# बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर डॉयचे बैंक का नया अनुमान, दो बार 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना

> डॉयचे बैंक के अर्थशास्त्रियों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड के लिए अपने अनुमान में बदलाव करते हुए नवंबर और फरवरी में दो बार 25 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और मध्य पूर्व तनाव के बीच मौद्रिक नीतियों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bank-of-england-ki-byaja-daron-para-deutsche-bank-ka-naya-anumana-do-bara-25-adhara-ankon-ki-barhotari-ki-snbhavana-36532 · **Language:** Hindi
**Tags:** बैंक ऑफ इंग्लैंड, डॉयचे बैंक, ब्याज दर, मुद्रास्फीति, बैंक ऑफ जापान, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, बिटकॉइन

ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति को लेकर वैश्विक वित्तीय संस्थानों का रुख बदलने लगा है। डॉयचे बैंक रिसर्च के यूके अर्थशास्त्री संजय राजा और माउई ब्रेनन ने बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी ब्याज दर नीति पर अपना मुख्य अनुमान बदल दिया है। पहले जहां किसी भी दर वृद्धि की उम्मीद नहीं की जा रही थी, वहीं अब संस्थान ने नवंबर और फरवरी में 25-25 आधार अंकों यानी चौथाई प्रतिशत की दो अलग-अलग बढ़ोतरी का नया बेसकेस तय किया है। विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान बैंक रेट पहले से ही प्रतिबंधात्मक दायरे में है और महंगाई मुख्य रूप से ऊर्जा कीमतों में आए उछाल की वजह से बढ़ रही है, जबकि दूसरे दौर के प्रभाव अब भी काफी सीमित दायरे में हैं।

## ऊर्जा झटके से निपटने के लिए इंश्योरेंस रणनीति
संजय राजा और माउई ब्रेनन के अनुसार, जब तक ऊर्जा क्षेत्र का यह झटका बना रहेगा, तब तक नीति निर्माताओं की ओर से किसी बहुत आक्रामक चक्र के बजाय बेहद नपे-तुले और सीमित कदम उठाए जाने की संभावना है। इसे एक सुरक्षात्मक या 'इंश्योरेंस' कदम माना जा रहा है ताकि भविष्य में मुद्रास्फीति के अन्य घटकों पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को पहले ही रोका जा सके। सितंबर के नीतिगत फैसले के बाद वित्तीय विश्लेषकों ने अपने आधिकारिक रुख में यह बड़ा फेरबदल दर्ज किया है।

विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि मौजूदा मुद्रास्फीति की लहर मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी को किसी बड़े और आक्रामक ब्याज दर बढ़ोतरी के सिलसिले की तरफ नहीं धकेलेगी। नीति निर्माताओं की कार्यप्रणाली दो और अधिकतम तीन चौथाई अंक की दरों में वृद्धि के साथ पूरी तरह सामंजस्य बैठा सकती है, बशर्ते ऊर्जा की कीमतें बाजार की मौजूदा अपेक्षाओं के अनुसार ही आगे बढ़ें। नीतिगत नियमों का अध्ययन भी केवल मामूली सख्ती का ही समर्थन करता है। टेलर रूल के समकालीन, अग्रिम और पहले अंतर के सभी अनुमान नीतिगत दरों के 4% से थोड़ा ऊपर बने रहने का संकेत दे रहे हैं, जो जीडीपी के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों और महंगाई के मजबूत आउटलुक की वजह से सामने आए हैं। वर्ष 2022 में देखे गए आक्रामक चक्र की तुलना में यह संभावित कदम काफी संयमित नजर आता है।

## मुद्रास्फीति का दबाव और नीतिगत समिति का धैर्य
इस पूरे परिदृश्य में सबसे बड़ा बदलाव एमपीसी का वह धैर्य है जो ऊर्जा संकट के गहराने के दौरान दिखा है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई जितनी लंबी अवधि तक असहज स्तर पर बना रहेगा, अर्थव्यवस्था में दूसरे दौर के नकारात्मक प्रभावों के पनपने का जोखिम उतना ही अधिक बढ़ जाएगा। इसी वजह से केंद्रीय बैंक की समिति किसी बड़े जोखिम से बचाव के रूप में मामूली बढ़ोतरी का रास्ता चुन सकती है। हालांकि अर्थशास्त्रियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आने वाले सप्ताहों में ऊर्जा बाजारों में कीमतों में तेजी से गिरावट आती है, तो अतिरिक्त ब्याज दर वृद्धि की जरूरत अपने आप कमजोर पड़ सकती है।

## विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण हलचलें देखी गईं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) 0.7100 के स्तर से ऊपर खरीदारी हासिल करने में सफल रही। इस बढ़त के पीछे रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की असिस्टेंट गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की ओर से आए सख्त मौद्रिक नीति संकेत प्रमुख कारक रहे। हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है, जो इस मुद्रा जोड़ी की बढ़त को सीमित कर सकता है। इसके साथ ही बाजार प्रतिभागियों की नजर इस हफ्ते होने वाले अहम ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर भी टिकी हुई है।

उधर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) एशियाई सत्र में मामूली बढ़त के साथ 157.50 के स्तर के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप की आशंकाओं ने जापानी मुद्रा के नुकसान को सीमित रखने का प्रयास किया। इसके विपरीत, बैंक ऑफ जापान द्वारा 31 साल के उच्चतम स्तर पर की गई नरम ब्याज दर वृद्धि ने येन के खरीदारों को रक्षात्मक मुद्रा में रखा। अमेरिकी डॉलर को फेडरल रिजर्व के उच्च ब्याज दर दृष्टिकोण और मध्य पूर्व के तनाव से लगातार समर्थन मिल रहा है, जिससे इस जोड़ी को अनुकूल परिस्थितियां मिल रही हैं।

