अमेरिकी शेयर बाजारों में अस्थिरता के संकेत, ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात पर टिकी नजरें 21 से 25 सितंबर के कारोबारी हफ्ते में अमेरिकी शेयर बाजार में मिलाजुला और हल्का मंदी का रुख देखने को मिल सकता है। ट्रेजरी यील्ड में उछाल, कच्चे तेल की कीमतों और न्यूयॉर्क में होने वाली ट्रंप-शी बैठक पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। अमेरिकी शेयर बाजार 21 से 25 सितंबर के कारोबारी सप्ताह के दौरान काफी उतार-चढ़ाव भरे और हल्के मंदी के रुख के साथ कारोबार कर सकते हैं। वित्तीय बाजारों के विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार तेजी बनी रहती है, तो यह इक्विटी निवेशकों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन सकता है। सप्ताह की शुरुआत में सोमवार के शुरुआती घंटों के दौरान अमेरिकी शेयर सूचकांकों के वायदा कारोबार में मिलाजुला रुख देखा गया। पिछले सप्ताह भारी गिरावट का सामना करने वाले डाउ जोन्स फ्यूचर्स में शुरुआती दबाव देखा गया, जबकि नैस्डैक 100 और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। बाजार के प्रतिभागी न्यूयॉर्क में होने वाली अमेरिकी और चीनी शीर्ष नेताओं की बातचीत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिसका समापन दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच होने वाले एक अहम शिखर सम्मेलन के रूप में होगा। वायदा कारोबार की चाल और प्रमुख सूचकांकों की स्थिति सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को डाउ जोन्स फ्यूचर्स में 195 अंकों अथवा 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 51,612 के आसपास आ गया। इससे ठीक पिछले सप्ताह भी डीजेआईए इंडेक्स में 1,000 से अधिक अंकों का बड़ा क्रैश देखने को मिला था। दूसरी ओर, तकनीकी कंपनियों के प्रभुत्व वाले नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में मजबूती देखी गई और यह 97.75 अंक यानी 0.33 प्रतिशत उछलकर 29,544.50 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह एसएंडपी 500 इंडेक्स फ्यूचर्स भी 3.25 अंकों की मामूली तेजी दर्ज करते हुए 7,643.25 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। सूचकांकों का यह मिलाजुला व्यवहार दिखाता है कि अलग-अलग सेक्टरों पर व्यापक आर्थिक घटनाक्रमों का असर अलग-अलग तरह से पड़ रहा है। ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक तथा भू-राजनीतिक तनाव बाजार का सबसे बड़ा ध्यान न्यूयॉर्क में होने वाली अमेरिका और चीनी नेताओं की कूटनीतिक बातचीत पर है। दोनों देशों के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग 24 सितंबर को आमने-सामने की बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं। इस वार्ता में द्विपक्षीय व्यापार संबंधों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की प्रगति, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला और मध्य पूर्व में जारी व्यवधानों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक ऐसे नाजुक मोड़ पर हो रही है जब सप्ताहांत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे मंजूरी दे दी है। यह कानून रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का मार्ग प्रशस्त करता है। भारत भी रूस से कच्चा तेल आयात करने वाले देशों में शामिल है, हालांकि हाल के दिनों में इसके आयात प्रतिशत में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि वे संभवतः ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक करने के लिए खुले हैं। इस वैश्विक मंच के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति फारस की खाड़ी के अन्य प्रमुख देशों के नेताओं के साथ भी चर्चाएं कर सकते हैं। इन तमाम अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं और कूटनीतिक फैसलों का असर वैश्विक जोखिम धारणा और वॉल स्ट्रीट के सेंटीमेंट पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और पिछले हफ्ते का प्रदर्शन अमेरिकी शेयर बाजार पर हाल ही में लिए गए मौद्रिक नीतिगत फैसलों का गहरा असर बना हुआ है। हालिया सत्रों में 18 सितंबर को डाउ जोन्स 95.40 अंक यानी 0.2 प्रतिशत गिरकर 51,682.64 के स्तर पर बंद हुआ था। इसके विपरीत, नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 104 से अधिक अंकों यानी 0.4 प्रतिशत की तेजी आई और यह 26,522.54 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 इंडेक्स 13 अंक यानी 0.2 प्रतिशत चढ़कर 7,650.50 के स्तर पर टिका। इस उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा वर्ष 2023 के बाद पहली बार की गई 25 बेसिस पॉइंट्स की ब्याज दर वृद्धि रही, जिसके बाद