{
  "type": "article",
  "title": "बैंक ऑफ जापान की दरों में बढ़ोतरी से पहले ऑस्ट्रेलियाई और न्यूजीलैंड डॉलर में हलचल",
  "summary": "बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने की संभावना के बीच वैश्विक बाजारों में येन आधारित कैरी ट्रेड की स्थिति तेजी से बदल रही है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और न्यूजीलैंड डॉलर पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और न्यूजीलैंड डॉलर एक बेहद नाजुक मोड़ पर कारोबार कर रहे हैं। बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी करके उसे 1.25 प्रतिशत तक ले जाने की व्यापक तैयारियों के बीच येन की चाल में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह दर 1993 के बाद से जापान में ब्याज दरों का उच्चतम स्तर होगी। इस संभावित मौद्रिक सख्ती ने लंबे समय से चले आ रहे उस कैरी ट्रेड को झकझोर दिया है, जिसके तहत निवेशक बेहद सस्ती दरों पर येन उधार लेकर उच्च ब्याज देने वाली मुद्राओं में निवेश किया करते थे।\n\nबाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रति येन 111.00 के करीब कारोबार कर रहा है और लगातार चौथे सत्र में मजबूती दर्ज करा चुका है। वहीं दूसरी तरफ, न्यूजीलैंड डॉलर प्रति येन 89.50 के आसपास बना हुआ है, जो फरवरी के बाद से इसका सबसे कमजोर स्तर दर्शाता है। हालांकि दोनों मुद्राएं हाल के निचले स्तरों से मामूली संभली हैं, लेकिन वे अगस्त में दर्ज की गई अपनी पिछली ऊंचाइयों से अब भी काफी नीचे चल रही हैं। बाजार के बड़े संस्थागत सटोरिए शुक्रवार को होने वाले नीतिगत फैसले से काफी पहले ही अपनी पुरानी पोजीशन समेट कर बाहर निकल चुके हैं।\n\nकैरी ट्रेड का गणित और बदलता ब्याज अंतर\nयेन आधारित कैरी ट्रेड का बुनियादी गणित हमेशा से सीधा और स्पष्ट रहा है। निवेशक 1 प्रतिशत की दर पर येन उधार लेते रहे हैं और उस रकम से 4.35 प्रतिशत का रिटर्न देने वाला ऑस्ट्रेलियाई डॉलर या 2.75 प्रतिशत उपज देने वाला न्यूजीलैंड डॉलर खरीदते रहे हैं। जब तक विनिमय दर में कोई बड़ा प्रतिकूल बदलाव नहीं आता, तब तक इस ब्याज दर के फासले से शुद्ध मुनाफा कमाया जाता रहा है। लेकिन बैंक ऑफ जापान के आगामी फैसले के बाद इस समीकरण में बड़ा बदलाव आने वाला है।\n\nशुक्रवार को दरें 1.25 प्रतिशत होने के बाद, किसी भी प्रकार की हेजिंग लागत या स्प्रेड को शामिल किए बिना, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में येन उधार लागत की तुलना में केवल 3.10 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज लाभ बचेगा। वहीं न्यूजीलैंड डॉलर के मामले में यह अतिरिक्त लाभ घटकर महज 1.50 प्रतिशत रह जाएगा। विनिमय दर में मामूली उतार चढ़ाव भी इस घटते ब्याज अंतर को बहुत तेजी से खत्म कर सकता है।\n\nमुद्रा बाजार के स्तरों के विश्लेषण से साफ है कि 89.42 के स्तर पर 1.50 प्रतिशत का यह वार्षिक अंतर प्रति वर्ष लगभग सवा येन के बराबर बैठता है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड डॉलर और येन की जोड़ी अगस्त में 95.00 के अपने उच्च स्तर से छह येन से भी अधिक टूट चुकी है। इसका अर्थ यह हुआ कि विनिमय दर में केवल एक महीने की गिरावट ने चार साल से अधिक के संचित ब्याज अंतर को पूरी तरह स्वाहा कर दिया। इसी प्रकार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रति वर्ष करीब साढ़े तीन येन का ब्याज अंतर देता है, जबकि अगस्त में 115.00 के शिखर से यह पांच येन नीचे फिसल चुका है। ऐसी परिस्थिति में कोई भी विवेकशील निवेशक ऐसे पोजीशन को दोबारा खड़ा करने का जोखिम नहीं उठाएगा, जिसका पूरा वार्षिक लाभ महज दो सप्ताह की मुद्रा गिरावट में समाप्त हो सकता है।\n\nवायदा बाजार में सटोरियों का ऐतिहासिक दांव\nकमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी सीएफटीसी के आंकड़ों में सटोरियों के व्यवहार का एक असाधारण उलटफेर दर्ज किया गया है। सितंबर की शुरुआत में बड़े सटोरिए 92.2 हजार येन कॉन्ट्रैक्ट्स के नेट शॉर्ट पर बैठे हुए थे, जो 2007 के बाद से जापानी मुद्रा के खिलाफ सबसे बड़ा मंदी का दांव माना जा रहा था। लेकिन 8 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान इसमें अचानक लगभग 103 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स का जबर्दस्त सुधार आया।