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  "type": "article",
  "title": "एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों में चार फीसदी की गिरावट, तिमाही मुनाफे की धीमी रफ्तार से बाजार में चिंता",
  "summary": "सितंबर तिमाही में डीमार्ट के कारोबार में करीब 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद शुद्ध मुनाफा केवल 8.49 फीसदी बढ़ा, जिसके चलते कई ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर के भाव के लक्ष्य घटा दिए हैं।",
  "content": "खुदरा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला है। लोकप्रिय सुपरमार्केट नेटवर्क डीमार्ट का संचालन करने वाले इस संस्थान के शेयर मूल्य में लगभग चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े सामने आने के तुरंत बाद दर्ज की गई। वित्तीय नतीजों में कारोबार के विस्तार और कुल प्राप्तियों में तो तेज रफ्तार दिखी, परंतु मुनाफे में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हो सकी, जिससे बढ़ते संचालन खर्च और घटते लाभ मार्जिन को लेकर निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।\n\nआय में जबरदस्त तेजी लेकिन शुद्ध लाभ की चाल सुस्त\nतीस सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मिला-जुला साबित हुआ है। समेकित आधार पर संचालन से प्राप्त राजस्व सालाना आधार पर लगभग 18 प्रतिशत बढ़कर 19,644.01 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में 16,676.30 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस प्रकार शीर्ष स्तर पर कंपनी की बिक्री में जोरदार इजाफा देखने को मिला है।\n\nइसके विपरीत, निचली रेखा यानी शुद्ध मुनाफे के मोर्चे पर स्थिति बहुत उत्साहजनक नहीं रही। वित्त वर्ष 2026-27 की सितंबर तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ केवल 8.49 प्रतिशत बढ़कर 742.98 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 684.85 करोड़ रुपये था। इसी दौरान कर-पूर्व लाभ 8.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,024.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। मुनाफे की यह एकल अंक वाली बढ़त बिक्री के दोहरे अंक वाले उछाल की तुलना में काफी पीछे छूट गई है।\n\nस्टैंडअलोन नतीजे और क्रमिक सुधार की स्थिति\nयदि केवल स्टैंडअलोन प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाए, तो एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने 803.60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में दर्ज 746.55 करोड़ रुपये के मुकाबले यह मात्र 7.64 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। आम तौर पर शेयर बाजार में यह अपेक्षा रहती है कि जब किसी उद्यम का राजस्व तेजी से बढ़ रहा हो, तो उसका शुद्ध लाभ भी उसी रफ्तार से कदमताल करे। जब आय और शुद्ध मुनाफे के बीच ऐसा असंतुलन पैदा होता है, तो बाजार की धारणा पर असर पड़ता है।\n\nइससे पहले, 3 अक्टूबर को सार्वजनिक किए गए तिमाही कारोबारी अपडेट में कंपनी ने स्टैंडअलोन परिचालन राजस्व 19,206.18 करोड़ रुपये रहने की जानकारी दी थी। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की सितंबर तिमाही के 16,218.79 करोड़ रुपये की तुलना में 18.4 प्रतिशत अधिक था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी कंपनी के राजस्व में 4.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो जून तिमाही में 18,343.49 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, सितंबर तिमाही में दर्ज की गई वार्षिक वृद्धि जून तिमाही के 15.1 प्रतिशत की तुलना में अधिक मजबूत रही।\n\nभौतिक नेटवर्क का विस्तार और पुराने स्टोर्स की बिक्री\nमुनाफे के मोर्चे पर पैदा हुई चिंताओं के बीच कंपनी ने देश भर में अपने स्टोर नेटवर्क को आगे बढ़ाने का सिलसिला जारी रखा। जुलाई से सितंबर के तीन महीनों के दौरान डीमार्ट ने 15 नए स्टोर खोले। इन नई शाखाओं के जुड़ने के साथ ही कंपनी के कुल संचालित स्टोर्स की संख्या बढ़कर 518 तक पहुंच गई है। नए भौगोलिक क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का अहम हिस्सा बना हुआ है।\n\nनतीजों के भीतर एक और सकारात्मक पहलू पुराने स्टोर्स की बिक्री में आया सुधार रहा। ऐसे स्टोर्स, जो कम से कम 24 महीनों से लगातार संचालित हो रहे हैं, उनके राजस्व की वृद्धि दर बढ़कर 9.5 प्रतिशत हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में यही दर 6.8 प्रतिशत पर थी। यह पैमाना इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह साबित करता है कि कंपनी केवल नए आउटलेट खोलकर अपनी बिक्री नहीं बढ़ा रही, बल्कि उसके पुराने और स्थापित केंद्र भी अधिक कारोबार आकर्षित करने में सफल हो रहे हैं।\n\nवैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने बदले अपने लक्ष्य\nवित्तीय नतीजों के सार्वजनिक होने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज संस्थानों ने कंपनी के शेयर मूल्य पर अपने अनुमानों में बदलाव किया है। जेपी मॉर्गन ने न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखते हुए अपने लक्षित मूल्य को 4,100 रुपये से घटाकर 3,925 रुपये कर दिया। इसी तरह जेफरीज ने अपनी होल्ड रेटिंग जारी रखी, परंतु टारगेट प्राइस को 4,500 रुपये से संशोधित कर 4,000 रुपये कर दिया।