# बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बीच ब्रिटिश पाउंड में लगातार मजबूती

> बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा नीतिगत दर 4.00% तक बढ़ाए जाने के अनुमानों और बाजार में आगे की दरों की उम्मीदों के चलते ब्रिटिश पाउंड 200 दिवसीय मूविंग एवरेज के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bank-of-england-ki-byaja-daron-men-snbhavita-barhotari-ke-bicha-british-pound-men-lagatara-majabuti-56024 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, बैंक ऑफ इंग्लैंड, ब्याज दर, विदेशी मुद्रा, अमेरिकी डॉलर, कच्चा तेल, मुद्रास्फीति, वित्त

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करने की राह पर दिखाई दे रहा है। तकनीकी चार्ट पर यह प्रमुख मुद्रा जोड़ी अपने 200 दिवसीय औसत स्तर के ऊपर टिकी हुई है। इस तेजी के पीछे बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आने वाले गुरुवार को ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी का मुख्य हाथ है। मुद्रा बाजारों में इस हफ्ते नीतिगत दर 4.00% किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि बैंक की मौद्रिक नीति समिति 7-2 के बहुमत से दरें बढ़ाने के पक्ष में मतदान कर सकती है। यदि यह फैसला आता है, तो अगस्त 2023 के बाद यह पहला मौका होगा जब बैंक ऑफ इंग्लैंड अपनी मुख्य नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करेगा। वर्तमान में लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार GBP/USD 1.34 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 1.34 से 0.23% की बढ़त दर्शाता है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति का रुख
बैंक ऑफ इंग्लैंड की पिछली मौद्रिक नीति बैठक 17 सितंबर को हुई थी। उस बैठक में समिति के नौ सदस्यों में से तीन सदस्यों ने ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया था। इनमें मुख्य अर्थशास्त्री पिल के साथ बाहरी सदस्य ग्रीन और मान शामिल थे। दूसरी ओर, बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर बेली और डिप्टी गवर्नर ब्रीडेन, लोम्बार्डेली और राम्सडेन ने ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर स्थिर रखने के पक्ष में मत दिया था। हालांकि, उन चारों नीति निर्माताओं ने यह भी स्पष्ट किया था कि ऊर्जा की लगातार ऊंची बनी हुई कीमतें दर बढ़ाने के पक्ष को मजबूती दे सकती हैं। गुरुवार को होने वाली बैठक में आम सहमति बनने के लिए इन्हीं चार सदस्यों के रुख में बदलाव की जरूरत है। अगर ये चार सदस्य दर वृद्धि के पक्ष में आते हैं, तो समिति का बहुमत बढ़ोतरी के लिए तैयार हो जाएगा।

बाजार अनुसंधान फर्मों के अनुमानों में मतदान के अंतर को लेकर अलग-अलग राय है। बीबीएच का अनुमान है कि बाहरी सदस्य ढींगरा और टेलर दरों को स्थिर रखने के पक्ष में बने रहेंगे, जिससे अंतिम परिणाम 7-2 का बनेगा। इसके विपरीत, नोमुरा का मानना है कि मतदान 6-3 का रह सकता है, जिसमें छह सदस्य दूसरी तरफ होंगे। विश्लेषकों का कहना है कि अगर मतदान में अंतर कम रहता है, तो इसे बाजार आगे चलकर आने वाली तीन और दरों में कटौती या ढिलाई के संकेत के रूप में देख सकता है। बाजार वर्तमान में जिन तीन आगामी बढ़ोतरी का मूल्यांकन कर रहा है, उसी के दम पर पाउंड डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा बाजार सितंबर 2027 तक कुल चार चौथाई अंक (0.25%) की बढ़ोतरी का पूरी तरह अनुमान लगा चुके हैं, जिससे बैंक रेट बढ़कर 4.75% तक पहुंच जाएगा। सर्वेक्षण में शामिल 30 अनुसंधान संस्थानों में से 27 संस्थान गुरुवार को दर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश का मानना है कि फरवरी में एक और बढ़ोतरी होगी और दरें 4.25% पर रुक जाएंगी। बीएमओ के मार्क मैककॉर्मिक इसे केवल एक बार की बढ़ोतरी मानते हैं, जबकि आईएनजी ने बाजार के इस आक्रामक मूल्य निर्धारण को अत्यधिक बताया है।

## अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व का निर्णय
अमेरिकी डॉलर के मोर्चे पर, फेडरल रिजर्व ने 28 अक्टूबर को अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.75%-4.00% के दायरे में यथावत रखा था। उस बैठक में फेड गवर्नर कुक और क्लीवलैंड फेड प्रेसिडेंट हैमैक ने चौथाई अंक की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति दर्ज कराई थी। इसके तुरंत बाद अमेरिका से जारी हुए श्रम और उत्पादन आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था की मजबूती दिखाई। अमेरिका में सितंबर के महीने में नौकरी के अवसर बढ़कर 7.523 मिलियन हो गए, जबकि 7.13 मिलियन का अनुमान लगाया गया था। इसके साथ ही फैक्ट्री ऑर्डर्स में भी 1.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 1.2% के पूर्वानुमान से काफी बेहतर थी। इन आंकड़ों के आने से ठीक पहले GBP/USD ने 1.3450 के स्तर के ठीक नीचे अपने सत्र का उच्चतम स्तर छुआ था, लेकिन मजबूत आंकड़ों के जारी होने के बाद से यह उस ऊंचाई से नीचे ही कारोबार कर रहा है।

बुधवार को आने वाले अमेरिकी आंकड़ों पर बाजार की पैनी नजर रहेगी। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग (ADP) की निजी रोजगार रिपोर्ट 13:15 GMT पर जारी होगी, जिसमें नौकरियों की संख्या 90K से घटकर 69K रहने का अनुमान है। इसके बाद 15:00 GMT पर इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) का सर्विसेज सर्वे आएगा, जहां 54.9 के बाद 54.8 का आंकड़ा रहने की संभावना है। शुक्रवार को 13:30 GMT पर जारी होने वाले नॉनफार्म पेरोल्स (NFP) आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण होंगे, जिनके 29K से बढ़कर 65K होने का अनुमान है और बेरोजगारी दर 4.2% पर स्थिर रहने की संभावना है। ये सभी आंकड़े फेडरल रिजर्व के दिसंबर नीतिगत फैसले के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेंगे, जो सीधे तौर पर दोनों देशों की ब्याज दरों के अंतर को प्रभावित करेगा।

## कच्चे तेल की कीमतें और मुद्रास्फीति का दबाव
ऊर्जा बाजारों में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गईं, जिसका कारण अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में प्रगति की चर्चाएं रहीं। हालांकि, ईरान की वार्ता टीम ने स्पष्ट किया था कि वार्ता में कोई नया घटनाक्रम नहीं हुआ है। ब्रिटेन में सितंबर माह के दौरान मुद्रास्फीति 3.5% तक पहुंच गई थी, जिसमें पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों का मुख्य योगदान रहा था। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड सस्ता होता है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत दरें बढ़ाने की तात्कालिक आवश्यकता मतदान से पहले ही कमजोर पड़ सकती है।

बैंक ऑफ इंग्लैंड गुरुवार को 12:00 GMT पर अपने ब्याज दर निर्णय, बैठक के मिनट्स और मौद्रिक नीति रिपोर्ट जारी करेगा। इसके बाद 12:30 GMT पर गवर्नर बेली का भाषण निर्धारित है। इसके ठीक 110 मिनट बाद, 13:50 GMT पर क्लीवलैंड फेड प्रेसिडेंट हैमैक का संबोधन होगा, जिन्होंने अक्टूबर में अमेरिकी दरों में बढ़ोतरी का समर्थन किया था। शुक्रवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड के मुख्य अर्थशास्त्री पिल भी व्यापारिक जगत को संबोधित करेंगे।

## तकनीकी स्तर और लाइव बाजार स्थिति
तकनीकी चार्ट पर प्रतिरोध स्तरों की बात करें तो सोमवार को 1.3450 के ठीक नीचे बना उच्च स्तर 16 सितंबर के बाद से GBP/USD का उच्चतम कारोबारी स्तर है। मंगलवार का पूरा ट्रेडिंग दायरा सोमवार के दायरे के अंदर ही सीमित रहा है। ऊपर की तरफ 1.3500 का स्तर एक कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है, जहां 16 सितंबर को फेड की दर वृद्धि वाले दिन यह जोड़ी नीचे मुड़ गई थी। समर्थन स्तरों में 200 दिवसीय ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) 1.3400 के ठीक नीचे स्थित है, जिसने मंगलवार की गिरावट को कुछ पिप्स के अंतर से थामे रखा। इसके नीचे 1.3300 का स्तर 29 अक्टूबर का निचला स्तर है, और 28 अक्टूबर का निचला स्तर 1.3250 के ठीक ऊपर है, जहां से इस पांच सत्रों की तेजी की शुरुआत हुई थी।

