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  "type": "article",
  "title": "बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा पर टिकी निगाहें, काजुओ उएदा के बयानों से तय होगी जापानी येन की चाल",
  "summary": "बैंक ऑफ जापान की आगामी मौद्रिक बैठक में ब्याज दरें 1.25 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है, लेकिन गवर्नर काजुओ उएदा के रुख से यह तय होगा कि दिसंबर में दर वृद्धि होगी या नहीं।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन की चाल को लेकर निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से बैंक ऑफ जापान की शुक्रवार को होने वाली अहम बैठक पर केंद्रित हो चुका है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी का सामना कर रही जापानी मुद्रा हालिया निचले स्तरों के आसपास संघर्ष कर रही है। बाजार के विश्लेषक अब केवल यह नहीं देख रहे हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में दोबारा इजाफा करेगा या नहीं, बल्कि सबसे बड़ा सवाल यह बन चुका है कि मौद्रिक सख्ती का अगला कदम कब उठाया जाएगा। यदि केंद्रीय बैंक की ओर से सख्त रुख के स्पष्ट संकेत मिलते हैं, तो दिसंबर में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं काफी मजबूत हो जाएंगी, जिससे येन को नई ताकत मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि केंद्रीय बैंक के अधिकारी अत्यधिक सतर्कता भरा रुख अपनाते हैं, तो जापानी मुद्रा पर बिकवाली का दबाव एक बार फिर से गहरा सकता है।\n\nशुक्रवार की मौद्रिक नीति बैठक और यथास्थिति के आसार\nव्यापक बाजार अनुमानों के अनुसार, बैंक ऑफ जापान इस शुक्रवार को अपनी मानक ब्याज दर को 1.25 प्रतिशत के स्तर पर अपरिवर्तित रख सकता है। उल्लेखनीय है कि सितंबर में ब्याज दरों को बढ़ाकर 31 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचाया गया था। इस स्तर पर दरों को थामने से नीति निर्माताओं को यह समझने का अवसर मिलेगा कि पूर्ववर्ती बढ़ोतरी का वास्तविक अर्थव्यवस्था और वित्तीय तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ा है। 14 अक्टूबर से 26 अक्टूबर के बीच 16 अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों ने माना कि इस सप्ताह ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, इनमें से अधिकांश का यह भी आकलन है कि केंद्रीय बैंक दिसंबर या आगामी जनवरी में एक और ब्याज दर वृद्धि को अंजाम दे सकता है।\n\nमुद्रास्फीति लक्ष्य और नीतिगत रणनीति में बदलाव\nयह बैठक जापान की दीर्घकालिक मौद्रिक नीति रणनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। केंद्रीय बैंक औपचारिक रूप से यह स्वीकार कर सकता है कि देश में अंतर्निहित मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंच चुकी है। जापान ने कीमतों में वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षों तक आक्रामक प्रयास किए हैं। अब केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य महंगाई को निरंतर भड़काने के बजाय 2 प्रतिशत के आसपास स्थायी रूप से स्थिर बनाए रखना होगा। रणनीति में यह बदलाव इस बात को पुष्ट करता है कि यदि मुद्रास्फीति में तत्काल कोई बड़ी तेजी नहीं भी आती है, तब भी ब्याज दरों में भविष्य में बढ़ोतरी पूरी तरह से जायज ठहराई जा सकती है। हालिया आर्थिक आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि महंगाई का दबाव अब केवल ऊर्जा की कीमतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे पैर पसार रहा है।\n\nमजबूत वेतन वृद्धि और घरेलू मांग का सहारा\nजापान में वेतन वृद्धि भी केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों का एक अहम आधार बनकर उभरी है। आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में जापान के वास्तविक यानी मुद्रास्फीति समायोजित वेतन में सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह लगातार आठवां महीना रहा जब कर्मचारियों की कमाई में यह सकारात्मक रुझान देखा गया। वेतन में होने वाला यह निरंतर सुधार इस बात की संभावना को बढ़ाता है कि मुद्रास्फीति को घरेलू खपत और आंतरिक मांग से लगातार सहारा मिलता रहेगा। यह स्थिति मौद्रिक नीति के क्रमिक सामान्यीकरण के पक्ष को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।