ऑस्ट्रेलिया में महंगाई दर घटी फिर भी कड़े कदमों की तैयारी, अमेरिकी बांड यील्ड और मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले वैश्विक बाजार सतर्क ऑस्ट्रेलिया में अगस्त के दौरान मुद्रास्फीति आंकड़ों में नरमी दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय केंद्रीय बैंकों के संभावित नीतिगत कदमों और आगामी वृहद आर्थिक आंकड़ों को लेकर सतर्क रुख बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में सामने आए ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों में हल्की नरमी देखने को मिली है, लेकिन नीति निर्धारकों की सख्त मौद्रिक नीति को लेकर चर्चाएं अब भी खत्म नहीं हुई हैं। इसी बीच प्रमुख वैश्विक मुद्राओं, सर्राफा बाजार और डिजिटल संपत्तियों में निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के औपचारिक ऐलान से पहले बेहद संभलकर अपनी रणनीतियां तय कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में महंगाई के ताजा आंकड़े और केंद्रीय बैंक का रुख अगस्त महीने के दौरान ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता महंगाई दर में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक हेडलाइन महंगाई दर मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 4.0 प्रतिशत रही है। यह सालाना स्तर केंद्रीय बैंक के तय लक्ष्य से दोगुना बना हुआ है। वहीं बुनियादी रुझान दर्शाने वाली ट्रिम्ड मीन मुद्रास्फीति मासिक आधार पर 0.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की शुरुआत में रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर चुका है, और नए साल में भी नीतिगत दरों में पुनः सख्ती किए जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो निर्माण क्षेत्र में स्पष्ट सुस्ती देखी जा रही है। भवन निर्माण मंजूरियों में मासिक आधार पर 6.1 प्रतिशत की तेज गिरावट आई है। इसके विपरीत, तकनीकी बुनियादी ढांचे से जुड़े डेटा सेंटर क्षेत्र में मजबूत कारोबारी विस्तार देखने को मिल रहा है। इस मिश्रित आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के दृष्टिकोण पर मिलाजुला प्रभाव पड़ रहा है। मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में नजर आया और यह 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। अगस्त महीने में उम्मीद से कम रहे अंतर्निहित सीपीआई आंकड़ों ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया द्वारा भविष्य में ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है। दूसरी तरफ, चीन से आए विनिर्माण पीएमआई आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा देने में नाकाम रहे, भले ही इस दौरान अमेरिकी डॉलर की रफ्तार थोड़ी थमी हुई थी। इसी कारोबारी सत्र में यूएसडी/जेपीवाई 157.00 के स्तर से नीचे नुकसान में बना रहा। बैंक ऑफ़ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति अपनाए जाने की संभावनाएं और विदेशी मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिम जापानी येन को मजबूती दे रहे हैं। यह मजबूती घरेलू स्तर पर कमजोर औद्योगिक उत्पादन और निराशाजनक खुदरा बिक्री आंकड़ों के बावजूद देखने को मिली। साथ ही, अमेरिकी डॉलर में चौतरफा कमजोरी ने भी इस मुद्रा जोड़ी को नीचे की ओर बनाए रखने में भूमिका निभाई। सोने में स्थिरता और बिटकॉइन का संघर्ष यूरोपीय व्यापारिक सत्र में बहुमूल्य धातु सोने का भाव 4,200 डॉलर प्रति औंस के करीब सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। अमेरिकी सरकारी बांड यील्ड में आई गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर मंगलवार को छुए गए अपने दो महीने के उच्च स्तर से फिसल गया, जिसने गैर-ब्याज वाली धातु के लिए एक सकारात्मक कारक के रूप में काम किया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख की चिंताओं ने सोने की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांध रखा है, क्योंकि कारोबारी नए दांव लगाने से पहले आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन 83,000 डॉलर के आसपास स्थिरता तलाशने की कोशिश कर रही है। हफ्ते की शुरुआत में लिवाल इसे अहम 85,000 डॉलर के स्तर के पार बंद कराने में असफल रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त और इस सप्ताह जारी होने वाले कई अहम मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों को देखते हुए डिजिटल परिसंपत्तियों के निवेशक काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय सूचकांक पर टिकी निगाहें बाजार प्रतिभागियों का मुख्य ध्यान अब संयुक्त राज्य अमेरिका के ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स यानी पीसीई सूचकांक पर लगा हुआ है। यह आंकड़ा बुधवार को 12:30 