# ऑस्ट्रेलियन डॉलर पर बढ़ा दबाव: जानिए 0.7000 के स्तर पर क्यों कमजोर पड़ा ऑस्ट्रेलियाई सिक्का

> मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण ऑस्ट्रेलियन डॉलर में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे AUD/USD जोड़ी दो दिनों के निचले स्तर 0.7000 के पास आ गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/australian-dollar-under-pressure-why-aud-usd-is-testing-critical-support-at-0-7000-14524 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियन डॉलर, फॉरेक्स मार्केट, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिकी डॉलर, मुद्रास्फीति, CFTC रिपोर्ट, चीन अर्थव्यवस्था, finance

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) पर अचानक बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसमें उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस हालिया बिकवाली के कारण AUD/USD मुद्रा जोड़ी 0.7000 के निचले स्तर पर वापस लौट आई है, जो पिछले दो दिनों का सबसे निचला स्तर है। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ना है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भू-राजनीतिक तनाव दोबारा भड़कने से निवेशकों का ध्यान सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर शिफ्ट हुआ है, जिससे ग्रीनबैक मजबूत होकर उभरा है और ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर नकारात्मक असर पड़ा है।

## ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की अंदरूनी स्थिति और घरेलू आंकड़े
भले ही अंतरराष्ट्रीय कारकों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी संतुलित और मजबूत नजर आ रही है। अगर G10 समूह के अन्य विकसित देशों से तुलना की जाए, तो ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की बुनियादी नींव काफी बेहतर स्थिति में दिखाई देती है। हाल ही में जारी किए गए जुलाई महीने के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अंतिम आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं। मैन्युफैक्चरिंग PMI जुलाई में सुधरकर 52.0 पर पहुंच गया, जो पिछले महीने 51.5 दर्ज किया गया था। इसी तरह सर्विस PMI में भी बड़ा उछाल देखा गया और यह 50.5 से बढ़कर 53.6 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो सेवा क्षेत्र में विस्तार को दर्शाता है।

व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) के मोर्चे पर भी ऑस्ट्रेलिया के लिए राहत भरी खबर आई है। जून महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार संतुलन A$1.929 अरब के सरप्लस (अधिशेष) में बदल गया, जो मई के A$2.367 अरब के घाटे से एक शानदार वापसी है। हालांकि, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर GDP वृद्धि दर 0.3% रही, जो पिछली तिमाही के 0.9% से कम है। सालाना (YoY) आधार पर भी GDP वृद्धि दर 2.5% दर्ज की गई, जबकि पिछली अवधि में भी यह 2.5% ही थी। यह दोनों आंकड़े बाजार विश्लेषकों के अनुमानों से थोड़े कम रहे हैं।

## लेबर मार्केट की मजबूती और मुद्रास्फीति का रुख
ऑस्ट्रेलिया का लेबर मार्केट यानी श्रम बाजार लगातार मजबूती का प्रदर्शन कर रहा है। जून महीने में देश की बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) स्थिर रहकर 4.4% पर बनी रही। इसके साथ ही रोजगार सृजन (Employment Change) के आंकड़े में भी बड़ा इजाफा देखा गया। जून में 76.3K यानी 76,300 नए रोजगार जुड़े, जो मई महीने के संशोधित 44K (44,000) के आंकड़े से काफी ज्यादा हैं। यह दिखाता है कि कंपनियों में हायरिंग की रफ्तार बनी हुई है और श्रम बाजार में कोई कमजोरी नहीं आई है।

दूसरी ओर, महंगाई यानी इन्फ्लेशन के मोर्चे पर स्थिति थोड़ी जटिल बनी हुई है। जून के मुद्रास्फीति आंकड़े बाजार की उम्मीदों से कम रहे, जिससे निवेशकों के बीच यह अटकलें तेज हो गईं कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) फिलहाल ब्याज दरों में बढ़ोतरी से परहेज कर सकता है। इस संभावना ने बाजार में मंदड़ियों (bears) को सक्रिय कर दिया, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया। हालांकि देश में डिसइन्फ्लेशन (महंगाई दर घटने) की रफ्तार धीमी है, लेकिन इसकी दिशा मोटे तौर पर सही मानी जा रही है। मेलबर्न इंस्टीट्यूट के उपभोक्ता मुद्रास्फीति प्रत्याशा (Consumer Inflation Expectations) सूचकांक में भी नरमी देखी गई है, जो जुलाई में घटकर 4.7% पर आ गया, जबकि जून में यह 5.5% पर था।

## रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का नीतिगत रुख और ब्याज दरों का भविष्य
मुद्रास्फीति में आ रही इस धीमी गिरावट का मतलब है कि केंद्रीय बैंक RBA के लिए काम अभी पूरा नहीं हुआ है। बैंक के नीति निर्माताओं की ओर से लगातार यह संकेत दिए जा रहे हैं कि महंगाई को उनके तय लक्ष्य तक पहुंचने में मध्य-2028 तक का समय लग सकता है। यही वजह है कि केंद्रीय बैंक किसी भी जल्दबाजी के बजाय धैर्य की नीति पर कायम है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि RBA अगस्त में होने वाली अपनी अगली नीतिगत बैठक में अपनी मौजूदा मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा और ब्याज दरों को 4.35% के मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखेगा। हालांकि, वायदा बाजार के रुझान संकेत देते हैं कि चालू वर्ष के अंत तक लगभग 13 बेसिस पॉइंट्स (bps) तक की मौद्रिक सख्ती की जा सकती है।

चीनी अर्थव्यवस्था की बात करें तो वह अब ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के लिए पहले की तरह बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बनने के बजाय एक स्थिर कारक के रूप में कार्य कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून की अवधि में चीनी अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 4.3% की दर से बढ़ी। जून तक के बारह महीनों में खुदरा बिक्री (Retail Sales) में 1% की वृद्धि हुई, जबकि औद्योगिक उत्पादन (Industrial Production) 5.3% की दर से बढ़ा। इसके अलावा, चीन के व्यापार संतुलन में भी बड़ा सुधार देखा गया, जहां जून का अधिशेष बढ़कर $125.62 अरब हो गया, जो पिछले महीने $105.4 अरब था। आयात और निर्यात दोनों में व्यापक सुधार देखा गया है।

चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) जून में घटकर 1.0% YoY रह गया, जो पिछले महीने 1.1% था। मासिक आधार पर कीमतें 0.1% घटीं, जबकि निर्माता मूल्य सूचकांक (PPI) पिछले बारह महीनों में 4.1% बढ़ा। मौद्रिक नीति के मामले में, पीपुल्स बैंक ऑफ चीन (PBoC) ने अपनी लोन प्राइम रेट्स (LPR) को 1-वर्षीय अवधि के लिए 3.00% और 5-वर्षीय अवधि के लिए 3.50% पर अपरिवर्तित रखा है। संक्षेप में कहें तो चीन अब विकास को बहुत तेजी से ऊपर नहीं खींच रहा है, लेकिन वह इसमें कोई बड़ी गिरावट भी नहीं आने दे रहा है।

## RBA की पिछली बैठक और Michele Bullock का वक्तव्य
जून में हुई अपनी पिछली बैठक के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) ने अपनी आधिकारिक नकद दर (Official Cash Rate) को 4.35% पर स्थिर रखा था। हालांकि बैठक के बयान में सख्त रुख (hawkish tone) बनाए रखा गया था, लेकिन नीति निर्माता महंगाई के मोर्चे पर हुई प्रगति से थोड़े अधिक सहज नजर आए। बोर्ड ने दोहराया कि मूल्य दबाव अभी भी बहुत अधिक हैं और यदि मुद्रास्फीति लगातार बनी रहती है तो आगे और कड़े कदमों की आवश्यकता हो सकती है। इसके लिए ऊर्जा की बढ़ती लागत और भू-राजनीतिक तनावों को जोखिम माना गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBA की गवर्नर Michele Bullock ने अधिक संतुलित रुख अपनाया। हालांकि उन्होंने दर वृद्धि की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने ध्यान दिलाया कि आने वाले आर्थिक आंकड़े अनुमानों के अनुरूप हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की अर्थव्यवस्था मंदी (recession) की ओर नहीं बढ़ रही है और लेबर मार्केट लचीला बना हुआ है। इसका सीधा संदेश यह था कि नीति को तुरंत सख्त करने की कोई आपात स्थिति नहीं है।

## CFTC डेटा और संस्थागत निवेशकों की स्थिति
कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के 28 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह के आंकड़ों से पता चलता है कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के प्रति सट्टेबाजी की भावना (speculative sentiment) अभी भी नकारात्मक बनी हुई है। नेट शॉर्ट पोजीशन बढ़कर लगभग 40.0K (40,000) कॉन्ट्रैक्ट हो गई हैं, जो एक सप्ताह पहले 37.7K थीं। हालांकि, मंदी के दबाव में साप्ताहिक बढ़ोतरी की गति धीमी पड़ी है, जो पिछले सप्ताह के 7.0K कॉन्ट्रैक्ट की तुलना में केवल 2.3K कॉन्ट्रैक्ट रही। यह संकेत देता है कि निवेशक अभी भी गिरावट के पक्ष में हैं, लेकिन बिकवाली की गति में थोड़ी नरमी आ रही है।

