# जापानी येन के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 110 के पार पहुंचा, तकनीकी चार्ट पर मंदी का दबाव बरकरार

> यूरोपीय कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जापानी येन के मुकाबले चढ़कर 110.20 के आसपास पहुंचा, लेकिन चार्ट पर कमजोरी के संकेत बने हुए हैं। बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर नीतियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/aud-jpy-men-110-ke-para-barhata-takaniki-mndi-barakarara-43702 · **Language:** Hindi
**Tags:** विदेशी मुद्रा, बैंक ऑफ जापान, जापानी येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, ब्याज दरें, मुद्रास्फीति, वित्त

अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार के शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान जापानी येन के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हल्की मजबूती दर्ज की गई, जिससे यह विनिमय दर सुधरकर 110.20 के स्तर के पास पहुंच गई। ताजा लाइव बाजार आंकड़ों में विनिमय दर 110.18 पर आंकी गई, जो पिछले बंद स्तर 109.65 से 0.48 प्रतिशत अधिक है। हालांकि इस मामूली सुधार के बाद भी इस करेंसी क्रॉस का समग्र तकनीकी ढांचा मंदी की ओर झुकाव का संकेत दे रहा है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो गति मंद बनी हुई है, जिससे ऊपर की दिशा में टिकाऊ उछाल आने पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

## बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और महंगाई का परिदृश्य
केंद्रीय बैंक के आंतरिक रुख की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों के अनुसार, बैंक ऑफ जापान इस महीने के अंत में यह संकेत दे सकता है कि अंतर्निहित महंगाई दर लगभग अपने 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंच चुकी है। यदि ऐसा आधिकारिक इशारा सामने आता है, तो इससे यह साफ होगा कि नीति निर्माता आने वाले महीनों में उधार दरों में फिर से बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू करने के पक्ष में हैं। सितंबर में दरों में बढ़ोतरी करने के बाद केंद्रीय बैंक के कुछ अधिकारी चालू महीने में ही एक और वृद्धि को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। वे किसी भी नए कदम से पहले अतिरिक्त आर्थिक आंकड़ों की पड़ताल करना चाहते हैं ताकि यह समझ सकें कि पहले की गई दर वृद्धियों ने घरेलू वित्तीय परिस्थितियों को किस तरह प्रभावित किया है।

विश्लेषकों का मानना है कि कोरिया और जापान से आए मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों ने बाजार सहभागियों का ध्यान बुनियादी मूल्य दबावों पर केंद्रित कर रखा है, भले ही हेडलाइन महंगाई अलग दिशा में दिख रही हो। एमयूएफजी/बीटीएमयू के विश्लेषकों ने इस बात को रेखांकित किया है कि कोरिया में सितंबर के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई घटकर सालाना 2.9 प्रतिशत रह गई, जो अनुमानों के अनुरूप थी और पिछले महीने के 3.1 प्रतिशत से नीचे आई थी। यह नरमी दर्शाती है कि दबाव थोड़ा कम हुआ है, फिर भी यह नीति निर्माताओं के ध्यान से बाहर होने लायक स्तर पर नहीं पहुंची है।

## चार्ट संरचना और महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर
दैनिक मूल्य चार्ट पर इस करेंसी जोड़ी का अल्पकालिक रुख नकारात्मक दायरे में बना हुआ है क्योंकि कीमत 20-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज यानी बोलिंगर मिडिल बैंड तथा 100-दिवसीय मूविंग एवरेज दोनों के नीचे टिकी हुई है। ऊपरी बोलिंगर बैंड भी भाव के उछाल को सीमित कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 14 वर्तमान में 40.8 के आसपास है, जो लाइव आंकड़ों में 41 पर रिकॉर्ड हुआ है। यह रीडिंग न्यूट्रल से नरम दायरे में स्थित है, जिससे पता चलता है कि बिकवाली का दबाव हावी है, यद्यपि बाजार अभी ओवरसोल्ड स्थिति में नहीं पहुंचा है। दैनिक वोलैटिलिटी दर्शाने वाला एटीआर 0.99 दर्ज है, जबकि एमएसीडी -0.68 पर नकारात्मक मोमेंटम दिखा रहा है।

