# बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि को लेकर मुद्रा बाजार सतर्क, ब्याज दर 1.25 प्रतिशत होने का अनुमान

> बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने की संभावनाओं के बीच जापानी येन, अमेरिकी डॉलर और वैश्विक परिसंपत्तियों में तेज हलचल देखने को मिल रही है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bank-of-japan-ki-dara-vriddhi-ko-lekara-mudra-bajara-satarka-byaja-dara-1-25-pratishata-hone-ka-anumana-33637 · **Language:** Hindi
**Tags:** बैंक ऑफ जापान, जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दर, मुद्रा बाजार, सोना भाव, विदेशी मुद्रा

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में इस समय सबकी निगाहें बैंक ऑफ जापान पर टिकी हुई हैं, जहां नीतिगत दरों में बढ़ोतरी को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। वित्तीय बाजार यह मानकर चल रहे हैं कि जापानी केंद्रीय बैंक अपनी बेंचमार्क नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर सकता है। हाल के हफ्तों में बाजार की उम्मीदें जिस तरह से बदली हैं, उससे साफ संकेत मिलता है कि दर वृद्धि का यह कदम काफी हद तक कीमतों में पहले ही शामिल हो चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक सख्ती की गति को पहले के मुकाबले अधिक चुस्त और सक्रिय रखने का संकेत दे सकता है। यदि केंद्रीय बैंक की ओर से इस सख्त रुख में कोई कमी दिखाई देती है, तो जापानी येन पर भारी दबाव आ सकता है, क्योंकि देश में कोर मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

## मुद्रास्फीति के आंकड़े और नीतिगत बैठक का समय
जापान में केंद्रीय बैंक रातों-रात अपनी प्रमुख नीतिगत दर पर बड़ा फैसला लेने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले अगस्त महीने के नए सीपीआई यानी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े भी सामने आने वाले हैं। हाल के दिनों में बुनियादी कीमत दबावों में तेजी के साफ संकेत मिले हैं, जिसकी पुष्टि इस महीने की शुरुआत में जारी हुए टोक्यो के मुद्रास्फीति आंकड़ों से भी हुई थी। बाजार पर्यवेक्षक यह उम्मीद कर रहे हैं कि बैंक ऑफ जापान अब तक देखे गए बेहद सतर्कता भरे चक्र की तुलना में सख्त रुख अपनाने के लिए अधिक चुस्त नजरिया अपनाएगा। यदि केंद्रीय बैंक अपने रुख में कोई ढिलाई दिखाता है या अपेक्षा से कमजोर कदम उठाता है, तो विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में येन को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

## विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल और येन की चाल
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी 156.00 के स्तर से नीचे आने के बाद वापस संभलती हुई दिखी। इसके साथ ही यह जोड़ी पिछले दिन बने करीब दो सप्ताह के शीर्ष स्तर से फिसलकर लगातार तीन दिनों की बढ़त के सिलसिले को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर सात सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन अब डॉलर की उस तेजी पर ब्रेक लग गया है। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के रास्ते को और अधिक आक्रामक तरीके से आंके जाने से जापानी येन को सहारा मिला है। इस बदले हुए समीकरण ने यूएसडी/जेपीवाई की बढ़त को सीमित रखा है और पूरा ध्यान शुक्रवार को आने वाले बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले पर टिक गया है।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने के भाव में तेजी
एशियाई कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों में भी अहम बदलाव दर्ज किए गए। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी एयूडी/यूएसडी को नए खरीदार मिले और यह फिर से 0.7100 के स्तर को पार कर गया। अमेरिकी डॉलर की फेड प्रेरित आक्रामक तेजी के थमने से इस मुद्रा जोड़ी को बल मिला है, जो जुलाई के अंत के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के दावों और अमेरिका एवं ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदों ने बाजार के जोखिम भरे रुझान को मजबूती दी है, जिससे ऑस्ट्रेलिया के डॉलर को समर्थन प्राप्त हुआ है।

कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। गुरुवार को पीली धातु ने लगातार तीन दिनों की गिरावट के सिलसिले को पीछे छोड़ते हुए 4,480 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में नए साप्ताहिक उच्च स्तर को छू लिया। सोने की इस शानदार उछाल को अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दर्ज की जा रही कमजोरी से भी अतिरिक्त समर्थन मिला है।