\n\nऊर्जा लागत का दबाव और वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट\nदूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान को ऊर्जा की ऊंची कीमतों से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को भी ध्यान में रखना पड़ रहा है। कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में इजाफे का सीधा असर आम परिवारों की घरेलू खपत और कारोबारी कंपनियों के मुनाफे पर पड़ता है। केंद्रीय बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी अपनी अर्धवार्षिक वित्तीय प्रणाली रिपोर्ट में रेखांकित किया गया कि जापान की समग्र वित्तीय प्रणाली व्यापक रूप से स्थिर बनी हुई है। इसके बावजूद, रिपोर्ट में इस बात को लेकर आगाह किया गया कि ऊर्जा और कच्चे माल की बढ़ती लागत छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों पर भारी वित्तीय दबाव डाल रही है। यही कारण है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में अचानक तेज बढ़ोतरी करने के बजाय अत्यंत संतुलित और क्रमिक कदमों को प्राथमिकता दे रहा है।\n\nकाजुओ उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस बनेगी सबसे बड़ा ट्रिगर\nशुक्रवार को बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा द्वारा संबोधित की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस विदेशी मुद्रा बाजार के लिए मुख्य उत्प्रेरक साबित होगी। दाइवा सिक्योरिटीज के अनुसार, बाजार की नजर विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर रहेगी: पहला, 2 प्रतिशत की अंतर्निहित मुद्रास्फीति की औपचारिक स्वीकृति; दूसरा, दिसंबर में दर वृद्धि के संभावित संकेत; और तीसरा, देश की वित्तीय परिस्थितियों का आधिकारिक मूल्यांकन।\n\nगवर्नर के शब्दों का चयन बाजार की दिशा बदलने की ताकत रखता है। दाइवा सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि निवेशक इस बात का बारीकी से परीक्षण करेंगे कि उएदा अपने पारंपरिक रुख पर कायम रहते हुए यह कहते हैं कि फैसले हर बैठक में परिस्थितियों के आधार पर लिए जाएंगे, या फिर वे अधिक प्रत्यक्ष संकेत देते हुए अगली बैठक या उसके बाद समीक्षा की भाषा का प्रयोग करते हैं। यदि वे आगामी बैठकों में विचार-विमर्श का स्पष्ट संकेत देते हैं, तो इसे दिसंबर में दर वृद्धि की सीधी चेतावनी माना जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक के तिमाही आर्थिक अनुमान भी चर्चा के केंद्र में होंगे। उच्च तेल कीमतों के चलते बैंक ऑफ जापान वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमानों में मामूली बढ़ोतरी कर सकता है।\n\nसावधानी भरा रुख येन की बढ़त को कर सकता है सीमित\nअत्यधिक सतर्क बयानबाजी बाजार के बड़े हिस्से को निराश भी कर सकती है। एमयूएफजी के विश्लेषकों का मानना है कि काजुओ उएदा की संवाद शैली निकट भविष्य में जापानी येन की मजबूती को सीमित रख सकती है। बाजार में दिसंबर की संभावित दर वृद्धि को लगभग 80 प्रतिशत तक पहले ही शामिल मान लिया गया है। ऐसे में यदि उएदा कोई आक्रामक संकेत नहीं देते हैं, तो येन में संभावित उछाल रुक सकता है। एक सकारात्मक परिदृश्य में यदि बैंक ऑफ जापान यह दोहराता है कि अंतर्निहित मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य तक पहुंच चुकी है और मौद्रिक स्थितियां अभी भी अनुकूल हैं, तो दिसंबर में बढ़ोतरी का रास्ता साफ रहेगा। इसके विपरीत, यदि उएदा अतिरिक्त आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा पर जोर देते हैं, आर्थिक वृद्धि से जुड़े जोखिमों को उजागर करते हैं या दिसंबर को लेकर कोई भी मार्गदर्शन देने से बचते हैं, तो निवेशक दरों में वृद्धि की उम्मीदों को घटा देंगे और येन में गिरावट बढ़ जाएगी।\n\nविदेशी मुद्रा बाजार में तकनीकी स्तर और मौजूदा स्थिति\nदैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर और जापानी येन का युग्म यानी USD/JPY 158.54 के 200 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज और 159.27 के 100 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। मुद्रा युग्म 155.00 से 156.00 के प्रमुख सपोर्ट दायरे और 159.00 से 160.70 के रेजिस्टेंस क्षेत्र के बीच फंसा हुआ है। 