ऐप्पल के कमजोर मार्जिन अनुमान से डाउ जोन्स में गिरावट, चिप शेयरों के सहारे नैस्डैक संभला ऐप्पल के सुस्त मार्जिन पूर्वानुमान और आईपैड बिक्री में कमी से डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में फिसलन दर्ज की गई, जबकि सेमीकंडक्टर शेयरों में तेजी ने नैस्डैक और एसएंडपी 500 को मजबूती दी। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों और अहम रोजगार आंकड़ों से पहले वॉल स्ट्रीट पर मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबारी सत्र मिले-जुले रुझानों के बीच संपन्न हुआ, जहाँ दिग्गज ब्लू-चिप कंपनियों पर दबाव देखा गया जबकि टेक शेयरों ने वापसी का प्रदर्शन किया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने सोमवार को दर्ज की गई अपनी पूरी बढ़त गंवा दी और 51,700 के करीब कारोबार करता नजर आया, जो शुक्रवार के बंद स्तर से नीचे है। सत्र के दौरान सूचकांक 51,500 के निचले स्तर तक फिसला, जो 14 अक्टूबर के बाद का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया। इसके ठीक विपरीत, चिप बनाने वाली कंपनियों में लौटी तेजी के दम पर तीन दिनों की लगातार गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए नैस्डैक कंपोजिट और एसएंडपी 500 बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे। ऐप्पल के वित्तीय प्रदर्शन से डाउ जोन्स पर पड़ा दबाव डाउ जोन्स पर इस सुस्ती का मुख्य कारण दिग्गज टेक कंपनी ऐप्पल के हालिया तिमाही वित्तीय परिणाम रहे। कंपनी द्वारा साझा किया गया ग्रॉस मार्जिन का पूर्वानुमान और वित्तीय चौथी तिमाही में आईपैड की बिक्री विश्लेषकों के अनुमानों से कमजोर रही, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। इन वित्तीय आंकड़ों के सामने आने के बाद वित्तीय सेवा फर्म एचएसबीसी ने ऐप्पल के शेयर के लिए अपने मूल्य लक्ष्य में $6 की कटौती करते हुए इसे $360 कर दिया। मूल्य-भारित सूचकांक होने के नाते ऐप्पल जैसी बड़ी शेयर कीमत वाली कंपनी में आने वाली किसी भी कमजोरी का सीधा और बड़ा असर डाउ जोन्स पर पड़ता है। चिप शेयरों की जोरदार वापसी से नैस्डैक को मिली रफ्तार टेक सेक्टर के अन्य हिस्सों में स्थिति काफी सकारात्मक नजर आई। तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। इसके साथ ही ब्रॉडकॉम, माइक्रोन और एनवीडिया जैसी प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भी ठोस खरीदारी देखी गई। यह रुझान सोमवार की तुलना में बिल्कुल उलट था, जब नैस्डैक कंपोजिट 1% से अधिक टूटा था और डाउ में उछाल देखा गया था। हालिया शिखर से तुलना करें तो नैस्डैक 100 अपने हालिया उच्च स्तर से लगभग 10% नीचे चल रहा है, जबकि डाउ जोन्स अपने अगस्त के शिखर से 6% से भी कम नीचे फिसला है। मध्यावधि चुनाव और महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर नजर वॉल स्ट्रीट पर निवेशकों का ध्यान अब राजनीतिक और व्यापक आर्थिक घटनाक्रमों पर केंद्रित हो गया है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के लिए मंगलवार को मतदान समाप्त होने के बाद मतों की गिनती शुरू हो गई है। जनवरी से प्रतिनिधि सभा और सीनेट के नियंत्रण की स्थिति तय होने के बाद बुधवार का बाजार सत्र नतीजों पर पहली बार प्रतिक्रिया देगा। प्रेडिक्शन मार्केट्स में डेमोक्रेट्स के सीनेट जीतने की संभावना लगभग 75% आंकी जा रही है, जबकि बाजार विश्लेषकों का मानना है कि दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक बढ़त की संभावना को इक्विटी बाजारों ने अभी पूरी तरह डिस्काउंट नहीं किया है। इसके अलावा आने वाले दिनों