# ऑस्ट्रेलिया के विनिर्माण क्षेत्र में संकुचन, सितंबर में एसएंडपी ग्लोबल पीएमआई गिरकर 49.3 पर आया

> ऑस्ट्रेलिया के विनिर्माण पीएमआई में सितंबर के दौरान गिरावट दर्ज की गई और यह 49.3 पर आकर संकुचन के दायरे में पहुंच गया। वहीं सेवा और कंपोजिट सूचकांकों में भी नरमी देखी गई है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर वैश्विक मुद्राओं और व्यापारिक कारकों का दबाव बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/australia-ke-vinirmana-kshetra-men-snkuchana-sitnbara-men-s-p-global-pmi-girakara-49-3-para-aya-36747 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था, विनिर्माण पीएमआई, एसएंडपी ग्लोबल, विदेशी मुद्रा बाजार, आरबीए ब्याज दरें, लौह अयस्क निर्यात, वैश्विक व्यापार

ऑस्ट्रेलिया के कारोबारी परिदृश्य में विनिर्माण गतिविधि सितंबर के दौरान कमजोर पड़ गई है, जिससे संबंधित क्षेत्र संकुचन के दायरे में आ गया है। एसएंडपी ग्लोबल द्वारा बुधवार को जारी ताजा प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया का विनिर्माण परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई सितंबर में घटकर 49.3 रह गया, जो इससे पिछले महीने 52.0 दर्ज किया गया था। आर्थिक मानकों में 50 का स्तर विस्तार और संकुचन के बीच विभाजन रेखा माना जाता है, जिससे स्पष्ट होता है कि विनिर्माण क्षेत्र अब संकुचन की ओर मुड़ गया है। इसके साथ ही सेवा क्षेत्र और समग्र कारोबारी गतिविधियों में भी धीमापन देखा गया है।

## सेवा और कंपोजिट सूचकांकों में भी नरमी
विनिर्माण के अलावा ऑस्ट्रेलिया के सेवा क्षेत्र की रफ्तार भी धीमी पड़ी है। सितंबर में एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज पीएमआई फिसलकर 51.4 पर आ गया, जबकि पूर्व रीडिंग 53.2 पर थी। हालांकि सेवा क्षेत्र अभी भी 50 के स्तर से ऊपर रहकर विस्तार की स्थिति में है, लेकिन इसकी विकास गति में स्पष्ट सुस्ती आई है। इन दोनों क्षेत्रों के मिले-जुले प्रदर्शन को दर्शाने वाला कंपोजिट पीएमआई सितंबर में घटकर 50.8 रह गया, जो पहले 52.7 के स्तर पर था। व्यापक स्तर पर निजी क्षेत्र की संपूर्ण गतिविधियों की गति धीमी पड़ने के संकेत इन आंकड़ों से मिलते हैं।

## मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
अगस्त के लिए ऑस्ट्रेलिया के पीएमआई आंकड़ों की प्रारंभिक रीडिंग का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी एयूडी पर न के बराबर या बहुत सीमित असर देखा गया था। मुद्रा बाजार में एयूडी/यूएसडी जोड़ी नकारात्मक दायरे में बनी रही और यह 0.7115 के आसपास कारोबार कर रही थी। इसके बाद एयूडी/यूएसडी ने सोमवार की मंदी को आगे बढ़ाते हुए प्रमुख 0.7100 के अहम दायरे को कुछ देर के लिए नीचे की तरफ तोड़ा और तीन दिन के निचले स्तर को छू लिया। अमेरिकी डॉलर में मजबूती के रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर लगातार दबाव बनाए रखा, जबकि निवेशक गुरुवार को होने वाले ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन की तैयारी में जुटे रहे।

## रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया और ब्याज दरों का असर
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्यांकन को तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए द्वारा निर्धारित ब्याज दरों का स्तर शामिल है। आरबीए उस ब्याज दर को तय करता है जिस पर ऑस्ट्रेलियाई बैंक आपस में उधारी का लेन-देन करते हैं, और यह दर आगे चलकर पूरी अर्थव्यवस्था में प्रचलित ब्याज दरों को प्रभावित करती है। आरबीए का प्रमुख लक्ष्य ब्याज दरों को ऊपर या नीचे समायोजित करके 2 से 3 प्रतिशत की स्थिर मुद्रास्फीति दर को बनाए रखना है। अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें एयूडी को सहारा देती हैं, जबकि अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों का असर इसके विपरीत होता है। इसके अलावा आरबीए क्रेडिट परिस्थितियों को प्रभावित करने के लिए मात्रात्मक ढील यानी क्वांटिटेटिव ईजिंग और सख्ती यानी क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का भी उपयोग कर सकता है, जिसमें ढील एयूडी के लिए नकारात्मक और सख्ती एयूडी के लिए सकारात्मक साबित होती है।