52 के आसपास बना रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI तटस्थ गति की ओर इशारा कर रहा है।\n\nलाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY वर्तमान में 157.75 पर बना हुआ है, जबकि इसका पिछला बंद 157.99 पर था, जो 0.15 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 152.28 से 163.98 का रहा है। लाइव संकेतकों में RSI 50 के स्तर पर है, जबकि MACD 0.00 पर है जिसका सिग्नल 0.07 और हिस्टोग्राम -0.06 पर मंदी का रुख दर्शा रहा है। मूविंग एवरेजेज के तहत 20 दिवसीय EMA 157.72, 50 दिवसीय EMA 157.93, 200 दिवसीय EMA 157.85 तथा 50 दिवसीय SMA 157.47 पर है। मूल्य बोलिंगर बैंड के 156.94 से 158.91 के दायरे में है, जबकि ADX 11 के साथ कमजोर ट्रेंड को दर्शा रहा है। पिवट 157.84 पर है, जहां पहला रेजिस्टेंस 157.98 व दूसरा 158.21 है, जबकि पहला सपोर्ट 157.61 व दूसरा सपोर्ट 157.46 पर स्थित है। यदि बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त रुख आता है तो यह 156.00 और उसके बाद 155.00 तक गिर सकता है। दूसरी ओर, यदि बयान सतर्क रहे तो डॉलर के मुकाबले येन कमजोर होकर 159.00 से 160.70 तक चढ़ सकता है।\n\nबैंक ऑफ जापान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नीतिगत बदलाव\nबैंक ऑफ जापान देश का केंद्रीय बैंक है, जिसका दायित्व मुद्रा जारी करना और लगभग 2 प्रतिशत की मुद्रास्फीति के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। बैंक ने 2013 में अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति अपनाई थी। इसके तहत बड़े पैमाने पर सरकारी और कॉरपोरेट बॉन्ड खरीदकर तरलता बढ़ाने के लिए क्वांटिटेटिव एंड क्वालिटेटिव ईजिंग यानी QQE की शुरुआत की गई। 2016 में केंद्रीय बैंक ने पहले नकारात्मक ब्याज दरें लागू कीं और फिर 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड के यील्ड को सीधे नियंत्रित करने की व्यवस्था बनाई। लंबे प्रोत्साहन के बाद आखिरकार मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने इस अत्यधिक ढीली नीति को समाप्त करते हुए ब्याज दरें बढ़ाना शुरू किया।\n\nइस भारी मौद्रिक प्रोत्साहन के कारण जापानी येन में ऐतिहासिक कमजोरी देखी गई थी। 2022 और 2023 में यह गिरावट इसलिए और तेज हो गई क्योंकि दुनिया भर के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी बेहद ढीली नीति पर अड़ा रहा। इस नीतिगत अंतर ने येन को अत्यधिक कमजोर कर दिया। 2024 में जब बैंक ने अपनी नीति बदली, तब इस प्रवृत्ति में आंशिक सुधार आया। कमजोर येन और वैश्विक ऊर्जा संकट ने जापान में आयातित महंगाई को बढ़ाया, जिससे मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के पार निकल गई।\n\nवैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का परिदृश्य\nविदेशी मुद्रा बाजार के व्यापक पटल पर बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली और यह एशियाई सत्र में 23 सितंबर के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया में आए मुद्रास्फीति के मजबूत आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नवंबर में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावनाओं को हवा दी। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को घोषित किए जाने वाले ब्याज दर फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर में तीन दिनों की लगातार रैली थम गई।\n\nकमोडिटी और अन्य परिसंपत्तियों की बात करें तो सोने की कीमतों में हालिया दो दिवसीय सुधार के बाद कुछ मुनाफावसूली देखी गई, हालांकि प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर का स्तर अभी भी बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक घोषणा के इंतजार ने कीमती धातुओं को सीमित दायरे में रखा है। डिजिटल परिसंपत्तियों में ज़ेडकैश बुधवार को 1,300 डॉलर के पार स्थिर रहा और 1,373 डॉलर के रेजिस्टेंस के करीब पहुंच गया। ग्रेस्केल के ZEC केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में लगातार छह दिनों से पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया, जिसमें मंगलवार को 30 लाख डॉलर से अधिक का निवेश शामिल रहा। वैश्विक वित्तीय जगत की निगाहें अब पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व और उसके बाद शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान के आधिकारिक रुख पर टिकी हैं।