# बैंक ऑफ जापान के ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत: उप गवर्नर रियोजो हिमिनो ने महंगाई और कमजोर येन पर दी चेतावनी

> बैंक ऑफ जापान के उप गवर्नर रियोजो हिमिनो ने कहा है कि केंद्रीय बैंक को नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमजोर येन और महंगाई के जोखिमों को देखते हुए समय रहते मौद्रिक ढील को कम करना आवश्यक है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bainka-pha-japana-ke-byaja-daren-barhane-ke-snketa-upa-gavarnara-ryozo-himino-ne-mahngai-aura-kamajora-yena-para-di-chetavani-22795 · **Language:** Hindi
**Tags:** बैंक ऑफ जापान, रियोजो हिमिनो, जापानी येन, ब्याज दरें, महंगाई, ग्लोबल मार्केट

जापान के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ जापान के उप गवर्नर रियोजो हिमिनो ने देश की मौद्रिक नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक को अपनी नीतिगत ब्याज दरों में वृद्धि की प्रक्रिया को बनाए रखना चाहिए। हिमिनो के अनुसार, आर्थिक गतिविधियों, कीमतों के रुझान और वित्तीय स्थितियों के आधार पर मौद्रिक सहायता के स्तर में बदलाव किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अर्थव्यवस्था पर किसी गंभीर मंदी का खतरा अब काफी हद तक कम हो चुका है, जिससे नीतिगत बदलावों के लिए स्थिति अनुकूल बन रही है।

## कमजोर येन और महंगाई के दोहरे प्रभाव की समीक्षा
उप गवर्नर रियोजो हिमिनो ने विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की विनिमय दर में आई गिरावट के बहुआयामी प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि कमजोर येन के कारण वैश्विक स्तर पर कारोबार करने वाली जापानी कंपनियों के मुनाफे में तो बढ़ोतरी होती है, लेकिन दूसरी ओर यह घरेलू परिवारों की वास्तविक आय पर दबाव डालता है। बैंक ऑफ जापान का प्राथमिक दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर नागरिक और संस्थान येन का इस्तेमाल पूरी विश्वसनीयता और दक्षता के साथ कर सके। हालांकि मौद्रिक नीति का सीधा उद्देश्य विदेशी मुद्रा दरों को नियंत्रित करना नहीं होता, लेकिन मुद्रा बाजार की हलचल अर्थव्यवस्था और समग्र मूल्य स्तर को गहराई से प्रभावित करती है।

हिमिनो ने सचेत किया कि येन की कमजोरी से मुद्रास्फीति की उम्मीदों में बदलाव आता है, जिससे अंतर्निहित महंगाई दर ऊपर जा सकती है। वर्तमान में जापान में अल्पकालिक और मध्यम अवधि की वास्तविक ब्याज दरें नकारात्मक बनी हुई हैं। इसका अर्थ यह है कि देश में वित्तीय स्थितियां अब भी काफी सहज और उदार हैं, जो आर्थिक गतिविधियों को लगातार सहायता प्रदान कर रही हैं।

## सही समय पर कदम उठाने की आवश्यकता और जोखिम
केंद्रीय बैंक की आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए रियोजो हिमिनो ने कहा कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी को टालने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यदि दरों में वृद्धि में देरी की जाती है, तो आगे चलकर महंगाई अचानक तेजी से बढ़ सकती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए बाद में बहुत तेजी से ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी। ऐसी स्थिति से बचना ही अर्थव्यवस्था के हित में है। इसलिए, समय रहते वाहन के त्वरक यानी एक्सीलेटर से पैर हटाना और मौद्रिक ढील को संतुलित करना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वैश्विक स्तर पर AI की बढ़ती मांग से आर्थिक गतिविधियों और कीमतों दोनों को समर्थन मिलेगा। लेकिन इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक को कीमतों के ऊपर जाने के जोखिमों पर पहले से कहीं अधिक ध्यान देना होगा। बैंक ऑफ जापान का मुख्य लक्ष्य अंतर्निहित मुद्रास्फीति को 2% के लक्षित स्तर के आसपास स्थिर बनाए रखना है। यदि महंगाई दर 2% के इस लक्ष्य से काफी ऊपर निकल जाती है, तो इसका पूरी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

## भविष्य के दृष्टिकोण और नीतिगत संचार पर जोर
उप गवर्नर ने स्पष्ट किया कि नीति निर्माण में केवल वर्तमान आर्थिक स्थितियों को आधार नहीं बनाया जाता, बल्कि भविष्य के दृष्टिकोण और संभावित जोखिमों को प्राथमिकता दी जाती है। मौद्रिक नीति के निर्णय पूरी अर्थव्यवस्था और कीमतों पर असर दिखाने में समय लेते हैं। प्रभावी मौद्रिक नीति का समयबद्ध उपयोग ही अर्थव्यवस्था को सतत और स्वस्थ विकास के रास्ते से भटकने से रोक सकता है।

