# बैंक ऑफ इंग्लैंड के एंड्रयू बेली ने महंगाई कम होने का दिया संकेत, सितंबर की नीति समीक्षा से पहले GBP/USD में गिरावट

> बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने जैक्सन होल में कहा कि ब्रिटेन में दूसरे दौर का महंगाई प्रभाव काफी धीमा है। 17 सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक से पहले GBP/USD घटकर 1.35 स्तर पर आ गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bank-of-england-ke-andrew-bailey-ne-mahngai-kama-hone-ka-diya-snketa-sitnbara-ki-niti-samiksha-se-pahale-gbp-usd-men-giravata-23899 · **Language:** Hindi
**Tags:** बैंक ऑफ इंग्लैंड, एंड्रयू बेली, महंगाई, जीबीपी यूएसडी, विदेशी मुद्रा बाजार, फेडरल रिजर्व, बिटकॉइन, finance

ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक के प्रमुख ने सितंबर में होने वाली अपनी प्रमुख मौद्रिक नीति बैठक से पहले घरेलू मुद्रास्फीति के दबाव पर एक सतर्क रुख का संकेत दिया है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने जैक्सन होल इकोनॉमिक संगोष्ठी के दौरान एक मीडिया साक्षात्कार में बताया कि ब्रिटिश अर्थव्यवस्था के भीतर दूसरे दौर के महंगाई प्रभाव स्पष्ट रूप से कम हुए हैं। बेली ने जोर देकर कहा कि रोजगार बाजार की गति लंबे समय से सुस्त बनी हुई है, जिससे नीति निर्माताओं को ब्याज दरों में आगे के बदलाव करने से पहले नए आर्थिक आंकड़ों का आकलन करने का पर्याप्त अवसर मिल रहा है।

## दूसरे दौर के महंगाई प्रभाव में कमी और नीतिगत स्थिति
जैक्सन होल में आर्थिक स्थितियों को संबोधित करते हुए बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने वाले द्वितीयक मुद्रास्फीति प्रभाव अब काफी हद तक शांत हो गए हैं। बेली ने अपनी टिप्पणी में कहा, "हम अब तक काफी हद तक दबे हुए दूसरे दौर के प्रभाव देख रहे हैं, मुझे लगता है कि हमने कुछ समय से लेबर मार्केट में सुस्ती देखी है।" यह माहौल केंद्रीय बैंक को तुरंत दरें बढ़ाने के बजाय एक सतर्क दृष्टिकोण अपनाने की अनुमति देता है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि हालांकि वर्तमान आंकड़े नियंत्रित मूल्य वृद्धि का संकेत देते हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक इस बात की गारंटी नहीं दे सकता कि ये दबे हुए द्वितीयक प्रभाव मध्यम अवधि में भी जारी रहेंगे। नतीजतन, 17 सितंबर को होने वाली अपनी औपचारिक मौद्रिक नीति समीक्षा की तैयारी करते हुए केंद्रीय बैंक ने सभी विकल्पों को खुला रखा है।

## केंद्रीय बैंक के तंत्र और मुद्रा पर उनका प्रभाव
बैंक ऑफ इंग्लैंड का प्राथमिक उद्देश्य वार्षिक उपभोक्ता मुद्रास्फीति को अपने आधिकारिक 2% लक्ष्य पर स्थिर रखकर घरेलू मूल्य स्थिरता को बनाए रखना है। इस संतुलन को हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मुख्य उपकरण बेस लेंडिंग रेट है, जो वाणिज्यिक बैंकिंग नेटवर्क में उधार लेने की लागत को नियंत्रित करता है और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए ब्याज दरों का निर्धारण करता है। मानक उधार लागत में परिवर्तन सीधे ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग (GBP) के विदेशी मुद्रा मूल्यांकन को प्रभावित करते हैं। जब उपभोक्ता कीमतें लक्षित स्तर से ऊपर उठती हैं, तो मौद्रिक नीति समितियां ब्याज दरें बढ़ाकर ऋण को महंगा कर देती हैं, जिससे यूके के पूंजी बाजार उच्च रिटर्न की तलाश कर रहे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाते हैं। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति लक्ष्य से नीचे गिरती है या आर्थिक वृद्धि रुक जाती है, तो केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक ऋण विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए उधार लेने की लागत कम कर देता है, जिससे आमतौर पर घरेलू मुद्रा की मांग कम हो जाती है।