\n\nइस भारी फेरबदल के चलते बाजार का रुख बदलकर 10.8 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स के नेट लॉन्ग में तब्दील हो गया। यह साप्ताहिक बदलाव अगस्त की शुरुआत के बाद का सबसे बड़ा स्विंग दर्ज किया गया है। जो कारोबारी शुक्रवार के केंद्रीय बैंक फैसले में उलझने की आशंका में थे, उन्होंने उससे ठीक एक सप्ताह पहले ही अपनी पुरानी पोजीशन को काटकर जोखिम से खुद को सुरक्षित कर लिया। हालांकि यह पूरे वित्तीय तंत्र का केवल एक हिस्सा है। वाणिज्यिक बैंक और सीधे येन उधार लेने वाले लीवरेज्ड फंड किसी भी प्रकार की साप्ताहिक सार्वजनिक रिपोर्ट दाखिल नहीं करते, और दोनों करेंसी जोड़ियों की चाल दर्शाती है कि बिकवाली का दबाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। वायदा बाजार के ये आंकड़े यह भी रेखांकित करते हैं कि अब अधिकांश कारोबारी येन पर तेजी की पोजीशन बनाए हुए हैं, जिसका सीधा अर्थ यह है कि यदि बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा उम्मीद से अधिक सतर्क या नरम रुख अपनाते हैं, तो इस तेजी वाले समूह को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।\n\nघरेलू बॉन्ड यील्ड और जापानी संस्थागत निवेशकों की वापसी\nजापान के प्रमुख संस्थागत निवेशक भी अपनी गतिविधियों की कोई साप्ताहिक सार्वजनिक रिपोर्ट पेश नहीं करते। जापान के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड तीन दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला यह बढ़ता रिटर्न जापानी जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों को सिडनी और ऑकलैंड जैसे विदेशी बाजारों से अपनी जमा पूंजी वापस स्वदेश लाने का एक ठोस कारण प्रदान कर रहा है।\n\nसंस्थागत पूंजी की यह घर वापसी किसी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयानों से रुकने वाली नहीं है, न ही यह किसी साप्ताहिक आंकड़े में तत्काल प्रकट होती है। यह एक धीमी और दीर्घकालिक पूंजी वापसी की प्रक्रिया है। यही कारण है कि सालाना 3.10 प्रतिशत का ब्याज अंतर विनिमय दर में दो येन की सामान्य चाल के सामने भी टिक नहीं पाता। दीर्घकालिक जापानी पूंजीपति अब विदेशी मुद्रा जोखिम उठाए बिना अपनी घरेलू धरती पर ही आकर्षक सुरक्षित रिटर्न हासिल कर रहे हैं।\n\nऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अलग होती आर्थिक दिशाएं\nदोनों पड़ोसी देशों की आर्थिक परिस्थितियों में भी स्पष्ट असमानता देखने को मिल रही है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की स्थिति अपेक्षाकृत काफी मजबूत नजर आती है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अगस्त में अपनी नकद दर को 4.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था और उसकी अगली नीतिगत बैठक 29 सितंबर को निर्धारित है। ऑस्ट्रेलिया में अंतर्निहित मुद्रास्फीति 3.6 प्रतिशत पर बनी हुई है, और देश के चारों सबसे बड़े बैंक अब इस वर्ष के अंत से पहले ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं।\n\nइसी नीतिगत और आर्थिक अंतर के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन की जोड़ी 110.00 के आसपास स्थित अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। इसके विपरीत, न्यूजीलैंड डॉलर प्रति येन अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से दो येन से भी अधिक नीचे कारोबार कर रही है, जो फरवरी के बाद से इसका सबसे कमजोर स्तर है। न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में मंदी और कमजोर आंकड़ों के चलते दोनों पड़ोसी मुद्राओं के बीच यह नीतिगत खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।\n\nनीतिगत बैठक का समय और भावी दरों का परिदृश्य\nबैंक ऑफ जापान का बहुप्रतीक्षित फैसला शुक्रवार को सार्वजनिक होगा। केंद्रीय बैंक का नीतिगत वक्तव्य सुबह 03:00 जीएमटी पर जारी किया जाएगा, जिसके बाद सुबह 06:30 जीएमटी पर गवर्नर काजुओ उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर उसे 1.25 प्रतिशत किए जाने की संभावना को पहले ही लगभग 97 प्रतिशत तक शामिल किया जा चुका है। इसलिए केवल इस बढ़ोतरी का होना शुक्रवार का सबसे कम चौंकाने वाला हिस्सा होगा।