बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर स्थिरता की उम्मीद के बीच ब्रिटिश पाउंड 1.3650 के स्तर के पास मजबूत कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की कम होती संभावनाओं के बीच ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3650 के करीब कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत बढ़त दर्ज की है और यह 1.3645 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। हाल ही में जारी हुए कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और नरम मुद्रास्फीति डेटा के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दरों में और सख्त रुख अपनाने की उम्मीदें कम हुई हैं। इसके साथ ही बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा चालू वर्ष की शेष अवधि के लिए अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर बनाए रखने की संभावना ने पाउंड स्टर्लिंग को तकनीकी और मौलिक स्तर पर मजबूती प्रदान की है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार जीबीपी/यूएसडी की जोड़ी 1.3600 के स्तर पर बनी हुई है और 52 हफ्तों के 1.3000 से 1.3800 के दायरे के ऊपरी छोर की तरफ बढ़ रही है। केंद्रीय बैंकों की नीतियों का असर: बैंक ऑफ इंग्लैंड और फेडरल रिजर्व का रुख अर्थशास्त्रियों के बीच किए गए एक प्रमुख सर्वेक्षण के अनुसार, बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा इस वर्ष के शेष महीनों के लिए अपनी मुख्य ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने की संभावना जताई गई है। ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के दबाव और आर्थिक गति को संतुलित करने के लिए केंद्रीय बैंक का यह तटस्थ रुख पाउंड के लिए एक ठोस आधार प्रदान कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका में श्रम बाजार के नरम पड़ने और महंगाई दर में सुस्ती के संकेत मिलने से अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया है, जिससे निवेशकों का ध्यान फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों पर केंद्रित हो गया है। फेडरल रिजर्व के अधिकारी मुसालेम ने अपने हालिया संबोधन में मौद्रिक नीति को लेकर सतर्कता और चिंता का मिला-जुला संदेश दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बुनियादी वृद्धि जारी है और वित्तीय स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, अंतर्निहित मुद्रास्फीति 2.5 प्रतिशत से 3.0 प्रतिशत के दायरे में बनी हुई है। उन्होंने तर्क दिया कि अभी ब्याज दरों में एहतियाती बढ़ोतरी करने से भविष्य में अधिक आक्रामक नीतिगत कदमों की आवश्यकता को टाला जा सकता है। इसके अतिरिक्त, उच्च लागत और सुपर अल नीनो के कारण आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों का हवाला देते हुए उन्होंने संकेत दिया कि यदि मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक नहीं पहुंचती है, तो नीति को सख्त किया जा सकता है। बाजार भावना को मापने वाले फेड सेंटीमेंट इंडेक्स में 0.34 अंक की मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 132.42 पर आ गया। यह सूचकांक 100 के तटस्थ स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिसका सीधा अर्थ है कि फेडरल रिजर्व को अब भी सख्त मौद्रिक नीति के दायरे में देखा जा रहा है। सितंबर की नीतिगत बैठक से पहले केंद्रीय बैंक अपनी स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखते हुए आर्थिक डेटा पर पैनी नजर रख रहा है। तकनीकी विश्लेषण: जीबीपी/यूएसडी के प्रमुख स्तर और संकेतक दैनिक चार्ट पर जीबीपी/यूएसडी का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। पाउंड की कीमत 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) 1.3432 और बॉलिंगर बैंड्स के 20-अवधि के मध्य बैंड 1.3485 के ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। लाइव तकनीकी आंकड़ों में 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) 1.3500 पर है, जबकि 50-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए दोनों 1.3400 के स्तर पर स्थित हैं, जो दीर्घकालिक तेजी का संकेत देते हैं। तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई 14) लगभग 69 से 71 के स्तर पर दर्ज किया गया है। आरएसआई का यह स्तर दर्शाता है कि तेजी का रुझान बेहद मजबूत है, हालांकि यह ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीदारी के क्षेत्र के करीब पहुंच रहा है, जिससे छोटी अवधि में मुनाफावसूली या करेक्शन देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, एमएसीडी सूचकांक 0.01 पर सिग्नल लाइन 0.00 से ऊपर है, जो बुलिश मोमेंटम की पुष्टि करता है। ट्रेंड की मजबूती को दर्शाने वाला एडीएक्स 30 के स्तर पर है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर 94 पर बना हुआ है। ऊपरी स्तरों पर जीबीपी/यूएसडी के लिए पहला मुख्य प्रतिरोध बॉलिंगर अपर बैंड 1.3665 पर स्थित है। यदि पाउंड इस स्तर को पार कर ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो 1.3700 के प्रतिरोध स्तर तक आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है। निचले स्तरों पर पहला समर्थन बॉलिंगर मिडिल बैंड क्लस्टर 1.3485 और 1.3500 के पास है, जिसके बाद 100-दिवसीय एसएमए 1.3432 पर प्रमुख सपोर्ट प्रदान करता है। यदि बाजार में गिरावट आती है, तो 1.3300 के निचले बॉलिंगर बैंड स्तर के पास खरीदारी का नया अवसर बन सकता है। पाउंड स्टर्लिंग का इतिहास और इसके मूल्य को प्रभावित करने वाले कारक ब्रिटिश पाउंड (जीबीपी), जिसे पाउंड स्टर्लिंग भी कहा जाता है, दुनिया की सबसे पुरानी चालू मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 886 ईस्वी में हुई थी। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और वैश्विक विदेशी मुद्रा (एफएक्स) बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली करेंसी है। दैनिक आधार पर लगभग 630 अरब डॉलर के औसत कारोबार के साथ यह वैश्विक एफएक्स लेनदेन के 12 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। करेंसी ट्रेडिंग में पाउंड के प्रमुख जोड़े जीबीपी/यूएसडी (जिसे ट्रेडर भाषा में 'केबल' कहा जाता है, 11% शेयर), जीबीपी/जेपीवाई ('ड्रैगन', 3% शेयर) और यूरो/जीबीपी (2% शेयर) हैं। पाउंड स्टर्लिंग का निर्गमन बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) द्वारा किया जाता है। बैंक ऑफ इंग्लैंड का प्राथमिक लक्ष्य लगभग 2 प्रतिशत की मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। जब मुद्रास्फीति अत्यधिक बढ़ जाती है, तो बीओई ब्याज दरों में वृद्धि करता है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए ब्रिटेन में निवेश आकर्षक हो जाता है और पाउंड मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब आर्थिक सुस्ती आती है, तो दरें घटाई जाती हैं। इसके अलावा, यूके के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े, रोजगार दर और व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) जैसे आर्थिक संकेतक पाउंड की दिशा तय करते हैं। सकारात्मक व्यापार संतुलन विदेशी खरीदारों द्वारा पाउंड की मांग को बढ़ाता है, जिससे मुद्रा में मजबूती आती है। वैश्विक बाजारों की स्थिति: यूरो, सोना और अमेरिकी ट्रेजरी की कार्रवाई अन्य प्रमुख संपत्तियों की बात करें तो जीबीपी/यूएसडी गुरुवार को 1.3630 से 1.3620 के दायरे में थोड़ा पीछे हटा था, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में हल्का सुधार देखा गया था। वहीं यूरो/यूएसडी अपनी शुरुआती बढ़त गंवाकर 1.1700 के स्तर से नीचे आ गया। निवेशक अब दोनों ओर से जारी होने वाले एस एंड पी ग्लोबल विनिर्माण और सेवा पीएमआई आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमत 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर स्थिर बनी रही। फेड द्वारा दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों ने बिना ब्याज वाली इस संपत्ति को सहारा दिया है। हालांकि, अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी ने सोने की बढ़त को सीमित किया है। इसके बावजूद सोना लगातार तीसरे हफ्ते बढ़त दर्ज करने की राह पर है। वित्तीय बाजार में तरलता बनाए रखने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले क्षेत्रों में अपने लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक संचालन का आकार दो गुना करने की घोषणा की है। इसके तहत अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। इसका आप पर असर भारत में: विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और मजबूत पाउंड से ब्रिटेन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों और वहां पैसे भेजने वाले परिवारों के खर्च पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। वैश्विक बाजार में: बैंक ऑफ इंग्लैंड और फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीतिगत रुख से अंतरराष्ट्रीय करेंसी ट्रेडिंग, गोल्ड की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में आने वाले हफ्तों में हलचल देखने को मिल सकती है। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड किस स्तर के पास कारोबार कर रहा है? ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3645 से 1.3650 के स्तर के पास मजबूती से कारोबार कर रहा है। 2. बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर अर्थशास्त्रियों की क्या राय है? अधिकतर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड चालू वर्ष के शेष समय के लिए अपनी मुख्य ब्याज दर को 3.75% पर स्थिर रखेगा। 3. फेडरल रिजर्व सेंटीमेंट इंडेक्स का नया आंकड़ा क्या है? फेड सेंटीमेंट इंडेक्स 0.34 अंक घटकर 132.42 पर आ गया है, जो 100 के तटस्थ स्तर से ऊपर रहकर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल को दर्शाता है। 4. जीबीपी/यूएसडी के लिए मुख्य तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) 1.3665 और 1.3700 पर है, जबकि मुख्य समर्थन (सपोर्ट) 1.3485 और 1.3432 के स्तर पर स्थित है। 5. दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा कौन सी है और इसका कितना कारोबार होता है? ब्रिटिश पाउंड 886 ईस्वी से चली आ रही दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है, जो रोजाना औसतन 630 अरब डॉलर के साथ वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार का 12% हिस्सा रखती है। https://trendkia.com/market/bank-of-england-ki-byaja-daron-para-sthirata-ki-ummida-ke-bicha-british-pound-1-3650-ke-stara-ke-pasa-majabuta-19277 TrendKia — Har trend, sabse pehle.