# अमेरिकी महंगाई रिपोर्टों से पहले डॉलर इंडेक्स कई हफ्तों के निचले स्तर पर फिसला

> जापानी येन में मजबूती और इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों की बेचैनी के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में फिसला है और दो हफ्तों के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-mahngai-riporton-se-pahale-dollar-index-kai-haphton-ke-nichale-stara-para-phisala-29348 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, डीएक्सवाई, फेडरल रिजर्व, अमेरिकी महंगाई आंकड़े, जापानी येन, सीपीआई, पीपीआई, फॉरेक्स मार्केट, वित्त

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में नीचे फिसला है और पिछले पांच सत्रों में से चार बार गिरावट झेल चुका है। जापानी येन में तेज उछाल और इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों को लेकर बना सस्पेंस डॉलर खरीदारों को फिलहाल किनारे बैठने पर मजबूर कर रहा है। एशियाई कारोबार में इंडेक्स 98.80 के आसपास कारोबार करता दिखा, जो दिन भर में करीब 0.10% की गिरावट है, हालांकि यह अगस्त में बने तीन महीने के निचले स्तर से अब भी ऊपर बना हुआ है।

## येन की तेजी ने बढ़ाई डॉलर की मुश्किलें
दबाव का बड़ा हिस्सा जापान से आ रहा है। जापान में मजदूरी वृद्धि के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आए हैं और दूसरी तिमाही की जीडीपी के आंकड़ों में भी संशोधन के बाद बढ़ोतरी दिखी है। इससे बाजार को यकीन हो गया है कि बैंक ऑफ जापान अगले हफ्ते होने वाली बैठक में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। इसी उम्मीद ने येन की तरफ नई खरीदारी खींची है, जिसका सीधा असर डॉलर पर पड़ा है। गौरतलब है कि डॉलर इंडेक्स पिछले बुधवार को करीब तीन हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, और मौजूदा गिरावट काफी हद तक उसी बढ़त की भरपाई मानी जा रही है।

## गुरुवार और शुक्रवार के आंकड़ों पर टिकी निगाहें
बाजार की नजरें अब दिन की हलचल से आगे बढ़कर इस हफ्ते आने वाले दो अहम आंकड़ों पर टिक गई हैं। गुरुवार को अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) आएगा और उसके अगले दिन शुक्रवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) जारी होगा। दोनों आंकड़ों को बारीकी से खंगाला जाएगा ताकि यह पता चल सके कि फेडरल रिजर्व आने वाले महीनों में नीति को किस दिशा में ले जाना चाहता है। फेड का रुख ही तय करेगा कि डॉलर इंडेक्स खोई हुई जमीन वापस पा सकेगा या और नीचे फिसलेगा, यही वजह है कि यह हफ्ता बाजार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

## ओसीबीसी का आकलन: नौकरी के आंकड़े काफी नहीं
ओसीबीसी के विश्लेषकों ने पिछले हफ्ते आए उम्मीद से बेहतर अमेरिकी पेरोल आंकड़ों को लेकर कहा कि यह आंकड़ा डॉलर के लिए हल्का सहारा तो है, लेकिन अकेले इतना काफी नहीं कि डॉलर में लगातार तेजी आ सके। उनका कहना है कि मजबूत रोजगार आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाते हैं और फेड की सख्ती की गुंजाइश को जिंदा रखते हैं, जिससे डॉलर की गिरावट पर कुछ लगाम लग सकती है। हालांकि, मजदूरी में दबाव अब भी सीमित बना हुआ है, इसलिए ओसीबीसी का मानना है कि बाजार सितंबर में दर बढ़ोतरी को लेकर पक्का भरोसा जताने से पहले महंगाई के ठोस संकेतों का इंतजार करेगा। यही वजह है कि अब सारा ध्यान इस हफ्ते के सीपीआई आंकड़े पर टिक गया है, अगर आंकड़ा उम्मीद से ज्यादा आया तो डॉलर में नई मजबूती आ सकती है, जबकि कमजोर आंकड़ा बाजार को दोनों तरफ झुलाता रहेगा।

## चार्ट पर अहम स्तर
तकनीकी तौर पर देखें तो पहला प्रतिरोध 99.23 पर है, जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर से मेल खाता है। इसके बाद 200 दिन का ईएमए 99.52 पर और 50% रिट्रेसमेंट स्तर 99.72 के आसपास आता है। इससे ऊपर बड़ी बाधाएं 38.2% रिट्रेसमेंट के करीब 100.20 और 23.6% रिट्रेसमेंट पर 100.80 पर हैं। नीचे की तरफ पहला सहारा 98.55 पर है, जो 78.6% रिट्रेसमेंट स्तर है, जबकि इससे नीचे एक मजबूत ढांचागत आधार करीब 97.67 पर है, जहां खरीदार पहले भी गिरावट थामने की कोशिश करते दिखे हैं।

