बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि की उम्मीदों और मजबूत आर्थिक आंकड़ों से जापानी येन सात महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंचा मजबूत घरेलू कारोबारी आंकड़ों और बैंक ऑफ जापान द्वारा सितंबर में 0.25 प्रतिशत की ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावनाओं के चलते जापानी येन में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है, जबकि सोने और ऊर्जा बाजारों में भी हलचल तेज हुई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पिछले करीब सात महीनों के उच्चतम स्तर के आसपास बना हुआ है। हालिया कारोबारी सत्रों के दौरान USD/JPY मुद्रा जोड़ी में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया, जहां यह नीचे में 152.88 के स्तर तक गिरने के बाद 153.26 के आसपास स्थिर हुआ। वित्तीय बाजारों की नजरें टोक्यो में केंद्रीय बैंक के भावी कदमों पर टिकी हैं, जहां ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। जापान के सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में बदलाव के कारण येन में आई इस तेजी का असर सर्राफा बाजार, ऊर्जा उत्पादों और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं पर भी साफ देखा जा रहा है। बैंक ऑफ जापान की नीति और घरेलू आर्थिक स्थितियां जापानी येन की इस निरंतर तेजी के पीछे सबसे मुख्य कारण बैंक ऑफ जापान (BOJ) द्वारा उठाए जाने वाले कदम हैं। वित्तीय बाजारों ने सितंबर में होने वाली आगामी मौद्रिक नीति बैठक में केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स (25bps) की वृद्धि को पूरी तरह से तय मान लिया है। अब निवेशक और ट्रेडर्स इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि केंद्रीय बैंक लंबी अवधि के लिए ब्याज दरों के मार्ग पर क्या बयान जारी करता है। जापान की घरेलू अर्थव्यवस्था से मिले आंकड़े भी येन को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में जारी हुए रायटर्स तानकन बिजनेस सर्वे के नतीजों ने जापानी कंपनियों के भीतर मजबूत कारोबारी माहौल को उजागर किया है। यह सकारात्मक रिपोर्ट जापानी नीति निर्माताओं द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के फैसले को और बल देती है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो USD/JPY में 10 प्रतिशत या उससे अधिक की तेज गिरावट पहले भी कई बार देखी जा चुकी है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की गिरावट वैश्विक उथल-पुथल के बजाय मुख्य रूप से जापान के अपने घरेलू आर्थिक कारणों से प्रेरित है। इसी वजह से इमर्जिंग मार्केट्स (EM) और कैरी ट्रेड्स अब तक काफी हद तक स्थिर रहे हैं, हालांकि ट्रेडर्स भविष्य में किसी भी अचानक आने वाली उतार-चढ़ाव की स्थिति पर सतर्क नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी खजाना सचिव का बयान और मुद्रा बाजार पर प्रभाव वैश्विक मुद्रा बाजार के समीकरणों को दिलचस्प बनाते हुए अमेरिकी खजाना सचिव स्कॉट बेसेंट ने येन को मजबूत करने के प्रयासों का विरोध करने वाले ट्रेडर्स को चुनौती दी है। स्कॉट बेसेंट ने कहा कि जापानी नीति निर्माताओं और बैंक ऑफ जापान के आगामी कदमों को लेकर उनके पास आम बाजार सहभागियों की तुलना में अधिक और बेहतर जानकारी उपलब्ध है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार दबाव में है और दो हफ्तों से अधिक के निचले स्तर पर बना हुआ है। जापान में सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और अमेरिका से आ रहे आर्थिक संकेतों के बीच संतुलन बदलने से अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में अल्पकालिक रणनीतियों में फेरबदल हो रहा है। यद्यपि कैरी ट्रेड रणनीतियों ने अब तक येन की तेजी को झेल लिया है, लेकिन यदि विदेशी मुद्रा बाजार में अचानक अस्थिरता बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। अन्य प्रमुख मुद्राओं में हलचल और सर्राफा बाजार में सुधार अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और जापानी येन की मजबूती का असर अन्य परिसंपत्तियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर बनी रही। चीन से आए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के उम्मीद से अधिक गर्म आंकड़ों के बावजूद, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया। अब वैश्विक निवेशकों की निगाहें इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर टिकी हैं। दूसरी ओर, सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में भी सुधार देखा गया। पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत में एक बार फिर 4,400 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और येन की मजबूती ने सोने की कीमतों में इस रिकवरी को गति दी है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी कच्चे तेल का व्यापक बाजार भले ही शांत नजर आ रहा हो, लेकिन रिफाइंड ईंधन बाजार से अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल के बीच का मूल्य अंतर दर्शाता है, इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। दिन के कारोबार के