ऑस्ट्रेलियन डॉलर में तेजी का सिलसिला जारी, 0.7200 के स्तर को पार कर आगे बढ़ा ऑस्ट्रेलियन डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में तेजी का दौर बना हुआ है और यह 0.7200 के अहम स्तर को पार कर चुका है। आरबीए के सख्त रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से इसे समर्थन मिल रहा है। ऑस्ट्रेलियन डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में मजबूती का रुख लगातार बना हुआ है और इसने 0.7200 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है। मौजूदा समय में लाइव बाजार के आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 0.7221 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 0.7201 से 0.28 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़ी का 52 हफ्ते का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है और यह इस साल के उच्चतम स्तर के बेहद करीब पहुंचती नजर आ रही है। तकनीकी संकेतकों के मोर्चे पर, चौदह दिन का आरएसआई 68 के स्तर पर है जो ओवरबॉट जोन के करीब होने का संकेत देता है। मूविंग एवरेज की स्थिति मजबूत बनी हुई है जहां पचास-दिवसीय ईएमए 0.7086 और दो सौ-दिवसीय ईएमए 0.6932 पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, बोलिंजर बैंड का मध्य स्तर 0.7135 पर है और मौजूदा भाव ऊपरी सीमा 0.7237 और निचली सीमा 0.7034 के दायरे के भीतर बना हुआ है। घरेलू आर्थिक बुनियादी और आरबीए की नीतियां ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मोर्चे पर आर्थिक बुनियादें मजबूत स्थिति में बनी हुई हैं। हालांकि जुलाई महीने में बेरोजगारी दर बढ़कर लगभग पांच साल के उच्च स्तर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई और रोजगार में पंद्रह हजार आठ सौ की गिरावट आई, फिर भी देश का व्यापार संतुलन सकारात्मक बना हुआ है। जुलाई में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिषेष एक अरब नौ सौ तेईस मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दर्ज किया गया। इसके अलावा अप्रैल से जून की तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर तिमाही आधार पर 0.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 2.1 प्रतिशत रही। जुलाई में हेडलाइन महंगाई दर घटकर 3.5 प्रतिशत पर आ गई, जबकि ट्रिमड मीन इन्फ्लेशन 3.6 प्रतिशत पर स्थिर रही। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अपनी अगस्त की बैठक में आधिकारिक नकद दर को 4.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन नीति निर्माताओं ने चेतावनी दी है कि यदि महंगाई उम्मीद से ज्यादा समय तक बनी रहती है तो ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि इस साल के अंत तक दरों में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है और छब्बीस सितंबर की बैठक में एक और दर वृद्धि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। चीन के आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार का असर ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर चीन के आर्थिक घटनाक्रमों का गहरा प्रभाव रहता है, हालांकि फिलहाल चीन की तरफ से बहुत मजबूत रफ्तार के बजाय स्थिरता ही मिल रही है। अप्रैल से जून की अवधि में चीन की अर्थव्यवस्था में सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि औद्योगिक उत्पादन में 4.5 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने पिछले महीने अपनी लोन प्राइम दरों को स्थिर रखा जिसमें एक साल की दर 3.00 प्रतिशत और पांच साल की दर 3.50 प्रतिशत पर बरकरार रही। दूसरी ओर, कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर मंदी का दांव लगाने वाली पोजीशन में कमी आई है। सट्टेबाजों की शुद्ध पोजीशन में पांच हजार से अधिक अनुबंधों का सुधार हुआ है और यह बढ़कर लगभग उनतालीस हजार चार सौ पर पहुंच गई है। हालांकि खुले हितों में लगभग सत्तावन हजार आठ सौ अनुबंधों की तेज बढ़ोतरी देखी गई है, जो इस बात का संकेत है कि यह सुधार पूरी तरह से मंदी से हटने के बजाय शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी का मिलाजुला परिणाम है। अन्य वैश्विक बाजार और कमोडिटी का हाल विदेशी मुद्रा बाजारों में अन्य जोड़ियों की बात करें तो यूएसडी/जेपीवाई यानी अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी में सोमवार को गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह फिसलकर सात महीने के निचले स्तर 154.00 के आसपास पहुंच गई। जापान के केंद्रीय बैंक के नीतिगत दृष्टिकोण में सख्ती आने की संभावनाओं के कारण ऐसा हो रहा है। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में पिछले हफ्ते आई गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी देखने को मिली और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के स्तर पर वापस लौट आया। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बित्तेंसर यानी टीएओ में पिछले पांच दिनों से लगातार तेजी का रुख है और इसमें पच्चीस प्रतिशत का मुनाफा दर्ज किया गया है। तेल बाजार में हालांकि थोड़ी नरमी दिख रही है, लेकिन अमेरिकी डीजल का क्रैक स्प्रेड पहली बार सौ डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और यह 102.00 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू चुका है। घरेलू स्तर पर, बाजार की नजरें अब वेस्टपैक के उपभोक्ता विश्वास सूचकांक, भवन परमिट और नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक के व्यापार विश्वास आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव का इतिहास दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापारिक संबंधों का इतिहास काफी पुराना और जटिल रहा है। शुरुआती दौर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2018 की शुरुआत में अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं का हवाला देते हुए चीन पर व्यापारिक बाधाएं और शुल्क लगाए थे, जिसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगा दिया था। यह तनाव जनवरी 2020 में दोनों देशों के बीच पहले चरण के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद कुछ समय के लिए थमा था। हालांकि इसके बाद कोरोना महामारी ने सबका ध्यान भटका दिया, लेकिन जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद भी वे शुल्क बरकरार रहे और उनमें कुछ नए कर भी जोड़े गए। डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में सत्ता में लौटने के बाद इस व्यापार युद्ध के फिर से उसी बिंदु से शुरू होने की पूरी संभावना है, जहां इसे छोड़ा गया था। चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने चीन पर साठ प्रतिशत तक शुल्क लगाने का वादा किया था, जिसके लागू होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान आ सकता है और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी महंगाई पर सीधा असर पड़ सकता है। इसका आप पर असर ऑस्ट्रेलियन डॉलर में जारी यह उतार-चढ़ाव वैश्विक मुद्रा बाजारों और आयात-निर्यात से जुड़ी गतिविधियों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा बाजारों में डॉलर और अन्य प्रमुख मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का असर भारतीय रुपये के विनिमय मूल्य और आयातित वस्तुओं की लागत पर पड़ता है। कच्चे तेल और अन्य वैश्विक जिंसों की कीमतें प्रभावित होने से घरेलू स्तर पर ईंधन और विनिर्माण लागत में बदलाव आ सकता है। • फॉरेक्स निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को तकनीकी स्तरों और केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। 0.7200 के स्तर के आसपास का यह दौर शॉर्ट-टर्म पोजीशन और स्टॉप-लॉस रणनीतियों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। • व्यापारिक लागत: वैश्विक व्यापार में शामिल कंपनियों को अमेरिकी डॉलर और चीनी आर्थिक आंकड़ों के कारण होने वाले उतार-चढ़ाव के अनुसार अपनी हेजिंग रणनीतियों को समायोजित करना पड़ सकता है। • ब्याज दरों का असर: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख से उधार लेने की लागत प्रभावित होती है, जिसका परोक्ष असर अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजारों की तरलता पर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. ऑस्ट्रेलियन डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी किस स्तर पर कारोबार कर रही है? यह जोड़ी 0.7221 के आसपास कारोबार कर रही है और पिछले बंद भाव से इसमें 0.28 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मुख्य ब्याज दर क्या है? आरबीए ने अपनी आधिकारिक नकद दर को 4.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। 3. जुलाई महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिषेष कितना रहा? जुलाई में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिषेष एक अरब नौ सौ तेईस मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दर्ज किया गया। 4. ऑस्ट्रेलिया की वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर कितनी रही? अप्रैल से जून की तिमाही में ऑस्ट्रेलिया की वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत दर्ज की गई। 5. चीन की अर्थव्यवस्था की सालाना वृद्धि दर क्या रही? चीन की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल से जून की अवधि में सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। https://trendkia.com/market/australian-dollar-men-teji-ka-silasila-jari-0-7200-ke-stara-ko-para-kara-age-barha-29200 TrendKia — Har trend, sabse pehle.