# ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों से पहले AUD/USD में हलचल, जुलाई में बेरोजगारी दर 4.4% पर स्थिर रहने का अनुमान

> जुलाई महीने में ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में 15,000 नए रोजगार जुड़ने और बेरोजगारी दर 4.4% पर स्थिर रहने की संभावना है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और वैश्विक बाजार पर इसका व्यापक असर देखा जा रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/australia-rojagara-ankaron-se-pahale-aud-usd-men-halachala-july-berojagari-dara-4-4-rahane-ka-anumana-18583 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलिया बेरोजगारी दर, AUD/USD, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा बाजार, ग्लोबल मार्केट

ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के लिए जुलाई महीने के श्रम बाजार के आंकड़े जारी होने से ठीक पहले विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में AUD/USD मुद्रा जोड़े में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस बार देश की बेरोजगारी दर 4.4% के स्तर पर बिना किसी बदलाव के बनी रहेगी। वहीं रोजगार सृजन की रफ्तार में पिछले महीने के मुकाबले बड़ी सुस्ती देखने को मिल सकती है। केंद्रीय बैंक के ब्याज दर फैसलों और महंगाई के आंकड़ों के बीच यह रिपोर्ट निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

## जुलाई रोजगार रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े और ABS के पूर्वानुमान
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स (ABS) द्वारा गुरुवार को भारतीय समयानुसार अलसुबह 01:30 GMT पर जुलाई महीने की मासिक रोजगार रिपोर्ट जारी की जाएगी। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि जुलाई के दौरान अर्थव्यवस्था में केवल 15,000 नए रोजगार जुड़े हैं। यह संख्या जून महीने में दर्ज किए गए 76,300 नए रोजगार के मुकाबले काफी कम है। 

इसके अलावा, रिपोर्ट में श्रम बल सहभागिता दर (Participation Rate) के 66.9% रहने का अनुमान जताया गया है, जो कि इससे ठीक पिछले महीने यानी जून में 67% दर्ज की गई थी। रोजगार सृजन की यह धीमी गति ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) पर अल्पकालिक दबाव बना सकती है। हालांकि, मौजूदा समय में निवेशकों का मुख्य ध्यान मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर टिका हुआ है।

## रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) का रुख और महंगाई की चिंताएं
यद्यपि श्रम बाजार के आंकड़े रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के भावी मौद्रिक नीति निर्णयों को दिशा देते हैं, लेकिन नीति निर्माताओं का प्राथमिक ध्यान वर्तमान में मुद्रास्फीति यानी महंगाई को नियंत्रित करने पर है। अपनी अगस्त की बैठक में RBA बोर्ड ने ऑफिशियल कैश रेट (OCR) को बिना किसी बदलाव के 4.35% पर यथावत रखने का निर्णय लिया था।

RBA के अगस्त बयान के अनुसार, मध्य पूर्व संघर्ष का महंगाई पर असर अब तक अनुमान से कम रहा है, लेकिन हेडलाइन इन्फ्लेशन अभी भी बहुत अधिक बनी हुई है। ट्रिम की गई औसत मुद्रास्फीति (Trimmed mean inflation) भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और मार्च तिमाही के आंकड़ों से इसमें कोई खास बदलाव नहीं आया है। कच्चा तेल और अधिकांश संबंधित कमोडिटी की कीमतें मध्य पूर्व संघर्ष से पहले के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं।

RBA ने यह भी स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति का जोखिम ऊपर की ओर झुका हुआ है, जबकि हाल के महीनों में श्रम बाजार की स्थिति अनुमान से थोड़ी अधिक सुस्त हुई है। श्रम बाजार के अग्रगामी संकेतक निकट भविष्य में केवल सीमित सुस्ती का संकेत देते हैं। ऐसे में रोजगार के नरम आंकड़ों को केंद्रीय बैंक किसी नई चिंता के बजाय एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत के रूप में देख सकता है।

## मध्य पूर्व तनाव, US-ईरान संघर्ष और कच्चे तेल का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कोई नया बड़ा मोड़ नहीं आया है, जो अपने आप में चिंता का विषय है। हालांकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नए हमलों से बच रहे हैं, लेकिन संघर्ष को समाप्त करने के लिए कोई सार्थक वार्ता होती नहीं दिख रही है। दोनों पक्षों की मांगें ऐसी रेखाएं बन चुकी हैं जिन्हें कोई भी पार करने को तैयार नहीं है।

इसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में धीरे-धीरे लेकिन लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तेल की यह बढ़ती कीमतें अंततः वैश्विक स्तर पर महंगाई से जुड़ी चिंताओं को और बढ़ा रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए रोजगार रिपोर्ट के कमजोर आंकड़े एक अस्थायी नकारात्मक असर डाल सकते हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की लंबी अवधि की चाल वैश्विक जोखिम भावना और अमेरिकी डॉलर (USD) की मजबूती या कमजोरी पर निर्भर करेगी।

