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  "title": "अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का बड़ा दांव: 3,322 करोड़ रुपये जुटाने की योजना से सोमवार को डिफेंस स्टॉक रहेगा चर्चा में",
  "summary": "डिफेंस सेक्टर की कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स फ्रेश इक्विटी जारी कर 3,322 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स में हिस्सेदारी खरीदने के फैसले के बाद कंपनी का यह बड़ा कदम निवेशकों के फोकस में है।",
  "content": "डिफेंस और एयरोस्पेस क्षेत्र में कार्यरत कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने 3,322 करोड़ रुपये जुटाने की अपनी व्यापक योजना की घोषणा की है। कंपनी यह पूंजी नए इक्विटी शेयर और इक्विटी वारंट जारी करके जुटाएगी। इस कॉर्पोरेट गतिविधि के चलते सोमवार को बाजार के खुलने पर इस स्टॉक पर निवेशकों की पैनी नजर रहने की संभावना है। यह घोषणा कंपनी के उस महत्वपूर्ण फैसले के कुछ ही दिन बाद आई है, जिसमें उसने प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स के प्रमोटरों की नियंत्रणकारी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौता किया है।\n\nफंड जुटाने का वित्तीय विवरण\nबीएसई फाइलिंग के अनुसार, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स 2.28 करोड़ इक्विटी शेयरों और 5.69 करोड़ इक्विटी वारंट्स के माध्यम से यह राशि हासिल करेगी। विशेष रूप से, 2,28,30,902 इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जिनसे लगभग 951 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कंपनी 5,69,15,380 परिवर्तनीय इक्विटी वारंट जारी करेगी, जो लगभग 2,371 करोड़ रुपये के होंगे। यह रणनीतिक पूंजी विस्तार कंपनी की भविष्य की विकास योजनाओं और रक्षा क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है।\n\nप्रीमियर एक्सप्लोसिव्स का अधिग्रहण और तालमेल\nहाल ही में अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स में 41.33 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया था। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि यह सौदा पूरी तरह से नकद में होगा और इसका मूल्य करीब 1,550 करोड़ रुपये है। इस अधिग्रहण के जरिए अपोलो माइक्रो सिस्टम्स अपनी मौजूदा रक्षा प्रणालियों की दक्षता को प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स की 'एनर्जेटिक मटेरियल्स' में विशेषज्ञता के साथ जोड़ना चाहती है।\n\nविशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सौदा सफलतापूर्वक संपन्न होता है, तो इससे कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग आधार काफी मजबूत होगा और उसका प्रोडक्ट मिक्स भी पहले से बेहतर हो जाएगा। इससे भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी रक्षा बाजार में अपोलो माइक्रो सिस्टम्स की स्थिति और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है। इस सौदे के दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली तिमाही तक पूरा होने की संभावना है। हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया आवश्यक विनियामक मंजूरियों, शेयरधारकों की सहमति और अन्य जरूरी अनुमतियों के मिलने पर निर्भर करती है। अधिग्रहण पूरा होने के बाद, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का हिस्सा बन जाएगी, लेकिन वह अपने मौजूदा ब्रांड नाम के तहत ही कार्य करना जारी रखेगी।\n\nशेयर बाजार में प्रदर्शन और पिछले आंकड़े\nशुक्रवार, 10 जुलाई को बाजार बंद होने पर अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का शेयर भाव 2.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 408.85 रुपये पर बंद हुआ था। इस दिन स्टॉक ने 417.90 रुपये का इंट्राडे हाई और 403.75 रुपये का इंट्राडे लो स्तर छुआ। कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 14,608.43 करोड़ रुपये है। गौरतलब है कि 3 जुलाई 2026 को इस स्टॉक ने अपना 52-सप्ताह का निचला स्तर 162.25 रुपये और 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 466.70 रुपये दर्ज किया था।\n\nलंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्टॉक काफी आकर्षक रहा है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 14.21 प्रतिशत है। अगर पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें, तो इस डिफेंस स्टॉक ने एक साल में करीब 119 प्रतिशत और तीन वर्षों में लगभग 790 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। सोमवार के सत्र में बाजार में इस स्टॉक की चाल को देखना दिलचस्प होगा क्योंकि कंपनी के नए फंड जुटाने के फैसले का असर इसके मूल्यांकन पर दिख सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: डिफेंस क्षेत्र में बड़ी पूंजी जुटाने और अधिग्रहणों का असर अन्य रक्षा कंपनियों के मूल्यांकन पर भी पड़ सकता है।\n\nनिवेशकों के लिए: बड़ी मात्रा में फ्रेश इक्विटी जारी होने से प्रति शेयर आय (EPS) में बदलाव आ सकता है, इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अपोलो माइक्रो सिस्टम्स कितनी राशि जुटाने जा रही है?\nकंपनी फ्रेश इक्विटी और वारंट जारी करके कुल 3,322 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की योजना बना रही है।\n\n2. अपोलो माइक्रो सिस्टम्स किस कंपनी का अधिग्रहण कर रही है?\nकंपनी प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स के प्रमोटरों की 41.33 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया में है।\n\n3. शेयर बाजार में इस स्टॉक का पिछला प्रदर्शन कैसा रहा है?\nइस डिफेंस स्टॉक ने एक साल में लगभग 119 प्रतिशत और तीन वर्षों में करीब 790 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।\n\n4. प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स का अधिग्रहण कब तक पूरा होगा?\nइस सौदे के दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-07-12",
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    "अपोलो माइक्रो सिस्टम्स",
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