## क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का तंत्र
असाधारण आर्थिक परिदृश्यों में जहाँ पारंपरिक दर कटौती आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में अपर्याप्त साबित होती है, मौद्रिक प्राधिकरण क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) जैसे अपरंपरागत साधनों का उपयोग करते हैं। QE के तहत, बैंक ऑफ इंग्लैंड वित्तीय प्रणाली में तरलता डालने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों और AAA-रेटेड कॉर्पोरेट बांडों को खरीदकर धन की आपूर्ति बढ़ाता है, जो आमतौर पर पाउंड स्टर्लिंग के मूल्यों पर नीचे की ओर दबाव डालता है। इसके विपरीत, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) को तब लागू किया जाता है जब आर्थिक विस्तार तेज होता है और मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ता है। QT के दौरान, केंद्रीय बैंक शुद्ध संपत्ति खरीद को रोकता है और परिपक्व बांडों से मूल भुगतान का पुनर्निवेश बंद कर देता है। यह व्यवस्थित बैलेंस शीट कटौती बाजार की अधिशेष तरलता को कम करती है, जो ऐतिहासिक रूप से ब्रिटिश मुद्रा को मौलिक समर्थन प्रदान करती है।

## GBP/USD मूल्य चाल और तकनीकी विश्लेषण
विदेशी मुद्रा बाजारों में इन मौद्रिक नीति संकेतों का असर दिखाई दिया, जब शुक्रवार को GBP/USD की जोड़ी फिसलकर 1.3530 के क्षेत्र की ओर आ गई। बाजार के आंकड़ों से पता चलता है कि GBP/USD 1.35 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद स्तर 1.36 से -0.49% की गिरावट को दर्शाता है। अल्पकालिक गिरावट के बावजूद, यह जोड़ी अपने 52-सप्ताह के कारोबारी दायरे 1.30 से 1.38 के भीतर बनी हुई है, जिसे इसके 20-दिवसीय औसत के बराबर ट्रेडिंग वॉल्यूम का समर्थन प्राप्त है। अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले पाउंड स्टर्लिंग ने न्यू जीलैंड डॉलर (NZD) के खिलाफ उल्लेखनीय मजबूती दिखाई। तकनीकी संकेतक एक संतुलित तस्वीर पेश करते हैं: 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 52 पर है, जबकि MACD संकेतक अपने सिग्नल लाइन 0.01 के मुकाबले 0.01 की तटस्थ रीडिंग दिखाता है, जिसमें थोड़ा नकारात्मक हिस्टोग्राम (-0.00) हल्के मंदी के दबाव को दर्शाता है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20 और EMA50) 1.35 पर बने हुए हैं, जो 200-दिवसीय EMA 1.34 से ऊपर हैं। यह एक दीर्घकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि करता है, जिसे गोल्डन क्रॉस संरचना का समर्थन प्राप्त है जहाँ 50-दिवसीय मूविंग एवरेज 200-दिवसीय एवरेज से ऊपर बनी हुई है। 1.34 से 1.37 तक फैली बोलिंगर बैंड्स मौजूदा कीमत को मध्य-बैंड स्तर के करीब रखती हैं, जबकि 31 पर एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) एक स्पष्ट रुझान संरचना की पुष्टि करता है। फास्ट लाइन पर 27 और सिग्नल लाइन पर 59 की स्टोकेस्टिक रीडिंग कीमत के समेकन का संकेत देती है, जिसमें दैनिक उतार-चढ़ाव 0.01 के एवरेज ट्रू रेंज (ATR) में परिलक्षित होता है। मुख्य तकनीकी स्तरों में 1.35 (S1/S2) पर प्राथमिक समर्थन और 1.34 के पास 20-दिवसीय समर्थन शामिल है, जबकि प्रतिरोध 1.36 पिवट स्तर (R1/R2) पर और 1.37 के आसपास 20-दिवसीय प्रतिरोध के रूप में मौजूद है।