यदि विनिमय दर में सुधार जारी रहता है, तो सबसे पहली बाधा 110.60 पर स्थित बोलिंगर मिडिल बैंड के पास आएगी। इस अवरोध को पार करने के बाद अगला मजबूत प्रतिरोध ऊपरी बोलिंगर बैंड के पास 112.15 के इर्द-गिर्द दिखाई देगा। यदि खरीदार इस स्तर के ऊपर दबाव बनाए रखने में सफल होते हैं, तो भाव 100-दिवसीय मूविंग एवरेज यानी 112.55 की ओर बढ़ सकता है। इसके विपरीत, यदि गिरावट का दौर तेज होता है, तो निकटतम अहम सहारा 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर मिलेगा, जिसके बाद निचला बोलिंगर बैंड 109.10 पर समर्थन प्रदान करेगा। यदि भाव इस स्तर से भी नीचे फिसलता है, तो 1 अक्टूबर के निचले स्तर 108.71 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

## जापानी येन की वैश्विक भूमिका और आर्थिक कारक
जापानी येन दुनिया की सबसे सक्रिय रूप से कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका बाजार मूल्य व्यापक रूप से जापान की आंतरिक अर्थव्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन विशेष तौर पर बैंक ऑफ जापान के फैसले, अमेरिका और जापान के सरकारी बॉन्ड प्रतिफल का अंतर और वैश्विक व्यापारियों की जोखिम धारणा इसे सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। बैंक ऑफ जापान के प्राथमिक दायित्वों में मुद्रा पर नियंत्रण शामिल है, इसलिए उसके नीतिगत कदम येन के लिए निर्णायक साबित होते हैं। अतीत में केंद्रीय बैंक ने मुद्रा के मूल्य को नियंत्रित करने के लिए सीधे विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप भी किए हैं, आमतौर पर येन के मूल्य को घटाने के लिए, हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण वह ऐसा बार-बार करने से बचता है।

वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनाई गई अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के चलते येन अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में लगातार कमजोर हुआ, क्योंकि अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा रहे थे। हाल के दिनों में इस उदार रुख को धीरे-धीरे समेटे जाने से येन को कुछ सहारा मिला है। पिछले एक दशक में अल्ट्रा-लूज रुख ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतियों के बीच चौड़ी खाई पैदा कर दी थी, जिससे 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बॉन्ड के प्रतिफल का अंतर बढ़ गया और अमेरिकी डॉलर को येन पर बढ़त मिली। 2024 में जापान द्वारा इस ढीली नीति को छोड़ने और अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में कटौती शुरू करने से यह अंतर अब संकुचित हो रहा है। इसके साथ ही, वैश्विक अनिश्चितता के दौर में येन को सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे तनावपूर्ण समय में पूंजी इसमें आकर इसे मजबूती देती है।

## व्यापक विदेशी मुद्रा, बॉन्ड और जिंस बाजार की स्थिति
अन्य प्रमुख संपत्तियों पर नजर डालें तो मंगलवार को एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ा, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिन की रिकवरी थम गई। फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली जारी रहने से अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बना हुआ है, जिसने अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की घटती संभावनाओं के बावजूद डॉलर को बढ़त दी। हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा चालू महीने में संभावित दर वृद्धि की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक अनुकूल कारक का काम कर सकती हैं।

इधर यूएसडी/जेपीवाई यूरोपीय सुबह में वापस 158.00 के ऊपर निकल गया, क्योंकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की अटकलों और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम के बावजूद येन को कोई खास संबल नहीं मिल सका। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में गिरावट का रुख दोबारा दिखा और यह 4,100 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया। उच्च ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में आई रिकवरी के बीच अमेरिकी डॉलर अपने 17 महीने के शिखर के पास स्थिर बना हुआ है। उधर यूरोपियन सेंट्रल बैंक के समक्ष भी बड़ी चुनौती है, क्योंकि बॉन्ड बाजार पहले ही वित्तीय कसावट ला चुका है, जिससे लक्ष्य से दोगुनी महंगाई पर ब्याज दरें बढ़ाने का सामान्य विकल्प उसके लिए जटिल बन गया है।

