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  "type": "article",
  "title": "ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7130 के शिखर से फिसला, आरबीए की नीति और आगामी पीएमआई आंकड़ों पर केंद्रित बाजार",
  "summary": "ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7130 के दो महीने के उच्च स्तर से पीछे हट गया है। कमजोर रोजगार आंकड़ों और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सतर्क दृष्टिकोण के बीच निवेशक आगामी पीएमआई डेटा का इंतजार कर रहे हैं।",
  "content": "ऑस्ट्रेलियाई डॉलर हाल के कारोबारी सत्रों में 0.7130 के दो महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंचने के बाद थोड़ा पीछे हट गया है, और वर्तमान में AUD/USD की जोड़ी 0.7109 के स्तर पर कारोबार कर रही है। विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी और संस्थागत विश्लेषक ऑस्ट्रेलिया से आ रहे मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों का गहन विश्लेषण कर रहे हैं। एक तरफ जहां हाल ही में जारी हुए जुलाई के निराशाजनक रोजगार आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की आंतरिक नरमी को उजागर किया है, वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सतर्क और सख्त नीतिगत दृष्टिकोण ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को नीचे गिरने से रोक रखा है। जैसे-जैसे वैश्विक निवेशक और मुद्रा कारोबारी शुक्रवार को जारी होने वाले एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के प्रारंभिक क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) आंकड़ों की ओर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, यह मुद्रा जोड़ी अपने दीर्घकालिक तकनीकी मूविंग एवरेज के ऊपर मजबूती से बनी हुई है। यह तकनीकी मजबूती ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए एक सकारात्मक संरचनात्मक माहौल बनाए रखती है, भले ही घरेलू श्रम बाजार की कमजोरी और अमेरिकी डॉलर में आ रही तेजी के कारण अल्पावधि में बढ़त की गति को अस्थायी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा हो।\n\nऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था का यह जटिल दौर वैश्विक मुद्रा बाजारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर श्रम बाजार में आ रही सुस्ती आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम पैदा कर रही है। निवेशकों के लिए इन दोनों कारकों के बीच संतुलन को समझना बहुत आवश्यक है।\n\nतकनीकी चार्ट विश्लेषण और प्रमुख मूविंग एवरेज स्तर\nदैनिक मूल्य चार्ट के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि AUD/USD में तटस्थ से सकारात्मक रुख बना हुआ है। 0.7109 का वर्तमान हाजिर मूल्य 0.7001 और 0.6949 के बीच स्थित प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के समूह के ऊपर मजबूती से बना हुआ है। विशेष रूप से, यह हाजिर दर 55-दिवसीय SMA 0.7001, 100-दिवसीय SMA 0.7067 और 200-दिवसीय SMA 0.6949 के ऊपर कारोबार कर रही है। जब तक यह हाजिर दर 0.6940 के 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के मुख्य आधार स्तर से ऊपर बनी रहती है, तब तक मध्यम अवधि का तकनीकी दृष्टिकोण सकारात्मक रहेगा और तत्काल गिरावट के जोखिम सीमित रहेंगे।\n\nनीचे की ओर, पहला मुख्य तकनीकी समर्थन 0.7079 के क्षैतिज मांग स्तर पर स्थित है। यदि हाजिर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो अगला तकनीकी समर्थन 100-दिवसीय SMA 0.7067 और उसके बाद 55-दिवसीय SMA 0.7001 पर मिलेगा। इन मध्यवर्ती स्तरों के नीचे, 0.6949 पर स्थित 200-दिवसीय SMA एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक सीमा के रूप में कार्य करता है। यदि दैनिक कैंडल इस मुख्य तकनीकी स्तर के नीचे बंद होती है, तो तेजी का ढांचा बुरी तरह प्रभावित होगा और बाजार 30 जून के निचले स्तर 0.6865 तथा 0.6833 के निचले समर्थन स्तर की ओर गिर सकता है।