# बैंक ऑफ जापान की चुप्पी के बीच ब्रिटिश पाउंड 210.00 के करीब पहुंचा, यील्ड अंतर से जापानी येन पर दबाव

> बैंक ऑफ जापान द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने का कोई संकेत न दिए जाने के बाद ब्रिटिश पाउंड जापानी येन के मुकाबले 210.00 के स्तर पर पहुंच गया है, जहां दोनों देशों की ब्याज दरों में 2.50 फीसदी का अंतर स्टर्लिंग को सहारा दे रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bank-of-japan-ki-chuppi-ke-bicha-british-pound-210-00-ke-kariba-pahuncha-yilda-antara-se-japanese-yen-para-dabava-44197 · **Language:** Hindi
**Tags:** विदेशी मुद्रा, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ इंग्लैंड, ब्याज दरें, वित्त

मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले मजबूत बढ़त दर्ज करते हुए 210.00 के महत्वपूर्ण स्तर को छू लिया है। इस तेजी के पीछे का मुख्य कारक बैंक ऑफ जापान की ओर से अक्टूबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने का कोई भी ठोस संकेत न मिलना है। टोक्यो में नीति निर्माताओं के ढुलमुल रवैये के विपरीत लंदन में सख्त मौद्रिक रुख की उम्मीदें बनी हुई हैं, जिससे जापानी मुद्रा पर बिकवाली का दबाव गहरा गया है। दोनों केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरों के बीच 2.50 प्रतिशत अंक का बड़ा अंतर निवेशकों को स्टर्लिंग रखने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिसके चलते यह क्रॉस करेंसी जोड़ी अपने ऊपरी दायरे में मजबूती से कारोबार कर रही है।

## ब्याज दरों का अंतर और कैरी ट्रेड का आकर्षण
मौजूदा समय में यूनाइटेड किंगडम की बैंक रेट 3.75% पर स्थिर है, जबकि बैंक ऑफ जापान की नीतिगत ब्याज दर महज 1.25% है। इसका सीधा गणित यह है कि विनिमय दर में बिना किसी उतार-चढ़ाव के भी जापानी येन की तुलना में पाउंड रखने पर निवेशकों को सालाना 2.50 प्रतिशत अंक का अतिरिक्त प्रतिफल मिलता है। यह अंतर बैंक ऑफ जापान की पूरी ब्याज दर का ठीक दोगुना है। वायदा बाजार के सौदे यह दर्शा रहे हैं कि 5 नवंबर को बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है, जबकि अक्टूबर में बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। ऐसी स्थिति में नवंबर के मध्य तक दोनों देशों की ब्याज दरों के बीच का यह अंतर और अधिक चौड़ा हो सकता है, जो पाउंड के पक्ष में एक मजबूत प्रेरक शक्ति का काम करेगा।

## तकनीकी स्तर और रेजिस्टेंस का दायरा
सितंबर की शुरुआत से ही जीओपी/जेपीवाई का दायरा मोटे तौर पर 207.00 से 211.50 के बीच सीमित रहा है। 24 सितंबर के बाद से 210.00 के स्तर ने तीन बार इस जोड़ी की तेजी पर ब्रेक लगाया है, जिसमें मंगलवार का कारोबारी सत्र भी शामिल है। यह क्रॉस करेंसी जोड़ी फिलहाल इसी ऊपरी सीमा के ठीक नीचे टिकी हुई है। तकनीकी चार्ट के अनुसार 210.00 के ऊपर 18 सितंबर का उछाल 211.00 के ठीक ऊपर जाकर थमा था, और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए 211.50 के नजदीक स्थित है। यदि खरीदार 210.00 के अवरोध को निर्णायक रूप से तोड़ने में सफल होते हैं, तो अगला लक्ष्य 211.00 और उसके बाद 211.50 का स्तर होगा।

## सपोर्ट स्तर और बाजार का रुझान
नीचे की ओर मंगलवार का निचला स्तर, जो 208.50 के ठीक ऊपर दर्ज किया गया था, पहला मजबूत सपोर्ट बेस प्रदान करता है। वहीं 207.00 का स्तर इस पूरे कारोबारी दायरे का निचला आधार है, जिसके ठीक नीचे 30 सितंबर का निचला स्तर दर्ज किया गया था। दैनिक समापन के आधार पर जब तक भाव 208.50 से ऊपर बने रहते हैं, तब तक खरीदारों का पलड़ा भारी रहेगा। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी स्टोच आरएसआई लगभग 77 के आसपास है और लगातार ऊपर की ओर अग्रसर है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि किसी बड़े ब्रेकआउट से पहले 210.00 पर थोड़ा ठहराव एक स्वाभाविक प्रक्रिया होगी। हालांकि यदि दैनिक आधार पर भाव 207.50 के नीचे बंद होते हैं, तो यह तेजी का रुख पूरी तरह समाप्त माना जाएगा।