## लौह अयस्क निर्यात और व्यापार संतुलन का प्रभाव
प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न देश होने के कारण ऑस्ट्रेलिया की मुद्रा के लिए उसका सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद यानी लौह अयस्क एक अन्य केंद्रीय चालक है। साल 2021 के आंकड़ों के अनुसार लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात है, जो सालाना 118 अरब डॉलर का बैठता है, और इसका प्राथमिक गंतव्य चीन है। सामान्यतः यदि लौह अयस्क की कीमतें बढ़ती हैं, तो मुद्रा की कुल मांग में वृद्धि होने के कारण एयूडी में भी बढ़त देखी जाती है, जबकि कीमतें गिरने पर उल्टा प्रभाव पड़ता है। लौह अयस्क के ऊंचे भाव ऑस्ट्रेलिया के लिए सकारात्मक व्यापार संतुलन की संभावना को भी बढ़ाते हैं, जो एयूडी के लिए सकारात्मक है।

व्यापार संतुलन, जो किसी देश द्वारा अपने निर्यात से की गई कमाई और आयात के लिए किए गए भुगतान के बीच का अंतर होता है, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्य को प्रभावित करने वाला एक और अहम पहलू है। यदि ऑस्ट्रेलिया ऐसी वस्तुओं का उत्पादन करता है जिनकी विदेशी बाजारों में भारी मांग है, तो आयात पर होने वाले खर्च के मुकाबले निर्यात खरीदने वाले विदेशी खरीदारों की अतिरिक्त मांग के बल पर उसकी मुद्रा मजबूत होती है। नतीजतन, सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन एयूडी को मजबूती प्रदान करता है, जबकि नकारात्मक व्यापार संतुलन का असर इसके विपरीत पड़ता है।

## चीनी अर्थव्यवस्था और बाजार भावना की भूमिका
चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए चीनी अर्थव्यवस्था की सेहत का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जब चीनी अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन करती है, तो वह ऑस्ट्रेलिया से अधिक मात्रा में कच्चे माल, वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करती है, जिससे एयूडी की मांग बढ़ती है और उसकी विनिमय दर ऊपर चढ़ती है। इसके विपरीत, जब चीनी अर्थव्यवस्था अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाती, तो मांग में कमी आती है। इस वजह से चीन के विकास संबंधी आंकड़ों में आने वाले सकारात्मक या नकारात्मक उतार-चढ़ाव का सीधा असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और उससे जुड़े मुद्रा जोड़ों पर पड़ता है।

इसके साथ ही निवेशकों की बाजार भावना भी एयूडी की दिशा तय करने में भूमिका निभाती है। जब बाजार में जोखिम लेने की भावना यानी रिस्क-ऑन का माहौल होता है और निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों की ओर बढ़ते हैं, तो यह एयूडी के लिए सकारात्मक होता है। वहीं जब निवेशक सुरक्षित संपत्तियों यानी रिस्क-ऑफ की तलाश करते हैं, तो जोखिम से जुड़ी मुद्राओं पर दबाव बढ़ता है। ऑस्ट्रेलिया की अपनी घरेलू मुद्रास्फीति दर और समग्र विकास दर भी इस समीकरण को प्रभावित करती है।

## वैश्विक मुद्रा बाजार और बैंक ऑफ जापान का फैसला
वैश्विक परिदृश्य में अन्य प्रमुख मुद्राओं और केंद्रीय बैंकों की गतिविधियां भी निवेशकों की निगाह में बनी हुई हैं। बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम है और यह निर्णय व्यापक रूप से उन अपेक्षाओं के अनुरूप रहा जिनका बाजार कई हफ्तों से अनुमान लगा रहा था। हालांकि 31 साल के उच्चतम स्तर पर बैंक ऑफ जापान की नरम दर वृद्धि के बाद येन में तेजी चाहने वाले निवेशक दबाव में रहे, लेकिन संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं ने जापानी मुद्रा के नुकसान को सीमित करने में मदद की। मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई 157.50 के करीब कारोबार करते हुए मामूली बढ़त पर दिखा।