\n\nवास्तविक उत्सुकता और अनिश्चितता इस बात पर टिकी है कि केंद्रीय बैंक आने वाले समय में क्या संकेत देता है। मनी मार्केट्स वर्तमान में अगले बारह महीनों के दौरान दरों में लगभग नौ-दसवें हिस्से यानी 0.90 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं। शुक्रवार को बाजार मुख्य रूप से यह देखेगा कि गवर्नर उएदा इन भावी उम्मीदों की पुष्टि करते हैं या फिर आर्थिक चिंताओं के चलते अधिक नपे-तुले शब्दों का प्रयोग करते हैं। 1.25 प्रतिशत की दर 1993 के बाद से जापान की उच्चतम ब्याज दर होगी, लेकिन इसके बावजूद जापानी येन विकसित दुनिया की सबसे सस्ती फंडिंग मुद्रा बना रहेगा।\n\nतकनीकी स्तर, समर्थन और प्रतिरोध\nमुद्रा जोड़ियों के तकनीकी चार्ट पर कई महत्वपूर्ण स्तर उभर कर सामने आए हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन में 111.00 का स्तर एक सप्ताह में पहली बार छूने के बाद तात्कालिक प्रतिरोध बना हुआ है, जबकि 111.50 वह स्तर है जहां अगस्त की तेज गिरावट थोड़ी देर के लिए थमी थी। न्यूजीलैंड डॉलर प्रति येन पिछले चार सत्रों से 89.50 के स्तर पर सीमित है, जबकि 90.00 वह महत्वपूर्ण स्तर है जिसे इसने 11 सितंबर को गंवा दिया था।\n\nसमर्थन स्तरों की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रति येन 14 सितंबर को 110.00 के करीब अपने 200-दिवसीय औसत से नीचे गया था, लेकिन उसके बाद से यह उसके ऊपर बना हुआ है। उस दिन का निचला स्तर 109.50 अब एक मजबूत जमीनी स्तर के रूप में कार्य कर रहा है। न्यूजीलैंड डॉलर प्रति येन के लिए 89.00 का स्तर तात्कालिक सहारा है, जिसके बाद 15 सितंबर का निचला स्तर 88.96 अगला मजबूत पड़ाव है। जब तक 110.00 का स्तर कायम है, तब तक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेजी का रुझान बना हुआ है, जिसके ऊपरी लक्ष्य 111.50 और फिर 112.50 हैं। हालांकि, 109.50 के नीचे दैनिक बंद इस तेजी के परिदृश्य को खारिज कर देगा। दूसरी तरफ, न्यूजीलैंड डॉलर 90.00 के नीचे दबाव में बना हुआ है, जिसका रुख 89.00 और 88.50 की ओर है। मोमेंटम इंडिकेटर के रूप में दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी स्टोच आरएसआई ऑस्ट्रेलियाई क्रॉस पर लगभग 13 और न्यूजीलैंड क्रॉस पर लगभग 5 के स्तर पर पहुंच गया है, जो दोनों को अपनी श्रेणियों के सबसे निचले पायदान पर दर्शाता है।\n\nबैंक ऑफ जापान का इतिहास और आसान मौद्रिक नीति से वापसी\nबैंक ऑफ जापान देश का केंद्रीय बैंक है जो राष्ट्रीय मौद्रिक नीति तय करने का दायित्व संभालता है। इसका मुख्य जनादेश बैंकनोट जारी करना और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्रा व मौद्रिक नियंत्रण का संचालन करना है, जिसके अंतर्गत लगभग 2 प्रतिशत का मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारित है। देश में लंबे समय तक बने रहे कम मुद्रास्फीति और अवस्फीति के माहौल से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक ने 2013 में एक अति-उदार मौद्रिक नीति की शुरुआत की थी, ताकि आर्थिक गतिविधियों को गति दी जा सके।\n\nकेंद्रीय बैंक की यह नीति मात्रात्मक और गुणात्मक मौद्रिक सुगमता यानी क्यूक्यूई पर आधारित थी, जिसके तहत तरलता बढ़ाने के लिए नए नोट छापकर सरकारी व कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसी संपत्तियों की व्यापक खरीद की गई। वर्ष 2016 में बैंक ने अपनी इस रणनीति को और आक्रामक बनाते हुए पहले नकारात्मक ब्याज दरों की शुरुआत की और फिर 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड को सीधे नियंत्रित करने की व्यवस्था लागू की। इस भारी मौद्रिक प्रोत्साहन के कारण प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले येन में भारी गिरावट दर्ज की गई। 