अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में ठहराव, प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चाल पर टिकी निगाहें शुक्रवार 2 अक्टूबर को नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट जारी होने से पूर्व अमेरिकी डॉलर अपने साप्ताहिक लाभ को संभालते हुए एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को निवेशकों की गतिविधियां काफी सतर्क नजर आ रही हैं। अमेरिकी श्रम विभाग के नॉनफार्म पेरोल आंकड़े घोषित होने से ठीक पहले वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर अपने हालिया साप्ताहिक बढ़त को समेटता हुआ एक सीमित दायरे में टिका हुआ है। विदेशी मुद्रा बाजार में इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर ने यूरो के सामने सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के बीच विनिमय दर में आने वाले बदलावों की गणना दोनों देशों की मुद्राओं के आपसी अनुपात के आधार पर की जाती है, जिसमें आधार मुद्रा और मूल्य मुद्रा के उतार-चढ़ाव से संपूर्ण तस्वीर स्पष्ट होती है। रोजगार आंकड़ों के जारी होने से पूर्व प्रमुख कारोबारी अपने जोखिम को सीमित करने के लिए नए सौदों से बचते दिखाई दे रहे हैं। सितंबर रोजगार आंकड़ों को लेकर टीडी सिक्योरिटीज का परिदृश्य वित्तीय संस्थान टीडी सिक्योरिटीज के ताजा विश्लेषण के अनुसार, सितंबर महीने में अमेरिकी श्रम बाजार में नियुक्ति प्रक्रिया की गति सुस्त रहने का अनुमान जताया गया है। टीडी सिक्योरिटीज ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि सितंबर महीने में नॉनफार्म पेरोल घटकर 50,000 के आसपास रह सकता है, जबकि बेरोजगारी दर बढ़कर 4.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। संस्थान का मानना है कि श्रम बाजार में नौकरियों की यह सुस्ती स्वास्थ्य सेवा और अवकाश एवं आतिथ्य सत्कार क्षेत्रों के अलावा अन्य कारोबारी क्षेत्रों में अधिक केंद्रित रहेगी। वहीं दूसरी ओर, सरकारी नौकरियों का स्तर सपाट बना रहेगा, क्योंकि स्थानीय स्तर पर नियुक्तियों में होने वाले बदलाव इसका भार बढ़ाएंगे। टीडी सिक्योरिटीज ने यह भी इंगित किया है कि श्रम बाजार भागीदारी बढ़ने के साथ बेरोजगारी दर का 4.2 प्रतिशत तक पहुंचना संभव है, जबकि औसत प्रति घंटा कमाई मासिक आधार पर 0.1 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 3.0 प्रतिशत के दायरे में सीमित रह सकती है। हालांकि, वित्तीय संस्थान ने जोर देकर कहा है कि वह मौसमी कारकों और भागीदारी में वृद्धि के कारण रिपोर्ट में दिखाई देने वाले नरम रुख को नजरअंदाज करेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि वेतन और रोजगार के ये सामान्य दिखने वाले आंकड़े श्रम बाजार की वास्तविक सुस्ती को थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर भी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा आम बाजार अनुमान यह भी बता रहे हैं कि सितंबर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था केवल 90,000 नई नौकरियां जोड़ पाई है, जो पिछले महीने दर्ज 162,000 के आंकड़े से काफी कम है। प्रमुख वैश्विक मुद्रा जोड़ियों की स्थिति और डॉलर की चाल जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) ने गुरुवार को करीब 0.5 प्रतिशत की मजबूत छलांग लगाई थी, लेकिन शुक्रवार को यह मजबूती कुछ थमी और विनिमय दर 158.00 के नीचे फिसल गई। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान जापान की राजधानी टोक्यो के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े सामने आए, जिसने बाजार का ध्यान खींचा। टोक्यो सीपीआई वार्षिक आधार पर 2.7 प्रतिशत बढ़ा, जो बाजार के 1.9 प्रतिशत के अनुमान से काफी ज्यादा निकला। इस आंकड़े के बाद डॉलर सूचकांक में आई सामान्य नरमी और व्यापारियों द्वारा स्थिति की समीक्षा किए जाने से USD/JPY 158.00 के आसपास संघर्ष करता दिखाई दिया। ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले डॉलर (GBP/USD) में गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई थी, जब यह देर जून के बाद से अपने सबसे निचले स्तर 1.3200 से भी नीचे फिसल गया था। हालांकि शुक्रवार की सुबह यूरोपीय सत्र में इस जोड़ी ने कुछ संभलने के संकेत दिए और 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.3210 के ठीक ऊपर कारोबार किया। इसी प्रकार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र में पलटवार करते हुए 0.6950 की ओर बढ़ा। 