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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से सोना 4,150 डॉलर के नीचे फिसला, फेडरल रिजर्व के रुख पर टिकी नजरें",
  "summary": "अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और फ्रांस के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव गहराता नजर आ रहा है, जहां पीली धातु फिसलकर 4,135 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान बुलियन पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी के कारण देखने को मिला। चूँकि सोने पर कोई निश्चित ब्याज या यील्ड नहीं मिलती, इसलिए जब भी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, निवेशक अपनी पूंजी गैर-यील्ड वाली संपत्तियों से हटाकर बॉन्ड की ओर स्थानांतरित करने लगते हैं। हालिया बाजार आंकड़ों के अनुसार सोने का भाव 4,154 डॉलर के आसपास टिका हुआ है, जो पिछले बंद स्तर 4,181 डॉलर के मुकाबले करीब 0.66 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।\n\nअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और फ्रांस का घटनाक्रम\nअमेरिकी बॉन्ड बाजार में हर अवधि के बॉन्ड पर रिटर्न में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अल्पकालिक मौद्रिक नीति से सीधे तौर पर प्रभावित होने वाला 2-वर्षीय ट्रेजरी नोट यील्ड 3 आधार अंक से अधिक चढ़कर 4.778 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं, 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बेंचमार्क यील्ड 4 आधार अंक से अधिक की बढ़त दर्ज करते हुए 5.144 प्रतिशत पर दर्ज किया गया। दीर्घावधि के 30-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी 4 आधार अंक से ज्यादा का उछाल देखा गया और यह 5.476 प्रतिशत पर पहुंच गया।\n\nअमेरिकी बॉन्ड बाजार में यह हलचल केवल घरेलू कारकों तक सीमित नहीं रही। सप्ताहांत में फ्रांस में हुई हिंसक अशांति के चलते फ्रांसीसी सरकारी ऋणपत्रों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसका व्यापक असर पश्चिमी ऋण बाजारों पर पड़ा और यील्ड को ऊपर की तरफ धकेल दिया। जब भी ऋण बाजार में यील्ड बढ़ती है, वह बुलियन निवेशकों के लिए तात्कालिक सिरदर्द बन जाती है।\n\nफेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और नीतिगत संकेत\nअमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने सितंबर में अपनी प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों यानी एक चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जो वर्ष 2023 के बाद पहली दर वृद्धि थी। हालांकि, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के हालिया बयानों के बाद बाजार यह मानकर चल रहा है कि अक्टूबर की नीतिगत बैठक में दरों में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। सीएमई फेडवॉच टूल के अनुमानों के मुताबिक, 28 अक्टूबर को खत्म होने वाली दो दिवसीय बैठक में दरों को यथावत रखने की 82.8 प्रतिशत संभावना जताई गई है, भले ही हालिया मुद्रास्फीति के आंकड़े मजबूत रहे हों।\n\nकेविन वॉर्श ने अपने भाषण में काफी नपा-तुला संदेश दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि वैश्विक वित्तीय संकट के अनुभव अब भी नीति निर्माताओं के मानस पर गहरे असर डालते हैं, जिससे सतर्क रुख अपनाना स्वाभाविक है। वॉर्श ने अच्छी नीतियों द्वारा संचालित निवेश और बुनियादी विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रमुख फैसले अक्टूबर और दिसंबर की बैठकों में ही स्पष्ट रूप से सामने आएंगे, और वे पहले से कोई परिणाम तय नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही वॉर्श ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मांग के क्षेत्र में एक नए झटके के तौर पर देखा जिसके रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव अभी अनिश्चित हैं। इसके अध्ययन के लिए फेडरल रिजर्व के नए कार्यबल और जमीनी स्तर की सुनवाई का भी उल्लेख किया गया।\n\nतकनीकी स्तर और चार्ट का विश्लेषण\nदैनिक तकनीकी चार्ट पर सोने का रुख अभी दबाव में नजर आ रहा है। यह 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे कारोबार कर रहा है, जो 4,240 डॉलर के स्तर पर मौजूद है। इसके साथ ही कीमतें 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड की मध्य रेखा के नीचे बनी हुई हैं, जिससे किसी भी तेज रिकवरी पर रोक लग रही है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 41 से 42 के स्तर पर चल रहा है, जो बाजार में बिकवाली के भारी दबाव की तुलना में गति में कमजोरी को अधिक दर्शाता है।\n\nऊपर की ओर, सोने के लिए पहला बड़ा प्रतिरोध बोलिंजर बैंड के मध्य स्तर 4,180 डॉलर पर है। इसके पार जाने पर 100-दिवसीय SMA यानी 4,240 डॉलर और फिर ऊपरी बोलिंजर बैंड 4,315 डॉलर तक राहत मिलने की संभावना बन सकती है। इसके विपरीत, नीचे की तरफ निचला बोलिंजर बैंड 4,050 डॉलर के करीब तात्कालिक समर्थन प्रदान करता है। इस स्तर के नीचे लगातार बने रहने पर सुधारात्मक बिकवाली का दौर और अधिक लंबा खिंच सकता है। तात्कालिक धुरी स्तर 4,155 डॉलर पर स्थित है, जिसमें पहला समर्थन 4,147 डॉलर और दूसरा समर्थन 4,141 डॉलर पर देखा जा रहा है।