फेडरल फंड्स रेट बढ़कर 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में आ गया है। इसके साथ ही बाजार कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की चाल पर भी सतर्क नजर बनाए हुए है, क्योंकि ये दोनों कारक मुद्रास्फीति के दबाव और सख्त मौद्रिक नीति की संभावना को दर्शाते हैं। यदि 14 सितंबर से 18 सितंबर के पूरे कारोबारी हफ्ते की बात करें, तो डाउ जोन्स में 1,068.24 अंक यानी 2.03 प्रतिशत का भारी नुकसान देखा गया था। डाउ जोन्स के विपरीत, नैस्डैक ने पूरे हफ्ते में 504.04 अंक या 1.94 प्रतिशत की मजबूत साप्ताहिक बढ़त दर्ज की और वह हफ्ते का शीर्ष प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बनकर उभरा। इसी दौरान एसएंडपी 500 इंडेक्स ने भी 39.06 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी दर्ज की थी। कच्चे तेल की नरमी और ट्रेजरी यील्ड में उछाल सोमवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.3 प्रतिशत से अधिक फिसलकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं ब्रेंट क्रूड 2.2 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर लगभग 101.6 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया। ऊर्जा की कीमतों में आई यह राहत मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिहाज से सकारात्मक मानी जा रही है। हालांकि, बॉन्ड बाजार से मिलने वाले संकेत इक्विटी निवेशकों को असहज कर रहे हैं। अमेरिका की 10-वर्षीय बेंचमार्क ट्रेजरी यील्ड 7 बेसिस पॉइंट्स चढ़कर एक बार फिर 5 प्रतिशत के अहम स्तर को छू गई है। फेडरल रिजर्व के आक्रामक और सख्त रुख के चलते ट्रेजरी यील्ड में यह तेजी देखने को मिली है। विश्लेषक पीटरसन का आकलन है कि सितंबर का दूसरा पखवाड़ा ऐतिहासिक रूप से शेयर बाजारों के लिए सबसे कमजोर प्रदर्शन वाला समय रहा है, जिससे मौसमी रुझान मंदड़ियों के पक्ष में झुकते हैं। पीटरसन के अनुसार, यदि 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड लगातार 5 प्रतिशत से ऊपर बनी रहती है तो यह भारी चिंता का विषय होगा, लेकिन 5 प्रतिशत के आसपास खरीदारों का लौटना एक संतुलित संकेत भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कच्चे तेल की घटती कीमतें और घटती बॉन्ड यील्ड ही बाजार को इस हफ्ते बढ़त दिलाने की क्षमता रखती हैं। सप्ताह भर का आर्थिक कैलेंडर और प्रमुख कंपनियों के नतीजे चालू कारोबारी हफ्ते में मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों और बड़ी कंपनियों की कमाई के लिहाज से कैलेंडर अपेक्षाकृत हल्का है। सोमवार को कोई बड़ा आर्थिक डेटा जारी नहीं होना है, हालांकि कॉर्पोरेट मोर्चे पर एनाप्टिसबायो इंक और एनिस इंक अपने तिमाही वित्तीय नतीजे घोषित करेंगी। मंगलवार को भी कोई प्रमुख आर्थिक रिपोर्ट निर्धारित नहीं है, लेकिन ऑटोपार्ट्स और हाउसिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनियां जैसे ऑटोज़ोन इंक, केबी होम, थॉर इंडस्ट्रीज इंक और वर्थिंगटन एंटरप्राइजेज इंक अपने तिमाही परिणाम पेश करेंगी। बुधवार का दिन बाजार के लिए काफी व्यस्त रहने की उम्मीद है। इस दिन ईआईए क्रूड ऑयल इन्वेंटरी, एमबीए मॉर्गेज एप्लीकेशंस इंडेक्स, एसएंडपी ग्लोबल यूएस मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और एसएंडपी ग्लोबल यूएस सर्विसेज पीएमआई के महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आएंगे। इसके साथ ही कॉर्पोरेट नतीजों में सिंटास कॉरपोरेशन, क्रैकर बैरल ओल्ड कंट्री स्टोर इंक, जनरल मिल्स इंक, एचबी फुलर कंपनी और पेचेक्स इंक के वित्तीय परिणाम निवेशकों के फोकस में रहेंगे। गुरुवार को ट्रंप और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक के अलावा कई अहम आर्थिक आंकड़े आने हैं। इनमें निरंतर बेरोजगारी दावे, चालू खाता शेष, ईआईए प्राकृतिक गैस इन्वेंटरी, प्रारंभिक बेरोजगारी दावे और नए घरों की बिक्री के आंकड़े शामिल हैं। वहीं कॉर्पोरेट जगत में ब्लैकबेरी लिमिटेड, कॉस्टको होलसेल कॉरपोरेशन, डार्डन रेस्टोरेंट्स इंक, टीडी सिनेक्स कॉरपोरेशन और यूरेनियम एनर्जी कॉरपोरेशन अपने नतीजे पेश करेंगी। सप्ताह के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को किसी बड़ी कंपनी के परिणाम तो नहीं हैं, लेकिन टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े जारी होंगे, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता धारणा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे। इसका आप पर असर अमेरिकी ब्याज दरों और ट्रेजरी यील्ड में उछाल से वैश्विक बाजारों में पूंजी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे भारतीय शेयर बाजार और घरेलू ब्याज दरों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। • भारतीय निवेशकों पर: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 प्रतिशत पर पहुंचने से विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकाल सकते हैं। इससे घरेलू शेयर बाजार में अल्पावधि के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। • कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल पर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड गिरकर 101.