बैंक ऑफ इंग्लैंड की सख्त टिप्पणी से पाउंड मजबूत, यूरो पर दबाव और वैश्विक बाजारों में हलचल बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से ब्याज दरें 4% तक बढ़ाने की बात कहे जाने के बाद ब्रिटिश पाउंड मजबूत हुआ है और यूरो में गिरावट दर्ज की गई है। ब्रिटिश पाउंड ने प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले जोरदार बढ़त दर्ज की है, जिसके चलते यूरो और पाउंड का विनिमय जोड़ा EUR/GBP वापस 0.8585 के सपोर्ट स्तर की ओर खिसक गया है। इससे पहले इस मुद्रा जोड़े ने 0.8600 के स्तर से ऊपर जाने की कोशिश की थी, जहां इसे प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। पाउंड में आई इस तेजी का मुख्य कारण बैंक ऑफ इंग्लैंड के नीति निर्माता ह्यू पिल की ओर से आए सख्त बयान हैं। उन्होंने केंद्रीय बैंक की ब्याज दर को 4% तक बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे वित्तीय बाजारों में पाउंड की मांग तेजी से बढ़ गई। बैंक ऑफ इंग्लैंड का रुख और यूरोज़ोन के आर्थिक आंकड़े एडिनबर्ग चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए ह्यू पिल ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक को त्वरित और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उनके अनुसार, स्पष्ट, त्वरित और निर्णायक नीतिगत कार्रवाई तथा संचार से बाजारों को सही दिशा देने और अनिश्चितता को कम करने में मदद मिलेगी। इस बयान के सार्वजनिक होते ही विदेशी मुद्रा बाजार में स्टर्लिंग पाउंड अन्य सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हो गया। दूसरी ओर, यूरोज़ोन की आर्थिक स्थिति को लेकर भी आंकड़े सामने आए हैं। जर्मनी से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में वहां के कारखाने के ऑर्डर यानी फैक्ट्री ऑर्डर्स में 2.5% की वृद्धि दर्ज की गई। यह प्रदर्शन बाजार विश्लेषकों के 0.3% के अनुमान से कहीं बेहतर रहा। इससे पहले जून के महीने में जर्मनी के फैक्ट्री ऑर्डर्स में 3.7% की बढ़ोतरी हुई थी। जुलाई में आए इस सकारात्मक उछाल का सबसे बड़ा कारण बड़े परिवहन उपकरणों के ऑर्डर में हुई भारी वृद्धि थी। जहाजों, ट्रेनों और सैन्य वाहनों के ऑर्डर्स में जुलाई के दौरान 124.6% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। यूरोज़ोन के खुदरा बिक्री आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के आगामी बयानों पर अब निवेशकों की निगाहें टिकी हुई हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार: येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के जोड़े (USD/JPY) ने अगस्त महीने के निचले स्तर को फिर से छुआ। बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और बाजार में केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप की आशंकाओं के कारण जापानी येन को समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर का जोड़ा (AUD/USD) 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है, जो मई के मध्य के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सख्त रुख और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान की है। व्यापारी अब अमेरिका के श्रम बाजार के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं ताकि फेडरल रिजर्व के अगले नीतिगत कदमों का अंदाजा लगाया जा सके। कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार: सोना, बिटकॉइन और डीजल का रिकॉर्ड स्तर सोने की कीमतों में दो दिनों की तेजी के बाद मामूली गिरावट देखी गई और यह $4,500 के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है। अमेरिकी डॉलर में आई हल्की बढ़त के कारण सोने पर दबाव पड़ा, हालांकि यह अभी भी अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब बना हुआ है। व्यापारी अमेरिका के गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन $80,000 के स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिससे पूरे डिजिटल एसेट बाजार में जोखिम लेने की धारणा को बल मिला है। फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोकने का संकेत दिया है, जिससे सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना घटकर 50% रह गई है। पिछले 24 घंटों में ज़ीकैश (ZEC) और एथेना (ENA) सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले टोकन के रूप में उभरे हैं। ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भले ही स्थिर दिख रही हों, लेकिन डीजल बाजार में भारी तेजी देखी जा रही है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई क्रूड के बीच का अंतर, पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी रोजगार आंकड़े और बाजार की उम्मीदें हफ्ते के अंत में सभी निवेशकों का ध्यान अमेरिका के व्यापक आर्थिक आंकड़ों और श्रम बाजार की स्थिति पर केंद्रित है। अगस्त महीने के गैर-कृषि पेरोल आंकड़े 1330 BST पर जारी होने वाले हैं। बाजार को उम्मीद है कि अगस्त में 58,000 नए रोजगार जुड़े हैं। वहीं बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि वेतन वृद्धि दर पिछले महीने के 3.2% से घटकर 3% रहने की संभावना जताई गई है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में हो रहे उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों के संकेतों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात-निर्यात और डिजिटल संपत्तियों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों पर पड़ता है। • भारत में: ब्रिटिश पाउंड की मजबूती और अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव से ब्रिटेन में पढ़ाई या यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए खर्च बढ़ सकता है। इसके अलावा, डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी से वैश्विक ईंधन आयात लागत प्रभावित हो सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: बिटकॉइन का $80,000 से ऊपर टिकना और फेड की ओर से दरें रोकने के संकेत क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की धारणा को मजबूत कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. बैंक ऑफ इंग्लैंड की टिप्पणी के बाद यूरो/पाउंड जोड़े में क्या बदलाव आया? EUR/GBP जोड़ा 0.8600 के स्तर से ऊपर टिकने में विफल रहा और वापस 0.8585 के सपोर्ट स्तर पर आ गया। 2. ह्यू पिल ने बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों के बारे में क्या कहा? उन्होंने कहा कि अनिश्चितता को कम करने और बाजार को सही दिशा देने के लिए बैंक दर को 4% तक बढ़ाना आवश्यक है। 3. जर्मनी के कारखाने के ऑर्डर्स में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई? जुलाई में जर्मनी के फैक्ट्री ऑर्डर्स 2.5% बढ़े, जो 0.3% के अनुमान से काफी अधिक थे। 4. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन का क्या स्तर रहा? बिटकॉइन $80,000 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है, जिसमें ज़ीकैश और एथेना सबसे आगे रहे। 5. अमेरिका के गैर-कृषि पेरोल (NFP) आंकड़ों से क्या उम्मीदें हैं? बाजार अगस्त में 58,000 नए रोजगार जुड़ने और बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर रहने की उम्मीद कर रहा है। https://trendkia.com/market/bank-of-england-ki-sakhta-tippani-se-pound-majabuta-euro-para-dabava-aura-vaishvika-bajaron-men-halachala-27553 TrendKia — Har trend, sabse pehle.