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  "type": "article",
  "title": "बैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दर फैसले से पहले ब्रिटिश पाउंड में मजबूती, अमेरिकी चुनाव नतीजों से डॉलर पर दबाव",
  "summary": "ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3490 के करीब मजबूत बना हुआ है। बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद और अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद डॉलर में आई कमजोरी से पाउंड को तकनीकी समर्थन मिल रहा है।",
  "content": "गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत स्थिति में कारोबार करता दिखाई दिया और यह 1.3490 के आसपास बना रहा। मुद्रा बाजार में इस जोड़ी को 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर लगातार सकारात्मक सहारा मिल रहा है, जबकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स भी तेजी के रुख का संकेत दे रहा है। तकनीकी चार्ट पर तत्काल प्रतिरोध 1.3505 पर टिका है, वहीं गिरावट की स्थिति में 1.3390 का स्तर पहले बड़े समर्थन का काम कर रहा है। वैश्विक मुद्रा बाजार में इस समय दो बड़े घटनाक्रम निवेशकों के केंद्र में हैं, जिसमें ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक का आगामी नीतिगत निर्णय और अमेरिका में राजनीतिक शक्ति संतुलन का बदलना शामिल है।\n\nअमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स का कब्जा और डॉलर पर असर\nअमेरिकी राजनीति में आए बड़े उलटफेर ने वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार की चाल को काफी हद तक प्रभावित किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में बहुमत हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी से नियंत्रण छीन लिया है। दशकों बाद डेमोक्रेट्स ने कई पारंपरिक रिपब्लिकन गढ़ों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसे करोड़ों मतदाताओं द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ कड़े जनादेश के तौर पर देखा जा रहा है। संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण बदलने से भविष्य की आर्थिक नीतियों, बजट खर्च और विधायी प्राथमिकताओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। इस सियासी झटके के कारण अमेरिकी डॉलर में चौतरफा कमजोरी देखने को मिली है, जिससे पाउंड स्टर्लिंग सहित प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को बढ़त बनाने का अवसर मिला।\n\nबैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर टिका बाजार का ध्यान\nब्रिटिश पाउंड के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि बैंक ऑफ इंग्लैंड अपनी ताजा मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के फैसले का ऐलान करने वाला है। अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, ब्रिटेन का केंद्रीय बैंक अपनी नवंबर नीति बैठक में बैंक रेट को 3.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर सकता है। अगर दरों में यह वृद्धि लागू होती है, तो यह अगस्त 2023 के बाद से ब्रिटेन में ब्याज दरों में पहली बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं में मुद्रास्फीति को करीब 2 प्रतिशत के स्थिर लक्ष्य पर रखने के सिद्धांत को सर्वोपरि मानता है। जब महंगाई दर बहुत अधिक हो जाती है, तो उसे नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में इजाफा किया जाता है, जिससे लोगों और कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। मुद्रा बाजार के लिहाज से ऊंची ब्याज दरें पाउंड के लिए सकारात्मक साबित होती हैं, क्योंकि इससे वैश्विक निवेशक बेहतर रिटर्न की तलाश में ब्रिटेन की वित्तीय संपत्तियों में निवेश आकर्षित करते हैं। इसके विपरीत, जब महंगाई घटती है और आर्थिक वृद्धि सुस्त पड़ती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड कर्ज सस्ता करने के लिए दरें घटाने पर विचार करता है।\n\nदैनिक चार्ट पर पाउंड का तकनीकी ढांचा और प्रमुख स्तर\nदैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी में तेजी का ढांचा मजबूती से बना हुआ है। हाजिर भाव 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज और 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड की मध्य रेखा से ऊपर टिका हुआ है। मुद्रा जोड़ी हालिया कारोबारी दायरे के ऊपरी हिस्से पर दबाव बना रही है, जहां ऊपरी बॉलिंजर बैंड तत्काल ऊपरी रुकावट की तरह काम कर रहा है। इस बीच, 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 66 के आसपास दर्ज किया गया है, जो मजबूत सकारात्मक गति को दर्शाता है, हालांकि यह स्तर संकेत देता है कि यह जोड़ी धीरे-धीरे ओवरबॉट क्षेत्र की ओर भी बढ़ रही है।