# बैंक ऑफ इंग्लैंड की दर वृद्धि की उम्मीदों के बीच पाउंड में मजबूती, 1.3400 के स्तर पर टिका ब्रिटिश स्टर्लिंग

> बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा बैंक रेट 4.0% करने की संभावनाओं और तकनीकी समर्थन के दम पर GBP/USD 1.3400 के ऊपर मजबूती बनाए हुए है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bank-of-england-ki-dara-vriddhi-ki-ummidon-ke-bicha-pound-men-majabuti-1-3400-ke-stara-para-tika-british-sterling-55512 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, विदेशी मुद्रा बाजार, बैंक ऑफ इंग्लैंड, ब्याज दर, अमेरिकी डॉलर, मुद्रास्फीति, तकनीकी विश्लेषण, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मंगलवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3405 के आसपास सपाट रुख के साथ कारोबार करता नजर आया। प्रमुख तकनीकी स्तरों पर नजर डालें तो यह करेंसी पेयर 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी 100-दिन एसएमए के ऊपर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के कारण इसका समग्र तकनीकी परिदृश्य अभी भी बढ़त की संभावनाओं को सहारा दे रहा है। वर्तमान में बाजार में इस करेंसी पेयर के लिए पहला तकनीकी अवरोध 1.3465 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि गिरावट की स्थिति में शुरुआती समर्थन 1.3385 के स्तर पर मौजूद है। ताजा लाइव मार्केट आंकड़ों के मुताबिक GBP/USD 1.34 पर 0.22 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जहां 14-दिवसीय आरएसआई 59 दर्ज किया गया है और एमएसीडी हिस्टोग्राम बुलिश संकेत दे रहा है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत बैठक और 4.0% तक ब्याज दर वृद्धि के आसार
बाजार के विश्लेषकों और ट्रेडर्स की निगाहें अब पूरी तरह से बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी गुरुवार को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक और उसकी मौद्रिक नीति रिपोर्ट पर टिकी हैं। वित्तीय हलकों में इस बात की व्यापक उम्मीद की जा रही है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड अपने बैंक रेट को 3.75% से बढ़ाकर 4.0% कर सकता है। पूरे वर्ष मौद्रिक दरों को स्थिर रखने के बाद यह 25 आधार अंकों यानी 25 बीपीएस की पहली दर वृद्धि होगी। यदि यह बढ़ोतरी होती है, तो यह अगस्त 2023 के बाद ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक की ओर से की जाने वाली पहली ब्याज दर वृद्धि मानी जाएगी। उस समय ब्रिटेन की मुद्रास्फीति बैंक के निर्धारित 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर चल रही थी।

आईएनजी के विश्लेषकों का मानना है कि गुरुवार को अपेक्षित ब्याज दर वृद्धि के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा फरवरी में भी एक और अनुवर्ती दर वृद्धि की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी इंगित किया है कि वित्तीय बाजारों में केंद्रीय बैंक की आगामी दर वृद्धि को लेकर जो मौजूदा मूल्य निर्धारण चल रहा है, वह कुछ ज्यादा ही आक्रामक या चरम पर नजर आ रहा है। वहीं ब्राउन ब्रदर्स हैरीमन के रणनीतिकारों का आकलन है कि ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के कड़े स्तर और मजबूत आर्थिक गतिविधियां इस संभावित फैसले को ठोस आधार प्रदान कर रही हैं। बैंक की मौद्रिक नीति समिति में मतदान विभाजन 7-2 रहने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें समिति के नरम रुख वाले सदस्य एलन टेलर और स्वाति ढींगरा दरों को यथावत रखने के पक्ष में मतदान कर सकते हैं।

## दीर्घकालिक सख्ती के अनुमान और बैंक नीति नियंताओं का दृष्टिकोण
ब्राउन ब्रदर्स हैरीमन के विश्लेषकों ने यह चेतावनी भी दी है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड के नीतिगत मार्गदर्शन और अद्यतन मौद्रिक नीति रिपोर्ट के जरिए इस बात की कड़ी परीक्षा होगी कि बाजार अगले बारह महीनों के भीतर 100 आधार अंकों की दर वृद्धि की उम्मीदों को कैसे संभालता है। यदि अनुमानित समय सीमा में अर्थव्यवस्था के भीतर लगातार अतिरिक्त क्षमता बनी रहती है, तो आगे दरों में होने वाली बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज करने का मामला मजबूत होगा, जिससे ब्रिटिश पाउंड की बढ़त की गुंजाइश सीमित हो सकती है।

बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति नियंता मेगन ग्रीन के रुख को एफएक्सएस स्पीचट्रैकर पर 7.4/10 का स्कोर दिया गया है, जो ऐतिहासिक औसत के बिल्कुल अनुरूप है। यह स्कोर उनके निरंतर और दृढ़ता से सख्त रुख को दर्शाता है। मेगन ग्रीन का मुख्य जोर इस बात पर रहा है कि वेतन वृद्धि में नरमी की रफ्तार अब उन स्तरों पर अटक गई है जो 2% मुद्रास्फीति के लक्ष्य के अनुकूल नहीं हैं। इसके साथ ही भविष्य की अनुमानित वेतन वृद्धि 3.5% के करीब बनी हुई है और अर्थव्यवस्था आश्चर्यजनक रूप से लचीली साबित हुई है। इन तमाम परिस्थितियों के कारण यह चिंता और गहरी हो गई है कि मुद्रास्फीति के दूसरे दौर के प्रभाव अर्थव्यवस्था के लिए एक वास्तविक और भौतिक जोखिम बने हुए हैं।

## दैनिक चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण और अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर
दैनिक मूल्य चार्ट के तकनीकी अध्ययन से पता चलता है कि GBP/USD 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज और 20-पीरियड बोलिंजर बैंड्स के मध्य एसएमए दोनों के ऊपर मजबूती से डटा हुआ है। निचले बोलिंजर बैंड से हालिया सुधार के बाद यह दोनों तकनीकी पैमाने मुद्रा जोड़ी को अल्पकालिक सहारा देने का संकेत दे रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 57.9 के स्तर पर स्थित है, जो ओवरबॉट स्थिति में पहुंचे बिना सकारात्मक रुख प्रदर्शित कर रहा है। यह इस बात का संकेत है कि कीमत जैसे-जैसे हालिया अस्थिरता के ऊपरी दायरे की तरफ बढ़ रही है, तेजी की गति लगातार बन रही है। इसके अतिरिक्त स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 85 और सिग्नल लाइन 82 पर है, जबकि 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज यानी एटीआर 0.01 पर है।

ऊपर की ओर बढ़ने पर शुरुआती प्रतिरोध स्तर 1.3465 के पास बोलिंजर बैंड की ऊपरी सीमा पर बनता है। यदि पाउंड इस स्तर को पार करने में सफल रहता है, तो यह 15 जुलाई के उच्च स्तर 1.3558 की ओर बढ़ सकता है। इससे भी आगे की तेजी की स्थिति में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 21 अगस्त का उच्च स्तर 1.3675 होगा।

इसके विपरीत यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो नीचे की तरफ पहला त्वरित समर्थन 100-दिन एसएमए यानी 1.3385 पर मिलेगा। इसके बाद बोलिंजर मध्य बैंड लगभग 1.3320 पर सहारा देगा और फिर 15 अक्टूबर का निचला स्तर 1.3184 सामने आएगा। इस स्तर के टूटने पर और अधिक बिकवाली का सिलसिला शुरू हो सकता है, जिससे पाउंड हाल के बोलिंजर निचले बैंड के स्तर लगभग 1.3172 तक फिसल सकता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान यह जोड़ी 1.30 से 1.38 के विस्तृत दायरे में घूमती रही है।

## पाउंड स्टर्लिंग का वैश्विक महत्व और मूल्य निर्धारण के आधार
पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी सक्रिय मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 886 ईस्वी में हुई थी, और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जो सभी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन का 12% हिस्सा बनाती है और इसका दैनिक कारोबार औसतन 630 अरब डॉलर का रहता है। इसके प्रमुख व्यापारिक युग्मों में GBP/USD शामिल है जिसे ट्रेडर्स के बीच केबल के नाम से जाना जाता है और यह कुल विदेशी मुद्रा कारोबार का 11% हिस्सा रखता है। इसके अलावा GBP/JPY जिसे ड्रैगन कहा जाता है 3% हिस्सेदारी रखता है, जबकि EUR/GBP की हिस्सेदारी 2% है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने की जिम्मेदारी बैंक ऑफ इंग्लैंड की है।

पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। बैंक अपने निर्णय इस आधार पर लेता है कि उसने अपने प्राथमिक लक्ष्य मूल्य स्थिरता यानी लगभग 2% की स्थिर मुद्रास्फीति दर को हासिल किया है या नहीं। इसके लिए बैंक ब्याज दरों के समायोजन को अपना मुख्य हथियार बनाता है। जब महंगाई बहुत अधिक बढ़ जाती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में वृद्धि करके इसे नियंत्रित करने की कोशिश करता है, जिससे आम जनता और व्यवसायों के लिए ऋण प्राप्त करना महंगा हो जाता है। यह कदम आमतौर पर पाउंड के लिए सकारात्मक होता है, क्योंकि उच्च ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को यूनाइटेड किंगडम में अपना धन लगाने के लिए आकर्षित करती हैं। दूसरी ओर जब मुद्रास्फीति अत्यधिक नीचे गिर जाती है, तो यह आर्थिक सुस्ती का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि सस्ता कर्ज मिल सके और कंपनियां विकास कार्यों में निवेश कर सकें।

अर्थव्यवस्था की सेहत को मापने वाले आंकड़े भी पाउंड के उतार-चढ़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई और रोजगार से जुड़े आंकड़े स्टर्लिंग की दिशा तय करते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड को ताकत देती है क्योंकि यह विदेशी निवेश को आकर्षित करती है और केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है। इसके विपरीत कमजोर आर्थिक आंकड़े मुद्रा पर दबाव डालते हैं। एक अन्य अहम पैमाना व्यापार संतुलन है, जो किसी देश द्वारा किए गए निर्यात से होने वाली आय और आयात पर किए गए खर्च के अंतर को दर्शाता है। जब कोई देश ऐसे उत्पादों का निर्माण करता है जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग होती है, तो विदेशी खरीदारों की मांग से उसकी मुद्रा को मजबूती मिलती है। इसलिए सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को सहारा देता है, जबकि नकारात्मक संतुलन इसे कमजोर करता है।

## अन्य वैश्विक संपत्तियों और अमेरिकी बाजारों की स्थिति
विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों के अन्य हिस्सों में भी व्यापक हलचल देखने को मिल रही है। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे दिन फिसलकर दो सप्ताह के नए निचले स्तर पर आ गया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की व्यापक रूप से अपेक्षित वृद्धि के बाद यह गिरावट आई। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का यह निर्णय पूरी तरह से सर्वसम्मत नहीं था, क्योंकि तीन सदस्यों ने दरों को 4.60% पर ही बरकरार रखने का समर्थन किया था। इस मतभेद ने आगे और सख्त नीति अपनाए जाने की उम्मीदों को धीमा कर दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर की मामूली मजबूती के साथ मिलकर AUD/USD पर दबाव बना हुआ है।

वहीं USD/JPY मंगलवार के एशियाई सत्र में फिसल गया और 158.00 तक की अपनी पिछली बढ़त के एक हिस्से को गंवा बैठा। ईरान से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रमों की आशा और अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी डॉलर सुस्त नजर आया। साथ ही जापान के केंद्रीय बैंक की ओर से संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को समर्थन दिया है, हालांकि बैंक ऑफ जापान की अगली दर वृद्धि के समय को लेकर बनी अनिश्चितता ने इस बढ़त को सीमित कर दिया है। इसके चलते यह करेंसी पेयर एक तय दायरे में बना हुआ है।

कमोडिटी बाजार में सोना एशियाई सत्र के दौरान और कमजोर होकर 3,950 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया, जिससे पिछले सप्ताह बने एक साल के निचले स्तर से हुई हालिया रिकवरी का हिस्सा समाप्त हो गया। सोमवार को जारी आर्थिक आंकड़ों से पता चला कि अक्टूबर में अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों में लगातार 10वें महीने विस्तार हुआ है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट यानी आईएसएम का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा और सितंबर के 54.5 से बढ़कर अक्टूबर में 55.5 पर पहुंच गया। इस मजबूत आंकड़े ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख की उम्मीदों को बल दिया है, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार हुआ और बिना ब्याज वाली इस पीली धातु पर ताजा बिकवाली का दबाव देखा गया।

इसके साथ ही मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका में मतदान हो रहा है, जहां राजनीतिक रूप से काफी कुछ दांव पर लगा है। इन मध्यावधि चुनावों में अमेरिकी सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों का नवीनीकरण होना है। इसके अलावा फ्लोरिडा और ओहियो में उन सीटों को भरने के लिए विशेष चुनाव आयोजित किए जाएंगे जो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खाली की गई हैं।