## ताज़ा लाइव आंकड़ों में डॉलर इंडेक्स
ताज़ा लाइव कीमत के मुताबिक डॉलर इंडेक्स फिलहाल 99.18 पर है, जो पिछले बंद स्तर 99.16 के मुकाबले महज 0.02% ऊपर है, यानी लगभग सपाट कारोबार। पिछले 52 हफ्तों में इंडेक्स 95.55 से 101.80 के बीच घूमता रहा है, और कारोबार की मात्रा 20 दिन के औसत के बराबर बनी हुई है। मोमेंटम संकेतक मिलेजुले हैं, 14 दिन का आरएसआई 43 पर है यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली की स्थिति, जबकि एमएसीडी लाइन -0.24 अपनी सिग्नल लाइन -0.28 से नीचे है, हालांकि हिस्टोग्राम 0.04 पर सिकुड़ता दिख रहा है, जो बिकवाली के दबाव में कुछ कमी का संकेत है। इंडेक्स अपने 20 दिन के ईएमए 99.44, 50 दिन के ईएमए 99.77 और 200 दिन के ईएमए 99.30 से नीचे कारोबार कर रहा है, जो लंबी अवधि की गिरावट की तरफ इशारा करता है, भले ही 50 दिन और 200 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज क्रमशः 100.19 और 99.16 पर गोल्डन क्रॉस बनाते दिख रहे हों। एडीएक्स 34 पर है, यानी बाजार में साफ रुझान बना हुआ है, और बोलिंगर बैंड 98.60 से 100.13 के बीच फैला है जिसका मध्य बिंदु 99.36 है, कीमत फिलहाल इसी दायरे में है। पिछले 20 सत्रों का सहारा और प्रतिरोध क्रमशः 98.56 और 100.08 पर आंका गया है, जबकि इंट्राडे पिवट 98.92 पर, प्रतिरोध स्तर 99.12 और 99.06 पर तथा सहारा स्तर 98.98 और 98.78 पर बताया गया है। 14 दिन का एटीआर 0.43 पर है, जो कारोबारियों को यह अंदाज़ा देता है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव में स्टॉप लॉस का दायरा कितना रखा जाए।

## फेड और भू-राजनीतिक तनाव से मिल रहा सहारा
येन की तेजी के बावजूद डॉलर पूरी तरह बेसहारा नहीं है। फेड के आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदें और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव, ऐसे कारक हैं जो आमतौर पर निवेशकों को सुरक्षित ठिकानों की तरफ धकेलते हैं, और डॉलर उन पहली जगहों में से एक है जहां पैसा जाता है। इसी सुरक्षित-निवेश वाली मांग की वजह से इंडेक्स अगस्त के तीन महीने के निचले स्तर से ऊपर बना हुआ है, भले ही येन का कारोबार दूसरी तरफ इसकी बढ़त खा रहा हो। आगे यह सहारा टिकेगा या नहीं, यह पूरी तरह आने वाले आंकड़ों पर निर्भर करेगा, फेड की सख्ती के पुख्ता संकेत या मध्य-पूर्व में किसी नए तनाव से डॉलर खरीदार लौट सकते हैं, जबकि इन दोनों कारकों में नरमी आने पर डॉलर एक बार फिर येन की अगुवाई वाली बिकवाली की चपेट में आ सकता है।

## दूसरे बाजारों पर भी दिख रहा असर
डॉलर की डगमगाहट का असर बाकी बाजारों में भी साफ दिख रहा है। AUD/USD 0.7200 के स्तर के ऊपर पहुंच गया है, जो 14 मई के बाद इसका सबसे अच्छा स्तर है। इसकी वजह वही येन-आधारित डॉलर की कमजोरी है, साथ ही यह उम्मीद भी कि ऑस्ट्रेलिया का केंद्रीय बैंक इसी महीने बाद में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ा सकता है, फिलहाल बाजार की नजर चीन के व्यापार संतुलन के आंकड़ों पर भी है। वहीं USD/JPY जोड़ा छह महीने के निचले स्तर करीब 153.50 पर फिसल गया है, क्योंकि जापान के मजदूरी और वृद्धि दर के आंकड़े बैंक ऑफ जापान की दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को और पुख्ता कर रहे हैं। सोने ने भी डॉलर की इसी नरमी का फायदा उठाते हुए 4,450 डॉलर के स्तर की तरफ वापसी की है, और लगातार दो दिन की गिरावट पर विराम लगाया है, हालांकि फेड की सख्ती की उम्मीदें और अमेरिका-ईरान तनाव सोने की तेजी पर लगाम लगा सकते हैं, क्योंकि निवेशक इस हफ्ते के महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। कमोडिटी बाजार में एक और दिलचस्प हलचल है, अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और इंट्राडे में यह 102.00 डॉलर से थोड़ा ऊपर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जो बताता है कि ईंधन बाजार का मिजाज कच्चे तेल के शांत माहौल से काफी अलग चल रहा है।

## इसका आप पर असर
इस हफ्ते डॉलर की डगमगाहट का असर सिर्फ करेंसी ट्रेडिंग स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इसका असर उन सभी पर पड़ता है जिनका पैसा, बचत या निवेश डॉलर से जुड़ा है।

