ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6960 के निचले स्तर से संभला, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और अमेरिकी पीसीई पर टिकी नजरें अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई सीपीआई आंकड़ों में तेजी के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने 0.6960 के निचले स्तर से उबरते हुए 0.6972 के करीब वापसी की। निवेशक अब अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति रिपोर्ट और आगामी दरों के फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं। बुधवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.6960 के निचले स्तर से उबरते हुए 0.6972 के आसपास अपनी रिकवरी दर्ज की। हालांकि इस मामूली सुधार के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा अपने मंगलवार के बंद स्तर 0.6985 की तुलना में 0.18 प्रतिशत नीचे बनी हुई है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों को लेकर भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है, जिससे प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़े और नीतिगत सख्ती की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को हाल ही में जारी अगस्त महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई आंकड़ों से सहारा मिला है। इन आंकड़ों से साफ संकेत मिला है कि देश में कीमतों का दबाव कम होने के बजाय और तेज हुआ है। सालाना आधार पर ऑस्ट्रेलिया का सीपीआई 4 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रहा और जुलाई के 3.55 प्रतिशत के आंकड़े से काफी अधिक है। हालांकि मासिक आधार पर मुद्रास्फीति की दर घटकर 0.4 प्रतिशत रह गई, जो अनुमानों के मुताबिक रही जबकि पिछले महीने यह 1 प्रतिशत दर्ज की गई थी। ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में मूल्य दबावों के फिर से सिर उठाने के कारण रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए द्वारा इस वर्ष ब्याज दरों में और बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मंगलवार को आरबीए गवर्नर मिशेल बुलॉक ने संकेत दिया कि इस साल ब्याज दरों में और इजाफा करने के दरवाजे पूरी तरह से खुले हुए हैं। साल 2026 में अब तक आरबीए ने अपनी आधिकारिक नकद दर यानी ऑफिशियल कैश रेट (ओसीआर) में चार बार बढ़ोतरी करते हुए इसे 4.6 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। नीति निर्माताओं का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करना है, जिसके चलते आने वाली बैठकों में सख्त मौद्रिक फैसलों की संभावना बनी हुई है। अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़े और तकनीकी स्तर अमेरिकी डॉलर के मोर्चे पर, निवेशक अब अगस्त महीने के यूएस पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी पीसीई प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो 12:30 जीएमटी पर जारी किए जाने हैं। यह आंकड़ा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए मुद्रास्फीति मापने का पसंदीदा पैमाना माना जाता है और इसके नतीजे अमेरिकी डॉलर की अगली दिशा तय करने में बेहद अहम भूमिका निभाएंगे। यदि पीसीई आंकड़े उम्मीद से अधिक आते हैं, तो डॉलर को मजबूती मिल सकती है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव दोबारा बढ़ सकता है। तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए ऊपरी स्तरों पर पहला तात्कालिक प्रतिरोध 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 0.7008 पर मौजूद है। इसके बाद 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 0.7052 और 20-दिवसीय ईएमए 0.7078 पर स्थित है। यदि तेजी जारी रहती है तो अतिरिक्त बाधाएं 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 0.7096 और 23.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 0.7150 पर देखने को मिलेंगी, जिसके बाद प्रमुख स्ट्रक्चरल एंकर 0.7238 के करीब स्थित है। नीचे की ओर, प्रारंभिक समर्थन 78.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के आसपास 0.6946 पर दिखाई देता है, जबकि हालिया स्विंग लो 100 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 0.6866 पर स्थित है, जहां ओवरसोल्ड संकेतों के बने रहने पर बिकवाल मुनाफावसूली शुरू कर सकते हैं। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 0.6951 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद 0.7016 से 0.93 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है, जबकि इसका 14-दिवसीय आरएसआई 27 के स्तर पर ओवरसोल्ड क्षेत्र में है। एशियाई सत्र का रुझान और अन्य वैश्विक संपत्तियां बुधवार को एशियाई सत्र के दौरान यह मुद्रा जोड़ी 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर भी देखी गई थी, क्योंकि अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित सीपीआई आंकड़ों ने आरबीए द्वारा दरों में आगे बढ़ोतरी की उम्मीदों पर कुछ हद तक पानी फेरने का काम किया था। इसके अलावा, चीन के कमजोर पीएमआई आंकड़े भी अमेरिकी डॉलर की तेजी थमने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में भरोसा जगाने में नाकाम रहे। अन्य परिसंपत्तियों की बात करें तो यूएसडी/जेपीवाई बुधवार को एशियाई सत्र में 157.00 से नीचे के नुकसान को बनाए रखे हुए है, क्योंकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की उम्मीदें और मुद्रा हस्तक्षेप का जोखिम जापानी येन को सहारा दे रहा है। इसने जापान के कमजोर फैक्ट्री उत्पादन और खुदरा बिक्री आंकड़ों के असर को काफी हद तक बेअसर कर दिया है। साथ ही, अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक कमजोरी ने भी इस जोड़ी पर दबाव बनाने में योगदान दिया है। सोने के बाजार में भी हलचल देखी जा रही है। पीली धातु बुधवार को एशिया में 4,110 डॉलर के आठ सप्ताह के निचले स्तर से संभलने के बाद अपनी बढ़त को मजबूत कर रही है, हालांकि यह अमेरिकी एडीपी रोजगार रिपोर्ट और कोर पीसीई आंकड़ों से पहले 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे ही बनी हुई है। क्रिप्टो बाजार में एवे पिछले दिन 10 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाने के बाद बुधवार को फिसलकर 161 डॉलर से नीचे आ गया, जहां ऑन-चेन आंकड़े बढ़ते मुनाफावसूली का संकेत देते हैं। इस बीच, एवे के संस्थापक स्टैनी कुलेचोव आवेनॉमिक्स 3.0 के तहत एक टोकन-बर्न तंत्र पर विचार कर रहे हैं, जो एवे के लिए एक संभावित उत्प्रेरक बन सकता है। इसका आप पर असर मुद्रास्फीति में वृद्धि और केंद्रीय बैंकों की संभावित दर वृद्धि से विदेशी मुद्रा विनिमय दरों तथा वैश्विक निवेश पर सीधा असर पड़ता है। • मुद्रा बाजार पर असर: विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से विदेशी व्यापार करने वाली कंपनियों की लागत बदलती है। आयातकों और निर्यातकों को अपने विदेशी मुद्रा जोखिम को हेज करने की आवश्यकता हो सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीतियों से बॉन्ड यील्ड और शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है। निवेशकों को आगामी आर्थिक आंकड़ों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए। • अंतरराष्ट्रीय यात्रा और शिक्षा: मुद्राओं के कमजोर या मजबूत होने से विदेश में यात्रा और पढ़ाई का खर्च सीधे प्रभावित होता है। छात्रों और यात्रियों को मुद्रा विनिमय की दरों पर नजर रखनी चाहिए। • कमोडिटी और सोने की कीमतें: डॉलर और प्रमुख मुद्राओं में हलचल से सोने और कच्चे तेल जैसी संपत्तियों के दाम प्रभावित होते हैं। व्यापारियों को प्रमुख स्तरों के अनुसार स्टॉप लॉस तय करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह हलचल घरेलू मुद्रास्फीति में आई तेजी और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा नीतिगत दरों को लेकर दिए गए संकेतों के कारण देखने को मिली है। • तेज मुद्रास्फीति आंकड़े: ऑस्ट्रेलिया में अगस्त का सीपीआई 4 प्रतिशत पर पहुंच गया जो जुलाई के मुकाबले अधिक है। इस तेजी ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया पर दरें बढ़ाने का दबाव दोबारा बढ़ा दिया है। • आरबीए का सख्त रुख: गवर्नर मिशेल बुलॉक ने संकेत दिया कि चालू वर्ष में दरों में बढ़ोतरी की गुंजाइश अभी भी खुली हुई है। इससे पहले केंद्रीय बैंक 2026 में चार बार दरें बढ़ा चुका है। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार: बाजार भागीदार आगामी यूएस पीसीई डेटा को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके नतीजों के आधार पर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की दिशा तय होगी। सवाल-जवाब 1. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हालिया सुधार का मुख्य कारण क्या है? अगस्त में ऑस्ट्रेलिया का सीपीआई बढ़कर 4 प्रतिशत पर पहुंचने के कारण मुद्रा को समर्थन मिला, जिससे आगे ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें मजबूत हुईं। 2. वर्ष 2026 में आरबीए ने कितनी बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने 2026 में अपनी आधिकारिक नकद दर को चार बार बढ़ाकर 4.6 प्रतिशत तक पहुंचाया है। 3. आरबीए गवर्नर मिशेल बुलॉक ने दरों को लेकर क्या कहा? गवर्नर मिशेल बुलॉक ने स्पष्ट संकेत दिया कि चालू वर्ष के दौरान ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का विकल्प खुला हुआ है। 4. व्यापारियों के लिए प्रमुख तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या हैं? जोड़ी के लिए निकटतम प्रतिरोध 0.7008 और 0.7052 पर है, जबकि तात्कालिक समर्थन 0.6946 और 0.6866 के स्तर पर मौजूद है। https://trendkia.com/market/australian-dollar-0-6960-ke-nichale-stara-se-snbhala-mudrasphiti-ke-ankaron-aura-ameriki-pce-para-tiki-najaren-40609 TrendKia — Har trend, sabse pehle.