लाइव तकनीकी संकेतकों के आधार पर, 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) वर्तमान में 59 पर है, जो सामान्य तेजी की गति को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) 0.00 पर अपने सिग्नल -0.00 के मुकाबले सकारात्मक हिस्टोग्राम के साथ बुलिश रुख में है। 20-दिवसीय ईएमए 1.33 पर है, जबकि 50-दिवसीय ईएमए, 200-दिवसीय ईएमए, 50-दिवसीय एसएमए और 200-दिवसीय एसएमए सभी 1.34 के आसपास स्थित हैं। हालांकि लंबी अवधि का ट्रेंड सकारात्मक है, लेकिन चार्ट पर डेथ क्रॉस (EMA50&lt;EMA200) की स्थिति भी दर्ज है। बॉलिंगर बैंड्स 1.32 से 1.34 के दायरे में हैं, और कीमत बैंड्स के अंदर बनी हुई है। एडीएक्स (ADX) 20 पर है, जो सीमित दायरे में कमजोर ट्रेंड का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक का फास्ट लाइन 85 और सिग्नल लाइन 82 पर है। दैनिक अस्थिरता एटीआर (ATR) 0.01 दर्ज की गई है, जो स्टॉप-लॉस बफर के लिए प्रासंगिक है। इसके साथ ही 20-दिवसीय सपोर्ट 1.31 और रेजिस्टेंस 1.34 के आसपास देखा जा रहा है, जबकि 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच है।

## ब्रिटिश पाउंड और विदेशी मुद्रा विनिमय तंत्र
पाउंड स्टर्लिंग (GBP) दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा मानी जाती है, जिसका इतिहास 886 ईस्वी से जुड़ा है, और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यह चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जिसकी दैनिक औसत मात्रा लगभग 630 अरब डॉलर है और कुल वैश्विक लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी 12% है। इसकी प्रमुख व्यापारिक जोड़ियों में GBP/USD शामिल है, जिसे मुद्रा बाजार में 'केबल' के नाम से जाना जाता है और यह कुल विदेशी मुद्रा कारोबार का 11% हिस्सा रखती है। इसके अलावा GBP/JPY, जिसे ट्रेडर्स 'ड्रैगन' कहते हैं, 3% और EUR/GBP लगभग 2% हिस्सेदारी रखता है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने की जिम्मेदारी बैंक ऑफ इंग्लैंड की है।

पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक अपने निर्णय मूल्य स्थिरता के प्राथमिक लक्ष्य के आधार पर लेता है, जो लगभग 2% की वार्षिक मुद्रास्फीति दर को बनाए रखना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्याज दरों का समायोजन उसका प्रमुख साधन है। जब मुद्रास्फीति अत्यधिक बढ़ जाती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों को बढ़ाकर ऋण महंगा करता है ताकि मांग पर अंकुश लगाया जा सके। यह कदम आम तौर पर पाउंड के लिए सकारात्मक साबित होता है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें विदेशी निवेशकों को अपनी पूंजी पार्क करने के लिए आकर्षित करती हैं। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति बहुत नीचे आ जाती है और आर्थिक विकास धीमा होने लगता है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाकर कर्ज सस्ता करता है ताकि कारोबार निवेश और विकास को बढ़ावा दे सकें।

आर्थिक संकेतकों में जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई (PMI), तथा रोजगार आंकड़े पाउंड की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड को सहारा देती है क्योंकि यह विदेशी निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ केंद्रीय बैंक द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना को मजबूत करती है। इसके अलावा, ट्रेड बैलेंस (व्यापार संतुलन) भी एक अहम संकेतक है, जो देश के निर्यात से हुई कमाई और आयात पर किए गए खर्च के अंतर को मापता है। जब किसी देश के निर्यातों की वैश्विक स्तर पर भारी मांग होती है, तो विदेशी खरीदारों की मांग से घरेलू मुद्रा को सीधा लाभ पहुंचता है। अनुकूल या सकारात्मक ट्रेड बैलेंस मुद्रा को मजबूती देता है, जबकि व्यापार घाटा उस पर दबाव बनाता है।

## अन्य मुद्राओं, सोने, तेल और क्रिप्टो बाजारों का हाल
व्यापक वित्तीय बाजारों में मंगलवार को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ा। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच राजनयिक समाधान की प्रगति उस समय अटक गई जब ईरान ने किसी समझौते के करीब होने की बात को खारिज किया। AUD/USD 0.44% गिरकर 0.6965 पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, USD/JPY एशियाई सत्र में अपने पिछले दिन के 158.00 के स्तर से फिसल गया, क्योंकि चुनावी अनिश्चितता के कारण डॉलर पर दबाव देखा गया। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को समर्थन दिया, यद्यपि बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता ने बढ़त को सीमित रखा।

कमोडिटी बाजार में, वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की जानकारी दिए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे सोने (XAU/USD) पर दबाव बढ़ा और यह 0.93% फिसलकर 3,909 डॉलर के आसपास आ गया। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन 77,000 डॉलर से 80,000 डॉलर के सीमित दायरे में फंसा हुआ है, और क्रिप्टो एक्सचेंज बिटफिनेक्स के मुताबिक 81,300 डॉलर की ओर किसी भी उछाल पर हाजिर मांग कमजोर होने से बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने सत्र के निचले स्तरों से उबरने के बावजूद 102.00 के नीचे बना हुआ है। डॉलर को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में तनाव से समर्थन मिल रहा है, जबकि राजनीतिक अनिश्चितता इसके लाभ को सीमित कर रही है।