- **फॉरेक्स कारोबारियों के लिए:** गुरुवार का पीपीआई और शुक्रवार का सीपीआई आने तक डॉलर जोड़ों में तेज उतार-चढ़ाव की उम्मीद रखें। 98.55 से 99.72 का दायरा अगली बड़ी चाल के लिए अहम माना जा रहा है।
- **विदेश पैसा भेजने वालों के लिए:** कमजोर डॉलर की वजह से फिलहाल दूसरी करेंसी को डॉलर में बदलना थोड़ा सस्ता है, इसलिए इस हफ्ते पैसा भेजने की योजना बना रहे लोग पहले गुरुवार और शुक्रवार के महंगाई आंकड़ों पर नजर रख सकते हैं।
- **सोने में निवेश करने वालों के लिए:** डॉलर की नरमी के चलते सोना 4,450 डॉलर की तरफ लौटा है, लेकिन फेड की सख्ती की उम्मीदें और अमेरिका-ईरान तनाव आगे की तेजी पर लगाम लगा सकते हैं।
- **ईंधन और लॉजिस्टिक्स कारोबार के लिए:** अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, यानी कच्चे तेल के शांत रहने के बावजूद डीजल की लागत तेजी से बढ़ रही है, इस पर नजर रखना जरूरी है।
- **ब्याज दर से जुड़े निवेश रखने वालों के लिए:** इस हफ्ते के महंगाई आंकड़े फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को तय करेंगे, जिसका सीधा असर बॉन्ड और ब्याज दर से जुड़े शेयरों पर पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
डॉलर इंडेक्स की मौजूदा गिरावट किसी एक बड़ी घटना का नतीजा नहीं है, बल्कि जापान से आए मजबूत आंकड़ों और फेड की आगे की राह को लेकर बने असमंजस का मिला-जुला असर है।

- **जापानी येन की तेजी:** जापान में मजदूरी वृद्धि उम्मीद से बेहतर रही और दूसरी तिमाही की जीडीपी में संशोधन के बाद बढ़ोतरी दिखी, जिससे बैंक ऑफ जापान की दर बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत हुईं और येन में खरीदारी बढ़ी।
- **पिछले हफ्ते की बढ़त की भरपाई:** डॉलर इंडेक्स पिछले बुधवार को करीब तीन हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, मौजूदा गिरावट काफी हद तक उसी बढ़त का उलटाव मानी जा रही है।
- **रोजगार आंकड़ों का मिलाजुला असर:** ओसीबीसी ने कहा कि पिछले हफ्ते के मजबूत अमेरिकी पेरोल आंकड़े फेड की सख्ती की गुंजाइश तो बनाए रखते हैं, लेकिन अकेले डॉलर में लगातार तेजी लाने के लिए काफी नहीं हैं, क्योंकि मजदूरी में दबाव अब भी सीमित है।
- **महंगाई आंकड़ों का इंतजार:** गुरुवार के पीपीआई और शुक्रवार के सीपीआई आने तक बाजार फेड के सितंबर के फैसले पर कोई पक्का रुख अपनाने से बच रहा है।
- **भू-राजनीतिक तनाव से सुरक्षित-निवेश मांग:** अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव डॉलर को कुछ सहारा दे रहा है, भले ही येन की तेजी उस सहारे को कमजोर कर रही हो।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अभी किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
यह लगातार दूसरे सत्र में फिसला है और दो हफ्तों के निचले स्तर के करीब है, कहानी के सत्र में यह करीब 98.80 पर था जबकि ताज़ा लाइव कीमत में यह 99.18 पर है।

### 2. डॉलर पर दबाव क्यों बना हुआ है?
जापानी येन में तेज उछाल, जो जापान के मजबूत मजदूरी आंकड़ों और दूसरी तिमाही की जीडीपी में संशोधन के बाद बढ़ोतरी के चलते बैंक ऑफ जापान की दर बढ़ोतरी की उम्मीदों से जुड़ा है, डॉलर पर दबाव बना रहा है।

### 3. इस हफ्ते कौन से आंकड़े डॉलर को हिला सकते हैं?
गुरुवार को अमेरिकी पीपीआई और शुक्रवार को सीपीआई आंकड़े जारी होंगे, जिन्हें फेड की अगली नीति दिशा के संकेत के तौर पर देखा जाएगा।

### 4. ओसीबीसी ने रोजगार आंकड़ों पर क्या कहा?
ओसीबीसी ने कहा कि मजबूत पेरोल आंकड़े डॉलर के लिए हल्का सहारा हैं, लेकिन अकेले इतना काफी नहीं कि डॉलर में लगातार तेजी आए, क्योंकि मजदूरी में दबाव अब भी सीमित है।

### 5. डॉलर इंडेक्स के लिए अहम प्रतिरोध और सहारे के स्तर क्या हैं?
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के मुताबिक प्रतिरोध 99.23, 99.52, 99.72, 100.20 और 100.80 पर है, जबकि सहारा 98.55 पर और उससे नीचे मजबूत आधार करीब 97.67 पर है।

### 6. दूसरे बाजारों पर क्या असर दिख रहा है?
AUD/USD 0.7200 के ऊपर पहुंच गया है, USD/JPY छह महीने के निचले स्तर करीब 153.50 पर है, सोना 4,450 डॉलर की तरफ लौटा है, और अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

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