## जापान के दशकों पुराने फंडिंग मॉडल का नया दौर
जापान की बेहद कम और शून्य के करीब रही ब्याज दरों ने एक दशक से भी अधिक समय तक दुनिया भर में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेश को वित्तीय सहारा दिया था। इसी रणनीति के कारण जापानी येन लंबे समय तक दुनिया के लिए सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बना रहा। दुनिया भर के निवेशक कम दरों पर येन उधार लेकर वैश्विक स्तर पर अधिक रिटर्न वाले संपत्तियों में निवेश करते थे। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति को फिर से कड़ा किए जाने की संभावनाओं के साथ यह पुराना लाभ अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। जब दुनिया की अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी कर रही थीं, तब जापान पूरी दुनिया में एक अलग अपवाद बना हुआ था। अब जब जापान भी अपनी नीति सामान्य कर रहा है, तो वैश्विक पूंजी प्रवाह के समीकरण पूरी तरह बदलने लगे हैं।

## इसका आप पर असर
बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और वैश्विक मुद्रा बाजारों में आ रहे बदलावों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, धातु बाजार और निवेश प्रवाह पर सीधा असर पड़ेगा।

- **मुद्रा विनिमय पर असर:** जापानी येन के मजबूत होने और डॉलर की तेजी थमने से अन्य प्रमुख मुद्राओं को राहत मिलेगी। आयात-निर्यात करने वाले व्यापारियों को मुद्रा हेजिंग की लागत में बदलाव के लिए तैयार रहना होगा।
- **सोने के खरीदारों के लिए:** डॉलर में नरमी और सोने की कीमतों के 4,480 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक उछलने से आभूषणों और सर्राफा की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। खुदरा खरीदारों और निवेशकों को खरीदारी करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों पर नजर रखनी चाहिए।
- **वैश्विक पूंजी प्रवाह:** जापान की ब्याज दरें बढ़कर 1.25 प्रतिशत होने से सस्ते येन पर आधारित फंडिंग का दौर सीमित हो जाएगा। वैश्विक शेयर और बॉन्ड बाजारों में जोखिम वाली परिसंपत्तियों से विदेशी पूंजी की निकासी देखने को मिल सकती है।
- **कच्चे तेल और कमोडिटी बाजार:** कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर में नरमी से ईंधन आधारित मुद्रास्फीति पर थोड़ा दबाव घट सकता है। ऊर्जा आयातकों और विनिर्माण क्षेत्र को निकट अवधि में इन लागतों में मामूली राहत मिल सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
जापान में बढ़ती मुद्रास्फीति और टोक्यो के मजबूत उपभोक्ता मूल्य आंकड़ों के चलते बैंक ऑफ जापान पर अपनी अत्यंत ढीली मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने का दबाव बढ़ गया है।

- **कोर मुद्रास्फीति में तेजी:** अगस्त के लिए राष्ट्रीय सीपीआई जारी होने से पहले बुनियादी कीमत दबावों में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई है। इस महीने की शुरुआत में टोक्यो के महंगाई आंकड़ों ने भी दर वृद्धि की आवश्यकता को पुख्ता किया था।
- **दशकों पुरानी अति-उदार नीति का अंत:** दुनिया भर के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद जापान लंबे समय तक शून्य या नकारात्मक दरों पर टिका रहा था। अब घरेलू स्तर पर महंगाई और मजदूरी में वृद्धि के चलते केंद्रीय बैंक के लिए नीति को सामान्य करना अनिवार्य हो गया है।
- **येन पर विनिमय दर का दबाव:** अन्य देशों के मुकाबले ब्याज दरों के भारी अंतर ने येन को कमजोर किया था, जिससे आयात महंगा हो रहा था। मुद्रा में गिरावट रोकने और आर्थिक संतुलन साधने के लिए दर को 1.25 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी की गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंक ऑफ जापान की नीतिगत ब्याज दर कहां तक बढ़ने का अनुमान है?
वित्तीय बाजार यह मानकर चल रहे हैं कि बैंक ऑफ जापान अपनी नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर सकता है।

### 2. नीतिगत बैठक से पहले जापान में कौन से महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं?
नीतिगत बैठक से ठीक पहले अगस्त महीने के नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़े जारी किए जाएंगे।

### 3. एशियाई कारोबारी सत्र में यूएसडी/जेपीवाई किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
यूएसडी/जेपीवाई एशियाई सत्र में 156.00 के स्तर से नीचे की संक्षिप्त गिरावट से उबरता हुआ दिखाई दिया।

### 4. हालिया सत्र में सोने का भाव किस स्तर पर पहुंचा?
सोने ने लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए लगभग 4,480 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नए साप्ताहिक उच्च स्तर को छुआ।

### 5. एयूडी/यूएसडी जोड़ी ने एशियाई सत्र में किस स्तर को फिर से हासिल किया?
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में ताजा खरीदारी आने से यह जोड़ी फिर से 0.7100 के स्तर पर पहुंच गई।

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