## इसका आप पर असर
बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से वैश्विक मुद्रा बाजारों में पाउंड मजबूत हो सकता है, जिससे ब्रिटेन से जुड़े खर्च और व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारतीय छात्रों और प्रवासियों पर:** ब्रिटेन में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए पाउंड मजबूत होने से ट्यूशन फीस और रहने का खर्च बढ़ जाएगा। भारत से ब्रिटेन में पाउंड में पैसे भेजने वाले परिवारों को अधिक रुपये खर्च करने पड़ेंगे, जबकि वहां से भारत पैसे भेजने वालों को बेहतर विनिमय मूल्य मिलेगा।
- **आयात और निर्यात कारोबारियों के लिए:** ब्रिटेन को सामान निर्यात करने वाले भारतीय व्यापारियों को पाउंड की मजबूती से बेहतर रिटर्न मिल सकता है। दूसरी ओर, ब्रिटेन से मशीनरी या अन्य उत्पाद आयात करने वाली कंपनियों के लिए लागत में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
- **फॉरेक्स और बाजार निवेशकों के लिए:** GBP/USD जोड़ी 1.34 के स्तर पर कारोबार कर रही है और 1.3450 से 1.3500 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध देख रही है। ट्रेडर्स को अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड के नीतिगत निर्णय के समय वोलैटिलिटी को ध्यान में रखकर स्टॉप-लॉस निर्धारित करना चाहिए।
- **वैश्विक ऊर्जा और यात्रा लागत पर:** ब्रेंट क्रूड की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा और लॉजिस्टिक्स महंगे बने रह सकते हैं। यदि ऊर्जा कीमतों में और तेजी आती है तो वैश्विक मुद्रास्फीति का दबाव केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें ऊंची रखने पर मजबूर करेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के दबाव और ऊर्जा लागत में उछाल के चलते बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों को 4.00% तक बढ़ाने की तैयारी में है।

- **मुद्रास्फीति का दबाव:** ब्रिटेन में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति सितंबर के दौरान बढ़कर 3.5% पर पहुंच गई थी, जो केंद्रीय बैंक के 2% के तय लक्ष्य से काफी ऊपर है। इस वृद्धि का मुख्य कारण पेट्रोल और डीजल जैसी ईंधन कीमतों में उछाल रहा है।
- **मौद्रिक नीति समिति में सहमति:** पिछली बैठक में तीन नीति निर्माताओं ने बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया था, जबकि अन्य चार वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया था कि ऊर्जा लागत का दबाव दर वृद्धि का आधार बना सकता है। इन चार सदस्यों का रुख बदलने से बहुमत 7-2 होने की संभावना बन रही है।
- **वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव:** मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और तेल ठिकानों पर हमलों की वजह से ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे आयातित महंगाई का जोखिम बना हुआ है।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में कितनी बढ़ोतरी का अनुमान है?
बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा गुरुवार को नीतिगत ब्याज दर को चौथाई अंक (0.25%) बढ़ाकर 4.00% किए जाने का अनुमान है।

### 2. मौद्रिक नीति समिति में मतदान का क्या परिणाम रहने की संभावना है?
अनुसंधान फर्म बीबीएच के अनुसार मतदान 7-2 के पक्ष में रह सकता है, जबकि नोमुरा 6-3 के विभाजन की संभावना जता रहा है।

### 3. वर्तमान में GBP/USD किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
लाइव आंकड़ों के अनुसार GBP/USD 1.34 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर से 0.23% की बढ़त पर है।

### 4. सितंबर में ब्रिटेन की मुद्रास्फीति दर कितनी दर्ज की गई थी?
पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों के कारण सितंबर के महीने में ब्रिटेन की मुद्रास्फीति बढ़कर 3.5% दर्ज की गई थी।

### 5. बाजार सितंबर 2027 तक कुल कितनी ब्याज दर वृद्धि का अनुमान लगा रहा है?
एलएसईजी आंकड़ों के अनुसार मुद्रा बाजार सितंबर 2027 तक कुल चार चौथाई अंक की बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं, जिससे दर 4.75% हो सकती है।

### 6. GBP/USD के लिए प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध और समर्थन स्तर क्या हैं?
निकटतम प्रतिरोध 1.3450 और 1.3500 पर है, जबकि 200 दिवसीय ईएमए के साथ 1.3400 और 1.3300 प्रमुख समर्थन स्तर हैं।

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