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी डॉलर में आई मुनाफावसूली ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दिया। वैश्विक बॉन्ड यील्ड और महंगाई के बढ़ते जोखिमों के बीच ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की नई उम्मीदों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का हौसला बढ़ाया है। नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट की कार्यप्रणाली और फेडरल रिजर्व की भूमिका नॉनफार्म पेरोल दरअसल अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा प्रत्येक महीने प्रस्तुत की जाने वाली श्रम बाजार रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह विशेष घटक कृषि उद्योग को छोड़कर शेष सभी क्षेत्रों में पिछले महीने के दौरान रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या में आए शुद्ध बदलाव को मापता है। इस आंकड़े का सीधा असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति निर्णयों पर पड़ता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक को पूर्ण रोजगार सुनिश्चित करने और महंगाई दर को 2 प्रतिशत के लक्ष्य के भीतर रखने का दायित्व सौंपा गया है। जब नॉनफार्म पेरोल का आंकड़ा ऊंचा रहता है, तो इसका अर्थ होता है कि अधिक लोगों के पास रोजगार है, उनकी आमदनी बढ़ रही है और वे बाजार में खर्च भी अधिक कर रहे हैं। इसके विपरीत, जब यह परिणाम कम आता है, तो यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में लोगों को नौकरियां ढूंढने में कठिनाई हो रही है। कम बेरोजगारी से जब महंगाई दर बढ़ती है, तब फेडरल रिजर्व आमतौर पर ब्याज दरों में वृद्धि करता है, जबकि रोजगार बाजार में ठहराव या सुस्ती आने पर वह आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करता है। अमेरिकी डॉलर, सोने की कीमतों और आय आंकड़ों पर असर विदेशी मुद्रा बाजार में नॉनफार्म पेरोल और अमेरिकी डॉलर के बीच आम तौर पर सीधा सकारात्मक संबंध पाया जाता है। जब रोजगार के आंकड़े बाजार के अनुमानों से बेहतर आते हैं, तो अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की जाती है, और इसके विपरीत आंकड़े कमजोर होने पर डॉलर में गिरावट आती है। यह सीधा संबंध इसलिए बनता है क्योंकि रोजगार के मजबूत आंकड़े फेडरल रिजर्व द्वारा कड़ी मौद्रिक नीति अपनाने की संभावना को मजबूत करते हैं। दूसरी ओर, सोने की कीमतों के साथ नॉनफार्म पेरोल का नकारात्मक संबंध रहता है। यदि नौकरियां अनुमान से अधिक बढ़ती हैं, तो सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत अमेरिकी डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर एक औंस सोना खरीदने के लिए कम डॉलर की आवश्यकता होती है। साथ ही ऊंची ब्याज दरें नकदी में निवेश को अधिक आकर्षक बना देती हैं, जिससे ब्याज न देने वाले सोने में निवेश का आकर्षण कम हो जाता है। शुक्रवार को सोना अपने एशियाई सत्र की गिरावट से उबरकर 4,200 डॉलर के स्तर के करीब पहुंच गया, लेकिन मजबूत डॉलर के कारण इसमें किसी बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित दिख रही है। नॉनफार्म पेरोल भले ही प्रमुख शीर्षक बने, लेकिन पूरी रिपोर्ट में औसत प्रति घंटा आय, भागीदारी दर और औसत साप्ताहिक घंटे जैसे अन्य आंकड़े भी निर्णायक साबित होते हैं। कई बार जब पेरोल आंकड़े ऊंचे आते हैं लेकिन औसत साप्ताहिक आय अनुमान से कम रहती है, तो बाजार महंगाई की चिंता छोड़कर आय में आई गिरावट को अपस्फीतिकारी मान लेता है। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में उतार-चढ़ाव पारंपरिक मुद्रा बाजारों के साथ-साथ डिजिटल एसेट बाजार में भी अनिश्चितता का माहौल रहा। पाई नेटवर्क की कीमत लगातार अस्थिर बनी रही और गुरुवार को 3 प्रतिशत से अधिक फिसलने के बाद शुक्रवार को यह लगभग 0.0900 डॉलर के पास कारोबार करती नजर आई। चार घंटे के चार्ट पर राइजिंग वेज पैटर्न के टूटने के जोखिम ने एक बड़े सुधार की चेतावनी दी है, क्योंकि पाई नेटवर्क 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे ही दबाव महसूस कर रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पूर्व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पैदा हुई सतर्कता वैश्विक ब्याज दरों और निवेश संपत्तियों को सीधे प्रभावित करती है। • मुद्रा विनिमय पर असर: प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती से आयात लागत और