\n\nऊपर की ओर, शुरुआती प्रतिरोध स्तर 1.3505 के आसपास ऊपरी बॉलिंजर बैंड पर स्थित है। यदि दैनिक आधार पर भाव इस बाधा के ऊपर बंद होने में सफल रहता है, तो 15 जुलाई के 1.3558 के उच्च स्तर का रास्ता खुल जाएगा, जिसके बाद अगला लक्ष्य 25 अगस्त का 1.3655 का स्तर होगा। दूसरी ओर, यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो 1.3390 पर स्थित 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज एक अहम समर्थन के रूप में सामने आएगा। इसके ठीक नीचे 1.3345 के पास बॉलिंजर बैंड की मध्य रेखा स्थित है। यदि भाव इन दोनों स्तरों के नीचे टूटता है, तो तेजी का तकनीकी ढांचा कमजोर पड़ जाएगा और 1.3185 के निचले बॉलिंजर बैंड स्तर तक फिसलने का जोखिम बन जाएगा।\n\nवैश्विक वित्तीय बाजार में स्टर्लिंग की अहमियत और आर्थिक संकेतक\nपाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी सक्रिय मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 886 ईस्वी में हुई थी, और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार के लिहाज से यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी मुद्रा है, जिसकी कुल वैश्विक सौदों में 12 प्रतिशत हिस्सेदारी है और रोजाना औसतन 630 अरब डॉलर का कारोबार होता है। मुद्रा बाजार में इसके प्रमुख कारोबारी जोड़े जीबीपी/यूएसडी हैं, जिसे ट्रेडर्स 'केबल' के नाम से भी जानते हैं और यह कुल विदेशी मुद्रा लेनदेन का 11 प्रतिशत हिस्सा रखता है। इसके अलावा जीबीपी/जेपीवाई, जिसे ट्रेडर्स 'ड्रैगन' कहते हैं, की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत है, जबकि ईयूआर/जीबीपी की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत दर्ज की जाती है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने की जिम्मेदारी बैंक ऑफ इंग्लैंड की है।\n\nअर्थव्यवस्था की सेहत को दर्शाने वाले आर्थिक आंकड़े भी पाउंड के मूल्य को गहराई से प्रभावित करते हैं। सकल घरेलू उत्पाद (GDP), मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई तथा रोजगार से जुड़े आंकड़े सीधे तौर पर मुद्रा की चाल तय करते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड के लिए हमेशा अनुकूल होती है, क्योंकि यह विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के साथ-साथ केंद्रीय बैंक को दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है। इसके विपरीत, कमजोर आर्थिक आंकड़े पाउंड पर दबाव डालते हैं। इसी तरह ट्रेड बैलेंस यानी व्यापार संतुलन भी बेहद महत्वपूर्ण होता है, जो किसी अवधि में देश के निर्यात से होने वाली कमाई और आयात पर होने वाले खर्च के अंतर को मापता है। जब किसी देश के निर्यातों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग होती है, तो विदेशी खरीदारों की मांग से उसकी मुद्रा को सीधा सहारा मिलता है, जिससे सकारात्मक व्यापार संतुलन मुद्रा को मजबूत बनाता है।\n\nडॉलर की गिरावट से अन्य प्रमुख मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो में हलचल\nअमेरिकी चुनाव नतीजों और ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ताओं की उम्मीदों ने डॉलर इंडेक्स को कमजोर किया है, जिसका असर वित्तीय बाजार के अन्य हिस्सों पर भी दिखा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गुरुवार को एशियाई सत्र में 0.7000 के ऊपर स्थिरता बनाए रखी और पिछले दिन के तीन सप्ताह के निचले स्तर से हुई रिकवरी को मजबूत किया। हालांकि, शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल्स (NFP) आंकड़ों से पहले निवेशक किसी बड़े दांव से बच रहे हैं।\n\nअमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखी गई। बैंक ऑफ जापान की बैठक के मिनट्स में नीति निर्माताओं द्वारा आगे भी ब्याज दरें बढ़ाते रहने की सहमति और सरकारी दखल के जोखिमों ने येन को समर्थन दिया है। वहीं, सोने की कीमतों में एशियाई सत्र के दो सप्ताह के उच्च स्तर से मामूली नरमी आई, लेकिन यह लगातार दूसरे दिन बढ़त बनाए रखते हुए 4,130 डॉलर के आसपास टिका रहा। सितंबर के अंत के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंचे अमेरिकी डॉलर ने सोने को पिछले दिन की 3.5 प्रतिशत से अधिक की भारी तेजी को बरकरार रखने में मदद की, जो मध्य अगस्त के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय छलांग थी। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी मंदी का दबाव घटने से रिपल और स्टेलर में सुधार देखने को मिला। रिपल (XRP) गिरते चैनल पैटर्न की ऊपरी ट्रेंडलाइन को पार कर 1.30 डॉलर के ऊपर निकल गया, जबकि स्टेलर (XLM) 0.168 डॉलर के ऊपर टिककर 0.173 डॉलर के प्रतिरोध स्तर की ओर बढ़ रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम और बैंक ऑफ इंग्लैंड की संभावित दर बढ़ोतरी से वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिससे विदेशी व्यापार और विदेशी मुद्रा विनिमय सीधे प्रभावित होंगे।