पर पड़ता है। अगर आर्थिक विकास दर ऊंची हो, बेरोजगारी कम हो और उपभोक्ता विश्वास मजबूत हो, तो यह कीवी डॉलर के लिए अच्छा संकेत माना जाता है। मजबूत विकास दर विदेशी निवेश को आकर्षित करती है, और अगर इसके साथ महंगाई भी ज्यादा हो, तो आरबीएनजेड ब्याज दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकता है। वहीं अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर आते हैं, तो कीवी डॉलर में गिरावट की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा बाजार का समग्र जोखिम मिजाज भी न्यूज़ीलैंड डॉलर को प्रभावित करता है। जब बाजार में जोखिम कम माना जाता है और निवेशक विकास को लेकर आशावादी रहते हैं, तो कीवी डॉलर जैसी कमोडिटी करेंसी मजबूत होती है। लेकिन जब बाजार में उथल-पुथल या अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम भरी संपत्तियां बेचकर सुरक्षित मानी जाने वाली करेंसी की तरफ भागते हैं, जिससे कीवी डॉलर कमजोर पड़ जाता है। आगे क्या: अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी नजरें फिलहाल बाजार की मुख्य नजर इसी हफ्ते जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर है। ये आंकड़े ही तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व आगे कितनी आक्रामकता से ब्याज दरें बढ़ाएगा, और इसी हिसाब से डॉलर की मजबूती या कमजोरी की अगली दिशा तय होगी। तब तक के लिए NZD/USD जोड़ी में बड़ी हलचल की संभावना कम ही दिख रही है, और कारोबारी सतर्क होकर आंकड़ों का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। इसका आप पर असर यह खबर सीधे तौर पर उन लोगों के लिए मायने रखती है जो फॉरेक्स ट्रेडिंग करते हैं या न्यूज़ीलैंड डॉलर से जुड़े निवेश में पैसा लगाते हैं। • ट्रेडरों के लिए: NZD/USD जोड़ी 0.5869 के आसपास सीमित दायरे में फंसी है। बड़ा दांव लगाने से पहले इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों का इंतजार करना समझदारी होगी। • निवेश के नजरिए से: 0.5858 और 0.5863 के सपोर्ट तथा 0.5880 और 0.5891 के प्रतिरोध स्तर अहम हैं। इनसे नीचे या ऊपर टूटने पर ही जोड़ी में साफ दिशा बन सकती है। • ब्याज दरों पर नजर: आरबीएनजेड का सतर्क रुख आगे और दर बढ़ोतरी को धीमा कर सकता है। जिन निवेशकों का पैसा न्यूज़ीलैंड की परिसंपत्तियों में लगा है, उन्हें यील्ड में उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना होगा। • डॉलर आधारित लेन-देन: फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदें डॉलर को मजबूत बनाए रख सकती हैं। जो लोग अमेरिकी डॉलर में सामान मंगाते या भुगतान करते हैं, उन्हें थोड़ी महंगी दर का सामना करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. NZD/USD आज नीचे क्यों कारोबार कर रहा है? फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान तनाव से डॉलर मजबूत हुआ है, जबकि आरबीएनजेड के सतर्क रुख ने कीवी डॉलर को कमजोर बनाए रखा है। 2. आरबीएनजेड ने अपनी पिछली बैठक में क्या फैसला लिया? आरबीएनजेड ने लगातार दूसरी बैठक में अपनी नीतिगत ब्याज दर बढ़ाई और संकेत दिया कि आगे और बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है, हालांकि मार्गदर्शन सतर्क माना गया। 3. गवर्नर अन्ना ब्रेमन ने आगे की दरों को लेकर क्या कहा? उन्होंने साफ किया कि मौद्रिक नीति के लिए कोई तय रास्ता नहीं है और अगली दर बढ़ोतरी का समय अभी अनिश्चित है। 4. इस हफ्ते कारोबारियों की नजर किस आंकड़े पर है? कारोबारियों की नजर इस हफ्ते जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर है, जो आगे की दिशा तय करेंगे। 5. NZD/USD के लिए अभी अहम सपोर्ट और प्रतिरोध स्तर क्या हैं? सपोर्ट 0.5863 और 0.5858 पर है, जबकि प्रतिरोध 0.5880 और 0.5891 पर है, पिवट स्तर 0.5874 पर है। 6. जोड़ी ने पहले किस निचले स्तर को छुआ था? पिछले बुधवार को जोड़ी करीब 0.5800 के स्तर पर पहुंची थी, जो एक महीने से ज्यादा का निचला स्तर था। https://trendkia.com/market/ameriki-mahngai-ankaron-se-pahale-kiwi-dolara-men-halki-narami-fed-aura-iran-tanava-ka-saya-28761 TrendKia — Har trend, sabse pehle.