## श्रम बाजार, वेतन वृद्धि और मुद्रास्फीति का आर्थिक चक्र
किसी भी अर्थव्यवस्था की सेहत का आकलन करने के लिए श्रम बाजार की स्थितियां सबसे प्रमुख आधार होती हैं और यही विदेशी मुद्रा दरों के निर्धारण में बड़ी भूमिका निभाती हैं। उच्च रोजगार या कम बेरोजगारी दर से उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होती है, जो आर्थिक विकास को गति देती है और स्थानीय मुद्रा के मूल्य को मजबूत बनाती है।

इसके विपरीत, जब श्रम बाजार अत्यधिक तंग होता है यानी जब खाली पदों को भरने के लिए श्रमिकों की कमी होती है, तो कंपनियां अधिक वेतन की पेशकश करती हैं। वेतन वृद्धि की यह तेज रफ्तार सीधे तौर पर महंगाई को बढ़ाती है। जब परिवारों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा होता है, तो उपभोक्ता वस्तुओं की मांग और कीमतें दोनों बढ़ती हैं। ऊर्जा की कीमतों जैसी अस्थिर महंगाई के उलट, वेतन वृद्धि को टिकाऊ महंगाई का मुख्य कारण माना जाता है क्योंकि बढ़ा हुआ वेतन आसानी से कम नहीं होता।

## केंद्रीय बैंकों के जनादेश: RBA, US Fed और ECB की तुलना
अलग-अलग देशों के केंद्रीय बैंक अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर श्रम बाजार के आंकड़ों को महत्व देते हैं। अमेरिका का फेडरल रिजर्व (Fed) दोहरे जनादेश पर काम करता है, जिसके तहत उसे अधिकतम रोजगार सुनिश्चित करने के साथ-साथ कीमतों में स्थिरता बनाए रखनी होती है। इसके विपरीत, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) का एकमात्र जनादेश केवल मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखना है।

हालांकि, जनादेश चाहे जो भी हो, सभी प्रमुख केंद्रीय बैंक श्रम बाजार पर पैनी नजर रखते हैं। ABS हर महीने के अंत के लगभग 15 दिन बाद यह रिपोर्ट जारी करता है। हालांकि यह एक पिछड़ता हुआ संकेतक (lagging indicator) है, फिर भी RBA के ब्याज दर संबंधी फैसलों को गहराई से प्रभावित करता है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

## वैश्विक मुद्रा, कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की ताजा हलचल
वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी हलचल तेज बनी हुई है। GBP/USD मुद्रा जोड़ा mid-May के बाद के अपने उच्चतम स्तर 1.3600 से ऊपर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक कूपन प्रतिभूतियों के लिए तरलता सहायता बायबैक संचालन के आकार को दोगुना करने के फैसले से अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना है। इससे पहले जारी आंकड़ों के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम में जुलाई की सालाना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) दर 2.9% दर्ज की गई, जो अनुमानों के अनुकूल है, जबकि कोर CPI 2.6% रही।

दूसरी ओर, EUR/USD में तेजी का रुख बना हुआ है और यह early June के बाद के उच्चतम स्तर 1.1650 के पार पहुंच गया है। निवेशक नीतिगत संकेतों के लिए FOMC मिनट्स के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। कमोडिटी बाजार में, सोने (XAU/USD) ने पिछले सत्र के नुकसान की भरपाई करते हुए बढ़त हासिल की है, जिसे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर डॉलर का समर्थन मिला है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, बिटकॉइन (BTC) की कीमतें $64,000 के ऊपर मजबूती से टिकी हुई हैं, लेकिन $65,000 के स्तर के पास इसकी बढ़त थम गई है। मध्य पूर्व के कूटनीतिक हालात और वैश्विक व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था और मुद्रा में बदलाव से भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार सौदों और एनआरआई प्रेषण (remittances) की विनिमय दरों पर असर पड़ सकता है।

**निवेशकों के लिए:** फॉरेक्स ट्रेडिंग करने वाले और कमोडिटी मार्केट के निवेशकों को AUD/USD, सोने और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की अनुमानित बेरोजगारी दर कितनी है?
जुलाई महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया की बेरोजगारी दर 4.4% पर स्थिर रहने का अनुमान है।

### 2. जुलाई में कितने नए रोजगार जुड़ने की उम्मीद है?
जुलाई में ऑस्ट्रेलिया में 15,000 नए रोजगार जुड़ने का अनुमान है, जो जून में दर्ज 76,300 की तुलना में काफी कम है।

### 3. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की आधिकारिक नकद दर (OCR) क्या है?
RBA की आधिकारिक नकद दर वर्तमान में 4.35% पर स्थिर रखी गई है।

### 4. ऑस्ट्रेलियाई रोजगार रिपोर्ट कब जारी होगी?
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स (ABS) द्वारा यह रिपोर्ट गुरुवार को 01:30 GMT पर जारी की जाएगी।

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