बैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दर फैसले से पहले ब्रिटिश पाउंड में सुस्ती, यूरो के मुकाबले तकनीकी दबाव बढ़ा बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों द्वारा ब्रिटिश पाउंड की होल्डिंग्स घटाने से यूरो में बढ़त दर्ज की गई है। तकनीकी स्तरों पर EUR/GBP सीमित दायरे में बना हुआ है, जबकि विश्लेषकों का मानना है कि सुस्त होती अर्थव्यवस्था के बीच केंद्रीय बैंक उम्मीद से कम सख्ती दिखा सकता है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की बहुप्रतीक्षित ब्याज दर घोषणा से ठीक पहले वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड पर दबाव साफ नजर आ रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबारी केंद्रीय बैंक के आगामी फैसले के मद्देनजर अपनी ब्रिटिश पाउंड की स्थिति को हल्का कर रहे हैं, जिससे EUR/GBP में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों के मुताबिक ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था क्षमता से कम स्तर पर काम कर रही है और वर्तमान में बैंक दर 3.75 प्रतिशत पर है, जो बैंक ऑफ इंग्लैंड के 2 से 4 प्रतिशत के अनुमानित तटस्थ दायरे के ऊपरी स्तर के करीब पहुंच चुकी है। इस पृष्ठभूमि में केंद्रीय बैंक की तरफ से मौद्रिक सख्ती में नरमी के संकेत पाउंड को और कमजोर कर सकते हैं। तकनीकी स्तरों पर EUR/GBP की स्थिति तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जुलाई के मध्य में 0.8500 के निचले स्तर से उबरने के बाद EUR/GBP में मजबूती का दायरा फिलहाल सीमित बना हुआ है। 0.8600 से 0.8610 का क्षेत्र जो पहले कई महीनों तक मजबूत समर्थन स्तर बना हुआ था, अब एक कड़े प्रतिरोध के रूप में काम कर रहा है। यह दायरा ठीक 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी 0.8595 के स्तर के साथ मेल खाता है, जिसने खरीदारों के सामने एक ठोस रुकावट खड़ी कर दी है। इसके विपरीत, गिरावट की स्थिति में 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 0.8554 के आसपास जोड़ी को शुरुआती समर्थन दे रहा है। तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 51 के करीब बना हुआ है, जो बाजार में हल्के सकारात्मक लेकिन काफी हद तक संतुलित रुझान की ओर इशारा करता है। वहीं दूसरी ओर, एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स के कमजोर आंकड़े यह दर्शाते हैं कि किसी स्पष्ट दिशात्मक ट्रेंड की ताकत नदारद है, जिसके कारण मुद्रा जोड़ी अपने नजदीकी मूविंग एवरेज स्तरों के बीच ही झूल रही है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस लाइन भी शून्य के आसपास मामूली नकारात्मक बनी हुई है और अपनी सिग्नल लाइन के बेहद नजदीक है, जो निकट अवधि में किसी मजबूत चाल के अभाव की पुष्टि करती है। यदि भाव 0.8595 पर स्थित 100-दिवसीय औसत और 0.8600 से 0.8610 के प्रतिरोध क्षेत्र के पार निकलता है, तो 200-दिवसीय औसत 0.8645 की ओर रास्ता खुल सकता है। इसके उलट 0.8554 का स्तर टूटने पर भाव 0.8500 के मनोवैज्ञानिक स्तर और फिर जुलाई के निचले स्तर 0.8455 की ओर गिर सकता है। केंद्रीय बैंकों के फैसलों और व्यापक आर्थिक परिदृश्य का असर बीबीएच के वित्तीय जानकारों का आकलन है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को शायद उतनी मौद्रिक सख्ती करने की आवश्यकता नहीं होगी जितनी कि बाजार उम्मीद कर रहा है। ब्रिटेन की राजकोषीय नीति के आने वाले दिनों में और अधिक प्रतिबंधात्मक होने की संभावना है, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार और धीमी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में बाजार द्वारा बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति के नरम पुनर्मूल्यांकन की संभावना पाउंड की विनिमय दर को अधिक संवेदनशील और असुरक्षित बना रही है। हालांकि आज के कारोबारी सत्र में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड का प्रदर्शन मिलाजुला रहा, जहां कनाडाई डॉलर के मुकाबले पाउंड में सबसे ज्यादा मजबूती दर्ज की गई। व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती का रुख हावी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और कच्चे तेल के कारण बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर की सेफ-हेवन मांग को और बढ़ावा दे रहा है। बुधवार के एशियाई सत्र में AUD/USD लगातार तीसरे दिन दबाव में रहा और 0.7100 के स्तर का बचाव करते हुए महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार करता दिखा। दूसरी तरफ USD/JPY उछलकर 155.00 के पार एक हफ्ते के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी अमेरिकी डॉलर की वैश्विक आरक्षित मुद्रा की स्थिति को बल दिया है, हालांकि फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की आगामी बैठकों से पहले कारोबारी 155.50 के स्तर के पास सतर्क बने हुए हैं। सोने की चाल और जापानी येन की ऐतिहासिक स्थिति यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई, लेकिन यह मजबूती $4,350 के स्तर से नीचे सीमित रही। अमेरिकी डॉलर में दो हफ्ते के उच्च स्तर से कुछ मुनाफावसूली आने के कारण कीमती धातु को हल्का सहारा मिला, पर प्रमुख केंद्रीय बैंकों के जोखिमों को देखते हुए कारोबारी आक्रामक दांव लगाने से बचते हुए नजर आए। अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट के मजबूत आंकड़ों ने पहले फेड की दरों को लेकर आक्रामक रुख को हवा दी थी, जिसके बाद अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों ने बाजार के परिदृश्य को और स्पष्ट किया। वहीं जापान के मामले में, एक दशक से अधिक समय से जारी बेहद कम ब्याज दरों ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेश के वित्तपोषण में मदद की है, जिससे जापानी येन वैश्विक स्तर पर फंडिंग का सबसे सस्ता स्रोत बन गया था। चूंकि इस सप्ताह बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को कड़ा करने की उम्मीदें हैं, इसलिए यह ऐतिहासिक लाभ अब एक नए दौर में प्रवेश कर सकता है। जहां अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में जोरदार बढ़ोतरी की थी, वहीं जापान अब तक इस वैश्विक रुझान से अलग बना रहा था। EUR/USD तकनीकी और लाइव बाजार स्थिति वैश्विक मुद्रा जोड़े EUR/USD पर उपलब्ध लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, भाव 1.15 पर सपाट कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.15 की तुलना में 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है और कारोबारी वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना स्तर पर दर्ज किया गया। तकनीकी रूप से यह जोड़ी दीर्घकालिक मंदी के दौर में बनी हुई है, जहां 50-दिवसीय ईएमए 1.16 और 200-दिवसीय ईएमए 1.16 के नीचे रहने से डेथ क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। इसका 14-दिवसीय आरएसआई 37 के स्तर पर है, जो मंदी के दबाव को रेखांकित करता है, जबकि 26 पर मौजूद एडीएक्स मौजूदा ट्रेंड की निरंतरता को दर्शाता है। बोलिंजर बैंड 1.15 से 1.17 के दायरे में सीमित हैं और 14-दिवसीय एटीआर 0.01 पर है। तकनीकी स्तरों के लिहाज से 1.15 का धुरी स्तर और 1.14 का द्वितीय समर्थन अहम बने हुए हैं, जबकि ऊपर की ओर 1.16 और 1.17 के स्तर कड़ा अवरोध पेश कर रहे हैं। इसका आप पर असर बैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दर फैसले से पहले ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय और आयात-निर्यात लागत पर सीधा असर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय: पाउंड के मुकाबले यूरो में मजबूती से यूरोप और ब्रिटेन के बीच यात्रा करने वालों के खर्च में अंतर आएगा। ब्रिटेन जाने वाले भारतीय यात्रियों और छात्रों के लिए यदि पाउंड और कमजोर होता है तो पाउंड खरीदना तुलनात्मक रूप से थोड़ा सस्ता हो सकता है। • वैश्विक बाजार: प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों के चलते विदेशी मुद्रा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मुद्रा व्यापारियों को सख्त स्टॉप-लॉस सीमाओं के साथ जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देने की जरूरत है। • निर्यात और व्यापार: पाउंड की अस्थिरता से यूरोपीय और ब्रिटिश बाजार में कारोबार करने वाली कंपनियों की लागत प्रभावित होगी। कंपनियों को अपने फॉरेक्स अनुबंधों को सही समय पर हेज करने की सलाह दी जाती है। • सोना और कमोडिटी: केंद्रीय बैंकों की सख्ती और डॉलर की चाल से कमोडिटी की कीमतों में हलचल बनी रहेगी। सोने में सुरक्षित निवेश करने वाले निवेशकों को मौजूदा दायरे टूटने का इंतजार करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी और विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती मुख्य रूप से केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति संबंधी अनिश्चितताओं और आर्थिक सुस्ती के कारण पैदा हुई है। • आर्थिक क्षमता का अभाव: ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था वर्तमान में अपनी पूर्ण क्षमता से नीचे काम कर रही है, जिससे विकास दर धीमी पड़ी है। इसके साथ ही बैंक दर 3.75 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है जो तटस्थ सीमा के ऊपरी छोर के पास है। • सख्त राजकोषीय नीति: आने वाले समय में ब्रिटेन में अधिक प्रतिबंधात्मक वित्तीय नीतियों की संभावना बनी हुई है। इस आशंका के कारण निवेशक मान रहे हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ज्यादा बढ़ाने से बचेगा। • डॉलर की सुरक्षित मांग: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया है। इससे जोखिम वाली मुद्राओं और पाउंड पर दबाव गहरा गया। सवाल-जवाब 1. EUR/GBP में तेजी क्यों आ रही है? बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति बैठक से पहले व्यापारी पाउंड में अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं, जिससे यूरो में बढ़त दर्ज हो रही है। 2. ब्रिटेन की बैंक दर इस समय किस स्तर पर है? ब्रिटेन में बैंक दर वर्तमान में 3.75 प्रतिशत पर है, जो केंद्रीय बैंक के 2 से 4 प्रतिशत के तटस्थ अनुमानित दायरे के ऊपरी हिस्से के करीब है। 3. EUR/GBP के लिए निकटतम प्रतिरोध स्तर क्या हैं? इस जोड़ी के लिए 100-दिवसीय औसत 0.8595 और 0.8600 से 0.8610 का क्षेत्र तत्काल प्रतिरोध बना हुआ है। 4. EUR/GBP के लिए कौन सा स्तर मजबूत समर्थन प्रदान कर रहा है? निचले स्तरों पर 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 0.8554 के पास तत्काल समर्थन प्रदान कर रहा है। 5. अमेरिकी डॉलर में मजबूती का मुख्य कारण क्या है? फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों और मध्य पूर्व में तनाव के चलते सुरक्षित निवेश की मांग से डॉलर मजबूत बना हुआ है। https://trendkia.com/market/bank-of-england-ke-byaja-dara-phaisale-se-pahale-british-pound-men-susti-euro-ke-mukabale-takaniki-dabava-barha-33785 TrendKia — Har trend, sabse pehle.