अमेरिकी महंगाई के नरम आंकड़ों से डॉलर कमजोर, यूरो में तेज़ी अमेरिका में जून की महंगाई उम्मीद से ज़्यादा नरम रहने के बाद अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ा और EUR/USD ऊपर चढ़ गया, क्योंकि फेड की ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना घट गई। अमेरिका में महंगाई के ताज़ा आंकड़े उम्मीद से कहीं ज़्यादा नरम निकले, जिसका सीधा असर अमेरिकी डॉलर पर पड़ा और यूरो के मुकाबले उसमें कमज़ोरी आ गई। EUR/USD में मंगलवार को अच्छी तेज़ी दिखी, क्योंकि निवेशकों ने मान लिया कि जब महंगाई इतनी तेज़ी से घट रही है तो फेडरल रिजर्व के जुलाई में ब्याज दरें बढ़ाने की गुंजाइश काफ़ी कम हो गई है। कमज़ोर डॉलर ने न सिर्फ़ इस करेंसी जोड़ी को बल्कि जोखिम से जुड़ी बाकी परिसंपत्तियों को भी सहारा दिया। लाइव बाज़ार आंकड़ों के मुताबिक फ़िलहाल EUR/USD करीब 1.14 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि पिछला बंद भाव भी इसी के आसपास रहा और जोड़ी में लगभग 0.35% की मज़बूती दर्ज हुई है। बीते 52 हफ़्तों में यह जोड़ी 1.13 से लेकर 1.20 के दायरे में घूमती रही है। महंगाई के आंकड़ों ने डॉलर को दबाया जून में अमेरिका का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी हेडलाइन CPI महीने-दर-महीने आधार पर 0.4% गिर गया, जबकि बाज़ार सिर्फ़ 0.1% की गिरावट का अनुमान लगा रहा था और मई में यह आंकड़ा 0.5% बढ़ा था। सालाना आधार पर महंगाई की रफ़्तार भी तेज़ी से थमी और यह 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई, जो बाज़ार के 3.8% के अनुमान से भी नीचे है। महीने के दौरान कोर CPI में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि इसकी सालाना अंदरूनी दर 2.9% से नरम होकर 2.6% पर आ गई। रोज़गार से जुड़े संकेत भी कमज़ोर पड़े हैं। ADP का चार हफ़्ते का औसत घटकर 19.75K पर आ गया है, जो श्रम बाज़ार की सुस्ती की तरफ़ इशारा करता है। महंगाई और रोज़गार दोनों मोर्चों पर आंकड़े ढीले पड़ने से डॉलर पर बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। वॉर्श का सख्त रुख कायम आंकड़ों की नरमी के बावजूद फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने अपनी संसदीय गवाही में अपेक्षाकृत सख्त तेवर बनाए रखे। उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय बैंक लगातार बनी हुई महंगाई पर काबू पाने के लिए प्रतिबद्ध है। अमेरिकी सदन की वित्तीय सेवा समिति के सामने अर्धवार्षिक मौद्रिक नीति रिपोर्ट पर बोलते हुए वॉर्श ने साफ़ किया कि फेड कीमतों में स्थिरता और 2% महंगाई के लक्ष्य पर टिका हुआ है। वॉर्श ने अमेरिकी श्रम बाज़ार को कुल मिलाकर स्थिर बताया। उन्होंने बेरोज़गारी के निचले स्तर, छंटनी के सीमित मामलों और वेतन में मज़बूत नॉमिनल बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कहा कि नौकरियों की तस्वीर अब भी ठोस बनी हुई है। ईरान और होर्मुज पर ट्रंप का फैसला भूराजनीतिक हलचल भी बाज़ार की नज़रों में बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पूरी नाकेबंदी लागू करेगा, लेकिन यह सिर्फ़ उन जहाज़ों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं। इसके साथ ही ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले माल पर प्रस्तावित 20% अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क का विचार छोड़ दिया और उसकी जगह खाड़ी देशों के साथ व्यापार और निवेश समझौतों को आगे बढ़ाने की बात कही। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल गलियारों में से एक है, इसलिए इस इलाक़े में किसी भी तरह की सख़्ती या नरमी का असर वैश्विक जोखिम धारणा और कमोडिटी बाज़ार पर सीधे पड़ता है। EUR/USD अभी कहां खड़ा है दिन में EUR/USD एक बार 1.1460 के पार कई दिनों के ऊपरी स्तर तक पहुंचा, लेकिन उत्तरी अमेरिकी सत्र के अंत तक यह फिसलकर वापस 1.1400 के निचले दायरे में आ गया। फेड के आगे चलकर दरें बढ़ाने के दांव घटने और कमज़ोर अमेरिकी CPI आंकड़ों ने डॉलर को चोट पहुंचाई, जिससे इस जोड़ी को नई ताक़त मिली। तकनीकी नज़रिये से ऊपर की तरफ़ पहला अवरोध 1.1434 की क्षैतिज बाधा पर है, इसके