# अमेरिकी नौकरियों के अहम आंकड़ों से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, डॉलर इंडेक्स फिसला

> अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट जारी होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में बढ़त देखी गई, जबकि डॉलर इंडेक्स 102.00 के करीब आ गया। वैश्विक मुद्रा बाजार में निवेशक 90 हजार नई नौकरियों के अनुमान और ब्याज दरों के भविष्य पर नजर बनाए हुए हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-naukariyon-ke-ahama-ankaron-se-pahale-australian-dollar-men-majabuti-us-dollar-index-phisala-41938 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर, नॉनफार्म पेरोल्स, फेडरल रिजर्व, मुद्रा बाजार, सोना भाव, क्रिप्टोकरेंसी, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट आने से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती देखने को मिली। निवेशक और ट्रेडर्स अमेरिकी लेबर स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो द्वारा 12:30 GMT पर जारी किए जाने वाले सितंबर के नॉनफार्म पेरोल्स आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट से ठीक पहले अमेरिकी डॉलर पर मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है, जिसका सीधा फायदा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मिलता दिखा। यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 0.6640 अमेरिकी डॉलर के स्तर पर देखा गया, जबकि एशियाई सत्र में यह सुधरकर 0.6950 की ओर बढ़ा था। बाजार में इस बात पर भी चर्चा तेज है कि ऑस्ट्रेलिया का केंद्रीय बैंक यानी रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाएगा या नीति को यथावत रखेगा।

## मुद्रा बाजार का मिजाज और विभिन्न मुद्राओं में प्रदर्शन
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा का प्रदर्शन विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले काफी बेहतर दर्ज किया गया। करेंसी हीट मैप के आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर आज सूचीबद्ध प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में नजर आया, जहां इसने कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती हासिल की। दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की एक बास्केट के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य का आकलन करता है, मामूली गिरावट के साथ 102.00 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। डॉलर 17 महीने के अपने उच्चतम स्तर से पीछे हटा है क्योंकि ट्रेडर्स महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक रिपोर्ट से पहले अपनी पोजीशन हल्की कर रहे हैं।

## दैनिक चार्ट पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तकनीकी स्थिति
दैनिक मूल्य चार्ट पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.6937 पर ट्रेड करती नजर आई, जहां इसका निकट अवधि का रुख मंदी की ओर बना हुआ है। तकनीकी रूप से यह जोड़ी 0.7050 पर स्थित अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे टिकी हुई है। हालांकि हालिया उच्च स्तरों से तेज गिरावट के बाद 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 27 के स्तर के साथ ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुका है, लेकिन यह केवल गिरावट की अत्यधिक स्थिति को दर्शाता है और किसी स्पष्ट रिवर्सल का संकेत नहीं देता। जब तक कीमतें ऊपर स्थित 20-दिवसीय ईएमए को पार नहीं करतीं, तब तक मंदी का दबाव बना रहेगा।

लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, इस करेंसी पेयर में 0.6944 के स्तर पर ट्रेडिंग देखी गई, जो पिछले बंद स्तर 0.6946 से 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है और वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 26 पर ओवरसोल्ड दर्शा रहा है, जबकि एमएसीडी मंदी का रुख दिखा रहा है। मूविंग एवरेज पर नजर डालें तो 20-दिवसीय ईएमए 0.7061, 50-दिवसीय ईएमए 0.7079 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6966 पर स्थित है। 50-दिवसीय एसएमए 0.7092 और 200-दिवसीय एसएमए 0.7029 पर है। बोलिंजर बैंड 0.6922 से 0.7272 के बीच फैला हुआ है और कीमतें इसके भीतर हैं। एडीएक्स संकेतक 37 पर ट्रेंडिंग बाजार की ओर इशारा करता है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 17 और सिग्नल लाइन 16 पर है। ट्रेडर्स के लिए पिवट पॉइंट 0.6936 पर स्थित है, जिसमें पहला रेजिस्टेंस 0.6956 और दूसरा रेजिस्टेंस 0.6968 पर है, वहीं पहला सपोर्ट 0.6925 और दूसरा सपोर्ट 0.6905 पर आंका गया है।

## अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट और नॉनफार्म पेरोल्स का महत्व
नॉनफार्म पेरोल्स अमेरिकी श्रम विभाग के मासिक रोजगार विवरण का सबसे प्रमुख हिस्सा है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर यह मापता है कि पिछले महीने के दौरान कृषि क्षेत्र को छोड़कर अमेरिका में कितने नए लोगों को रोजगार मिला। इस रिपोर्ट का अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसलों पर गहरा प्रभाव पड़ता है क्योंकि केंद्रीय बैंक को पूर्ण रोजगार सुनिश्चित करने और मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर बनाए रखने का दोहरा जनादेश प्राप्त है। जब नॉनफार्म पेरोल्स का आंकड़ा ऊंचा आता है, तो इसका अर्थ होता है कि अधिक लोगों के पास काम है, जिससे उनकी आय बढ़ती है और वे अर्थव्यवस्था में अधिक खर्च करते हैं। इसके विपरीत, रोजगार के कमजोर आंकड़े यह दर्शाते हैं कि कामगारों को नौकरी ढूंढने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फेडरल रिजर्व आम तौर पर मजबूत रोजगार से पैदा होने वाली महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है, जबकि सुस्त श्रम बाजार को गति देने के लिए दरों में कटौती करता है।

## डॉलर और सोने पर रोजगार के आंकड़ों का सीधा प्रभाव
नॉनफार्म पेरोल्स और अमेरिकी डॉलर के बीच आमतौर पर सकारात्मक संबंध देखा जाता है। जब नौकरियों के आंकड़े अनुमान से बेहतर आते हैं, तो अमेरिकी डॉलर में उछाल आता है क्योंकि बाजार यह मानकर चलता है कि फेडरल रिजर्व सख्त मौद्रिक नीति जारी रखेगा या ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखेगा। इसके विपरीत, यदि आंकड़े निराशाजनक रहते हैं तो डॉलर में नरमी आ जाती है। सोने की कीमतों के साथ नॉनफार्म पेरोल्स का आमतौर पर विपरीत संबंध होता है। बेहतर रोजगार आंकड़े सोने पर दबाव डालते हैं क्योंकि डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की खरीदारी महंगी हो जाती है। इसके अतिरिक्त, बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में बिना ब्याज देने वाले सोने के बजाय नकदी या फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश अधिक आकर्षक लगने लगता है। शुक्रवार को सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा क्योंकि ट्रेडर्स रोजगार रिपोर्ट की दिशा देखने का इंतजार कर रहे थे।

## मजदूरी वृद्धि और रिपोर्ट के अन्य महत्वपूर्ण घटक
रोजगार रिपोर्ट में केवल कुल नौकरियों की संख्या ही सब कुछ नहीं होती, बल्कि इसके अन्य घटक भी बाजार की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि मुख्य नॉनफार्म पेरोल्स का आंकड़ा उम्मीद से बेहतर आता है, लेकिन यदि औसत साप्ताहिक आय या मजदूरी वृद्धि दर उम्मीद से कमजोर रह जाती है, तो बाजार मुद्रास्फीति के दबाव को नजरअंदाज कर देता है और आय में कमी को डिफ्लेशनरी संकेत मान लेता है। इसके अलावा श्रम बाजार भागीदारी दर और औसत साप्ताहिक कार्य घंटों के आंकड़े भी बाजार की धारणा पर असर डालते हैं, विशेष रूप से बड़े वित्तीय संकट या बड़े पैमाने पर नौकरी छोड़ने के दौर जैसी असाधारण परिस्थितियों में। इस बार सितंबर महीने के लिए अमेरिका में केवल 90 हजार नई नौकरियों के सृजन का अनुमान है, जो अगस्त के 162 हजार के मजबूत आंकड़े से काफी कम है। बेरोजगारी दर के 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि औसत प्रति घंटा कमाई के जरिए मापी जाने वाली मासिक वेतन वृद्धि के 0.3 प्रतिशत पर बने रहने की उम्मीद है।

## अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का ताजा हाल
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी हलचल देखी जा रही है। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 158.00 के करीब नई दिशा तलाशने के लिए जूझ रहा है। टोक्यो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुमान से अधिक गर्म रहने और डॉलर की सामान्य नरमी के चलते यह जोड़ी अपने साप्ताहिक उच्च स्तर से नीचे खिसकी है। वहीं यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर का जोड़ा मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ चुका है। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 तक गिर गई थी और जनवरी के अपने 1.2082 के उच्च स्तर से काफी नीचे ट्रेड कर रही है। यूरो में आई यह भारी गिरावट डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को लेकर यूरोप की चिंताओं का मिला-जुला नतीजा है। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सुधार देखा गया जहां बिटकॉइन 86,000 डॉलर के पार निकल गया। एथेरियम ने 2,700 डॉलर के ऊपर तेजी का रुख बरकरार रखा है, हालांकि 2,800 डॉलर पर रुकावट देखी जा रही है, जबकि रिपल 1.54 डॉलर के करीब बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और मुद्रा बाजार में डॉलर की कमजोरी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और विभिन्न परिसंपत्तियों की कीमतों पर पड़ सकता है।

- **मुद्रा विनिमय दर:** अमेरिकी डॉलर में नरमी से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं को तात्कालिक राहत मिल सकती है। यदि आप विदेश यात्रा या विदेशी मुद्रा में लेनदेन की योजना बना रहे हैं, तो विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी है।
- **सोने की कीमतें:** रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर आने पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने के भाव में तेजी आ सकती है। निवेशक सोने में नई खरीदारी करने से पहले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसलों का इंतजार कर सकते हैं।
- **शेयर और क्रिप्टो बाजार:** नौकरियों की संख्या में नरमी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना को मजबूत कर सकती है। कम ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर इक्विटी और डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए सकारात्मक माना जाता है।
- **विदेशी व्यापार और आयात:** डॉलर की विनिमय दर में बदलाव से आयात-निर्यात करने वाली कंपनियों की लागत और मुनाफे पर प्रभाव पड़ता है। कारोबारी मुद्रा हेजिंग की रणनीतियों के जरिए अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से अपना बचाव कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम इसलिए हुआ क्योंकि वैश्विक निवेशक अमेरिकी श्रम बाजार की वास्तविक मजबूती का आकलन करने के लिए गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट से पहले अपनी पोजीशन सुरक्षित कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों की भविष्य की दिशा पूरी तरह से रोजगार और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करती है।

- **आंकड़ों से पहले मुनाफावसूली:** अमेरिकी डॉलर के हाल ही में 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद ट्रेडर्स ने बड़े आंकड़ों से पहले अपनी पोजीशन काटकर मुनाफा निकालना शुरू किया। इस व्यापक डॉलर बिकवाली ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन जैसी प्रमुख मुद्राओं को संभलने का मौका दिया।
- **रोजगार वृद्धि में सुस्ती की आशंका:** बाजार का अनुमान है कि सितंबर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था केवल 90 हजार नई नौकरियां ही जोड़ पाई है, जो अगस्त के 162 हजार के आंकड़े से बहुत कम है। रोजगार वृद्धि में यह संभावित गिरावट अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार और फेड द्वारा दरों में नरमी की उम्मीदों को जन्म दे रही है।
- **मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक नीतियां:** जापान में मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों और ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरों के भविष्य को लेकर जारी अटकलों ने भी डॉलर के दबदबे को चुनौती दी। केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों के आधार पर वैश्विक पूंजी का प्रवाह लगातार पुनर्संतुलित हो रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट कब जारी होने वाली है?
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा सितंबर की नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट शुक्रवार को 12:30 GMT पर जारी की जाएगी।

### 2. सितंबर महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कितनी नई नौकरियों का अनुमान है?
बाजार के जानकारों का अनुमान है कि सितंबर में लगभग 90 हजार नई नौकरियां जुड़ी हैं, जो अगस्त के 162 हजार से कम है।

### 3. रिपोर्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का क्या स्तर था?
यूरोपीय सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.17 प्रतिशत बढ़कर 0.6640 अमेरिकी डॉलर पर था, जबकि एशियाई सत्र में यह 0.6950 की ओर सुधरा था।

### 4. नॉनफार्म पेरोल्स का अमेरिकी डॉलर और सोने पर क्या असर पड़ता है?
मजबूत रोजगार आंकड़े आम तौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूत करते हैं, जबकि सोने की कीमतों पर दबाव डालते हैं।

### 5. सितंबर के लिए अमेरिकी बेरोजगारी दर का क्या अनुमान है?
सितंबर महीने में अमेरिकी बेरोजगारी दर के 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._