\n\nसुरक्षित निवेश और केंद्रीय बैंकों की भूमिका\nमानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में एक बुनियादी भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में आभूषणों के उपयोग से इतर यह उथल-पुथल के दौर में सबसे बड़ा सुरक्षित निवेश माना जाता है। किसी भी संप्रभु सरकार या केंद्रीय प्राधिकरण की देनदारी न होने के कारण यह मुद्रास्फीति और कमजोर होती मुद्राओं के खिलाफ एक मजबूत ढाल का काम करता है।\n\nदुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े खरीदार रहे हैं। वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी कुल कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपनी मुद्राओं को स्थिरता देने और बाहरी झटकों से बचने के लिए लगातार अपने सोने के भंडार में इजाफा कर रहे हैं। जब शेयर बाजारों में गिरावट आती है या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तब सोने की मांग स्वतः बढ़ जाती है।\n\nमुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव\nविदेशी मुद्रा बाजार में भी नई हलचलें देखने को मिली हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले लगातार दो दिनों की बढ़त दर्ज करते हुए 0.6980 पर पहुंच गया, जिसे चीन के मजबूत GDP और खुदरा बिक्री के आंकड़ों से सहारा मिला। दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में मजबूती देखी गई और USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र में 158.00 के आसपास दबाव में रही, जिसे बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा के बयानों का समर्थन मिला। क्रिप्टो बाजार में भी पूंजी का प्रवाह जारी है, जहां मल्टीकॉइन कैपिटल ने अपने हेज फंड में हाइपरलिक्विड को सबसे बड़ी हिस्सेदारी के रूप में बनाए रखने की पुष्टि की है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और सोने में आई इस गिरावट का सीधा असर खुदरा आभूषण खरीदारों और कमोडिटी निवेशकों पर पड़ेगा।\n\n• भारत में आभूषण खरीदार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 4,150 डॉलर के नीचे जाने से घरेलू बाजार में भी कीमतों पर थोड़ा दबाव देखने को मिल सकता है। आगामी त्योहारी और वैवाहिक सीजन के लिए खरीदारी करने वालों को खरीदारी के बेहतर मौके मिल सकते हैं।\n• गोल्ड ईटीएफ निवेशक: शॉर्ट-टर्म में सोने के दाम सीमित दायरे में रहने के कारण निवेशकों को एकमुश्त की बजाय किस्तों में निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए। 4,050 डॉलर का निचला सपोर्ट स्तर टूटने पर पोर्टफोलियो में अस्थिरता बढ़ सकती है।\n• फिक्स्ड डिपॉजिट और बॉन्ड: वैश्विक यील्ड में हो रही बढ़ोतरी से ऋण उपकरणों पर रिटर्न आकर्षक बना हुआ है। जो निवेशक जोखिम से बचना चाहते हैं, वे सावधि जमा या सरकारी बचत योजनाओं में आवंटन बढ़ा सकते हैं।\n• मुद्रा विनिमय और आयात: डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में तेजी से आयातित वस्तुओं की लागत पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि कच्चे तेल और सोने में स्थिरता व्यापार घाटे को संतुलित रखने में मदद कर सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसोने की कीमतों में आई गिरावट और बॉन्ड यील्ड में उछाल का मुख्य कारण अमेरिकी मौद्रिक नीति और यूरोपीय राजनीतिक उथल-पुथल है।\n\n• बढ़ती बॉन्ड यील्ड: 2-वर्षीय, 10-वर्षीय और 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कई आधार अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए बढ़ते यील्ड के दौर में निवेशक सरकारी बॉन्ड की ओर आकर्षित होते हैं।\n• फ्रांस में राजनीतिक अशांति: सप्ताहांत में फ्रांस में हुई हिंसक घटनाओं के बाद फ्रांसीसी सरकारी ऋणपत्रों में भारी बिकवाली हुई। इस बिकवाली का असर वैश्विक ऋण बाजारों पर पड़ा और अमेरिकी यील्ड को भी सहारा मिला।\n• फेडरल रिजर्व की नीतिगत दरें: फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में दरों में की गई 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी और अक्टूबर बैठक में यथास्थिति रहने की 82.8 प्रतिशत संभावना ने डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल को मजबूत बनाए रखा है।\n• तकनीकी प्रतिरोध स्तर: सोने की कीमतें अपने 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और बोलिंजर बैंड के नीचे कारोबार कर रही हैं, जिससे तकनीकी चार्ट पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोने की कीमत में ताजा गिरावट की मुख्य वजह क्या है?\nअमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और फ्रांस में राजनीतिक अशांति के बाद ऋणपत्रों में बिकवाली से सोने पर दबाव बना है।\n\n2. अक्टूबर की बैठक में फेडरल रिजर्व से क्या उम्मीदें हैं?\nसीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार 82.8 प्रतिशत संभावना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक 28 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखेगा।\n\n3. सोने के लिए प्रमुख तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या हैं?\nसोने के लिए 4,180 डॉलर और 4,240 डॉलर पर कड़ा प्रतिरोध है, जबकि नीचे की ओर 4,050 डॉलर का स्तर अहम समर्थन बना हुआ है।\n\n4. केंद्रीय बैंक सोने की खरीदारी क्यों करते हैं?\nकेंद्रीय बैंक अपनी विदेशी मुद्रा आस्तियों में विविधता लाने, मुद्रा को मजबूती प्रदान करने और वैश्विक वित्तीय संकटों से बचाव के लिए सोना खरीदते हैं।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-20",
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