## सरकारी हस्तक्षेप का पिछला इतिहास और जोखिम
जापान ने 30 जुलाई को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करते हुए येन खरीदना शुरू किया था, जब यूएसडी/जेपीवाई विनिमय दर 164.00 के ठीक नीचे चल रही थी। उस एक ही कारोबारी सत्र में जीबीपी/जेपीवाई ने 6.00 से अधिक की व्यापक रेंज में कारोबार किया था। उस एकल सत्र की उठापटक सितंबर की शुरुआत से लेकर अब तक के कुल दायरे से भी अधिक थी। वर्तमान में यूएसडी/जेपीवाई उस हस्तक्षेप वाले स्तर से लगभग छह येन नीचे कारोबार कर रहा है। इसका तात्पर्य यह है कि बाजार पिछले हस्तक्षेप ट्रिगर से भले ही कुछ दूरी पर हो, लेकिन अधिकारियों की अगली चेतावनी की सीमा से बहुत दूर नहीं है।

## वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में स्टर्लिंग का कद
ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी सक्रिय मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 886 ईस्वी में हुई थी। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और विदेशी मुद्रा यानी एफएक्स बाजार में विश्व स्तर पर चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा इकाई है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, कुल वैश्विक मुद्रा विनिमय सौदों में इसकी हिस्सेदारी 12% रही है, जिसका दैनिक औसत कारोबार 630 अरब डॉलर का है। इसके प्रमुख व्यापारिक जोड़ों में जीबीपी/यूएसडी शामिल है, जिसे ट्रेडर्स 'केबल' के नाम से जानते हैं और यह कुल बाजार का 11% हिस्सा रखता है। वहीं जीबीपी/जेपीवाई, जिसे ट्रेडर्स की भाषा में 'ड्रैगन' कहा जाता है, की हिस्सेदारी 3% है, जबकि ईयूआर/जीबीपी जोड़ी 2% का योगदान देती है। पाउंड स्टर्लिंग का नियमन और निर्गमन बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा किया जाता है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और आर्थिक आंकड़े
पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा निर्धारित मौद्रिक नीति है। बैंक ऑफ इंग्लैंड अपने निर्णय इस आधार पर लेता है कि उसने लगभग 2% की स्थिर मुद्रास्फीति दर के साथ मूल्य स्थिरता का अपना प्राथमिक लक्ष्य हासिल किया है या नहीं। मुद्रास्फीति बहुत अधिक होने पर बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में वृद्धि करता है, जिससे व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। यह कदम आमतौर पर पाउंड के लिए सकारात्मक होता है क्योंकि ऊंची ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करती हैं। इसके विपरीत जब महंगाई बहुत नीचे गिरती है और आर्थिक विकास धीमा पड़ता है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि सस्ता कर्ज निवेश को बढ़ावा दे सके। इसके अलावा जीडीपी, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई तथा रोजगार के आंकड़े भी पाउंड की दिशा तय करते हैं। यदि आर्थिक आंकड़े मजबूत आते हैं तो विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से स्टर्लिंग मजबूत होता है। इसी प्रकार व्यापार संतुलन भी अहम भूमिका निभाता है, जहां सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को सहारा देता है।

## जीबीपी/यूएसडी लाइव मार्केट डेटा और तकनीकी संकेत
लाइव मार्केट डेटा के अनुसार जीबीपी/यूएसडी का भाव 1.33 पर चल रहा है, जो पिछले बंद 1.32 की तुलना में 0.39% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना के बराबर है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 41 के स्तर पर है। एमएसीडी -0.01 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.01 पर है (हिस्टोग्राम -0.00, मंदी का संकेत)। मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 1.33, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 और 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर स्थित है; वहीं 50-दिवसीय एसएमए 1.35 और 200-दिवसीय एसएमए 1.34 पर है। भाव दीर्घावधि डाउनट्रेंड में बने हुए हैं और 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे फिसलने से डेथ क्रॉसओवर की स्थिति दिख रही है। 20-अवधि के बोलिंगर बैंड्स 1.31 से 1.36 (मध्य 1.33) के बीच फैले हैं और कीमत बैंड्स के भीतर है। एडीएक्स 33 पर ट्रेंडिंग स्थिति दर्शा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 40 और सिग्नल लाइन 25 पर है। 14-दिवसीय एटीआर 0.01 पर दैनिक अस्थिरता दर्शाता है। प्रमुख स्तरों में पिवट 1.33, रेजिस्टेंस आर1 1.33, आर2 1.33 तथा सपोर्ट एस1 1.33 और एस2 1.33 पर स्थित हैं, जहां 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 1.32 और रेजिस्टेंस लगभग 1.36 पर आंका गया है।

## अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति
वैश्विक बाजार के अन्य मोर्चों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की और मंगलवार को 0.7000 के प्रमुख स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। जोखिम वाली संपत्तियों में सुधरती धारणा और अमेरिकी डॉलर में ताजा बिकवाली ने इस तेजी में योगदान दिया। वहीं दूसरी ओर यूएसडी/जेपीवाई मंगलवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबार में फिर से 158.00 के ऊपर निकल गया, क्योंकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की कमजोर उम्मीदों और हस्तक्षेप के मंडराते जोखिमों के बावजूद येन को कोई गति नहीं मिल सकी। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने ने सोमवार की मामूली तेजी को आगे बढ़ाया, हालांकि मंगलवार को यह 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर को दोबारा हासिल करने के लिए संघर्ष करता दिखा। अमेरिकी डॉलर में दबाव और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने सर्राफा को सहारा दिया। उधर यूरोपीय सेंट्रल बैंक अपने लक्ष्य से लगभग दोगुनी चल रही मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की दुविधा में है, क्योंकि बॉन्ड बाजार पहले ही आंशिक सख्ती का काम कर चुका है।

