अमेरिकी नौकरी आंकड़ों और तेल की कीमतों ने थाई बात की तेजी पर लगाया ब्रेक, ओसीबीसी की चेतावनी ओसीबीसी के करेंसी विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत डॉलर, बढ़ती ट्रेजरी यील्ड, सोने में गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी तेल की कीमतों के चलते थाई बात की हालिया तेजी थमने के आसार हैं, USD/THB हाल में 32.94 पर बंद हुआ और मोमेंटम कमजोर पड़ रहा है। थाई बात के हालिया मजबूत प्रदर्शन को अब झटका लग सकता है। ओसीबीसी बैंक के करेंसी रणनीतिकारों का कहना है कि जिन वजहों से बात हाल में मजबूत हुआ था, वे अब कमजोर पड़ने लगी हैं और आने वाले दिनों में करेंसी में कुछ ठहराव देखने को मिल सकता है। ओसीबीसी की राय ओसीबीसी के नोट के मुताबिक बात की हालिया तेजी को अब ज्यादा प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वैश्विक हालात पहले जितने अनुकूल नहीं रह गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में बात एशिया की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली करेंसी में गिना जा रहा था, इसके पीछे अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी और सोने की मजबूत कीमतें बड़ी वजह थीं। मजबूत अमेरिकी डॉलर ने बदला समीकरण शुक्रवार को आए अमेरिका के नॉन फार्म पेरोल्स आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे। इसका सीधा असर अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड और डॉलर पर पड़ा, दोनों में मजबूती आई। आमतौर पर जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो थाई बात जैसी उभरती एशियाई करेंसी पर दबाव बढ़ जाता है। डॉलर की मजबूती का असर सोने पर भी पड़ा और इसकी कीमतें नीचे आईं। चूंकि थाईलैंड सोने के बड़े कारोबारी केंद्रों में गिना जाता है और बात की चाल काफी हद तक सोने से जुड़ी रहती है, इसलिए सोने में आई गिरावट ने भी करेंसी को मिल रहे सहारे को कमजोर कर दिया। तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान तनाव ओसीबीसी ने दूसरी बड़ी वजह के तौर पर कच्चे तेल की कीमतों को गिनाया है। सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनाव बढ़ने से आगे ऊर्जा कीमतों में तेजी का खतरा और बढ़ गया है। बैंक ने कहा, "एक शुद्ध ऊर्जा आयातक होने के नाते, तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो थाई बात अपेक्षाकृत ज्यादा असुरक्षित बना रहेगा।" थाईलैंड अपनी जरूरत का ज्यादातर ऊर्जा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से उसका आयात बिल बढ़ता है और इसका सीधा दबाव करेंसी पर पड़ता है। यानी यह खतरा सिर्फ अनुमान नहीं बल्कि सीधे देश के व्यापार घाटे से जुड़ा है। बंद होने से पहले ही धीमी पड़ने लगी थी रफ्तार सप्ताहांत की घटनाओं से पहले ही तकनीकी तस्वीर कमजोर पड़नी शुरू हो गई थी। ओसीबीसी ने बताया कि USD/THB हाल में 32.94 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि डेली चार्ट पर पहले दिख रही हल्की तेजी की रफ्तार अब कमजोर पड़ने के संकेत दे रही है और RSI भी नीचे आया है। ये दोनों संकेत आमतौर पर बताते हैं कि छोटी अवधि का ट्रेंड दम तोड़ रहा है, भले ही अभी उलटफेर की पुष्टि न हुई हो। अभी कहां खड़ा है USD/THB लाइव आंकड़ों के मुताबिक USD/THB इस समय 32.85 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 32.92 से 0.21% नीचे है। यह करेंसी अभी भी अपने 52 हफ्ते के 30.82 से 33.86 के दायरे में ही बनी हुई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिन के औसत के करीब यानी 1.00 गुना पर चल रहा है, जिससे साफ है कि अभी किसी भी दिशा में असामान्य हलचल नहीं दिख रही। 