\n\nयूबीएस ने स्टॉक पर अपनी बाय सिफारिश तो कायम रखी, लेकिन लक्ष्य को 5,000 रुपये से नीचे खींचकर 4,500 रुपये निर्धारित किया। सिटी ने काफी सतर्क रुख अपनाते हुए सेल रेटिंग बनाए रखी और मूल्य लक्ष्य को घटाकर 3,250 रुपये कर दिया। इन सबके उलट सीएलएसए ने शेयर पर अपना सकारात्मक नजरिया बनाए रखा और बाय रेटिंग को बरकरार रखते हुए 5,723 रुपये का पुराना लक्ष्य अपरिवर्तित रखा।\n\nइसका आप पर असर\nडीमार्ट का संचालन करने वाली कंपनी के मुनाफे में आई सुस्ती का सीधा असर रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो और कंज्यूमर सेक्टर की धारणा पर पड़ सकता है।\n\n• शेयरधारकों के लिए: एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों में निवेश रखने वाले निवेशकों को निकट भविष्य में सुस्त रिटर्न या उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। कई प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों द्वारा टारगेट प्राइस घटाने के बाद नए निवेश से पहले वित्तीय अनुशासन और मार्जिन सुधार पर नजर रखना जरूरी होगा।\n• उपभोक्ताओं के लिए: सुपरमार्केट में खरीदारी करने वाले आम ग्राहकों के लिए छूट और उत्पादों की कीमतों पर तत्काल कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा। कंपनी नए स्टोर खोलना जारी रखे हुए है, जिससे ग्राहकों को अपने नजदीकी इलाकों में नए आउटलेट्स की सुविधा मिलती रहेगी।\n• बाजार के नजरिए से: खुदरा क्षेत्र की कंपनियों में मार्जिन पर बढ़ते दबाव से पूरे कंज्यूमर सेक्टर की कंपनियों के वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है। निवेशक अब केवल बिक्री के आंकड़ों के बजाय लागत नियंत्रण और प्रति स्टोर मुनाफे की बारीकी से पड़ताल करेंगे।\n• लंबी अवधि के निवेशकों के लिए: पुराने स्टोर्स से 9.5 प्रतिशत की मजबूत बिक्री वृद्धि यह संकेत देती है कि कंपनी का मूल ढांचा अभी भी मजबूत है। लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले लोग गिरावट के समय शेयर की कीमतों के स्थिरीकरण का इंतजार कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nडीमार्ट के वित्तीय प्रदर्शन में बिक्री और मुनाफे के बीच का यह अंतर परिचालन लागत में वृद्धि और लाभ मार्जिन के सिकुड़ने की वजह से देखने को मिला है।\n\n• लागत और मार्जिन का दबाव: कंपनी के कुल कारोबार में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन शुद्ध लाभ मात्र 8.49 प्रतिशत बढ़ सका। परिचालन संबंधी खर्चों में बढ़ोतरी के चलते लाभ मार्जिन में कमी आई, जिससे शीर्ष स्तर की वृद्धि मुनाफे में पूरी तरह तब्दील नहीं हो पाई।\n• तेज गति से नेटवर्क विस्तार: कंपनी ने तिमाही के दौरान 15 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोर्स 518 हो गए। नए स्टोर्स की शुरुआती स्थापना और संचालन लागत शुरू में लाभप्रदता पर असर डालती है, जब तक कि वे पूरी तरह स्थापित न हो जाएं।\n• ब्रोकरेज की सतर्कता: मुनाफे की रफ्तार धीमी रहने के चलते जेपी मॉर्गन, जेफरीज, यूबीएस और सिटी जैसी वैश्विक फर्मों ने शेयर के लक्षित मूल्य में कटौती की, जिससे शेयर पर बिकवाली का दबाव बना।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डीमार्ट के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?\nसितंबर तिमाही में कंपनी का राजस्व लगभग 18 प्रतिशत बढ़ने के बावजूद शुद्ध मुनाफा केवल 8.49 प्रतिशत बढ़ा, जिससे मार्जिन पर दबाव की आशंका में शेयर गिर गए।\n\n2. वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व कितना रहा?\nसमेकित आधार पर संचालन से प्राप्त राजस्व 19,644.01 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 16,676.30 करोड़ रुपये था।\n\n3. दूसरी तिमाही में एवेन्यू सुपरमार्ट्स का समेकित शुद्ध लाभ कितना दर्ज हुआ?\nकंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 8.49 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 742.98 करोड़ रुपये रहा।\n\n4. तिमाही के दौरान डीमार्ट ने कितने नए स्टोर्स खोले?\nकंपनी ने इस तिमाही में 15 नए स्टोर शुरू किए, जिससे उसके कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 518 हो गई।\n\n5. कम से कम 24 महीने पुराने स्टोर्स की बिक्री में कितनी वृद्धि हुई?\nदो साल से अधिक पुराने स्टोर्स की राजस्व वृद्धि दर बढ़कर 9.5 प्रतिशत रही, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 6.8 प्रतिशत थी।\n\n6. ब्रोकरेज फर्मों ने डीमार्ट के शेयर पर क्या रुख अपनाया?\nजेपी मॉर्गन, जेफरीज, यूबीएस और सिटी ने अपने टारगेट प्राइस घटाए हैं, जबकि सीएलएसए ने 5,723 रुपये के लक्ष्य के साथ अपनी बाय रेटिंग बरकरार रखी है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-12",
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    "डीमार्ट",
    "एवेन्यू सुपरमार्ट्स",
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