अमेरिकी महंगाई के झटके के बाद सोने में तेज वापसी: $4,100 का स्तर बना मजबूत सहारा अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने में आई भारी गिरावट टिक नहीं सकी और भाव $4,073 तक फिसलने के बाद तेजी से संभल गए। बॉन्ड यील्ड में गिरावट और $4,000-$4,100 के दायरे में संस्थागत खरीदारों के सक्रिय रहने से कीमती धातु को ठोस आधार मिला है। अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई के ताजा आंकड़ों ने वित्तीय बाजारों में हलचल मचा दी, लेकिन सोने की कीमतों ने बिकवाली के भारी दबाव के बावजूद गजब की मजबूती दिखाई है। बुधवार को जारी आंकड़ों के बाद सोने (XAU/USD) में तेज गिरावट देखी गई और भाव कुछ ही देर में $4,073 प्रति औंस के निचले स्तर तक पहुंच गए। निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी की संभावनाओं पर दांव लगाना शुरू कर दिया था। हालांकि, यह दबाव ज्यादा देर नहीं टिका और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड व अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट के साथ सोने के भाव एक बार फिर संभलकर ऊपर आ गए। लाइव मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, सोना $4,108 के पिछले बंद स्तर से 1.78% उछलकर $4,181 पर कारोबार कर रहा है। महंगाई के आंकड़ों ने बढ़ाया था फेडरल रिजर्व पर दबाव सितंबर महीने की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) रिपोर्ट में आम महंगाई दर सालाना आधार पर 3.7% दर्ज की गई। अगस्त में यह आंकड़ा 3.4% था, जबकि बाजार 3.6% की उम्मीद कर रहा था। खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को अलग रखने वाली कोर महंगाई भी 2.4% से बढ़कर 2.6% पर पहुंच गई, जो अर्थशास्त्रियों के 2.5% के अनुमान से ज्यादा रही। इन आंकड़ों ने यह साफ संकेत दिया कि बुनियादी महंगाई अभी भी जिद्दी बनी हुई है। मुद्रास्फीति की इस रफ्तार ने उन सभी अनुमानों को हवा दी, जो केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने के पक्ष में थे। इसके चलते सटोरियों ने तुरंत अपनी रणनीति बदली और बाजार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स की बिकवाली और संस्थागत मांग का टकराव बाजार में आई इस गिरावट की वजह केवल महंगाई को लेकर निवेशकों की धारणा बदलना ही नहीं थी, बल्कि व्यवस्थित ट्रेडिंग रणनीतियों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषण के अनुसार, महंगाई के अनुमान से ऊंचे आंकड़े सामने आने के बाद कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स (CTAs) ने सोने में भारी बिकवाली की। ये सिस्टमैटिक ट्रेडर मुख्य रूप से कीमतों के रुझान और तकनीकी संकेतों पर काम करते हैं। विशेष रूप से $4,200 प्रति औंस के पास भारी तकनीकी प्रतिरोध का सामना करने के बाद इन एल्गोरिदम रणनीतियों ने बिकवाली तेज कर दी। यह बिकवाली कई हफ्तों से चल रहे सट्टा पोजिशनिंग के बदलाव का हिस्सा थी। टीडी सिक्योरिटीज ने बताया कि सट्टेबाजों ने लगातार तीन हफ्तों तक सोने के लॉन्ग एक्सपोजर को कम किया और शॉर्ट पोजिशन बढ़ाई। हालांकि, इस तकनीकी बिकवाली का मतलब यह कतई नहीं था कि सभी निवेशक सोने से मुंह मोड़ रहे हैं। इसके विपरीत, डिस्क्रेशनरी निवेशकों और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की तरफ से निरंतर खरीदारी देखी गई। जब सटोरिये शॉर्ट पोजिशन बना रहे थे, तब लंबी अवधि के खरीदार निचले स्तरों पर आपूर्ति को सोख रहे थे। टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, $4,000-$4,100 प्रति औंस के दायरे में मिलने वाला यह सहारा काफी मजबूत बना हुआ है और आगे भी स्थिर रहने की संभावना है। ट्रेजरी यील्ड में अचानक यू-टर्न और डॉलर की कमजोरी महंगाई के आंकड़ों के बाद सबसे चौंकाने वाला मोड़ अमेरिकी बॉन्ड बाजार में देखने को मिला। शुरुआत में 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया क्योंकि व्यापारियों ने दरों में बढ़ोतरी की आशंका को भुनाया। लेकिन गुरुवार को यह रुख अचानक पलट गया और यील्ड तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। इस तेज गिरावट के पीछे ब्लूमबर्ग की वह जानकारी सामने आई जिसके अनुसार चीन अमेरिका के बाहर मौजूद कस्टोडियनों के जरिए गुपचुप तरीके से अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज की भारी खरीदारी कर रहा है। जब सरकारी बॉन्ड में बड़ी खरीदारी होती है, तो उनके दाम चढ़ते हैं और यील्ड घटती है। यील्ड में गिरावट का सीधा फायदा सोने को मिलता है, क्योंकि बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति रखने की अवसर लागत घट जाती है। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर भी अपने लगभग 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आ गया। डॉलर और बॉन्ड यील्ड की इस दोहरी कमजोरी ने सोने की कीमतों को निचले स्तरों से उबरने में सबसे बड़ी मदद की। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े निवेशों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी आई, जिसने ट्रेजरी यील्ड में गिरावट को और हवा दी और सोने में नए खरीदारों को आकर्षित किया। तकनीकी चार्ट: $4,100 का स्तर और अहम रेजिस्टेंस दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो सोने की व्यापक दिशा अब भी सतर्कता बरतने की ओर इशारा करती है। सोना अपने 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMAs) के नीचे बना हुआ है, जो क्रमशः $4,335, $4,246 और $4,524 के आसपास स्थित हैं। यह ढांचा स्पष्ट करता है कि गुरुवार की रिकवरी के बावजूद व्यापक रुझान पूरी तरह बुल्स के नियंत्रण में नहीं आया है। इसके बावजूद, $4,100 का क्षेत्र खरीदारों का पसंदीदा ठिकाना साबित हुआ है। सितंबर के आखिर से लेकर अब तक इस स्तर का कई बार सफलतापूर्वक बचाव किया गया है। बुधवार को जब भाव फिसलकर $4,073 तक गए, तब भी कोई स्थायी गिरावट दर्ज नहीं हुई। गर्मियों के दौरान भी $4,000 के आसपास ठोस खरीदारी देखी गई थी। यदि कीमतें $3,940 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे टूटती हैं, तो यह मौजूदा एकत्रीकरण दौर के कमजोर होने और गहरी गिरावट का संकेत होगा। वहीं ऊपर की ओर, $4,200-$4,225 का क्षेत्र पहली बड़ी रुकावट है। इसके पार निकलने पर $4,246 पर स्थित 100-दिवसीय SMA और फिर $4,300-$4,335 का क्षेत्र सामने आएगा, जहां 50-दिवसीय SMA मौजूद है। टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, $4,300 का स्तर पार होने पर CTAs द्वारा शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है, जिससे बाजार में अतिरिक्त खरीदारी आ सकती है। लाइव तकनीकी संकेतक और वैश्विक करेंसी बाजारों का रुख लाइव तकनीकी संकेतकों के विश्लेषण से पता चलता है कि 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 43 पर बना हुआ है, जो दर्शाता है कि बाजार अभी भी ओवरसोल्ड क्षेत्र से बाहर आने की कोशिश कर रहा है। एमएसीडी (MACD) -58.80 पर है जबकि सिग्नल लाइन -59.46 है, जिससे 0.66 का सकारात्मक हिस्टोग्राम बनता है जो अल्पकालिक सुधार की पुष्टि करता है। बॉलिंगर बैंड्स की सीमा $4,048 से $4,405 के बीच है और भाव इस दायरे के भीतर घूम रहे हैं। औसत ट्रू रेंज (ATR) 85.57 डॉलर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को तय करता है। मौजूदा सत्र के लिए दैनिक पिवट $4,164 पर है, जबकि पहला रेजिस्टेंस R1 $4,207 और दूसरा R2 $4,233 पर स्थित है। वहीं समर्थन स्तर S1 $4,138 और S2 $4,095 पर बने हुए हैं। 52-हफ्तों का ट्रेडिंग दायरा $3,901 से $5,586 के बीच दर्ज है। मुद्रा बाजार में भी इस घटनाक्रम का सीधा असर दिखा। ऑस्ट्रेलियाई नौकरियों के कमजोर आंकड़ों के चलते AUD/USD 0.6950 के पास दबाव में रहा, लेकिन अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने इसके नुकसान को सीमित किया। USD/JPY जोड़ी तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर से पीछे हटते हुए गुरुवार को 158.00 के नीचे आ गई, जहां जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए दखल देने की अटकलें जोरों पर थीं। वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में रिपल (XRP) $1.30 के पास मंदी के दबाव में फंसा रहा, जो उच्च अमेरिकी मुद्रास्फीति के चलते डिजिटल एसेट्स में व्यापक बिकवाली को दर्शाता है। ब्रिटेन में चांसलर के बजट से पहले यूके बॉन्ड और एफटीएसई 100 सूचकांक में तेजी का माहौल देखा गया। निष्कर्ष: क्या $4,100 का दायरा टिकाऊ रहेगा? अमेरिकी महंगाई में तेजी ने सोने में बिकवाली के तर्कों को तात्कालिक तौर पर भले बल दिया हो, लेकिन बाजार की वास्तविक प्रतिक्रिया ने कई स्तरों पर मजबूती दिखाई है। ट्रेजरी यील्ड में यू-टर्न और लंबी अवधि के निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर की गई खरीदारी ने साबित किया है कि $4,100 का स्तर कोई खतरनाक ढलान नहीं बल्कि मजबूत आधार की तरह काम कर रहा है। यदि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अपनी गिरावट को जारी रखती है और सोना $4,100-$3,940 के सुरक्षा दायरे को बनाए रखता है, तो हाल ही में बनी सटोरिया शॉर्ट पोजिशन आगे चलकर कीमतों में नए उछाल का ईंधन बन सकती हैं। इसका आप पर असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सोने के भाव में $4,100 के ऊपर लौटी मजबूती से घरेलू और वैश्विक स्तर पर खुदरा निवेशकों व आभूषण खरीदारों के लिए खरीदारी की लागत और जोखिम संतुलन सीधे प्रभावित होंगे। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव $4,180 के पार बने रहने से स्थानीय सर्राफा बाजारों में कीमतों में तुरंत कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी। आने वाले त्योहारी और वैवाहिक सीजन में आभूषण खरीदारों को सीमित दायरे में खरीद रणनीति बनाकर चलना होगा। • वैश्विक निवेशकों के लिए: मुद्रास्फीति के दबाव के बावजूद सोने की $4,000-$4,100 की सीमा में स्थिरता यह दर्शाती है कि हेजिंग विकल्प के तौर पर पीली धातु में भरोसा कायम है। ऐसे में पोर्टफोलियो आवंटन में सोने की हिस्सेदारी को सुरक्षित संपत्ति के रूप में बनाए रखना उपयोगी साबित हो सकता है। • ट्रेडर्स और सटोरियों के लिए: $4,100 का स्तर एक कड़े स्टॉप-लॉस आधार की तरह काम कर रहा है, जबकि $4,200-$4,225 पर कड़ा रेजिस्टेंस मौजूद है। व्यापारियों को 85 डॉलर से अधिक के दैनिक एटीआर (ATR) को ध्यान में रखते हुए बड़े उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सतर्क रहना होगा। • मुद्रा विनिमय और डॉलर पर असर: ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर इंडेक्स में नरमी से आयातित वस्तुओं की लागत पर दबाव कुछ कम हो सकता है। यह उभरते बाजारों की मुद्राओं को डॉलर के मुकाबले थोड़ी राहत प्रदान करने में मदद करेगा। ऐसा क्यों हुआ सोने की कीमतों में आई अचानक गिरावट और उसके बाद दिखी तेज रिकवरी के पीछे अमेरिकी मुद्रास्फीति के अप्रत्याशित आंकड़े, स्वचालित ट्रेडिंग फंड्स की बिकवाली और बॉन्ड बाजार में हुए बड़े बदलाव प्रमुख कारण रहे हैं। • प्रत्यक्ष कारण: सितंबर महीने के अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों में सामान्य महंगाई 3.7% और कोर महंगाई 2.6% पर पहुंच गई, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई और शुरुआती बिकवाली आई। • व्यवस्थित रणनीतियों का दबाव: कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स (CTAs) ने $4,200 के रेजिस्टेंस पर बिकवाली के तकनीकी सिग्नल मिलने के बाद बड़े पैमाने पर शॉर्ट पोजिशन बनाई, जिससे भाव $4,073 तक गिरे। • बॉन्ड बाजार का अप्रत्याशित यू-टर्न: ब्लूमबर्ग के अनुसार, चीन द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज की गुप्त खरीद की चर्चाओं के चलते 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। यील्ड और डॉलर की कमजोरी ने सोने में त्वरित खरीदारी का माहौल बना दिया। • संस्थागत खरीदारों का सहारा: सट्टेबाजों की बिकवाली के विपरीत एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और डिस्क्रेशनरी निवेशकों ने $4,000-$4,100 के दायरे में भारी खरीदारी की, जिससे कीमतों को टूटने से बचा लिया गया। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने के भाव में कितनी गिरावट आई थी? सितंबर सीपीआई रिपोर्ट जारी होने के तुरंत बाद सोने की कीमत फिसलकर $4,073 प्रति औंस के निचले स्तर तक आ गई थी। 2. सोने में गिरावट के पीछे कौन सी ट्रेडिंग रणनीतियां जिम्मेदार थीं? कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स (CTAs) ने $4,200 के तकनीकी अवरोध और महंगाई के आंकड़ों के चलते भारी शॉर्ट सेलिंग की थी। 3. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का सोने पर क्या असर पड़ा? यील्ड और डॉलर इंडेक्स के घटने से बिना ब्याज वाले सोने को रखने की लागत कम हो गई, जिससे कीमतों में तेजी से सुधार हुआ। 4. सोने के लिए कौन सा स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है? $4,100 से $3,940 का दायरा प्रमुख सपोर्ट है, जिसके टूटने पर ही किसी बड़ी गिरावट की आशंका बनेगी। 5. चीन द्वारा ट्रेजरी बॉन्ड की खरीद से क्या संकेत मिले हैं? चीन द्वारा अमेरिकी बॉन्ड की खरीद से बॉन्ड की कीमतें बढ़ीं और यील्ड तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई, जिससे वित्तीय बाजारों को सहारा मिला। https://trendkia.com/market/ameriki-mahngai-ke-jhatake-ke-bada-gold-men-teja-vapasi-4-100-ka-stara-bana-majabuta-sahara-47899 TrendKia — Har trend, sabse pehle.