\n\nऊपर की ओर, पहली बाधा 20 अगस्त को बने 0.7132 के मासिक उच्च स्तर पर स्थित है। 0.7100 के स्तर से ऊपर का मजबूत और टिकाऊ उछाल इस मासिक उच्च स्तर को फिर से परखने का मार्ग प्रशस्त करेगा। 0.7132 के ऊपर, अगला मध्यम अवधि का लक्ष्य 0.7200 पर है, जो 29 मई का उच्चतम स्तर था। इसके बाद 6 मई को बने 0.7277 के वर्ष 2026 के शिखर और 0.7278 से 0.7283 की प्रतिरोध सीमा की चुनौती होगी। दीर्घकालिक तेजी का लक्ष्य 0.7661 पर स्थित है। तकनीकी संकेतक वर्तमान में एक संतुलित स्थिति दर्शाते हैं: रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 62 पर है जो बिना ओवरबॉट हुए सकारात्मक गति दिखाता है, जबकि एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 14 के आसपास है जो दर्शाता है कि वर्तमान रुझान में मजबूत दिशात्मक ताकत की कमी है।\n\nरिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मौद्रिक नीति और ब्याज दर दृष्टिकोण\nऑस्ट्रेलियाई डॉलर को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सतर्क और सख्त नीतिगत रुख से निरंतर समर्थन मिल रहा है। अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में, RBA बोर्ड ने आधिकारिक नकद दर (OCR) को 4.35 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया। यह दर निर्णय चालू वर्ष में की गई तीन ब्याज दर वृद्धियों के बाद आया है, जिससे मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत दरें अपेक्षाकृत प्रतिबंधात्मक स्तर पर बनी हुई हैं। आरबीए का मानना है कि अर्थव्यवस्था में कुल मांग को नियंत्रित करने और महंगाई को कम करने के लिए मौद्रिक नीति को सख्त रखना अनिवार्य था।\n\nनीतिगत निर्णय के बाद अपनी सार्वजनिक टिप्पणियों में, RBA की गवर्नर मिशेल बुलॉक (Michele Bullock) ने स्पष्ट और सख्त संदेश दिया कि केंद्रीय बैंक वर्तमान में ब्याज दरों में कटौती पर विचार नहीं कर रहा है। गवर्नर मिशेल बुलॉक ने जोर देकर कहा कि बोर्ड मुद्रास्फीति के रुझानों पर सतर्क है, और यदि मूल्य वृद्धि उम्मीद से अधिक जिद्दी साबित होती है, तो दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा कि मुद्रास्फीति को टिकाऊ तरीके से लक्ष्य तक लाने के लिए आर्थिक विकास दर का धीमा होना और श्रम बाजार की कड़ाई में कमी आना अत्यंत आवश्यक है।\n\nवित्तीय बाजार के प्रतिभागी वर्ष के अंत तक लगभग 4 बेसिस पॉइंट्स (bps) की और नीतिगत सख्ती की संभावना जता रहे हैं। अधिकांश अर्थशास्त्रियों और संस्थागत विश्लेषकों का अनुमान है कि 29 सितंबर की आगामी नीतिगत बैठक में केंद्रीय बैंक दरों को 4.35 प्रतिशत पर यथावत रखेगा। आरबीए का दरों में कटौती से इनकार करना ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को विदेशी मुद्रा बाजारों में अन्य केंद्रीय बैंकों की तुलना में बेहतर मजबूती प्रदान कर रहा है, जो पहले से ही ढील देने की तैयारी कर रहे हैं।\n\nमुद्रास्फीति की स्थिति और उपभोक्ता मूल्य उम्मीदें\nऑस्ट्रेलिया में मुद्रास्फीति का दबाव अब भी ऊंचा बना हुआ है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए जीत का ऐलान करना आसान नहीं है। दूसरी तिमाही के आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति घटकर 3.9 प्रतिशत पर आ गई, जो पहली तिमाही में 4.1 प्रतिशत थी। हालांकि, कोर मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई है। ट्रिम्ड मीन और वेटेड मीडियन दोनों ही उपाय पिछली तिमाही के 3.5 प्रतिशत से बढ़कर 3.6 प्रतिशत पर पहुंच गए, जो केंद्रीय बैंक की लक्षित सीमा 2 से 3 प्रतिशत से ऊपर बने हुए हैं।