बाद 1.1446 पर एक मज़बूत सीमा है। नीचे की ओर पहला सहारा 20-अवधि की SMA यानी 1.1418 पर दिखता है, जबकि उसके ठीक नीचे 1.1416 पर क्षैतिज फ़र्श मौजूद है। अगर गिरावट गहरी होती है तो 1.1408 पर 100-अवधि की SMA और 1.1404 का निचला क्षैतिज स्तर अगले अहम मांग क्षेत्र बन सकते हैं। लाइव आंकड़ों में RSI(14) 45 पर है और ADX(14) 28 पर, जो बताता है कि भाव में एक स्पष्ट रुझान बना हुआ है। हालांकि EMA50 का EMA200 से नीचे रहना लंबी अवधि में गिरावट के रुझान यानी डेथ क्रॉस की ओर इशारा करता है। पाउंड और सोने की चाल ब्रिटिश पाउंड ने भी मंगलवार को डॉलर के मुकाबले मज़बूती दिखाई और पिछली गिरावट की भरपाई करते हुए वापस 1.3375 के इलाक़े में लौट आया। इसकी नज़र अब 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज पर टिकी है, जो 1.3400 से कुछ ही पिप नीचे है और पिछले दो हफ़्तों से पाउंड की रिकवरी पर ढक्कन का काम कर रहा है। सोने ने भी हाल की कमज़ोरी को पलटा और मंगलवार को दोबारा 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के पार पहुंच गया। डॉलर में गिरावट और वॉर्श की टिप्पणियों के बाद कीमती धातु की रिकवरी को रफ़्तार मिली और यह 4,100 डॉलर के इलाक़े की ओर बढ़ गया। दिसंबर में दर बढ़ोतरी का बदलता गणित जुलाई की शुरुआत में बाज़ार ने दिसंबर में एक दर बढ़ोतरी को अपना बेस केस मान लिया था, लेकिन उसके बाद पांच कारोबारी सत्रों में इस अनुमान को बार-बार बदला और फिर से गढ़ा गया। 57K के पेरोल आंकड़े ने सख़्ती के दांव को बहा दिया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने की आशंका इन दांवों को वापस लौटा रही है। जून की FOMC बैठक के ब्योरे इसी उठापटक के बीच सामने आए और उन्होंने एक ऐसी दुनिया का ज़िक्र किया जो पहले ही बदल चुकी थी। आगे बुधवार को अमेरिका के PPI आंकड़े और वॉर्श की दूसरी गवाही निवेशकों का ध्यान बांधे रखेगी, जिससे डॉलर और EUR/USD की अगली दिशा तय होने में मदद मिलेगी। इसका आप पर असर • ट्रेडर्स के लिए: नरम अमेरिकी महंगाई और फेड की दरें बढ़ने की घटती संभावना से EUR/USD को सहारा मिला है, जिससे यूरो में कारोबार करने वालों को छोटी अवधि में मौक़े दिख सकते हैं। • आम निवेशकों के लिए: कमज़ोर डॉलर से सोने जैसी परिसंपत्तियों में तेज़ी लौटी है, इसलिए सोने में निवेश रखने वालों के लिए यह राहत की ख़बर है। सवाल-जवाब 1. जून में अमेरिका की महंगाई कितनी रही? जून में हेडलाइन CPI महीने-दर-महीने 0.4% गिरा और सालाना महंगाई 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई, जो बाज़ार के 3.8% के अनुमान से भी नीचे है। 2. EUR/USD में तेज़ी क्यों आई? अमेरिकी महंगाई के नरम आंकड़ों और फेड की दरें बढ़ाने की घटती संभावना से डॉलर कमज़ोर हुआ, जिससे यूरो को बल मिला और EUR/USD ऊपर चढ़ गया। 3. केविन वॉर्श ने क्या कहा? फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने सख्त रुख बनाए रखा और दोहराया कि फेड कीमतों में स्थिरता और 2% महंगाई के लक्ष्य पर प्रतिबद्ध है, साथ ही श्रम बाज़ार को स्थिर बताया। 4. ट्रंप ने ईरान और होर्मुज को लेकर क्या फैसला किया? ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पूरी नाकेबंदी सिर्फ़ ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाज़ों पर लागू करेगा और होर्मुज से गुज़रने वाले माल पर प्रस्तावित 20% शुल्क छोड़कर खाड़ी देशों के साथ व्यापार समझौते चुने। 5. EUR/USD के अहम तकनीकी स्तर क्या हैं? ऊपर की ओर 1.1434 और 1.1446 पर अवरोध हैं, जबकि नीचे 1.1418, 1.1416, 1.1408 और 1.1404 पर सहारे मौजूद हैं। 6. सोने का भाव कहां पहुंचा? सोना दोबारा 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार पहुंच गया और डॉलर में गिरावट के बाद 4,100 डॉलर के इलाक़े की ओर बढ़ा। 7. अब आगे बाज़ार की नज़र किस पर है? बुधवार को अमेरिका के PPI आंकड़े और केविन वॉर्श की दूसरी गवाही पर निवेशकों की नज़र रहेगी, जो डॉलर और EUR/USD की अगली दिशा तय करेगी। https://trendkia.com/market/ameriki-mahngai-ke-narama-ankaron-se-us-dollar-kamajora-euro-men-tezi-7750 TrendKia — Har trend, sabse pehle.