बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों से ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले जापानी येन में मजबूती सितंबर नीतिगत बैठक में बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के कारण जापानी येन मजबूत हुआ है, जिससे ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले इसमें बढ़त देखी जा रही है। बुधवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड जापानी येन के मुकाबले दबाव में नजर आया और लगभग 0.22% की गिरावट के साथ 216.85 के स्तर के करीब कारोबार कर रहा था। मुद्रा बाजार में यह कमजोरी ऐसे समय में दर्ज की गई है जब निवेशक बैंक ऑफ जापान द्वारा आगामी सितंबर नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को देखते हुए जापानी मुद्रा को मजबूत कर रहे हैं। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में जापानी येन में आज सबसे ज्यादा मजबूती न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले दर्ज की गई। बैंक ऑफ जापान की सख्त मौद्रिक नीति और आगामी टोक्यो सीपीआई आंकड़े जापान का केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ जापान, देश की मौद्रिक नीति निर्धारित करता है। इसका मुख्य कार्य बैंक नोट जारी करना और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्रा नियंत्रण बनाए रखना है, जिसके तहत लगभग 2% का मुद्रास्फीति लक्ष्य रखा गया है। वैश्विक वित्तीय बाजार में निवेशक अब शुक्रवार को जारी होने वाले जुलाई महीने के टोक्यो CPI आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। यह डेटा बैंक ऑफ जापान के आगामी नीतिगत फैसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जापान की ऐतिहासिक मौद्रिक नीति और मुद्रास्फीति का प्रभाव कम मुद्रास्फीति के माहौल में अर्थव्यवस्था को गति देने और मुद्रास्फीति बढ़ाने के उद्देश्य से बैंक ऑफ जापान ने 2013 में एक अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति (QQE) की शुरुआत की थी। इसके तहत सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड खरीदकर बाजार में तरलता बढ़ाई गई। वर्ष 2016 में बैंक ने अपनी रणनीति को और ढीला करते हुए पहली बार नकारात्मक ब्याज दरें लागू कीं और 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करना शुरू किया। हालांकि, मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरें बढ़ाकर अपनी वर्षों पुरानी अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति को समाप्त कर दिया। बैंक ऑफ जापान की भारी प्रोत्साहन नीति के कारण जापानी येन में अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले काफी गिरावट आई थी। वर्ष 2022 और 2023 में यह गिरावट और तेज हो गई, क्योंकि दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी उदार नीति पर टिका रहा। इस नीतिगत अंतर के कारण जापानी येन की विनिमय दर पर भारी दबाव पड़ा। वर्ष 2024 में जब केंद्रीय बैंक ने अपनी नीति बदली, तो यह रुख आंशिक रूप से पलटने लगा। कमजोर येन और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण जापान में मुद्रास्फीति बैंक के 2% के लक्ष्य को पार कर गई, जबकि वेतन वृद्धि की संभावनाओं ने भी महंगाई को बढ़ावा दिया। जीबीपी/यूएसडी और ईयूआर/यूएसडी में उतार-चढ़ाव यूरोपीय कारोबारी सत्र में बुधवार को ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3650 से नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करता दिखा। पिछले शुक्रवार को छह महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद पाउंड में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन निवेशक अब फ्रेश संकेतों के लिए अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स डेटा का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी बुधवार के यूरोपीय सत्र में 1.1650 के करीब निचले स्तर पर बनी रही। मुनाफावसूली और मिडिल ईस्ट में अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर में हल्की रिकवरी देखी गई। निवेशक बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों और दूसरी तिमाही के संशोधित GDP आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। सोना, अमेरिकी फेडरल रिजर्व और मीम कॉइन्स का हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,650 के स्तर से नीचे मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है। हालांकि, सोने में कोई भारी बिकवाली नहीं देखी गई है और यह पिछले दिन के दायरे में ही बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और PCE प्राइस इंडेक्स डेटा से पहले निवेशकों का ध्यान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश पर टिका है, जो शुक्रवार को जैक्सन होल सिम्पोजियम में भाषण देंगे। इस भाषण से भविष्य की ब्याज दर नीति के संकेत मिल सकते हैं। यूएस ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस बुधवार को 12:30 GMT पर जुलाई का PCE डेटा जारी करेगा, जिसमें मुद्रास्फीति के 2% लक्ष्य से ऊपर बने रहने की उम्मीद है। डिजिटल एसेट मार्केट में, डॉगकॉइन (DOGE), शिबा इनु (SHIB), और पेपे (PEPE) जैसे लोकप्रिय मीम कॉइन्स में पिछले हफ्ते की दोहरे अंकों की बढ़त के बाद अब तेजी धीमी पड़ती दिख रही है। मुनाफावसूली के चलते DOGE और PEPE में और गिरावट का जोखिम बना हुआ है, जबकि SHIB अपने सपोर्ट लेवल को बनाए रखने में कामयाब रहा है। इसका आप पर असर वैश्विक बाजार में: बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना से जापानी येन मजबूत हो रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों पर असर पड़ रहा है। निवेशकों और यात्रियों के लिए: ब्रिटेन और जापान की यात्रा करने वाले यात्रियों तथा विदेशी मुद्रा (Forex) एवं कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों की विनिमय दरों और रिटर्न पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले जापानी येन क्यों मजबूत हो रहा है? सितंबर नीतिगत बैठक में बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की बढ़ती उम्मीदों के कारण जापानी येन में मजबूती आ रही है। 2. बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति का मुख्य लक्ष्य क्या है? बैंक ऑफ जापान का मुख्य लक्ष्य लगभग 2% की मुद्रास्फीति दर के साथ देश में मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। 3. अधिसूचित अमेरिकी आंकड़े बाजार को कैसे प्रभावित कर सकते हैं? बुधवार को 12:30 GMT पर जारी होने वाले अमेरिकी PCE मूल्य सूचकांक आंकड़े फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति के संकेत देंगे, जिससे डॉलर, सोना और क्रिप्टो बाजार प्रभावित होंगे। 4. मीम कॉइन्स की वर्तमान स्थिति क्या है? पिछले सप्ताह की बढ़त के बाद DOGE, SHIB और PEPE जैसे मीम कॉइन्स में मुनाफावसूली के कारण तेजी सुस्त पड़ी है और गिरावट का जोखिम बना हुआ है। https://trendkia.com/market/bank-of-japan-ki-byaja-dara-vriddhi-ki-ummidon-se-british-pound-ke-mukabale-japanese-yen-men-majabuti-22382 TrendKia — Har trend, sabse pehle.