2022 और 2023 में यह गिरावट तब और तेज हो गई जब दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने ऐतिहासिक महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी शून्य से नीचे की दरों पर अडिग रहा। इस नीतिगत अंतर ने येन के मूल्य को भारी नुकसान पहुंचाया। हालांकि, मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने आखिरकार अपनी अति-उदार नीति को अलविदा कहते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू किया, जिसने वैश्विक वित्तीय प्रवाह की दिशा मोड़ दी।\n\nवैश्विक मैक्रो परिदृश्य और व्यापक बाजार का हाल\nकमजोर येन और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण जापान में घरेलू मुद्रास्फीति बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल गई। इसके साथ ही देश में कर्मचारियों के वेतन में हो रही बढ़ोतरी की संभावनाओं ने भी महंगाई के दबाव को निरंतर बनाए रखा है। एक दशक से भी अधिक समय तक जापान की अति-निम्न ब्याज दरों ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेशों के वित्तपोषण में अहम भूमिका निभाई और येन को दुनिया का सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बनाए रखा। अब इस नीतिगत बदलाव के साथ वह ऐतिहासिक दौर नए चरण में प्रवेश कर रहा है।\n\nइसी बीच वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक भी अपनी मौद्रिक दिशा तय कर रहे हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने हाल ही में अपनी बैंक दर को 3.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन मुद्रास्फीति के बिगड़ते दृष्टिकोण के बीच उसका संदेश काफी सख्त रहा। दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपने नीतिगत लक्ष्य दायरे को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75 से 4.00 प्रतिशत कर दिया, और यह सर्वसम्मत निर्णय 2 प्रतिशत के मुद्रास्फीति लक्ष्य की ओर समयबद्ध वापसी के उद्देश्य से लिया गया। विदेशी मुद्रा बाजार में एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रति अमेरिकी डॉलर 0.7100 के स्तर पर नए खरीदार जुटाने में सफल रहा, क्योंकि डॉलर की फेड-प्रेरित तेजी थोड़ी थमती दिखी। इसी प्रकार, अमेरिकी डॉलर प्रति जापानी येन ने 156.00 के नीचे की संक्षिप्त गिरावट को पलट दिया, क्योंकि निवेशक अब पूरी तरह शुक्रवार के बैंक ऑफ जापान फैसले पर नजरें गड़ाए हुए हैं। सोने की कीमतों में भी जोरदार उछाल देखा गया और पीली धातु प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के आसपास प्रतिरोध का सामना करने से पहले नए साप्ताहिक शिखर पर पहुंच गई।\n\nन्यूजीलैंड डॉलर और अमेरिकी डॉलर का तकनीकी विश्लेषण\nविदेशी मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी वर्तमान में 0.5724 पर कारोबार कर रही है, जो इसके पिछले बंद भाव 0.5728 से 0.07 प्रतिशत नीचे है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.5584 से 0.6093 तक फैला हुआ है और मौजूदा कारोबारी वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के बराबर दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 29 के स्तर पर आ गया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह मुद्रा जोड़ी इस समय ओवरसोल्ड दायरे में पहुंच चुकी है।\n\nमूविंग एवरेज के मोर्चे पर, 20-दिवसीय ईएमए 0.5821, 50-दिवसीय ईएमए 0.5840 और 200-दिवसीय ईएमए 0.5830 पर स्थित है, जबकि 50-दिवसीय एसएमए 0.5856 और 200-दिवसीय एसएमए 0.5854 पर मौजूद है। वर्तमान मूल्य अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है जो दीर्घकालिक डाउनट्रेंड की पुष्टि करता है, हालांकि 50 ईएमए का 200 ईएमए से ऊपर होना एक तकनीकी गोल्डन क्रॉस की स्थिति दर्शाता है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 0.5694 से 0.6017 के बीच फैला है जिसका मध्य बिंदु 0.5855 है, और भाव वर्तमान में इन बैंड्स के भीतर गति कर रहा है। 14-दिवसीय एडीएक्स 37 के स्तर पर एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 9 और सिग्नल लाइन 7 पर स्थित है। 20-दिवसीय तकनीकी समर्थन लगभग 0.5707 और प्रतिरोध 0.5978 के करीब देखा जा रहा है। इसके साथ ही पिवट पॉइंट, आर1, आर2, एस1 और एस2 सभी 0.5724 के स्तर पर केंद्रित हैं, जो मौजूदा स्तरों पर भीषण तकनीकी संकुचन को दर्शाते हैं। वैश्विक अनिश्चितता और येन की बढ़ती मजबूती के बीच आगामी नीतिगत फैसले पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की मुद्राओं की चाल तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।