में कई बड़े आर्थिक आंकड़े जारी होने हैं। अक्टूबर के लिए ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रोजगार आंकड़ा बुधवार को 13:15 GMT पर घोषित होगा, जिसके 90,000 के पिछले स्तर के मुकाबले 69,000 रहने का अनुमान है। इसके तुरंत बाद 15:00 GMT पर इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट गैर-विनिर्माण सूचकांक सामने आएगा, जिसके 54.8 रहने का अनुमान लगाया गया है। सबसे अहम आंकड़ा शुक्रवार को 13:30 GMT पर जारी होने वाला अक्टूबर नॉनफार्म पेरोल होगा, जिसके 29,000 के पिछले आंकड़े के मुकाबले 65,000 पर रहने की उम्मीद है। ये दोनों श्रम आंकड़े दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सूचकांक का तकनीकी विश्लेषण और बाजार की स्थिति चार्ट पर नजर डालें तो डाउ जोन्स में अक्टूबर के अंत में 52,900 के करीब बने उच्च स्तर से आई गिरावट ने 1 अक्टूबर को 50,500 के ठीक ऊपर से शुरू हुई तेजी का लगभग आधा हिस्सा मिटा दिया है। सूचकांक लगातार तीसरे सत्र में 52,100 के करीब स्थित अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है, जबकि 200-दिवसीय ईएमए 50,750 के करीब स्थित है। इसके अलावा दैनिक मोमेंटम अब ओवरबॉट जोन से ठंडा पड़ चुका है, जहाँ यह अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े के दौरान अधिकांश समय बना हुआ था। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, डाउ जोन्स वर्तमान में $51,787 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $51,984 से 0.38% कम है। पिछले 52 हफ्तों में इसका दायरा $45,057 से $54,744 के बीच रहा है, जबकि कारोबारी वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.98 गुना दर्ज किया गया। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 46 पर है, जबकि एमएसीडी 34.37 पर सिगनल लाइन 63.33 से नीचे हिस्टोग्राम -28.96 के साथ नकारात्मक रुझान दिखा रहा है। मूविंग एवरेजेस के संदर्भ में 20-दिवसीय ईएमए $52,072, 50-दिवसीय ईएमए $52,108 और 200-दिवसीय ईएमए $50,583 पर है, जहाँ 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होने के कारण दीर्घावधि में गोल्डन क्रॉस बना हुआ है। 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड $51,134 से $52,955 के बीच है और कीमत बैंड के भीतर स्थिर है। एडीएक्स 17 के साथ कमजोर दायरे का संकेत दे रहा है। प्रमुख स्तरों में पिवट $51,771 पर है, जिसमें पहला प्रतिरोध $51,949 और दूसरा प्रतिरोध $52,110 है, जबकि पहला समर्थन $51,609 और दूसरा समर्थन $51,431 पर स्थित है। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की कार्यप्रणाली और संरचना दुनिया के सबसे पुराने स्टॉक मार्केट सूचकांकों में शामिल डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की स्थापना चार्ल्स डाउ द्वारा की गई थी, जिन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी स्थापना की थी। यह सूचकांक अमेरिका की 30 सबसे अधिक कारोबार वाली प्रमुख कंपनियों के शेयरों से मिलकर बना है। बाजार पूंजीकरण पर आधारित होने के बजाय यह एक मूल्य-भारित सूचकांक है। इसकी गणना घटक शेयरों की कीमतों को जोड़कर और उन्हें एक निश्चित विभाजक से विभाजित करके की जाती है, जो वर्तमान में 0.152 निर्धारित है। हालांकि, बाद के वर्षों में व्यापक बाजार का पर्याप्त प्रतिनिधित्व न करने के कारण इसकी आलोचना भी होती रही है, क्योंकि एसएंडपी 500 जैसे व्यापक सूचकांकों के मुकाबले यह केवल 30 बड़े औद्योगिक समूहों पर नजर रखता है। इस सूचकांक की दिशा तय करने में कई कारक भूमिका निभाते