\n\nउपभोक्ता स्तर पर भी महंगाई की चिंताएं बनी हुई हैं। मेलबर्न इंस्टीट्यूट (Melbourne Institute) के सर्वेक्षण के अनुसार, अगस्त में उपभोक्ता मुद्रास्फीति की उम्मीदें बढ़कर 4.9 प्रतिशत हो गईं, जो जुलाई में 4.7 प्रतिशत थीं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि आम जनता के बीच मूल्य वृद्धि की आशंकाएं केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे वेतन और कीमतों का चक्र प्रभावित हो सकता है और मुद्रास्फीति को नीचे लाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।\n\nआरबीए के आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, ट्रिम्ड मीन मुद्रास्फीति वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 3.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो वर्ष 2027 के मध्य तक 3.0 प्रतिशत से ऊपर बनी रहेगी और वर्ष 2028 की शुरुआत में घटकर 2.5 प्रतिशत पर आएगी। वहीं हेडलाइन मुद्रास्फीति 2026 की चौथी तिमाही में 3.6 प्रतिशत, 2027 की चौथी तिमाही में 2.6 प्रतिशत और 2028 की चौथी तिमाही में 2.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि अल्पकालिक मुद्रास्फीति अनुमान थोड़े नरम हुए हैं, लेकिन वे इस वर्ष की शुरुआत के स्तर से ऊंचे बने हुए हैं।\n\nश्रम बाजार के आंकड़े और व्यापारिक सर्वेक्षण के संकेत\nऑस्ट्रेलिया के श्रम बाजार में नरमी के संकेत मिले हैं, जो केंद्रीय बैंक की सख्त उम्मीदों के विपरीत हैं। जुलाई के आधिकारिक आंकड़ों में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो लगभग 5 वर्षों का उच्चतम स्तर है। इसके अलावा, रोजगार संख्या में अचानक 15.8 हजार की गिरावट आई, जबकि जून में 80.3 हजार की वृद्धि दर्ज की गई थी। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि बेरोजगारी दर 2026 की चौथी तिमाही में 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 2027 की चौथी तिमाही में 4.7 प्रतिशत और 2028 की चौथी तिमाही में 4.8 प्रतिशत तक जा सकती है।\n\nदूसरी ओर, व्यापारिक गतिविधियों के आंकड़े सकारात्मक रहे हैं। जुलाई के एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) सर्वेक्षण में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) PMI जून के 51.5 से बढ़कर 52.0 हो गया। वहीं सेवा (सर्विसेज) PMI 50.5 से बढ़कर 53.6 पर पहुंच गया। दोनों क्षेत्र 50.0 की सीमा से ऊपर विस्तार की स्थिति में हैं। अब सभी की निगाहें शुक्रवार को आने वाले अगस्त के प्रारंभिक पीएमआई आंकड़ों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि निजी क्षेत्र का विस्तार अपनी रफ्तार बरकरार रख पाता है या नहीं।\n\nअंतर्राष्ट्रीय जिंस (कमोडिटी) बाजारों में ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख निर्यातों जैसे लौह अयस्क और कोयले की मांग पर भी गहरी नजर रखी जा रही है। चीनी अर्थव्यवस्था से मिलने वाले स्थिर संकेत ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहे हैं, जिससे वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद मुद्रा में बड़ी गिरावट नहीं आई है।\n\nराष्ट्रीय मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतक: व्यापार संतुलन और जीडीपी विकास दर\nऑस्ट्रेलिया का समग्र आर्थिक ढांचा मजबूत बना हुआ है, जिसे स्थिर घरेलू मांग और मजबूत निर्यात का सहारा मिल रहा है। जून महीने में देश ने 1.929 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (A$) का व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) दर्ज किया, जो मई के 2.367 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के घाटे से एक बड़ा सुधार है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में यह सकारात्मक बदलाव राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है और चालू खाते के संतुलन को सहारा प्रदान कर रहा है।