## इसका आप पर असर
मुद्रा बाजार में पाउंड की मजबूती और येन की कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और मुद्रा हेजिंग की लागत पर सीधा असर पड़ेगा।

- **मुद्रा निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए:** दोनों देशों की ब्याज दरों में 2.50% का अंतर कैरी ट्रेड को अत्यधिक आकर्षक बना रहा है। निवेशक येन बेचकर उच्च प्रतिफल वाले पाउंड में पूंजी लगाकर नियमित ब्याज अंतर का लाभ उठा रहे हैं।
- **यूके और जापान के यात्रियों के लिए:** जापानी येन के लगातार कमजोर बने रहने से वहां की यात्रा भारतीय और ब्रिटिश पर्यटकों के लिए सस्ती रहेगी। इसके विपरीत पाउंड में मजबूती रहने से ब्रिटेन में छुट्टियां बिताना या पढ़ाई करना अधिक खर्चीला बना रहेगा।
- **आयातकों और निर्यातकों के लिए:** जापानी सामान खरीदने वाली कंपनियों के लिए येन की कमजोरी लागत घटाने का मौका देती है। वहीं ब्रिटिश बाजार में सामान भेजने वाले निर्यातकों को पाउंड की ऊंची विनिमय दर से अधिक मार्जिन हासिल हो सकता है।
- **केंद्रीय बैंक नीति के नजरिए से:** बैंक ऑफ जापान के निष्क्रिय रहने से मुद्रा में गिरावट जारी रहने पर नए हस्तक्षेप की संभावना बढ़ सकती है। ट्रेडर्स को 164.00 के आसपास पहले हुए हस्तक्षेप के स्तरों को ध्यान में रखकर अपने स्टॉप-लॉस सेट करने होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह स्थिति दोनों प्रमुख केंद्रीय बैंकों के बीच ब्याज दर नीतियों में आए भारी अंतर और बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती टालने के कारण उत्पन्न हुई है।

- **नीतिगत दिशा में अंतर:** बैंक ऑफ इंग्लैंड जहां महंगाई रोकने के लिए 3.75% की बैंक रेट बनाए हुए है और आगे बढ़ोतरी के संकेत हैं, वहीं बैंक ऑफ जापान 1.25% पर अटका हुआ है। इसी ब्याज अंतर के कारण निवेशक कम ब्याज वाली मुद्रा बेचकर ज्यादा ब्याज वाली मुद्रा खरीद रहे हैं।
- **अक्टूबर में दर वृद्धि के संकेतों का अभाव:** जापानी केंद्रीय बैंक की ओर से अक्टूबर की बैठक में दरें बढ़ाने का कोई स्पष्ट संकेत न मिलने से येन का समर्थन खत्म हो गया। बाजार ने इस ढिलाई को भांपते हुए येन पर शॉर्ट पोजीशन बढ़ा दी हैं।
- **हस्तक्षेप के स्तरों से दूरी:** जापानी अधिकारी आमतौर पर तब सीधे बाजार में उतरते हैं जब यूएसडी/जेपीवाई 164.00 के करीब पहुंचे, जबकि मौजूदा स्तर उससे छह येन नीचे है। इस तात्कालिक सुरक्षा मार्जिन ने व्यापारियों को बिना किसी बड़े डर के पाउंड में लिवाली जारी रखने की छूट दी है।

## सवाल-जवाब

### 1. जीबीपी/जेपीवाई में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है?
बैंक ऑफ जापान द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने का संकेत न देना और यूके व जापान के बीच 2.50% का ब्याज दर अंतर इस तेजी की मुख्य वजह है।

### 2. वर्तमान में दोनों देशों की ब्याज दरें कितनी हैं?
यूनाइटेड किंगडम की बैंक रेट 3.75% है, जबकि बैंक ऑफ जापान की नीतिगत ब्याज दर 1.25% पर स्थित है।

### 3. तकनीकी चार्ट पर इस जोड़ी के लिए प्रमुख रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या हैं?
ऊपर की ओर 210.00 और 211.50 पर मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की ओर 208.50 और 207.00 पर अहम सपोर्ट बना हुआ है।

### 4. जापान ने पिछली बार मुद्रा बाजार में कब हस्तक्षेप किया था?
जापान ने 30 जुलाई को येन की खरीदारी शुरू की थी जब यूएसडी/जेपीवाई 164.00 के ठीक नीचे कारोबार कर रहा था।

### 5. विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड की कुल हिस्सेदारी कितनी है?
वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार पाउंड वैश्विक एफएक्स लेनदेन में 12% हिस्सेदारी रखता है, जिसका दैनिक औसत कारोबार 630 अरब डॉलर है।

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