## डॉलर की मजबूती और व्यापक मुद्रा बाजार का रुख
यूरोपीय मुद्राओं में आई गिरावट मुख्य रूप से जैक्सन होल संगोष्ठी में चेयर वॉश की टिप्पणियों के बाद अमेरिकी डॉलर में आई तेजी से प्रेरित थी। इसके अलावा, बाजार की धारणा पर अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन आंकड़े (-79K) का भी प्रभाव पड़ा। EUR/USD में तेज गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर 1.1600 के निचले स्तर से नीचे सात दिनों के निचले स्तर पर आ गया। कारोबारी अब दिशात्मक संकेतों के लिए आगामी US ISM PMI आंकड़ों और अपडेटेड पेरोल जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय बैंकिंग के अन्य घटनाक्रमों में, रिजर्व बैंक ऑफ न्यू जीलैंड (RBNZ) द्वारा नीतिगत दरों में वृद्धि करने की उम्मीद है, जिसमें मुख्य ध्यान आगे के मार्गदर्शन पर केंद्रित है। दूसरी ओर, बैंक ऑफ कनाडा (BoC) द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने की संभावना है, जबकि निवेशक 2027 की ओर देखते हुए संभावित दर वृद्धि के रुझानों का आकलन कर रहे हैं।

## कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की हलचल
वैश्विक कमोडिटी बाजारों में विपरीत स्थिति देखने को मिली, जब सोने की कीमत गिरकर 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) $4,530 प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के पास आ गई। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला, क्योंकि बाजारों ने सितंबर के लिए फेडरल रिजर्व के मौद्रिक समायोजन की उम्मीदों का पुनर्मूल्यांकन किया। ऊर्जा बाजार में, अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI क्रूड पर अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ते हुए $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर लिया और intraday उच्चतम स्तर $102.00 के थोड़ा ऊपर पहुंच गया। इस बीच, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई: $81,000 से $82,000 के प्रतिरोध क्षेत्र को तोड़ने के कई असफल प्रयासों के बाद बिटकॉइन (BTC) घटकर $80,000 से नीचे आ गया। एथेरियम (ETH) गिरकर $2,500 पर आ गया और रिपल (XRP) $1.40 के समर्थन स्तर की ओर फिसल गया।

## इसका आप पर असर
ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक के रुख और वैश्विक मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय निवेशकों, विदेशी यात्रियों और मुद्रा कारोबारियों पर पड़ता है।

- **भारत में निवेशकों के लिए:** वैश्विक केंद्रीय बैंकों के नरम रुख से भारतीय शेयर बाजार को राहत मिल सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का प्रवाह स्थिर रहने से घरेलू बाजारों में पूंजी प्रवाह बना रहेगा।
- **ब्रिटेन जाने वाले छात्रों और यात्रियों के लिए:** ब्रिटिश पाउंड में डॉलर के मुकाबले गिरावट से भारतीय रुपये के संदर्भ में पाउंड थोड़ा सुलभ हो सकता है। ब्रिटेन में पढ़ाई या यात्रा करने वालों के खर्च में तात्कालिक राहत मिल सकती है।
- **फॉरेक्स कारोबारियों के लिए:** GBP/USD जोड़ी 1.35 के समर्थन स्तर पर कारोबार कर रही है। 17 सितंबर की बैठक तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
- **कमोडिटी और सोना निवेशकों के लिए:** डॉलर की मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और क्रिप्टो संपत्तियों में गिरावट देखी जा रही है। घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर वैश्विक दबाव बना रह सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. एंड्रयू बेली ने महंगाई के बारे में क्या कहा?
एंड्रयू बेली ने बताया कि ब्रिटेन में दूसरे दौर के महंगाई प्रभाव काफी धीमे पड़े हैं और लेबर मार्केट में सुस्ती बनी हुई है।

### 2. बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली मौद्रिक नीति बैठक कब है?
बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली मौद्रिक नीति समीक्षा 17 सितंबर को निर्धारित है।

### 3. GBP/USD का मौजूदा स्तर और तकनीकी रुख क्या है?
GBP/USD 1.35 के स्तर पर -0.49% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जहाँ 1.34 पर 20-दिवसीय समर्थन और 1.36 पर पिवट स्तर है।

### 4. अमेरिकी डॉलर में मजबूती की मुख्य वजह क्या रही?
जैक्सन होल में चेयर वॉश के बयान और अमेरिकी NFP में -79K के वार्षिक संशोधन से डॉलर को मजबूती मिली।

### 5. सोना और बिटकॉइन की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
सोना गिरकर 200-दिवसीय SMA $4,530 पर आ गया, जबकि बिटकॉइन घटकर $80,000 से नीचे कारोबार कर रहा है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._