जीएमटी पर घोषित होना तय है। वित्तीय विश्लेषक और निवेशक पीसीई प्राइस इंडेक्स पर बेहद बारीक नजर रखते हैं क्योंकि यह फेडरल रिजर्व का महंगाई मापने का सबसे पसंदीदा पैमाना माना जाता है और इसके परिणाम सीधे तौर पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के भविष्य के नीतिगत दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकते हैं। इसका आप पर असर इस वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वित्तीय संपत्तियों के मूल्यांकन और व्यक्तिगत निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय और विदेश यात्रा: मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल से अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेशों में शिक्षा की लागत प्रभावित होती है। यदि डॉलर में मजबूती जारी रहती है तो विदेशी खर्चों का बजट बढ़ सकता है। • सर्राफा और सोने में निवेश: वैश्विक स्तर पर सोने का 4,200 डॉलर के करीब टिके रहना घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिरता प्रदान करता है। अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद सोने के दामों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है, जिससे खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए। • डिजिटल संपत्तियां: बिटकॉइन का 83,000 डॉलर के पास स्थिर होना क्रिप्टो निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत है। व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं और सरकारी बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच जोखिम भरे निवेशों में अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता है। • ऋण और ब्याज दरें: प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में सख्ती का सीधा प्रभाव वैश्विक तरलता पर पड़ता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उधारी की लागत ऊंची बनी रहने की संभावना रहती है। ऐसा क्यों हुआ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में यह स्थिति कई देशों के आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की परस्पर विरोधी मौद्रिक नीतियों के संयोजन के कारण उत्पन्न हुई है। • ऑस्ट्रेलियाई मुद्रास्फीति का मिलाजुला स्वरूप: ऑस्ट्रेलिया में हेडलाइन महंगाई 4.0 प्रतिशत पर बनी हुई है जो लक्ष्य से दोगुनी है, लेकिन मासिक आधार पर ट्रिम्ड मीन 0.2 प्रतिशत तक सीमित रहने से ब्याज दरों पर त्वरित आक्रामकता की उम्मीदें घटी हैं। इसके साथ ही निर्माण मंजूरियों में 6.1 प्रतिशत की मासिक गिरावट ने आर्थिक सुस्ती की चिंताओं को बढ़ाया है। • केंद्रीय बैंकों का कड़ा रुख: रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया द्वारा पिछली तिमाही में दरें बढ़ाने और जापानी बैंक के संभावित सख्त रुख ने अपनी-अपनी मुद्राओं के समीकरण बदले हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंकाओं ने डॉलर को सहारा दिया है। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार: बुधवार को 12:30 GMT पर जारी होने वाला व्यक्तिगत उपभोग व्यय सूचकांक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का आधार बनता है। जब तक यह डेटा सामने नहीं आता, तब तक बड़े संस्थागत निवेशक नए बड़े सौदे करने से बच रहे हैं। सवाल-जवाब 1. अगस्त में ऑस्ट्रेलिया की हेडलाइन और ट्रिम्ड मीन मुद्रास्फीति कितनी रही? अगस्त में ऑस्ट्रेलिया की हेडलाइन मुद्रास्फीति मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 4.0 प्रतिशत रही, जबकि ट्रिम्ड मीन मुद्रास्फीति 0.2 प्रतिशत मासिक और 3.6 प्रतिशत सालाना दर्ज की गई। 2. भवन निर्माण मंजूरियों में कितनी गिरावट आई है? ऑस्ट्रेलिया में भवन निर्माण मंजूरियों में मासिक आधार पर 6.1 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई है। 3. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है? कमजोर अंतर्निहित महंगाई आंकड़ों के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के करीब कारोबार कर रहा है। 4. सोने और बिटकॉइन की वर्तमान कीमत किस दायरे में बनी हुई है? सोने का भाव 4,200 डॉलर प्रति औंस के करीब बना हुआ है, जबकि बिटकॉइन 83,000 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिर दिखाई दे रहा है। 5. अमेरिकी पीसीई सूचकांक कब जारी होगा और यह क्यों महत्वपूर्ण है? यह आंकड़ा बुधवार को 12:30 GMT पर जारी होगा और यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है जो भविष्य की मौद्रिक नीति को दिशा देता है। https://trendkia.com/market/australia-men-mahngai-dara-ghati-phira-bhi-kare-kadamon-ki-taiyari-us-bond-yield-aura-mudrasphiti-ankaron-se-pahale-vaishvika-baja-40560 TrendKia — Har trend, sabse pehle.