\n\nइसका आप पर असर\nबैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा और जापानी येन की चाल से वैश्विक मुद्रा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सीधे प्रभावित होंगे।\n\n• भारत में प्रभाव: भारतीय निर्यातकों और आयातकों के लिए जापानी मुद्रा में उतार-चढ़ाव लागत संरचना को प्रभावित करेगा। यदि येन मजबूत होता है तो जापानी मशीनरी और कलपुर्जों का आयात महंगा हो सकता है।\n• वैश्विक निवेशकों के लिए: मुद्रा व्यापारियों को ब्याज दर चक्र में बदलाव के कारण अपनी रणनीतियां नए सिरे से तय करनी होंगी। दिसंबर में दर वृद्धि की संभावना से कैरी ट्रेड और अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले स्थिति बदलेगी।\n• यात्रा और पर्यटन: जापान यात्रा करने वाले विदेशी पर्यटकों और छात्रों के खर्च पर मुद्रा के विनिमय दर का सीधा असर पड़ेगा। येन में किसी भी बड़ी बढ़त से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए वहां का खर्च बढ़ जाएगा।\n• बाजार अस्थिरता: नीतिगत बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय विदेशी मुद्रा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। व्यापारियों को सख्त स्टॉप-लॉस स्तरों का पालन करना होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nजापानी येन पर हालिया दबाव और बैंक ऑफ जापान के आगामी निर्णय के पीछे कई व्यापक आर्थिक कारक और नीतिगत घटनाक्रम सक्रिय रहे हैं।\n\n• मुद्रास्फीति का स्थिरीकरण: जापान में लंबे समय के प्रोत्साहन के बाद अंतर्निहित महंगाई दर 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंच चुकी है। केंद्रीय बैंक अब मूल्य वृद्धि को बढ़ाने के बजाय उसे स्थायी रूप से बनाए रखने की नीति पर काम कर रहा है।\n• वेतन वृद्धि का समर्थन: अगस्त में वास्तविक वेतन में सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत का सुधार हुआ जो लगातार आठवें महीने की बढ़त है। मजबूत घरेलू आय ने केंद्रीय बैंक को मौद्रिक सामान्यीकरण जारी रखने का आधार प्रदान किया है।\n• लागत का दबाव: कच्चे तेल और ऊर्जा की ऊंची कीमतों से छोटे और मझोले उद्यमों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है। इस अनिश्चितता के कारण नीति निर्माता दरों को बढ़ाने में जल्दबाजी के बजाय संतुलित रुख अपना रहे हैं।\n• ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव: बैंक ऑफ जापान ने मार्च 2024 में अपनी दशक पुरानी नकारात्मक ब्याज दर और आसान मौद्रिक नीति को समाप्त कर दिया था। इस बदलाव के बाद से बैंक धीरे-धीरे दरों को सामान्य स्तर पर ले जाने की प्रक्रिया में है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बैंक ऑफ जापान की शुक्रवार की बैठक से क्या उम्मीद की जा रही है?\nकेंद्रीय बैंक द्वारा अपनी मानक ब्याज दर को 1.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का व्यापक अनुमान है।\n\n2. दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की कितनी संभावना मानी जा रही है?\nबाजार में लगभग 80 प्रतिशत संभावना मानी जा रही है कि दिसंबर में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।\n\n3. गवर्नर काजुओ उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों महत्वपूर्ण है?\nगवर्नर के बयानों और शब्दों के चयन से यह संकेत मिलेगा कि दिसंबर या जनवरी में दरें बढ़ेंगी या नहीं, जिससे येन की दिशा तय होगी।\n\n4. जापान में हालिया वेतन वृद्धि का आंकड़ा क्या रहा है?\nसरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में मुद्रास्फीति समायोजित वास्तविक वेतन में सालाना 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो लगातार आठवें महीने की बढ़ोतरी है।\n\n5. USD/JPY के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से हैं?\nमुद्रा युग्म के लिए 155.00 से 156.00 का दायरा प्रमुख सपोर्ट है, जबकि 159.00 से 160.70 का क्षेत्र अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-29",
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