14 दिन का RSI इस समय 44 पर है, जो मध्य स्तर से नीचे और तटस्थ माना जाता है, यह ओसीबीसी की इस बात से मेल खाता है कि मोमेंटम ठंडा पड़ रहा है। MACD लाइन -0.06 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.08 पर, यानी हिस्टोग्राम 0.02 का है जो हल्के तेजी वाले क्रॉसओवर का संकेत देता है, जिसे कई ट्रेडर पुष्टि के लिए करीब से देखेंगे। मूविंग एवरेज की तस्वीर मिली-जुली है। 20 दिन का EMA 33.00 पर, 50 दिन का EMA 33.05 पर और 200 दिन का EMA 32.55 पर है, यहां 50 दिन का EMA 200 दिन के EMA से ऊपर है, जिसे गोल्डन क्रॉस कहा जाता है और यह लंबी अवधि में तेजी का संकेत माना जाता है। 50 दिन और 200 दिन का सिंपल मूविंग एवरेज क्रमशः 33.23 और 32.31 पर है। बोलिंजर बैंड की निचली सीमा 32.58 और ऊपरी सीमा 33.34 है, जबकि मध्य रेखा 32.96 पर है, और करेंसी फिलहाल इसी बैंड के भीतर कारोबार कर रही है। ADX का स्तर 20 होना बताता है कि ट्रेंड कमजोर है यानी करेंसी किसी खास दिशा में मजबूती से नहीं बढ़ रही। स्टोकास्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 34 पर है जबकि सिग्नल लाइन 39 पर, और ATR यानी औसत दैनिक उतार-चढ़ाव 0.23 पर है। किन स्तरों पर नजर रखनी होगी चार्ट पर 20 दिन के दायरे के हिसाब से नजदीकी सपोर्ट करीब 32.57 पर है जबकि रजिस्टेंस करीब 33.38 पर। पिवट पॉइंट 32.84 पर आंका गया है, वहीं रजिस्टेंस स्तर R1 और R2 दोनों करीब 32.86 पर हैं और सपोर्ट स्तर S1 32.84 पर और S2 32.82 पर है, यानी फिलहाल कारोबार का दायरा काफी संकरा बना हुआ है। 52 हफ्ते के 30.82 से 33.86 के बड़े दायरे में करेंसी के पास दोनों तरफ बढ़ने की गुंजाइश जरूर है, लेकिन इन नजदीकी स्तरों के सिमटने से लगता है कि ट्रेडर तेल की कीमतों, अमेरिकी आंकड़ों या अमेरिका-ईरान हालात से जुड़े किसी नए ट्रिगर का इंतजार कर रहे हैं। आगे क्या हो सकता है कुल मिलाकर ओसीबीसी के नोट से संकेत मिलता है कि अगर तेल की कीमतें बढ़ती रहीं और डॉलर अपनी हालिया मजबूती बनाए रखता है, तो USD/THB के लिए आसान रास्ता ऊपर की तरफ ही दिख सकता है, भले ही करेंसी अभी एक तय दायरे में ही सीमित हो। अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ने या अमेरिका से फिर मजबूत आर्थिक आंकड़े आने से डॉलर और तेल दोनों को सहारा मिल सकता है, जिससे बात पर दबाव और बढ़ सकता है। वहीं अगर शुक्रवार वाली डॉलर की मजबूती ज्यादा टिकाऊ साबित नहीं हुई, तो बात संभल भी सकता है, लेकिन ओसीबीसी की तरफ से बताई गई कमजोर पड़ती तेजी और गिरता RSI यही बताते हैं कि करेंसी की अगली चाल हाल के हफ्तों जैसी सीधी तेजी वाली नहीं, बल्कि दोतरफा हो सकती है। इसका आप पर असर जिनका पैसा किसी न किसी रूप में थाई बात से जुड़ा है, चाहे यात्रा के लिए हो, कारोबार के लिए हो या ट्रेडिंग के लिए, उनके लिए अब USD/THB की दिशा तेल की कीमतों और डॉलर की मजबूती पर टिकी है, न कि बात की सीधी तेजी पर। • थाईलैंड जाने वाले यात्री: अगर बात की तेजी थमती है तो डॉलर रखने वालों के लिए करेंसी