\n\nहालांकि, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर धीमी हुई है। जनवरी से मार्च की अवधि के दौरान त्रैमासिक जीडीपी वृद्धि दर घटकर 0.3 प्रतिशत (QoQ) रह गई, जो पिछली तिमाही में 0.9 प्रतिशत थी। वार्षिक आधार पर जीडीपी वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत पर स्थिर रही। हालांकि वृद्धि दर का धीमा होना केंद्रीय बैंक की प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति के असर को दर्शाता है, लेकिन वार्षिक दर अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती को साबित करती है।\n\nचीन की अर्थव्यवस्था और कमोडिटी मांग का प्रभाव\nचीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्राकृतिक संसाधनों का प्रमुख आयातक है, इसलिए चीनी अर्थव्यवस्था के आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर सीधा असर डालते हैं। बीजिंग से आए हालिया आंकड़े बताते हैं कि चीन की अर्थव्यवस्था ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को भारी तेजी देने के बजाय स्थिरता प्रदान कर रही है। दूसरी तिमाही (अप्रैल से जून) में चीन की जीडीपी वृद्धि दर वार्षिक आधार पर 4.3 प्रतिशत (YoY) रही।\n\nजून में चीन का औद्योगिक उत्पादन 4.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि खुदरा बिक्री में केवल 0.6 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई। व्यापार के मोर्चे पर, चीन का व्यापार अधिशेष मई के 105.4 अरब डॉलर से बढ़कर जून में 125.62 अरब डॉलर हो गया। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने अपनी ऋण प्राथमिक दरों (LPR) को अपरिवर्तित रखा, जिसमें 1-वर्षीय LPR 3.00 प्रतिशत और 5-वर्षीय LPR 3.50 प्रतिशत शामिल है। यह तटस्थ मौद्रिक नीति दर्शाती है कि चीनी मांग स्थिर बनी हुई है और ऑस्ट्रेलिया के लिए कोई नया बड़ा संकट या अचानक उछाल नहीं ला रही है।\n\nसीएफटीसी फ्यूचर्स पोजीशनिंग और शॉर्ट स्क्वीज की संभावना\nकमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 11 अगस्त को समाप्त सप्ताह में सट्टेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर अपनी मंदी की पोजीशन बढ़ा दी है। शुद्ध सट्टेबाजी शॉर्ट पोजीशन बढ़कर लगभग 39.2 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स हो गई। साप्ताहिक बदलाव -6.0 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स रहा, जिसने पिछले सप्ताह के 6.8 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स के सुधार को पलट दिया।\n\nओपन इंटरेस्ट बढ़कर 267.2 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स (पहले 240.5 हजार) हो गया, जबकि स्पेक्युलेटिव एक्सपोजर घटकर -14.7 प्रतिशत (पहले -13.8 प्रतिशत) पर आ गया। 4-सप्ताह का बदलाव -8.5 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स पर स्थिर रहा। नेट पोजीशन पर्सेंटाइल 68.5 और स्पेक्युलेटिव एक्सपोजर पर्सेंटाइल 80.4 पर है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सट्टेबाज बिकवाली पर टिके हुए हैं। हालांकि, यदि AUD/USD 0.7100 के स्तर को पार करता है, तो शॉर्ट पोजीशन में फंसे कारोबारियों की वजह से एक बड़ा शॉर्ट स्क्वीज आ सकता है जो कीमतों को तेजी से ऊपर ले जाएगा।\n\nवैश्विक वित्तीय बाजार, बॉन्ड प्रतिफल और अन्य मुद्रायें\nवैश्विक बाजारों में अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.672 प्रतिशत पर आ गई। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को 12:32 GMT पर घोषणा की कि वह 9 सितंबर से 4 नवंबर तक 10-20 वर्ष और 20-30 वर्ष की अवधि वाले सरकारी बॉन्ड की तरलता सहायता बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन करेगा। यह कदम बॉन्ड बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।