## इसका आप पर असर
बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि और पाउंड की स्थिरता से वैश्विक मुद्रा विनिमय दरों, यात्रा लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े लोगों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **मुद्रा विनिमय और विदेश यात्रा:** विदेश में यात्रा या पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों के लिए पाउंड मजबूत होने से ब्रिटेन की यात्रा और शिक्षा की लागत बढ़ सकती है। जो छात्र या पर्यटक यूके जाने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें विनिमय दरों की निगरानी करके अपनी मुद्रा की अग्रिम हेजिंग या खरीद पर विचार करना चाहिए।
- **आयात और निर्यात व्यापार:** ब्रिटेन से माल आयात करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ते पाउंड के कारण अधिक भुगतान करना पड़ सकता है, जबकि वहां निर्यात करने वाले विक्रेताओं की आय सुधरेगी। कारोबारियों को अपने आपूर्ति अनुबंधों में मुद्रा के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए फॉरवर्ड अनुबंधों का उपयोग करना चाहिए।
- **फॉरेक्स ट्रेडर्स और निवेशक:** 1.3400 के स्तर पर तकनीकी समर्थन बने रहने से तकनीकी ट्रेडर्स को स्पष्ट स्टॉप लॉस स्तर निर्धारित करने में मदद मिलती है। मौजूदा रेजिस्टेंस 1.3465 और सपोर्ट 1.3385 को ध्यान में रखकर पोजीशन का प्रबंधन किया जा सकता है।
- **वैश्विक केंद्रीय बैंक नीतियां:** प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में लगातार अंतर रखने से पूंजी का प्रवाह प्रभावित होता है। निवेशकों को अपने वैश्विक बॉन्ड और करेंसी पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन करने की आवश्यकता हो सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
ब्रिटिश पाउंड में मजबूती और बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी दर वृद्धि की उम्मीदों के पीछे ब्रिटेन की जिद्दी महंगाई और लचीली आर्थिक गतिविधियां मुख्य कारण हैं।

- **मुद्रास्फीति और वेतन वृद्धि का दबाव:** ब्रिटेन में वेतन वृद्धि लगभग 3.5% के स्तर पर बनी हुई है और मुद्रास्फीति में कमी की रफ्तार थम गई है। इन हालात ने केंद्रीय बैंक के नीति निर्धारकों को मुद्रास्फीति के दूसरे दौर के प्रभाव को रोकने के लिए ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि पर विचार करने के लिए बाध्य किया है।
- **अर्थव्यवस्था का लचीला प्रदर्शन:** मंदी की आशंकाओं के विपरीत ब्रिटेन की आर्थिक गतिविधियों और मांग में मजबूती देखी गई है। इस आर्थिक मजबूती ने केंद्रीय बैंक को दरों को 4.0% तक बढ़ाकर मौद्रिक सख्ती फिर से शुरू करने का भरोसा दिया है।
- **अतीत की नीतियां और आगामी रुख:** केंद्रीय बैंक ने अगस्त 2023 के बाद से दर वृद्धि रोकी हुई थी और पूरे साल दरों को स्थिर रखा था। अब यदि गुरुवार को दरें बढ़ाई जाती हैं, तो यह एक साल से अधिक समय बाद मौद्रिक सख्ती के नए चरण का संकेत होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. GBP/USD वर्तमान में किस मूल्य स्तर पर कारोबार कर रहा है?
यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में GBP/USD 1.3405 के आसपास सपाट रुख के साथ 1.3400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बना हुआ है।

### 2. बैंक ऑफ इंग्लैंड से आगामी बैठक में क्या निर्णय लेने की उम्मीद है?
बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा गुरुवार की बैठक में अपनी मुख्य ब्याज दर को 3.75% से बढ़ाकर 4.0% करने का निर्णय लिए जाने की व्यापक उम्मीद है।

### 3. तकनीकी चार्ट पर GBP/USD के लिए अहम रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर कौन से हैं?
चार्ट पर पहला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस 1.3465 और उसके बाद 1.3558 है, जबकि पहला सपोर्ट 1.3385 और उसके बाद 1.3320 पर स्थित है।

### 4. वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड स्टर्लिंग की कितनी हिस्सेदारी है?
पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जो सभी वैश्विक विदेशी मुद्रा लेन-देन का लगभग 12% हिस्सा कवर करती है।

### 5. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के हालिया फैसले का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर हुआ?
आरबीए ने ब्याज दरों में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी की, लेकिन तीन सदस्यों द्वारा दरें 4.60% पर रखने के पक्ष में मतदान करने से AUD/USD दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।

### 6. सोने की कीमतों में हालिया गिरावट का क्या कारण रहा?
अमेरिकी विनिर्माण पीएमआई का आंकड़ा 55.5 पर आने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार हुआ, जिससे सोने की कीमतें फिसलकर 3,950 डॉलर के नीचे आ गईं।

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