हैं। सबसे बड़ा कारक इसकी घटक कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजे होते हैं। इसके साथ ही अमेरिकी और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़े निवेशकों की धारणा को प्रभावित करते हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरों का स्तर भी डाउ जोन्स को सीधे प्रभावित करता है, क्योंकि यह कॉर्पोरेट कर्ज की लागत तय करता है जिस पर बड़ी कंपनियां निर्भर करती हैं। मुद्रास्फीति की दर और फेड के फैसलों को प्रभावित करने वाले अन्य आर्थिक पैमाने भी बाजार की चाल तय करते हैं। डाउ सिद्धांत और ट्रेडिंग के उपलब्ध विकल्प शेयर बाजार के प्राथमिक रुझान की पहचान के लिए चार्ल्स डाउ ने डाउ थ्योरी विकसित की थी। इसका एक मुख्य नियम डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और डाउ जोन्स ट्रांसपोर्टेशन एवरेज की दिशा की तुलना करना है, जिसके तहत दोनों सूचकांकों के एक ही दिशा में आगे बढ़ने पर ही ट्रेंड की पुष्टि मानी जाती है। इसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम को पुष्टिकरण मानदंड माना जाता है तथा यह सिद्धांत पीक और ट्रफ विश्लेषण पर आधारित है। डाउ सिद्धांत के अनुसार बाजार तीन चरणों से गुजरता है: एक्यूमुलेशन, जब समझदार पूंजी या संस्थागत निवेशक खरीदारी अथवा बिकवाली शुरू करते हैं; पब्लिक पार्टिसिपेशन, जब आम जनता बाजार में भाग लेती है; और डिस्ट्रीब्यूशन, जब बड़े निवेशक बाजार से बाहर निकलते हैं। निवेशक डाउ जोन्स में कई माध्यमों से निवेश या ट्रेडिंग कर सकते हैं। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स के माध्यम से सभी 30 कंपनियों के शेयर अलग-अलग खरीदने के बजाय पूरे सूचकांक को एक ही प्रतिभूति के रूप में ट्रेड किया जा सकता है, जिसका प्रमुख उदाहरण एसपीडीआर डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ है। इसके अलावा फ्यूचर्स अनुबंधों के जरिए भविष्य के मूल्य पर दांव लगाया जा सकता है, जबकि ऑप्शंस निवेशकों को पूर्व-निर्धारित कीमत पर खरीदने या बेचने का अधिकार प्रदान करते हैं। म्यूचुअल फंड भी निवेशकों को इन 30 ब्लू-चिप शेयरों के विविधीकृत पोर्टफोलियो में भागीदारी का अवसर देते हैं। मुद्रा, कमोडिटी और वैश्विक बाजारों का हाल वैश्विक वित्तीय बाजारों में मंगलवार को अन्य परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई और यह एशियाई सत्र की शुरुआत से पहले 0.6960 के स्तर के पास फिसल गया, जहाँ निवेशक रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के ताजा मौद्रिक नीति निर्णय और अमेरिकी चुनाव नतीजों का आकलन कर रहे थे। वहीं अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन में नरमी देखी गई और यह 158.00 के पिछले दिन के लाभ को आंशिक रूप से गंवाते हुए नीचे आया, जहाँ बैंक ऑफ़ जापान की दर वृद्धि में अनिश्चितता और मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम के बीच सतर्कता का माहौल रहा। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई और यह $3,909 के आसपास 0.93% की दैनिक गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स सत्र के निचले स्तरों से सुधरने के बावजूद 102.00 के नीचे अपने सीमित दायरे में बना रहा, जहाँ तेल की कीमतों में तेजी ने डॉलर को समर्थन दिया लेकिन अमेरिकी राजनीतिक अनिश्चितता ने बढ़त को सीमित रखा। इसका आप पर असर अमेरिकी शेयर बाजार में आई इस अस्थिरता और टेक सेक्टर के विभाजन का सीधा प्रभाव वैश्विक इक्विटी पोर्टफोलियो और खुदरा निवेशकों की रणनीति पर पड़ेगा। • भारत में निवेशक: अमेरिकी टेक कंपनियों और नैस्डैक आधारित म्यूचुअल फंड या ईटीएफ में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों को सेमीकंडक्टर शेयरों में सुधार से राहत मिलेगी। