अमेरिकी यील्ड उछाल से पाउंड दो महीने के निचले स्तर पर, फेड और बीओई बैठकों से पहले दबाव अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 5% पार करने से डॉलर मजबूत हुआ और पाउंड 1.3464 तक गिरा। इस हफ्ते फेड और बैंक ऑफ इंग्लैंड के दर निर्णय अगली चाल तय करेंगे। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल ने डॉलर को मजबूती दी है और ब्रिटिश पाउंड पर भारी दबाव बनाया है। सोमवार को GBP/USD जोड़ी 1.3464 के स्तर तक फिसल गई जो दो महीने का निचला स्तर है, हालांकि बाद में कुछ सुधार के साथ 1.3492 पर कारोबार कर रही थी। दिन भर में पाउंड 0.23% की गिरावट के साथ बंद हुआ। यील्ड उछाल ने बदला समीकरण पिछले हफ्ते अमेरिकी महंगाई के आंकड़े आने के बाद 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट की यील्ड 5% के पार चली गई, जो 2003 के बाद पहली बार हुआ है। इससे डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.39% चढ़कर 99.47 पर पहुंच गया। बाजार अब फेडरल रिजर्व की 16 सितंबर की बैठक में दरें 3.50-3.75% से बढ़ाकर 3.75-4% करने की 93% संभावना मान रहा है। प्राइम टर्मिनल के मुताबिक दरें यथावत रहने की गुंजाइश केवल 7% रह गई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड का रुख अलग दूसरी ओर, बैंक ऑफ इंग्लैंड 17 सितंबर को अपनी बैठक में बैंक रेट को 3.75% पर स्थिर रख सकता है। पिछले हफ्ते जारी जीडीपी आंकड़ों में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था ने जुलाई में 0.3% वृद्धि दर्ज की, जो अधिकांश अर्थशास्त्रियों के अनुमान से बेहतर रही। इस वजह से ब्याज दरों का अंतर डॉलर के पक्ष में बढ़ रहा है और पाउंड पर दबाव बना हुआ है। पिछले हफ्ते 1.3568 का उच्च स्तर छूने के बाद जोड़ी 0.56% से अधिक गिर चुकी है। आने वाले आंकड़े और घटनाक्रम इस हफ्ते ब्रिटेन में 15 सितंबर को रोजगार के आंकड़े आएंगे, जबकि अमेरिका में ADP रोजगार परिवर्तन का 4-सप्ताह का औसत और फिर 16 सितंबर को FOMC का नीति निर्णय होगा। इनसे दोनों मुद्राओं की दिशा तय होगी। तेल बाजार में हूती हमलों के बाद सऊदी अरब के ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद करने (क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन) से कच्चे तेल की कीमतें उछली हैं, जिससे महंगाई की चिंता और बढ़ी है। तकनीकी विश्लेषण: प्रमुख स्तर दैनिक चार्ट पर GBP/USD 1.3492 पर है। जोड़ी ट्रिपल सिंपल मूविंग एवरेज (1.3481) और अल्पकालिक राइजिंग ट्रेंड लाइन (1.3472) के ऊपर बनी हुई है, जो निकट अवधि में हल्की तेजी का संकेत देती है। RSI (14) 45 के आसपास है, जो गति को तटस्थ रखता है। नीचे की ओर पहला सपोर्ट 1.3492 पर है, फिर 1.3481 (SMA ट्रिपल), 1.3472 (ट्रेंड लाइन), और गहरे सपोर्ट 1.3461 व 1.3353 पर हैं। ऊपर की ओर 1.3688 पर प्रतिरोध है, जिसके ऊपर दैनिक क्लोज होने पर ही बड़ी तेजी संभव है। अन्य प्रमुख बाजार गतिविधियां एशियाई सत्र में AUD/USD डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर 0.7140 के पास रहा, दिन में 0.25% गिरावट। USD/JPY 154.00 के करीब पहुंचा, मगर पिछले हफ्ते के दायरे में ही रहा। सोना 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर को चुनौती दे रहा है, लेकिन मजबूत डॉलर और बढ़ती यील्ड से दबाव में है। बिटकॉइन 77,884 डॉलर के पास कारोबार कर रहा था, इथेरियम 2,521 डॉलर और रिपल 1.38 डॉलर के सपोर्ट के साथ। इसका आप पर असर पाउंड की कमजोरी का सीधा असर आयातकों, यात्रियों और विदेशी निवेश वाले भारतीयों पर पड़ेगा। • भारत में: कमजोर पाउंड से ब्रिटेन से आयात सस्ता होगा, खासकर मशीनरी, फार्मा और रसायन क्षेत्रों में। भारतीय खरीदारों को अनुबंधों में लाभ मिल सकता है। • ब्रिटेन में: स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए अमेरिकी वस्तुएं और सेवाएं महंगी होंगी, जबकि निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। • निवेशकों के लिए: GBP/USD में गिरावट जारी रहने पर हेजिंग लागत बढ़ेगी; पोर्टफोलियो में मुद्रा जोखिम की समीक्षा जरूरी। • यात्रियों के लिए: ब्रिटेन जाने वाले भारतीयों को पाउंड खरीदने में कम खर्च करना पड़ेगा, मगर अमेरिका जाने वालों को डॉलर महंगा पड़ेगा। • कॉर्पोरेट क्षेत्र: ब्रिटिश राजस्व वाली भारतीय कंपनियों की रुपये में आय घटेगी; हेजिंग रणनीति तुरंत अपडेट करें। ऐसा क्यों हुआ पाउंड पर दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी यील्ड में तेज उछाल है, जिसने डॉलर को आकर्षक बनाया। • सीधा कारण: अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% पार कर गई, जिससे फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना 93% हो गई। • शृंखलाबद्ध घटनाक्रम: ऊंची यील्ड → मजबूत डॉलर → चौड़ा ब्याज दर अंतर → पाउंड बिकवाली। हूती हमलों से तेल उछला, महंगाई चिंता और बढ़ी। • पिछला उदाहरण: 2003 में यील्ड 5% पार होने पर डॉलर मजबूत हुआ था; तब भी उभरती मुद्राएं दबाव में आई थीं। • आगे क्या: फेड और बीओई के निर्णय अगली चाल तय करेंगे। फेड अगर आक्रामक रहा तो पाउंड 1.3353 तक जा सकता है; बीओई अगर चौंकाए तो सुधार संभव। सवाल-जवाब 1. GBP/USD अभी किस स्तर पर है? लेख के समय GBP/USD 1.3492 पर कारोबार कर रहा था, जो दो महीने के निचले स्तर 1.3464 से थोड़ा ऊपर है। 2. फेड की अगली बैठक कब है और बाजार क्या उम्मीद कर रहा है? फेड की बैठक 16 सितंबर को है; बाजार 93% संभावना मान रहा है कि दरें 3.50-3.75% से बढ़ाकर 3.75-4% की जाएंगी। 3. बैंक ऑफ इंग्लैंड का क्या रुख अपेक्षित है? बैंक ऑफ इंग्लैंड 17 सितंबर को बैंक रेट 3.75% पर स्थिर रख सकता है, क्योंकि जुलाई में UK जीडीपी 0.3% बढ़ी। 4. तकनीकी रूप से पाउंड के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या हैं? सपोर्ट: 1.3492, 1.3481 (SMA ट्रिपल), 1.3472 (ट्रेंड लाइन), 1.3461, 1.3353। रेजिस्टेंस: 1.3688। 5. तेल बाजार में क्या हुआ जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी? हूती हमलों के बाद सऊदी अरब ने 70 लाख बैरल/दिन क्षमता वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद कर दी, जिससे कच्चा तेल उछला। 6. डॉलर इंडेक्स (DXY) का मौजूदा स्तर क्या है? DXY 0.39% चढ़कर 99.47 पर पहुंच गया है। https://trendkia.com/market/ameriki-yilda-uchhala-se-paunda-do-mahine-ke-nichale-stara-para-fed-aura-boe-baithakon-se-pahale-dabava-32302 TrendKia — Har trend, sabse pehle.