आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मंदी की आशंका से चिप शेयरों में भारी गिरावट, वैश्विक बाजारों में दबाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में सुस्ती की चर्चाओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक लुढ़क गए। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बाद भी बाजारों में अनिश्चितता बनी रही और एशियाई सूचकांकों समेत कई संपत्तियों पर असर पड़ा। वैश्विक वित्तीय बाजारों में तकनीकी क्षेत्र की अगुआई करने वाली कंपनियों को लेकर निवेशकों की चिंताएं अचानक बढ़ गई हैं। सप्ताहांत के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के विस्तार की रफ्तार धीमी पड़ने से जुड़ी चर्चाओं ने रफ्तार पकड़ी, जिसका सीधा और नकारात्मक असर सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। वॉल स्ट्रीट पर चिप निर्माताओं के शेयरों में आई तेज बिकवाली ने पूरे अमेरिकी इक्विटी बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। इस भारी दबाव के कारण एसएंडपी 500 सूचकांक निचले स्तरों पर फिसल गया, जिसने सितंबर महीने के दौरान जोखिम लेने की कमजोर होती धारणा को साफ तौर पर उजागर किया है। सेमीकंडक्टर सूचकांक में जुलाई के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट अमेरिकी शेयर बाजार के चिप सेगमेंट में यह सत्र बेहद निराशाजनक साबित हुआ। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स यानी फिली सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 5.86 प्रतिशत की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। जुलाई के बाद से इस प्रमुख सूचकांक का यह सबसे खराब दैनिक प्रदर्शन रहा। तकनीकी कंपनियों के मूल्यांकन और भविष्य में चिप्स की मांग को लेकर उठ रहे सवालों ने बड़े फंड प्रबंधकों और खुदरा निवेशकों दोनों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया। बिकवाली का यह रुख केवल एक या दो कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे हार्डवेयर और चिप पारिस्थितिकी तंत्र में व्यापक स्तर पर देखा गया। डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया और बाजार की अस्थिर चाल चिप उद्योग में बढ़ती घबराहट और AI में संभावित मंदी की खबरों पर राजनीतिक स्तर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार के अपने रुख को दोहराते हुए मंदी की संभावनाओं को खारिज किया और इस क्षेत्र के समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इन कंपनियों पर व्यापक आपराधिक और विनियामक अधिकार मौजूद हैं। इसके बाद एक अन्य बयान में उन्होंने इस तकनीकी बढ़त को बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका बाकी सभी देशों से काफी आगे चल रहा है, इसलिए सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। इस राजनीतिक टिप्पणी के आते ही सेमीकंडक्टर शेयरों में मामूली सुधार जरूर देखा गया, लेकिन राहत का यह दौर ज्यादा देर नहीं टिक पाया। सत्र की समाप्ति तक शेयर दोबारा दिन के निचले स्तरों के पास पहुंचकर बंद हुए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बाजार में बुनियादी अनिश्चितता हावी है। एशियाई बाजारों में सुस्ती और वायदा कारोबार के संकेत अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर एशियाई कारोबारी सत्र पर भी साफ नजर आया। हालांकि यहां गिरावट अपेक्षाकृत सीमित दायरे में सिमटी रही, फिर भी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में ही कारोबार करते दिखे। ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.89 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.71 प्रतिशत टूट गया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.23 प्रतिशत और जापान का निक्केई 0.16 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। इसके साथ ही मेनलैंड चीन के शेयर भी मामूली नकारात्मक दायरे में देखे गए। आगे के रुझानों की बात करें तो अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में मामूली गिरावट का रुख बना रहा, जबकि यूरोपीय बाजारों के फ्यूचर्स लगभग स्थिर स्तरों पर दर्ज किए गए। मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों पर नजर मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स का कई वर्षों के उच्चतम स्तरों के करीब टिके रहना है। कच्चे तेल के कारण बढ़ती महंगाई के जोखिमों और अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की आगामी बैठक को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत बनी हुई हैं। इस माहौल में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी AUD/USD मंगलवार को एशियाई सत्र में 0.7150 के स्तर से नीचे दबाव में रहा, जो पिछले दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के काफी करीब है। चीन के अगस्त महीने के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों से भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कोई सहारा नहीं मिल सका। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन यानी USD/JPY की जोड़ी 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती हुई मजबूत नजर आई। निवेशक FOMC के साथ-साथ इस सप्ताह होने वाली बैंक ऑफ जापान यानी BoJ की मौद्रिक नीति बैठक का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यदि बैंक ऑफ जापान अपनी नीतियों को सामान्य बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाता है, तो यह जापानी येन को समर्थन दे सकता है और डॉलर-येन की तेजी को सीमित कर सकता है। सोने की कीमतों पर मौद्रिक नीति का दबाव कमोडिटी बाजार में सोने को एशियाई सत्र की मामूली बढ़त को बनाए रखने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। यह कीमती धातु पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए लगभग एक महीने के निचले स्तर के आसपास ही झूलती रही। वर्तमान में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के निशान से ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय नीतिगत समीक्षा बैठक शुरू होने से पहले अधिकांश ट्रेडर और निवेशक नई पोजीशन लेने से बच रहे हैं और किनारे बैठकर नीतिगत फैसलों का इंतजार करना पसंद कर रहे हैं। इसका आप पर असर वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में भारी बिकवाली और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले वित्तीय बाजारों में अस्थिरता का सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो और निवेश निर्णयों पर पड़ सकता है। • तकनीकी और अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड्स: विदेशी बाजारों या आईटी सेक्टर में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के एनएवी में अल्पकालिक गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे समय में घबराहट में बिकवाली करने के बजाय अपने एसेट एलोकेशन की समीक्षा करना समझदारी होगी। • सोने के खरीदार और आभूषण प्रेमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव 4,300 डॉलर के स्तर के नीचे बने रहने से घरेलू स्तर पर भी कीमतों में स्थिरता या मामूली नरमी दिख सकती है। जो लोग खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उन्हें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसले तक बाजार के रुख पर नजर रखनी चाहिए। • मुद्रा विनिमय और विदेश यात्रा: डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण आयातकों और विदेश यात्रा या पढ़ाई की तैयारी कर रहे लोगों को ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों के कदमों के आधार पर विदेशी मुद्रा दरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। • इक्विटी निवेशक: सेमीकंडक्टर और टेक शेयरों में आई इस तेज गिरावट से बाजार में सतर्कता का माहौल बन गया है। नए निवेशकों को उच्च मूल्यांकन वाले शेयरों में एकमुश्त बड़ी पूंजी लगाने से बचना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ तकनीकी शेयरों में आई इस तेज गिरावट का मुख्य कारण सप्ताहांत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में सुस्ती आने की आशंकाओं का उभरना रहा। इसके साथ ही कई प्रमुख समष्टि आर्थिक और नीतिगत कारकों ने मिलकर बाजारों पर दबाव बढ़ा दिया। • AI में संभावित मंदी की चर्चाएं: सप्ताहांत के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार और लाभप्रदता को लेकर अनिश्चितता की खबरें सामने आईं। इसके चलते अत्यधिक मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे सेमीकंडक्टर शेयरों में तेज मुनाफावसूली शुरू हो गई। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स का उच्चतम स्तर: कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े महंगाई जोखिमों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स को कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया। बढ़ती यील्ड्स हमेशा इक्विटी और जोखिम भरी संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं। • केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकें: अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC और बैंक ऑफ जापान की अहम नीतिगत बैठकों से पहले वैश्विक निवेशक जोखिम कम करने में जुट गए। आगामी फैसलों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बाजार में नई खरीदारी की गति थम गई। सवाल-जवाब 1. फिली सेमीकंडक्टर इंडेक्स में कितनी गिरावट दर्ज की गई? फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 5.86 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आई, जो जुलाई के बाद से इसका सबसे खराब एकदिनी प्रदर्शन है। 2. डोनाल्ड ट्रंप ने AI मंदी की खबरों पर क्या प्रतिक्रिया दी? डोनाल्ड ट्रंप ने मंदी की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के पास इन कंपनियों पर व्यापक अधिकार हैं और देश अन्य देशों से काफी आगे चल रहा है। 3. एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा? एशियाई बाजारों में गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रही, जहां ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.89 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.71 प्रतिशत कमजोर हुआ। 4. सोने की कीमतें वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही हैं? सोना एशियाई सत्र में लगभग एक महीने के निचले स्तर के करीब 4,300 डॉलर प्रति औंस के निशान से ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। 5. मुद्रा बाजार में किन प्रमुख जोड़ियों में हलचल देखी गई? AUD/USD 0.7150 से नीचे तीन सप्ताह के निचले स्तर के करीब दबाव में रहा, जबकि USD/JPY 155.00 के स्तर की ओर मजबूत होता दिखा। https://trendkia.com/market/artiphishiyala-intelijensa-men-mndi-ki-ashnka-se-chipa-sheyaron-men-bhari-giravata-vaishvika-bajaron-men-dabava-33965 TrendKia — Har trend, sabse pehle.