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजारों में सतर्क रुख अपनाने की आवश्यकता होगी। • टेक और ब्लू-चिप शेयरधारक: ऐप्पल जैसी बड़ी टेक कंपनियों में सीधे निवेश रखने वाले निवेशकों को मार्जिन पर दबाव के चलते सतर्क रहना होगा। हार्डवेयर और गैजेट्स की मांग में सुस्ती से आने वाले समय में तिमाही रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं। • फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडर्स: अमेरिकी चुनाव के परिणाम और रोजगार के आंकड़ों से पहले सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इंट्राडे ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करते हुए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। • विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजार: डॉलर इंडेक्स में स्थिरता और सोने में नरमी से अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। मुद्रा के उतार-चढ़ाव पर नजर रखने वाले कारोबारियों को केंद्रीय बैंकों के आगामी ब्याज दर फैसलों का इंतजार करना होगा। ऐसा क्यों हुआ डाउ जोन्स में गिरावट और नैस्डैक में सुधार के पीछे प्रमुख कॉर्पोरेट आय अनुमान, सेक्टर-विशिष्ट बदलाव और व्यापक राजनीतिक व आर्थिक अनिश्चितताएं मुख्य वजह रहीं। • ऐप्पल के कमजोर मार्गदर्शन का असर: ऐप्पल के सकल मार्जिन अनुमान और आईपैड बिक्री में आई कमजोरी ने सीधे तौर पर डाउ जोन्स के प्रदर्शन को प्रभावित किया। मूल्य-भारित सूचकांक होने के कारण एक बड़े शेयर की गिरावट ने पूरे सूचकांक को नीचे खींच लिया। • सेमीकंडक्टर शेयरों में सेक्टर रोटेशन: एएमडी के नतीजों से पहले और एनवीडिया व ब्रॉडकॉम में लौटी खरीदारी ने टेक सूचकांकों को उबारा। निवेशकों ने ब्लू-चिप कंपनियों से पूंजी निकालकर चिप निर्माताओं की ओर रुख किया। • चुनावी और आर्थिक अनिश्चितता: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की मतगणना और आगामी शुक्रवार को आने वाले रोजगार आंकड़ों को देखते हुए बड़े संस्थागत निवेशकों ने आक्रामक दांव लगाने से परहेज किया। इस सतर्कता ने सूचकांकों में एकतरफा तेजी को रोके रखा। सवाल-जवाब 1. डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में गिरावट का मुख्य कारण क्या था? ऐप्पल द्वारा घोषित कमजोर सकल मार्जिन पूर्वानुमान और आईपैड बिक्री में गिरावट के कारण सूचकांक पर भारी दबाव पड़ा। 2. नैस्डैक कंपोजिट और एसएंडपी 500 में किस वजह से तेजी आई? एनवीडिया, एएमडी, ब्रॉडकॉम और माइक्रोन जैसे प्रमुख चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से इन सूचकांकों को बढ़त मिली। 3. ऐप्पल के वित्तीय नतीजों के बाद एचएसबीसी ने क्या कदम उठाया? एचएसबीसी ने ऐप्पल के शेयर मूल्य लक्ष्य में $6 की कटौती करते हुए इसे घटाकर $360 कर दिया। 4. बाजार के लिए इस सप्ताह कौन से प्रमुख आर्थिक आंकड़े महत्वपूर्ण हैं? बुधवार को आने वाले एडीपी रोजगार आंकड़े व आईएसएम सेवा सूचकांक तथा शुक्रवार का नॉनफार्म पेरोल आंकड़ा सबसे महत्वपूर्ण हैं। 5. डाउ जोन्स का वर्तमान स्तर और 52-हफ्तों का दायरा क्या है? डाउ जोन्स $51,787 के करीब कारोबार कर रहा है और इसका 52-हफ्तों का दायरा $45,057 से $54,744 के बीच है। https://trendkia.com/market/apple-ke-kamajora-marjina-anumana-se-dow-jones-men-giravata-chipa-sheyaron-ke-sahare-nasdaq-snbhala-56007 TrendKia — Har trend, sabse pehle.