\n\nअन्य प्रमुख मुद्राओं में, GBP/USD गिरकर 1.3620-1.3630 के दायरे में आ गया, जबकि EUR/USD घटकर 1.1670 के करीब आ गया। कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार में, सोना बढ़कर 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया। बिटकॉइन (BTC) 70,000 डॉलर के ऊपर, एथेरियम (ETH) 2,200 डॉलर के ऊपर और रिपल (XRP) 1.15 डॉलर के ऊपर बना हुआ है।\n\nशैक्षणिक ढांचा: जीडीपी और मुद्रा बाजार का गणित\nसकल घरेलू उत्पाद (GDP) किसी देश के कुल आर्थिक उत्पादन और विकास की गति को मापने का मुख्य पैमाना है। त्रैमासिक (QoQ) और वार्षिक (YoY) तुलनाएं अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर पेश करती हैं। इसके विपरीत, एक ही तिमाही के आंकड़ों के आधार पर वार्षिक अनुमान लगाना भ्रामक हो सकता है, जैसा कि वर्ष 2020 की पहली तिमाही में कोरोना महामारी के दौरान देखा गया था जब विकास दर में अचानक भारी गिरावट आई थी।\n\nमजबूत जीडीपी वृद्धि देश की मुद्रा के लिए सकारात्मक होती है क्योंकि यह औद्योगिक उत्पादन और विदेशी निवेश को आकर्षित करती है। अर्थव्यवस्था के विस्तार से महंगाई बढ़ती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है। उच्च ब्याज दरें विदेशी पूंजी को आकर्षित करती हैं जिससे स्थानीय मुद्रा मजबूत होती है। हालांकि, उच्च ब्याज दरें सोने (Gold) जैसे गैर-ब्याज वाले परिसंपत्तियों के लिए नकारात्मक साबित होती हैं क्योंकि निवेशकों के लिए नकदी रखना अधिक लाभदायक हो जाता है।\n\nबाजार का निष्कर्ष और AUD/USD के लिए आगे की राह\nनिष्कर्ष के तौर पर, AUD/USD की जोड़ी घरेलू बुनियादी मजबूती और वैश्विक चुनौतियों के बीच फंसी हुई है। 0.7100 से ऊपर का टिकाऊ ब्रेकआउट 0.7132 और 0.7200 तक की तेजी का रास्ता खोलेगा, जबकि 0.7000 के नीचे की गिरावट इसे 0.6949 के 200-दिवसीय SMA तक ले जा सकती है। बाजार विश्लेषक पाब्लो (Pablo) के अनुसार, आगामी पीएमआई आंकड़े और वैश्विक बांड यील्ड की चाल इस मुद्रा जोड़ी की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ाव का भारतीय आयातकों और विदेशी मुद्रा व्यापार में शामिल निवेशकों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।\n\nवैश्विक बाजार में: आरबीए के सख्त रुख और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार और कमोडिटी की कीमतों पर असर पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. AUD/USD में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है?\nऑस्ट्रेलिया में जुलाई के दौरान बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5 प्रतिशत हो गई और रोजगार में 15.8 हजार की गिरावट आई, जिससे मुद्रा पर दबाव बना।\n\n2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का ब्याज दरों पर क्या रुख है?\nआरबीए ने नकद दर को 4.35 प्रतिशत पर बरकरार रखा है और गवर्नर मिशेल बुलॉक ने स्पष्ट किया है कि निकट भविष्य में दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं है।\n\n3. AUD/USD के लिए प्रमुख तकनीकी समर्थन स्तर कौन से हैं?\nमुख्य समर्थन स्तर 0.7079, 100-दिवसीय SMA 0.7067, 55-दिवसीय SMA 0.7001 और 200-दिवसीय SMA 0.6949 हैं।\n\n4. चीन के आर्थिक आंकड़ों का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ रहा है?\nचीन की दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि 4.3 प्रतिशत रही और पीबीओसी ने दरों को अपरिवर्तित रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बड़े उछाल के बिना स्थिरता मिल रही है।",
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  "publishedAt": "2026-08-21",
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