इस दौरान ओपन इंटरेस्ट भी बढ़कर लगभग 229.8K कॉन्ट्रैक्ट हो गया, जो पहले 225K के करीब था। स्पेक्युलेटिव एक्सपोजर ओपन इंटरेस्ट के -16.7% से बढ़कर -17.4% हो गया। 4-सप्ताह का बदलाव -24.7K से सुधरकर -22.3K कॉन्ट्रैक्ट हो गया। नेट पोजीशन पर्सेंटाइल 67.8 पर आ गया, जबकि स्पेक्युलेटिव एक्सपोजर पर्सेंटाइल घटकर 79.3 पर दर्ज हुआ। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि संस्थागत निवेशक बिकवाली के रुख को और अधिक आक्रामक बनाने के बजाय एक स्थापित मंदी की स्थिति में बने हुए हैं।

## तकनीकी विश्लेषण और चार्ट पैटर्न
दैनिक चार्ट (Daily Chart) पर दृष्टि डालें तो AUD/USD जोड़ी वर्तमान में 0.7031 के आसपास कारोबार कर रही है। यह जोड़ी 55-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.7014 और 200-दिवसीय SMA 0.6920 के ऊपर बनी हुई है, जो अल्पावधि में इसके हल्के तेजी के रुख को बनाए रखती है। हालांकि, इसे 100-दिवसीय SMA 0.7052 के आसपास तत्काल प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। Relative Strength Index (14) यानी RSI वर्तमान में 55 के स्तर पर है, जो मध्यम तेजी की गति को दर्शाता है। वहीं Average Directional Index (14) यानी ADX 13 के आसपास है, जो बाजार में किसी बहुत मजबूत ट्रेंड के अभाव का संकेत देता है।

ऊपर की तरफ, प्राथमिक प्रतिरोध 0.7052 (100-दिवसीय SMA) पर है, जिसके बाद 0.7079 का स्तर आता है। यदि मुद्रा जोड़ी इस सीमा को पार करती है, तो यह 0.7278/0.7283 के 2026 के उच्चतम स्तर की ओर बढ़ सकती है, जिसके बाद 0.7300 और अंततः 2022 का शिखर 0.7593 और फिर 0.7661 का स्तर आ सकता है। नीचे की ओर, 0.7014 (55-दिवसीय SMA) पर पहला समर्थन है, जिसके टूटने पर मुख्य समर्थन 0.6920 (200-दिवसीय SMA) पर मिलेगा। इसके भी नीचे गिरावट आने पर 0.6833, 0.6660, 0.6593, 0.6414 और 0.6373 के स्तर महत्वपूर्ण समर्थन का काम करेंगे।

## मुद्रास्फीति (Inflation) और मुद्रा मान का गणित
मुद्रास्फीति या महंगाई दर किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की टोकरी (basket of goods) की कीमतों में होने वाली प्रतिशत वृद्धि को मापती है। इसे मुख्य रूप से हेडलाइन और कोर मुद्रास्फीति में विभाजित किया जाता है। कोर मुद्रास्फीति में भोजन और ईंधन जैसे अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले घटकों को शामिल नहीं किया जाता। केंद्रीय बैंक मुख्य रूप से कोर CPI (Consumer Price Index) पर ध्यान केंद्रित करते हैं और इसे 2% के आसपास रखने का प्रयास करते हैं।

सामान्य तौर पर, जब किसी देश में मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो वहां का केंद्रीय बैंक उसे नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि करता है। उच्च ब्याज दरें वैश्विक पूंजी को आकर्षित करती हैं क्योंकि निवेशक बेहतर रिटर्न की तलाश में उस देश की संपत्तियों में पैसा लगाते हैं। इससे उस देश की मुद्रा की मांग बढ़ती है और उसकी विनिमय दर मजबूत होती है। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति कम होती है, तो ब्याज दरें घटती हैं, जिससे मुद्रा पर दबाव बनता है। यही कारण है कि RBA के सतर्क रुख के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के भविष्य का दारोमदार वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों पर टिका हुआ है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रुपये (INR) पर भी दबाव बढ़ सकता है, जिससे क्रूड ऑयल और आयातित वस्तुओं की लागत में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।

**अंतरराष्ट्रीय कारोबारियों के लिए:** ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD) में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को 0.7000 और 0.6920 के मूविंग एवरेज सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव से वोलेटिलिटी बढ़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. AUD/USD में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
मिडिल ईस्ट में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे ऑस्ट्रेलियन डॉलर पर दबाव आया है।

### 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) का नकद दर पर क्या फैसला रहा है?
RBA ने अपनी आधिकारिक नकद दर को 4.35% पर स्थिर रखा है और मौद्रिक नीति में किसी भी जल्दबाजी के बजाय धैर्य बनाए रखने का रुख अपनाया है।

### 3. AUD/USD के लिए कौन से तकनीकी समर्थन (Support) स्तर महत्वपूर्ण हैं?
तत्काल समर्थन 55-दिवसीय SMA 0.7014 पर है, जबकि सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक समर्थन 200-दिवसीय SMA 0.6920 के स्तर पर स्थित है।

### 4. चीन के आर्थिक आंकड़ों का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ता है?
चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। चीन की GDP वृद्धि (4.3%) और स्थिर व्यापार आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान कर रहे हैं।

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