संचार के मोर्चे पर सबसे बड़ी चुनौती समय सीमा यानी टाइम होराइजन को सही तरीके से व्यक्त करना है। हिमिनो ने एक रूपक के जरिए समझाया कि जैसे सड़क पर गाड़ी चलाते समय आगे के मौसम और सड़क की स्थिति को देखकर निर्णय लिया जाता है, वैसे ही दरों में वृद्धि करते समय आगे के आर्थिक परिदृश्य की बारीकी से जांच करनी होगी। केवल तत्काल प्रतिक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करने से नीतिगत बदलावों के व्यापक नतीजों की अनदेखी होने का जोखिम रहता है।

## जापान के मौद्रिक इतिहास और वर्तमान बाजार स्थिति का अवलोकन
बैंक ऑफ जापान का मुख्य जनादेश बैंक नोट जारी करना और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए मुद्रा व मौद्रिक नियंत्रण का संचालन करना है। वर्ष 2013 में केंद्रीय बैंक ने कम मुद्रास्फीति वाले माहौल से उबरने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक अति-उदार मौद्रिक नीति की शुरुआत की थी। इसके तहत बॉन्ड खरीदकर बाजार में नकदी डालने की व्यवस्था की गई। वर्ष 2016 में नीति को और अधिक शिथिल करते हुए नकारात्मक ब्याज दरें लागू की गईं और 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड के यील्ड को सीधे नियंत्रित करने की व्यवस्था शुरू की गई। हालांकि, मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने इन कठोर अति-उदार नीतियों को समाप्त करते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की राह चुनी।

इस लंबे मौद्रिक प्रोत्साहन के कारण जापानी येन में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले भारी गिरावट देखने को मिली। वर्ष 2022 और 2023 के दौरान जब दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की, तब बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों को शून्य के करीब रखने से यह अंतर और चौड़ा हो गया। इस नीतिगत अंतर ने येन के मूल्य को काफी नीचे गिरा दिया। हालांकि, मार्च 2024 में अति-उदार रुख खत्म होने के बाद यह स्थिति आंशिक रूप से बदली है। वर्तमान में वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल और येन की कमजोरी ने जापान में महंगाई को 2% के लक्ष्य से ऊपर पहुंचा दिया है। इसके अलावा, देश में वेतन वृद्धि की संभावनाओं ने भी मूल्य दबाव को बढ़ाया है। इस रिपोर्ट के तैयार होने के समय अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) 0.04% की मामूली गिरावट के साथ 159.24 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

## इसका आप पर असर
बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों का प्रभाव वैश्विक वित्तीय बाजारों और विदेशी व्यापार पर पड़ेगा।

- **भारत में:** जापानी येन के मजबूत होने से जापानी कंपनियों द्वारा भारत में किए जाने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, येन की विनिमय दर में बदलाव से भारतीय आईटी और ऑटो कंपनियों के जापान में जारी कारोबार पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** जापान में ब्याज दरें बढ़ने से दशकों पुरानी 'येन कैरी ट्रेड' रणनीति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों से नकदी वापस जापान की ओर खिंच सकती है।
- **मुद्रा बाजार के लिए:** डॉलर के मुकाबले येन में मजबूती आने से विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा जोड़ों पर प्रभाव पड़ेगा।
- **आम उपभोक्ताओं के लिए:** जापान से आयात की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं और गाड़ियों की लागत पर विनिमय दर का सीधा असर पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंक ऑफ जापान के उप गवर्नर रियोजो हिमिनो ने ब्याज दरों के बारे में क्या कहा?
रियोजो हिमिनो ने कहा कि केंद्रीय बैंक को नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रखनी चाहिए और आर्थिक व वित्तीय स्थितियों के अनुसार मौद्रिक सहायता का समायोजन करना चाहिए।

### 2. कमजोर जापानी येन का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है?
कमजोर येन से वैश्विक स्तर पर काम करने वाली कंपनियों का मुनाफा बढ़ता है, लेकिन आयात महंगा होने के कारण घरेलू परिवारों की वास्तविक आय और क्रय शक्ति पर नकारात्मक असर पड़ता है।

### 3. बैंक ऑफ जापान का मुद्रास्फीति लक्ष्य कितना है?
बैंक ऑफ जापान का मुख्य लक्ष्य अंतर्निहित मुद्रास्फीति यानी महंगाई दर को लगभग 2% के स्तर पर स्थिर रखना है।

### 4. वर्तमान में USD/JPY की विनिमय दर क्या है?
रिपोर्ट के समय अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) 0.04% घटकर 159.24 के स्तर पर था।

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