\n\n• भारत में आयात और विदेशी यात्रा: डॉलर में नरमी और पाउंड में मजबूती के कारण ब्रिटेन जाने वाले भारतीय छात्रों और पर्यटकों के लिए पाउंड खरीदना थोड़ा महंगा हो सकता है। यदि रुपये के मुकाबले पाउंड मजबूत रहता है, तो ब्रिटेन में रहने और पढ़ाई का खर्च तत्काल बढ़ जाएगा।\n• विदेशी मुद्रा और कमोडिटी ट्रेडर्स: विदेशी मुद्रा बाजारों में सक्रिय ट्रेडर्स को जीबीपी/यूएसडी में 1.3505 के प्रतिरोध और 1.3390 के समर्थन स्तर पर विशेष नजर रखनी होगी। अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले सोने और अन्य मुद्राओं में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए जोखिम प्रबंधन सख्त रखना जरूरी है।\n• ब्रिटेन से जुड़े निवेशक और व्यवसाय: ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरें 4 प्रतिशत किए जाने की स्थिति में वहां व्यावसायिक कर्ज महंगे होंगे, जिसका असर कॉर्पोरेट मुनाफे पर पड़ सकता है। ब्रिटेन के साथ आयात-निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों को अपने मुद्रा हेजिंग समझौतों की समीक्षा करनी चाहिए।\n• वैश्विक बाजार भावना: अमेरिकी संसद में सत्ता परिवर्तन के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर पर दबाव बना रह सकता है, जिससे सोने और कमोडिटी की कीमतों को आधार मिलेगा। सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना 4,130 डॉलर के करीब मजबूत बना हुआ है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nब्रिटिश पाउंड में मजबूती और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी की मुख्य वजह अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत और बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा नीतिगत दरें बढ़ाने की प्रबल संभावनाएं हैं। इन दोनों कारकों ने मिलकर मुद्रा बाजार में पाउंड के पक्ष में तकनीकी और बुनियादी माहौल तैयार किया।\n\n• अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का नतीजा: डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में रिपब्लिकन पार्टी से नियंत्रण छीनकर बड़ा बहुमत हासिल किया है। इस राजनीतिक झटके से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नीतिगत एजेंडे पर दबाव बढ़ा है, जिससे अमेरिकी डॉलर में भारी बिकवाली देखी गई।\n• बैंक ऑफ इंग्लैंड से दर वृद्धि की उम्मीद: अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स पोल के अनुसार, ब्रिटेन का केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए अपनी ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर सकता है। अगस्त 2023 के बाद पहली बार संभावित इस बढ़ोतरी ने विदेशी निवेशकों को पाउंड की ओर आकर्षित किया है।\n• अनुकूल तकनीकी सेटअप: जीबीपी/यूएसडी जोड़ी 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर बनी हुई है और आरएसआई 66 पर सकारात्मक रुख दिखा रहा है। तकनीकी खरीदारों द्वारा 1.3390 के समर्थन स्तर की रक्षा किए जाने से भी तेजी को बल मिला।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जीबीपी/यूएसडी जोड़ी में तेजी का मुख्य कारण क्या है?\nअमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत से डॉलर में कमजोरी आई है और बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा दरें बढ़ाकर 4 प्रतिशत करने की उम्मीद से पाउंड मजबूत हुआ है।\n\n2. बैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दर फैसले को लेकर क्या अनुमान है?\nरॉयटर्स के सर्वेक्षण के अनुसार, बैंक ऑफ इंग्लैंड अपनी नवंबर बैठक में ब्याज दर 3.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर सकता है, जो अगस्त 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी होगी।\n\n3. चार्ट पर पाउंड के लिए तत्काल प्रतिरोध और समर्थन स्तर कौन से हैं?\nतात्कालिक प्रतिरोध 1.3505 के स्तर पर है, जबकि गिरावट की स्थिति में पहला अहम समर्थन 1.3390 पर स्थित 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज है।\n\n4. अमेरिकी चुनाव नतीजों का वित्तीय बाजार पर क्या असर पड़ा?\nडेमोक्रेट्स की जीत के बाद अमेरिकी डॉलर सितंबर के अंत के निचले स्तर पर आ गया, जिससे पाउंड, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, सोना और क्रिप्टोकरेंसी में सुधार देखा गया।\n\n5. वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड स्टर्लिंग की कितनी हिस्सेदारी है?\nसाल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, पाउंड विदेशी मुद्रा बाजार में 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जिसका दैनिक औसत 630 अरब डॉलर है।",
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