अंतरराष्ट्रीय भुगतानों पर सीधा असर पड़ता है। विदेश यात्रा करने वाले या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने वाले लोगों को विनिमय दरों में आने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी। • सोने के निवेशकों के लिए: सोने की कीमतों का डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों के साथ विपरीत संबंध होता है। यदि अमेरिकी आंकड़े मजबूत आते हैं और ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो सोने की कीमतों में निकट भविष्य में गिरावट या सीमित तेजी देखने को मिल सकती है। • वैश्विक केंद्रीय बैंक और नीतियां: फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों का असर दुनिया भर के वित्तीय तंत्र पर पड़ता है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार घटने या बढ़ने से अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर घटाने या बढ़ाने के फैसलों पर दबाव बनेगा। • डिजिटल परिसंपत्तियों में जोखिम: पाई नेटवर्क जैसी क्रिप्टो संपत्तियों में तकनीकी दबाव और अस्थिरता बनी हुई है। 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे कारोबार करने के कारण खुदरा निवेशकों को सतर्क रहकर पूंजी प्रबंधन करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी श्रम बाजार की रिपोर्ट जारी होने से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में ठहराव आने का मुख्य कारण निवेशकों का संभावित नीतिगत बदलावों को लेकर सतर्क होना है। वित्तीय बाजार इस बात की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार की गति वास्तव में कितनी धीमी हुई है। • नॉनफार्म पेरोल का महत्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति तय करने के लिए रोजगार के नए आंकड़ों पर गहराई से निर्भर करता है। जब तक रोजगार वृद्धि और वेतन वृद्धि के आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आ जाते, तब तक व्यापारी बड़ी पोजीशन लेने से बचते हैं। • संस्थानों का अनुमान और नरमी: टीडी सिक्योरिटीज जैसे प्रमुख संस्थानों ने सितंबर पेरोल घटकर 50,000 रहने और बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान लगाया है। सामान्य बाजार अनुमान भी 90,000 नौकरियों का है, जो पिछले महीने के 162,000 से काफी कम है। • वैश्विक महंगाई और दरों का दबाव: टोक्यो में 2.7 प्रतिशत की ऊंची मुद्रास्फीति और ऑस्ट्रेलिया में संभावित नवंबर ब्याज दर वृद्धि की चर्चाओं ने वैश्विक स्तर पर मुद्राओं के तालमेल को जटिल बना दिया है। • मुनाफावसूली का दौर: 17 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी डॉलर में सामान्य मुनाफावसूली दर्ज की गई है, जिससे मुद्रा जोड़ियों में एक अस्थायी स्थिरता देखने को मिल रही है। सवाल-जवाब 1. नॉनफार्म पेरोल क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? नॉनफार्म पेरोल अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी किया जाने वाला मासिक आंकड़ा है, जो कृषि क्षेत्र को छोड़कर अर्थव्यवस्था में नई नौकरियों की संख्या मापता है। यह फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों को तय करने में अहम भूमिका निभाता है। 2. सितंबर महीने के लिए पेरोल को लेकर क्या अनुमान लगाए गए हैं? टीडी सिक्योरिटीज ने सितंबर पेरोल के 50,000 तक गिरने और बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया है, जबकि बाजार की आम सहमति 90,000 नौकरियों की है। 3. नॉनफार्म पेरोल का अमेरिकी डॉलर और सोने पर क्या प्रभाव पड़ता है? बेहतर रोजगार आंकड़े आम तौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूत करते हैं, जबकि सोने की कीमतों पर दबाव डालते हैं क्योंकि मजबूत डॉलर में सोना खरीदना अधिक महंगा हो जाता है। 4. टोक्यो सीपीआई आंकड़े का जापानी येन पर क्या असर हुआ? टोक्यो में सितंबर सीपीआई बढ़कर 2.7 प्रतिशत रहा जो अनुमानित 1.9 प्रतिशत से काफी अधिक था, जिससे USD/JPY 158.00 के स्तर से नीचे आ गया। 5. पाई नेटवर्क की वर्तमान स्थिति क्या है? पाई नेटवर्क 0.0900 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है और 0.1000 डॉलर के स्तर के नीचे बने रहने के कारण इसमें तकनीकी गिरावट का जोखिम बना हुआ है। https://trendkia.com/market/ameriki-rojagara-ankaron-se-pahale-videshi-mudra-bajara-men-thaharava-pramukha-mudraon-ke-mukabale-usd-ki-chala-para-tiki-nigahen-41781 TrendKia — Har trend, sabse pehle.