आने वाले हफ्तों में खास सस्ती नहीं होगी। बड़ी रकम बदलवाने से पहले USD/THB के 32.85 से 33.38 के दायरे पर नजर रखना फायदेमंद रहेगा। • आयातक और निर्यातक: थाईलैंड में ऊर्जा आयात करने वाली कंपनियों का आयात बिल तेल महंगा होने पर बढ़ सकता है, जिससे मुनाफे पर असर पड़ सकता है। वहीं निर्यातकों को बात कमजोर होने पर कुछ राहत मिल सकती है। • करेंसी ट्रेडर: RSI के 44 पर रहने और करेंसी के 32.57 से 33.38 के तंग दायरे में रहने से छोटी अवधि के ट्रेडरों को तेल या अमेरिकी आंकड़ों से नया संकेत मिलने तक साफ ब्रेकआउट के मौके कम मिल सकते हैं। • सोने में निवेश करने वाले: चूंकि बात और सोने की चाल आपस में जुड़ी रहती है, सोने में नरमी जारी रहने से करेंसी पर दबाव और बढ़ सकता है, जो जुड़े एसेट्स पर नजर रखने वालों के लिए अहम है। ऐसा क्यों हुआ थाई बात पर बना दबाव पिछले कुछ दिनों की दो अलग-अलग घटनाओं से जुड़ा है, अमेरिका के उम्मीद से बेहतर नौकरी आंकड़े और अमेरिका-ईरान के बीच नए सिरे से बढ़ा तनाव। दोनों घटनाओं का असर एक ही दिशा में गया, डॉलर और तेल की कीमतें मजबूत हुईं और इसका खामियाजा बात को भुगतना पड़ा। • अमेरिका के मजबूत पेरोल्स आंकड़े: शुक्रवार को आए नॉन फार्म पेरोल्स आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर दोनों मजबूत हुए। मजबूत डॉलर आमतौर पर बात जैसी उभरती एशियाई करेंसी पर दबाव डालता है। • सोने में नरमी: डॉलर मजबूत होने से सोने की कीमतों पर भी असर पड़ा। चूंकि बात की चाल सोने से मिलती रही है, सोने में आई गिरावट ने करेंसी को मिल रहे सहारे को और कमजोर कर दिया। • अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया, जिससे आने वाले समय में तेल की कीमतें और ऊंची जाने का खतरा बढ़ गया है। • थाईलैंड का ऊर्जा आयात बिल: थाईलैंड अपनी जरूरत का ज्यादातर ऊर्जा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा बने रहने पर उसकी करेंसी पर सीधा असर पड़ता है क्योंकि आयात बिल बढ़ जाता है। सवाल-जवाब 1. ओसीबीसी थाई बात को लेकर क्या कह रहा है? ओसीबीसी का कहना है कि बाहरी माहौल कम अनुकूल होने से बात की हालिया तेजी में कुछ ठहराव आ सकता है। 2. अमेरिकी डॉलर अचानक मजबूत क्यों हुआ? शुक्रवार को आए अमेरिका के मजबूत नॉन फार्म पेरोल्स आंकड़ों ने ट्रेजरी यील्ड और डॉलर दोनों को ऊपर पहुंचा दिया। 3. तेल की कीमतों का थाई बात पर क्या असर पड़ता है? थाईलैंड ज्यादातर ऊर्जा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ता है और करेंसी पर दबाव आता है। 4. USD/THB अभी किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? लाइव आंकड़ों के मुताबिक USD/THB 32.85 पर है, जो पिछले बंद स्तर 32.92 से 0.21% नीचे है। 5. RSI और MACD USD/THB के बारे में क्या संकेत दे रहे हैं? 14 दिन का RSI 44 पर है यानी तटस्थ स्तर पर, जबकि MACD -0.06 पर है जो सिग्नल लाइन -0.08 के मुकाबले हल्के तेजी वाले क्रॉसओवर का संकेत देता है। 6. किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए? नजदीकी सपोर्ट करीब 32.57 पर और रजिस्टेंस करीब 33.38 पर है, वहीं पिवट पॉइंट 32.84 पर आंका गया है। https://trendkia.com/market/ameriki-naukari-ankaron-aura-tela-ki-kimaton-ne-thai-baht-ki-teji-para-lagaya-breka-ocbc-ki-chetavani-29303 TrendKia — Har trend, sabse pehle.