## इसका आप पर असर
विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय:** ऑस्ट्रेलिया या जापान की यात्रा या वहां शिक्षा के लिए जा रहे लोगों को विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना होगा। दरों में इस अस्थिरता के चलते बजट योजना में अतिरिक्त मार्जिन रखना समझदारी होगी।
- **वैश्विक वित्तीय बाजार:** केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय शेयर और बॉन्ड बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। जो निवेशक वैश्विक फंड्स या कमोडिटी में निवेश करते हैं, उन्हें अपनी जोखिम सीमा का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए।
- **आयात-निर्यात व्यापार:** एशियाई देशों से कच्चा माल या मशीनरी मंगाने वाली कंपनियों के लिए मुद्रा जोखिम बढ़ सकता है। ऐसी फर्मों को अपनी लागत नियंत्रित करने के लिए हेजिंग रणनीतियों का सहारा लेना पड़ सकता है।
- **सुरक्षित निवेश विकल्प:** वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित समझी जाने वाली संपत्तियों में पूंजी का प्रवाह तेज हो सकता है। निवेशक सोने और स्थिर मुद्राओं की ओर रुख कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
बैंक ऑफ जापान की दशकों पुरानी मौद्रिक नीतियों में आ रहा क्रमिक बदलाव और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में जारी फेरबदल इस मुद्रा विनिमय दर को मुख्य रूप से संचालित कर रहे हैं। एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति के मिश्रित आंकड़ों ने भी बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

- **मौद्रिक नीति विचलन:** बैंक ऑफ जापान द्वारा 2013 से 2024 के बीच लागू की गई अति-उदार मौद्रिक नीति समाप्त होने की ओर बढ़ रही है। वैश्विक केंद्रीय बैंकों के साथ ब्याज दरों का यह अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
- **मुद्रास्फीति का दबाव:** जापान में अंतर्निहित महंगाई दर 2 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब पहुंचने के संकेत मिले हैं। इससे नीति निर्माताओं को आने वाले समय में फिर से ब्याज दरें बढ़ाने का आधार मिल रहा है।
- **बॉन्ड प्रतिफल में अंतर:** अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे स्तरों पर बने रहने से डॉलर मजबूत रहा है, जबकि जापानी प्रतिफल के साथ अंतर कम होने से येन में तेज उतार-चढ़ाव आ रहा है। यह कारक वैश्विक स्तर पर येन क्रॉस को प्रभावित कर रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. AUD/JPY जोड़ी में मंगलवार को क्या हलचल देखी गई?
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान यह जोड़ी 110.20 के स्तर तक चढ़ी, जबकि लाइव आंकड़ों में यह 110.18 पर दर्ज की गई।

### 2. तकनीकी चार्ट पर इस करेंसी जोड़ी का रुख कैसा नजर आ रहा है?
भाव बोलिंगर मिडिल बैंड और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे रहने तथा आरएसआई 41 के करीब होने से मंदी का झुकाव बरकरार है।

### 3. बैंक ऑफ जापान की आगामी नीति को लेकर क्या उम्मीदें हैं?
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय बैंक यह संकेत दे सकता है कि अंतर्निहित मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुंच गई है, जिससे आने वाले महीनों में दर वृद्धि के रास्ते खुल सकते हैं।

### 4. ऊपरी और निचले स्तरों पर कौन से मुख्य तकनीकी अवरोध और समर्थन मौजूद हैं?
ऊपर की तरफ 110.60 और 112.15 प्रमुख बाधाएं हैं, जबकि नीचे 100.00 और 109.10 पर अहम समर्थन स्तर बने हुए हैं।

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