\n\nइसका आप पर असर\nबैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी से वैश्विक मुद्रा बाजारों में येन की स्थिति मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर्ज की लागत बढ़ सकती है।\n\n• मुद्रा विनिमय पर प्रभाव: जापानी येन में संभावित मजबूती से विदेशी मुद्रा बाजारों में उतार चढ़ाव तेजी से बढ़ेगा। जो निवेशक या छात्र विदेश में भुगतान करते हैं, उन्हें दरों में बदलाव पर नजर रखनी चाहिए।\n• वैश्विक निवेश और फंड फ्लो: येन आधारित सस्ते कर्ज पर निर्भर वैश्विक निवेशकों को अपनी पोजीशन कम करनी पड़ सकती है। इसके कारण शेयर और बॉन्ड बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है।\n• निर्यात और व्यापार पर असर: एशियाई मुद्राओं में तेज फेरबदल से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक लागत प्रभावित होगी। आयातकों और निर्यातकों को अपनी मुद्रा हेजिंग रणनीतियों की तत्काल समीक्षा करनी होगी।\n• ब्याज दरों की दिशा: जापान में ब्याज दरों का तीन दशक के उच्च स्तर पर पहुंचना वैश्विक स्तर पर पूंजी लागत को प्रभावित करेगा। इससे विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों पर अपनी मौद्रिक नीतियों को समायोजित करने का दबाव बना रहेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की मुख्य वजह देश में लगातार 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी मुद्रास्फीति और कमजोर येन के कारण बढ़ती आयात लागत है। दशक भर चली अति-उदार मौद्रिक नीति ने अर्थव्यवस्था को गति दी, लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।\n\n• बढ़ती घरेलू महंगाई: वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल और मुद्रास्फीति का केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर टिके रहना इस सख्ती का प्राथमिक कारण बना। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों के वेतन में निरंतर बढ़ोतरी की संभावनाओं ने भी नीतिगत बदलाव को अनिवार्य बना दिया।\n• येन का अत्यधिक अवमूल्यन: 2022 और 2023 के दौरान जब अन्य केंद्रीय बैंकों ने दरें बढ़ाईं, तब जापान की शून्य ब्याज दर नीति ने येन को भारी नुकसान पहुंचाया। मुद्रा के अत्यधिक कमजोर होने से आयातित वस्तुओं की लागत अनियंत्रित होने लगी थी।\n• सरकारी बॉन्ड यील्ड में उछाल: जापान के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड तीन दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। इस बाजार दबाव के चलते केंद्रीय बैंक के लिए अपनी पुरानी उदार नीति पर टिके रहना असंभव हो गया था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत ब्याज दर को कितना बढ़ाए जाने की संभावना है?\nकेंद्रीय बैंक द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किए जाने की उम्मीद है।\n\n2. जापान में 1.25 प्रतिशत की ब्याज दर का क्या ऐतिहासिक महत्व है?\nयदि दरें 1.25 प्रतिशत पर पहुंचती हैं, तो यह 1993 के बाद से जापान में ब्याज दरों का उच्चतम स्तर होगा।\n\n3. येन आधारित कैरी ट्रेड किस प्रकार काम करता है?\nइसमें निवेशक सस्ती दरों पर येन उधार लेते हैं और उससे उच्च ब्याज देने वाली मुद्राओं जैसे ऑस्ट्रेलियाई या न्यूजीलैंड डॉलर में निवेश कर लाभ कमाते हैं।\n\n4. बैंक ऑफ जापान की नीतिगत घोषणा कब और किस समय होगी?\nनीतिगत निर्णय शुक्रवार को सुबह 03:00 जीएमटी पर वक्तव्य के साथ जारी होगा और गवर्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस 06:30 जीएमटी पर होगी।\n\n5. न्यूजीलैंड डॉलर और अमेरिकी डॉलर का वर्तमान तकनीकी रुझान क्या दर्शाता है?\nन्यूजीलैंड डॉलर प्रति अमेरिकी डॉलर 0.5724 पर कारोबार कर रहा है और इसका 14-दिवसीय आरएसआई 29 के स्तर के साथ ओवरसोल्ड स्थिति दर्शाता है।",
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  "publishedAt": "2026-09-19",
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