दौरान डीजल क्रैक स्प्रेड 102.00 डॉलर प्रति बैरल के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की स्थिर कीमतों के विपरीत रिफाइंड ईंधन के प्रीमियम में आई यह ऐतिहासिक तेजी औद्योगिक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति की तंगी और रिफाइनिंग दबाव को उजागर करती है। जैसे-जैसे वैश्विक वित्तीय बाजार केंद्रीय बैंकों की नीतियों के अनुसार खुद को ढाल रहे हैं, ऊर्जा बाजार के जानकार ईंधन की कीमतों में आई इस तेजी के व्यापक प्रभाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसका आप पर असर केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों, मुद्रा दरों और ऊर्जा रिफाइनिंग मार्जिन में आ रहे इन बदलावों का सीधा असर निवेशकों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है। • विदेशी मुद्रा निवेशकों के लिए: बैंक ऑफ जापान द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट्स की दर वृद्धि की उम्मीदों से येन मजबूत हो रहा है, जिससे पारंपरिक कैरी ट्रेड का मुनाफा घट सकता है। येन में उधार लेकर निवेश करने वाले ट्रेडर्स को मुद्रा जोखिम का पुनर्मूल्यांकन करना होगा। • सोना खरीदने वालों के लिए: सोने का 4,400 डॉलर प्रति औंस के पार जाना डॉलर की कमजोरी के खिलाफ हेजिंग मांग को दर्शाता है। रिटेल सोना खरीदारों और बुलियन निवेशकों को आने वाले दिनों में ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ सकता है। • औद्योगिक ईंधन उपभोक्ताओं के लिए: अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड का 102 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचना माल ढुलाई लागत को बढ़ा सकता है। कमर्शियल लॉजिस्टिक्स और भारी परिवहन पर निर्भर व्यवसायों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ेगा। • आयातकों और निर्यातकों के लिए: AUD/USD जोड़ी का 0.7200 के ऊपर बने रहना अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लागत को प्रभावित करता है। एशियाई और ऑस्ट्रेलियाई बाजारों से सामान मंगाने वाली कंपनियों को मुद्रा दरों के अनुसार अपने बजट को समायोजित करना होगा। • सामान्य बाजार निवेशकों के लिए: अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति आंकड़े वैश्विक बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों में नया निवेश करने से पहले विदेशी मुद्रा बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखें। ऐसा क्यों हुआ विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में आई यह हलचल केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों में बदलाव और ऊर्जा बाजार में आपूर्ति के दबाव का परिणाम है। • बैंक ऑफ जापान का सख्त रुख: जापानी कॉर्पोरेट सर्वे के मजबूत आंकड़ों ने बाजार को आश्वस्त किया कि बैंक ऑफ जापान ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगा, जिससे येन में संस्थागत खरीदारी बढ़ी। • अमेरिकी डॉलर पर दबाव: अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले और अमेरिकी खजाना विभाग के बयानों के कारण डॉलर इंडेक्स में नरमी आई, जिससे सोने और अन्य मुद्राओं को बढ़त मिली। • ईंधन रिफाइनिंग में तंगी: अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड का 100 डॉलर से ऊपर जाना यह दर्शाता है कि कच्चे तेल की उपलब्धता की तुलना में रिफाइंड डीजल की वैश्विक आपूर्ति में ज्यादा तंगी है। • केंद्रीय बैंकों की नीतियों में भिन्नता: जापान और ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में सख्ती के संकेतों ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह की दिशा बदल दी है। सवाल-जवाब 1. हालिया कारोबारी सत्रों में USD/JPY जोड़ी किस स्तर तक गिरी? USD/JPY मुद्रा जोड़ी हालिया सत्र में गिरकर 152.88 के निचले स्तर तक पहुंची और बाद में 153.26 के आसपास स्थिर हुई। 2. सितंबर महीने में बैंक ऑफ जापान से क्या उम्मीदें हैं? वित्तीय बाजारों ने सितंबर की बैठक में बैंक ऑफ जापान द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट्स (0.25%) की ब्याज दर वृद्धि को पूरी तरह से तय मान लिया है। 3. अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के बाद सोने की क्या स्थिति रही? सोने ने पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट को समाप्त करते हुए एक बार फिर 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर को हासिल कर लिया। 4. अमेरिकी डीजल बाजार में कौन सा नया रिकॉर्ड बना? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकला और 102.00 डॉलर प्रति बैरल का नया सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया। 5. एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD जोड़ी का क्या रुख रहा? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं के बल पर AUD/USD जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूत बनी रही। https://trendkia.com/market/bank-of-japan-ki-dara-vriddhi-ki-ummidon-aura-majabuta-arthika-ankaron-se-japani-yen-sata-mahine-ke-uchcha-stara-ke-kariba-pahunch-30131 TrendKia — Har trend, sabse pehle.