दूसरी तरफ, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी डॉलर में मजबूती का रुख बना रहा, जिसने मुद्रा जोड़ों को गति दी। इस बीच सोने ने अपनी स्थिति संभाली और मंगलवार को अच्छी बढ़त के साथ कारोबार करते हुए 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में खरीदारी की वापसी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मिले-जुले रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद पीली धातु में यह तेजी दर्ज की गई।

## इसका आप पर असर
ऑस्ट्रेलियाई विनिर्माण में मंदी और वैश्विक मुद्रा हलचल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी मुद्रा विनिमय पर सीधा असर देखने को मिलेगा।

- **मुद्रा विनिमय:** विदेशी मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बना हुआ है, जिससे एयूडी/यूएसडी जोड़ी 0.7100 के अहम दायरे के नीचे आई है। जो यात्री या आयातक इस मुद्रा में लेन-देन करते हैं, उन्हें दरों पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि डॉलर की मजबूती लागत बढ़ा सकती है।
- **वस्तु बाजार:** लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का 118 अरब डॉलर का निर्यात है और चीनी मांग घटने पर इसके भाव प्रभावित होते हैं। धातु और खनन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को कच्चे माल के अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों में कीमतों के बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
- **वैश्विक ब्याज दरें:** बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दर को 1.25 प्रतिशत कर दिया है जबकि फेडरल रिजर्व का रुख कड़ा बना हुआ है। केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग कदमों से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में ऋण लागत और विदेशी निवेश प्रवाह में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
- **सुरक्षित संपत्तियां:** वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पास पहुंच गया है। कीमती धातुओं के खरीदारों और निवेशकों के लिए सुरक्षित संपत्तियों में आवंटन महंगा हो रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
ऑस्ट्रेलियाई विनिर्माण पीएमआई में गिरावट और वैश्विक बाजार में दबाव कई घरेलू आर्थिक संकेतकों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के एक साथ जुड़ने से उत्पन्न हुआ है।

- **घरेलू विनिर्माण संकुचन:** एसएंडपी ग्लोबल के प्रारंभिक आंकड़ों में विनिर्माण सूचकांक 52.0 से गिरकर 49.3 पर आ गया। यह 50 की सीमा रेखा से नीचे चला गया, जो औद्योगिक कारखानों में नए ऑर्डर और उत्पादन गतिविधियों में संकुचन का सीधा प्रमाण है।
- **चीनी मांग और व्यापार निर्भरता:** ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात 118 अरब डॉलर का लौह अयस्क है, जिसका मुख्य खरीदार चीन है। चीनी आर्थिक विकास की सुस्त रफ्तार और आयात मांग में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी विश्वास को प्रभावित कर रहे हैं।
- **केंद्रीय बैंकों के नीतिगत कदम:** बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण ने डॉलर को मजबूत रखा है। इसके परिणामस्वरूप ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बना और यह 0.7100 के स्तर के नीचे फिसला।

## सवाल-जवाब

### 1. सितंबर में ऑस्ट्रेलिया का विनिर्माण पीएमआई कितना दर्ज किया गया?
सितंबर में ऑस्ट्रेलिया का विनिर्माण पीएमआई घटकर 49.3 रह गया, जो इससे पहले 52.0 पर था।

### 2. सेवा और कंपोजिट पीएमआई के आंकड़े क्या रहे?
सेवा क्षेत्र का पीएमआई गिरकर 51.4 पर आ गया जबकि कंपोजिट पीएमआई 52.7 से घटकर 50.8 दर्ज किया गया।

### 3. ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद कौन सा है?
लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात है, जो 2021 के आंकड़ों के अनुसार सालाना 118 अरब डॉलर का बैठता है।

### 4. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।

### 5. सोने की कीमत किस स्तर के करीब पहुंच गई है?
सोने की कीमत बढ़त के साथ 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के करीब पहुंच गई है।

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