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अगर कच्चे तेल में गिरावट जारी रहती है तो घरेलू स्तर पर ईंधन की महंगाई दर को थामने में मदद मिलेगी। • टैरिफ और व्यापार नीति पर: अमेरिका द्वारा रूसी तेल खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाले कानून से भारतीय ऊर्जा आयात नीतियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि भारत ने हाल के महीनों में रूसी कच्चे तेल की खरीद में पहले ही कमी की है। • वैश्विक व्यापार और बाजार धारणा पर: 24 सितंबर को होने वाली ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत से वैश्विक सप्लाई चेन और सेमीकंडक्टर व्यापार को नई दिशा मिल सकती है। निवेशकों को इस शिखर वार्ता के निष्कर्षों के आधार पर ही अपने पोर्टफोलियो की पुनर्समीक्षा करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी बाजारों में अनिश्चितता और गिरावट का माहौल फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी, 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5 प्रतिशत पर पहुंचना और रूस-ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून के पारित होने के कारण बना है। • फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती: अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने 2023 के बाद पहली बार नीतिगत दरों को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में पहुंचा दिया है। इस अप्रत्याशित सख्ती ने इक्विटी बाजारों में बिकवाली का दबाव उत्पन्न कर दिया है। • ट्रेजरी यील्ड में निरंतर उछाल: 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 7 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 5 प्रतिशत पर आ गई है। बॉन्ड बाजार में बढ़ते रिटर्न के कारण जोखिम वाली संपत्तियों और शेयरों से पैसा निकलकर बॉन्ड्स की ओर जा रहा है। • टैरिफ कानून और भू-राजनीतिक चिंताएं: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी ऊर्जा खरीदारों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर करने से वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ गया है। इसके अलावा न्यूयॉर्क में ट्रंप और शी जिनपिंग की शिखर वार्ता से पहले बाजार में भारी सतर्कता देखी जा रही है। • कमजोर मौसमी चक्र: ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार सितंबर का दूसरा पखवाड़ा अमेरिकी शेयर बाजारों के लिए पूरे साल का सबसे कमजोर और नकारात्मक रिटर्न देने वाला समय माना जाता है। सवाल-जवाब 1. 21 से 25 सितंबर के कारोबारी सप्ताह के लिए अमेरिकी बाजार का दृष्टिकोण कैसा है? विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी शेयर बाजार में इस सप्ताह उतार-चढ़ाव और हल्का मंदी का रुख रहने का अनुमान है। 2. सोमवार के शुरुआती कारोबार में प्रमुख अमेरिकी फ्यूचर्स का प्रदर्शन कैसा रहा? डाउ जोन्स फ्यूचर्स 195 अंक या 0.4 प्रतिशत गिरकर 51,612 पर आ गया, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 97.75 अंक चढ़कर 29,544.50 और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 3.25 अंक बढ़कर 7,643.25 पर रहा। 3. फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है, जिससे नीतिगत दरें 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई हैं। 4. डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात कब और किन मुद्दों पर होगी? दोनों नेताओं की बैठक 24 सितंबर को निर्धारित है, जिसमें व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ईरान संघर्ष और महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा होने की संभावना है। 5. कच्चे तेल और 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की स्थिति क्या है? डब्ल्यूटीआई क्रूड 98 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 101.6 डॉलर प्रति बैरल के पास आ गया है, जबकि 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 7 बेसिस पॉइंट्स चढ़कर 5 प्रतिशत पर पहुंच गई है। https://trendkia.com/market/ameriki-sheyara-bajaron-men-asthirata-ke-snketa-donald-trump-aura-xi-jinping-ki-mulakata-para-tiki-najaren-35511 TrendKia — Har trend, sabse pehle.