# बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसले से पहले मजबूत हुआ ब्रिटिश पाउंड, 1.3400 के करीब पहुंची विनिमय दर

> ईरान कूटनीति की उम्मीदों और बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी ब्याज दर बैठक के बीच ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3400 के स्तर पर वापसी की है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bank-of-england-ke-phaisale-se-pahale-majabuta-hua-british-pound-1-3400-ke-kariba-pahunchi-vinimaya-dara-54840 · **Language:** Hindi
**Tags:** विदेशी मुद्रा बाजार, ब्रिटिश पाउंड, अमेरिकी डॉलर, बैंक ऑफ इंग्लैंड, सोना, बिटकॉइन, वित्त

साप्ताहिक कारोबार की शुरुआत में विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड को खरीदारों का अच्छा समर्थन मिला है। ईरान को लेकर कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीदों से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना, जिससे ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 1.3400 के आंकड़े तक पहुंच गई। शुक्रवार को 16 सितंबर के बाद के अपने उच्चतम स्तर से दर्ज की गई मामूली गिरावट के बाद इस तेजी ने बाजार को एक बार फिर स्थिरता दी है। बुधवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने मुद्रा को सहारा देना जारी रखा है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार यह मुद्रा जोड़ी 1.34 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 1.34 से 0.16 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्शाती है।

## तकनीकी स्तर और रिट्रेसमेंट के अवरोध
चार्ट संरचना को देखें तो तकनीकी सेटअप सकारात्मक नजर आ रहा है, जिससे कीमतों में बढ़त का रुझान बना हुआ है। हालांकि, ऊपर की तरफ 50.0 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 1.3407 पर तत्काल रुकावट का काम कर रहा है। यदि खरीदार इस बाधा को पार करने में सफल रहते हैं, तो 61.8 प्रतिशत का स्तर 1.3471 पर और 78.6 प्रतिशत का रिट्रेसमेंट स्तर 1.3561 पर अगले बड़े प्रतिरोध के रूप में सामने आएंगे। मौजूदा गति को और बड़ा विस्तार देने के लिए दैनिक चार्ट पर 1.3407 के पार स्पष्ट क्लोजिंग आवश्यक मानी जा रही है।

इसके विपरीत, नीचे की ओर पहला तात्कालिक समर्थन 100-दिवसीय एसएमए (सिंपल मूविंग एवरेज) पर 1.3387 के स्तर पर स्थित है। यह स्तर 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट यानी 1.3344 की रक्षा करता है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और विनिमय दर इससे नीचे फिसलती है, तो 23.6 प्रतिशत स्तर पर 1.3265 का दायरा खुल जाएगा, जिसके बाद ढांचागत फिबोनाची आधार 1.3138 के पास बना हुआ है। जब तक यह जोड़ी 100-दिवसीय एसएमए और निचले रिट्रेसमेंट आधारों से ऊपर टिकी रहती है, तब तक अल्पकालिक रुख सकारात्मक बना रहेगा।

## लाइव तकनीकी संकेतक और 52-सप्ताह का दायरा
लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक, 14-दिवसीय आरएसआई 57 के स्तर पर है, जो न तो अत्यधिक खरीद और न ही अत्यधिक बिक्री का संकेत देता है, बल्कि एक संतुलित रुख दर्शाता है। एमएसीडी 0.00 पर अपने सिग्नल शून्य के मुकाबले तेजी का ढांचा दिखा रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 1.33 पर है, जबकि 50-दिवसीय ईएमए और 200-दिवसीय ईएमए दोनों 1.34 पर टिके हैं। 50-दिवसीय एसएमए और 200-दिवसीय एसएमए भी 1.34 के आंकड़े पर बने हुए हैं। 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच फैला है, जबकि 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड्स 1.32 से 1.34 के मध्य स्थित हैं और कीमतें इन्हीं सीमाओं के भीतर चल रही हैं। 14-दिवसीय एडीएक्स 20 पर दर्ज किया गया है, जो एक सीमित दायरे में कारोबार का संकेत है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 89 और सिग्नल लाइन 79 पर है, जबकि 14-दिवसीय एटीआर 0.01 पर है जो दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को दर्शाता है।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में हलचल
ईरान से जुड़ी सकारात्मक कूटनीतिक चर्चाओं ने जोखिम वाली मुद्राओं को भी लाभ पहुंचाया है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी ने एशियाई सत्र की शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए वापसी की। अमेरिकी डॉलर में नरमी का लाभ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मिला, हालांकि निवेशक रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत फैसले से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे भाव पिछले गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्च स्तर से कुछ नीचे बना रहा।

वहीं अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी में भी नई मजबूती देखी गई। बैंक ऑफ जापान की बैठक के बाद शुक्रवार को 157.00 से नीचे गिरे स्तरों से उबरते हुए यह जोड़ी एशियाई सत्र में 158.00 के करीब पहुंच गई। जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप को लेकर दी गई नई चेतावनी के बावजूद विनिमय दर में सुधार दर्ज किया गया।

## सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति
कमोडिटी बाजार में सोने ने लगातार दो सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए सप्ताह की सकारात्मक शुरुआत की। शुक्रवार को सोना गिरकर 3,900 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया था, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रगति की खबरों से अमेरिकी डॉलर नरम पड़ा, जिसने सोने को थोड़ा सहारा दिया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों के कारण महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कयास बने हुए हैं, जो बिना ब्याज वाले सोने के लिए दबाव का कारण बन सकते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अक्टूबर महीने में लगातार चार हफ्तों की गिरावट दर्ज करने के बाद सोमवार को बिटकॉइन, एथेरियम और एक्सआरपी में हल्का सुधार दिखा। बिटकॉइन अपने मुख्य समर्थन क्षेत्र को बचाने के बाद 78,462 डॉलर के ऊपर चढ़ गया। एथेरियम भी 2,295 डॉलर के ऊपर संभला, लेकिन महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे रहने के कारण इसका निकट अवधि का परिदृश्य अभी भी कमजोर बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजारों में ब्रिटिश पाउंड और डॉलर की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी शिक्षा और आयातित सामानों की लागत पर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय दर:** पाउंड के 1.3400 के करीब पहुंचने से ब्रिटेन की यात्रा और वहां पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए मुद्रा परिवर्तन की लागत स्थिर रह सकती है। यदि बैंक ऑफ इंग्लैंड दरें बढ़ाता है तो पाउंड और मजबूत हो सकता है।
- **कमोडिटी कीमतें:** सोने का 3,900 डॉलर के पास स्थिर होना आभूषण खरीदारों के लिए कीमत में भारी उछाल से राहत देता है। कच्चे तेल की महंगाई पर फेडरल रिजर्व के रुख से घरेलू स्तर पर ईंधन और आयात की लागत प्रभावित होगी।
- **क्रिप्टो निवेशक:** बिटकॉइन का 78,462 डॉलर के ऊपर टिकना खुदरा निवेशकों के लिए बाजार में स्थिरता का संकेत है। हालांकि चार हफ्तों की गिरावट के बाद एथेरियम पर सतर्कता बरतने की जरूरत है।
- **विदेशी व्यापार:** डॉलर के नरम पड़ने से आयातकों को अंतरराष्ट्रीय बिलिंग में राहत मिल सकती है। निर्यातकों को अपनी हेजिंग रणनीतियों में आगामी केंद्रीय बैंक फैसलों को ध्यान में रखना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
ब्रिटिश पाउंड और अन्य जोखिम-संवेदी संपत्तियों में तेजी मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और आगामी मौद्रिक नीति की उम्मीदों के कारण आई है। सुरक्षित पनाहगाह के रूप में डॉलर की मांग घटने से अन्य मुद्राओं को बढ़त का अवसर मिला।

- **ईरान पर कूटनीतिक उम्मीदें:** अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक सफलता की संभावनाओं ने बाजार में अनिश्चितता कम की है। इसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित अमेरिकी डॉलर से पूंजी निकालकर अन्य संपत्तियों में लगाई।
- **बैंक ऑफ इंग्लैंड से दर वृद्धि की आस:** बुधवार को होने वाली बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत बैठक से पहले ब्याज दर बढ़ाने के अनुमानों ने पाउंड को मजबूत सहारा दिया है। उच्च ब्याज दरों की संभावना से घरेलू मुद्रा की मांग बढ़ती है।
- **तकनीकी सपोर्ट स्तर:** 100-दिवसीय एसएमए और 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तरों पर खरीदारों की सक्रियता ने गिरावट को रोका है। इन स्तरों पर खरीदारी लौटने से मुद्रा जोड़ी 1.3400 के दायरे में पहुंच गई।

## सवाल-जवाब

### 1. सोमवार को GBP/USD विनिमय दर में क्या बदलाव देखा गया?
GBP/USD की जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र में संभलकर 1.3400 के स्तर पर पहुंच गई, जिसमें 0.16 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्ज हुई।

### 2. अमेरिकी डॉलर में कमजोरी का मुख्य कारण क्या था?
ईरान के साथ कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग कम हो गई।

### 3. बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठक कब निर्धारित है?
बैंक ऑफ इंग्लैंड की महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक बुधवार को होने वाली है।

### 4. चार्ट पर पाउंड के लिए अगला बड़ा प्रतिरोध स्तर कौन सा है?
50.0 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट 1.3407 पर तत्काल प्रतिरोध है, जिसके बाद 1.3471 और 1.3561 के स्तर आते हैं।

### 5. गिरावट की स्थिति में पाउंड के लिए मुख्य समर्थन कहां है?
पहला तात्कालिक समर्थन 100-दिवसीय एसएमए पर 1.3387 है, जिसके नीचे 1.3344 और 1.3265 के स्तर हैं।

### 6. सोने और बिटकॉइन की कीमतों में क्या हलचल रही?
सोने ने 3,900 डॉलर से नीचे की गिरावट से उबरते हुए वापसी की, जबकि बिटकॉइन सुधरकर 78,462 डॉलर के ऊपर निकल गया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._