## बैंक ऑफ जापान का ऐतिहासिक फैसला
एशियाई केंद्रीय बैंकों में बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। समिति के भीतर यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया। इस कदम को मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है, जो कई हफ्तों से वित्तीय विश्लेषकों और निवेशकों द्वारा लगाई जा रही अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा है।

## सोने की कीमतों में गिरावट और क्रिप्टोकरेंसी का हाल
कमोडिटी बाजार में सोने पर दबाव लगातार बढ़ता हुआ दिखा। सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव प्रति ट्रॉय औंस 4,300 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ सुधार की कोशिश देखी गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने की संभावनाओं से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर दोनों मजबूत बने हुए हैं, जिससे सर्राफा बाजार दबाव का सामना कर रहा है।

दूसरी ओर, डिजिटल परिसंपत्ति बाजार मंगलवार को बढ़त के दायरे में बना रहा। सबसे प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन 85,798 डॉलर के आसपास कारोबार करती रही, जो उसके साल के निचले स्तर 57,756 डॉलर की तुलना में करीब 49% अधिक है। इसी तरह एथेरियम 2,700 डॉलर के स्तर से ऊपर मजबूती के साथ टिका रहा, जबकि रिपल 1.51 डॉलर के आंकड़े के ऊपर एक ठोस तेजी के दृष्टिकोण के साथ कारोबार करता नजर आया।

## इसका आप पर असर
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों और मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और ऋण लागत सीधे तौर पर प्रभावित होती है।

- **भारत में:** मजबूत अमेरिकी डॉलर और विदेशी मुद्रा दरों में उतार-चढ़ाव से आयात बिल विशेष रूप से कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स पर दबाव बना रह सकता है। भारतीय निवेशकों और आयातकों को विनिमय दरों पर नजदीकी नजर रखनी होगी क्योंकि मजबूत डॉलर से आयात लागत बढ़ सकती है।
- **वैश्विक कर्जदारों पर:** बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में उधारी की लागत प्रभावित हो सकती है। विदेशी मुद्रा ऋण लेने वाली वैश्विक कंपनियों के लिए ब्याज का पुनर्भुगतान महंगा हो सकता है।
- **कमोडिटी खरीदारों के लिए:** सोने की कीमतों में 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे की नरमी खुदरा और संस्थागत खरीदारों को नया अवसर दे सकती है। हालांकि उच्च अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल और मजबूत डॉलर के कारण सर्राफा में तेज उछाल सीमित रह सकता है।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** बिटकॉइन का 85,798 डॉलर और एथेरियम का 2,700 डॉलर से ऊपर बने रहना डिजिटल संपत्ति बाजार में तेजी के माहौल को दर्शाता है। खुदरा निवेशकों को अत्यधिक अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने जोखिम का प्रबंधन करना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
डॉयचे बैंक द्वारा बैंक ऑफ इंग्लैंड की दरों में बढ़ोतरी का अनुमान ऊर्जा कीमतों में लगातार बने दबाव और दूसरे दौर के महंगाई प्रभाव के जोखिम के कारण लगाया गया है। इसके साथ ही वैश्विक मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने नीतिगत परिदृश्य को बदल दिया है।

- **ऊर्जा कीमतों का झटका:** ब्रिटेन में ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को लगातार ऊंचे स्तर पर बनाए हुए है। यदि ऊर्जा की ऊंची लागत बनी रहती है तो यह सामान्य वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ाकर दूसरे दौर के मुद्रास्फीति जोखिम को जन्म देती है।
- **जीडीपी और नीतिगत नियम:** टेलर रूल के आर्थिक आकलनों से संकेत मिला है कि बेहतर जीडीपी आंकड़ों के कारण नीतिगत दरें 4% से ऊपर रहनी चाहिए। आर्थिक विकास के लचीलेपन ने केंद्रीय बैंक को मामूली दर वृद्धि का विकल्प चुनने की गुंजाइश दी है।
- **सुरक्षात्मक नीतिगत रुख:** नीति निर्माता आक्रामक सख्ती के बजाय दो बार 25 आधार अंकों की सीमित वृद्धि को एक एहतियाती कदम के रूप में देख रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य मुद्रास्फीति की उम्मीदों को बेकाबू होने से पहले ही नियंत्रित करना है।
- **वैश्विक केंद्रीय बैंकों का दबाव:** फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखने और बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें 1.25% करने से वैश्विक मुद्रा बाजारों में संतुलन बनाए रखने का दबाव बढ़ा है। केंद्रीय बैंक बाहरी मुद्रा दबावों को कम करने के लिए सतर्कता बरत रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. डॉयचे बैंक ने बैंक ऑफ इंग्लैंड को लेकर क्या नया अनुमान लगाया है?
डॉयचे बैंक के अर्थशास्त्रियों ने अपने अनुमान में बदलाव करते हुए नवंबर और फरवरी में 25-25 आधार अंकों की दो दर बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जताया है।

### 2. क्या यूके में 2022 जैसी आक्रामक दर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी?
नहीं, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह 2022 जैसा आक्रामक चक्र नहीं होगा, बल्कि केवल दो या अधिकतम तीन रक्षात्मक बढ़ोतरी होंगी।

### 3. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दर में क्या फैसला लिया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है।

### 4. सोने की कीमत में हालिया रुझान क्या रहा है?
सोने में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गया।

### 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
बिटकॉइन 85,798 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा था, जो उसके वार्षिक निचले स्तर 57,756 डॉलर से करीब 49% अधिक है।

### 6. अमेरिकी डॉलर को किन कारकों से समर्थन मिल रहा है?
फेडरल रिजर्व के सख्त ब्याज दर दृष्टिकोण और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूती मिल रही है।

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