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  "type": "article",
  "title": "बैंक ऑफ जापान की स्वायत्तता और टोक्यो की चेतावनी से संभला जापानी येन, डॉलर के मुकाबले रिकवरी तेज",
  "summary": "जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा द्वारा केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता के समर्थन और सख्त कार्रवाई के संकेत के बाद येन में मजबूती आई है, जिससे डॉलर-येन जोड़ी 159 के स्तर से फिसलकर नीचे आ गई।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को जापानी येन ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी हालिया कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त दर्ज की। सप्ताह के शुरुआती कारोबारी सत्रों में तीन हफ्ते के शीर्ष स्तर 159.00 के पार पहुंचने के बाद यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी नीचे खिसककर 157.00 के मध्य दायरे और 156.50 के क्षेत्र में आ गई। मुद्रा बाजार में यह बदलाव उस समय देखने को मिला जब जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल आया, जिससे जापानी बॉन्ड और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के बीच का अंतर काफी कम हो गया। इसके साथ ही जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने बैंक ऑफ जापान की स्वायत्तता का खुलकर बचाव किया, जिससे येन बेचने वाले ट्रेडर सतर्क हो गए।\n\nटोक्यो से कड़ा संदेश और बाजार हस्तक्षेप की सुगबुगाहट\nजापान के नीति निर्माताओं की ओर से मुद्रा में तेज गिरावट को थामने के लिए सख्त रुख अपनाया जा रहा है। वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने स्पष्ट किया कि वह येन में स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह येन पर साहसिक कदम उठाने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाएंगी। यह दूसरा मौका है जब जापानी वित्त मंत्री ने विदेशी मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की संभावना जताई है।\n\nबाजार के भागीदार 160.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को जापानी अधिकारियों के लिए अत्यधिक येन कमजोरी की सीमा मान रहे हैं। जैसे ही डॉलर-येन जोड़ी इस संवेदनशील स्तर के करीब पहुंची, केंद्रीय बैंक और सरकार द्वारा बाजार में सीधे दखल की आशंका गहरा गई। अधिकारियों की इस चेतावनी ने सट्टेबाजों की गतिविधियों पर लगाम लगाई और येन में नई लिवाली देखने को मिली।\n\nजापानी बॉन्ड यील्ड तीन दशक के उच्च स्तर पर पहुंची\nमुद्रा की मजबूती को घरेलू बॉन्ड बाजार से भी बड़ा सहारा मिला है। शुक्रवार को जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल देखा गया। 10-वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 3.112 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 30 वर्षों का नया उच्चतम स्तर है। इसी तरह 30-वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड भी 4,223 तक चढ़ने के बाद थोड़ा नरम होकर 4.20 प्रतिशत के नीचे लौटी।\n\nजापानी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड ने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के मुकाबले यील्ड अंतर को कम कर दिया है, जिससे वैश्विक पूंजी प्रवाह में येन को सीधा समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी महीनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मजबूत उम्मीदों के चलते अमेरिकी डॉलर की गिरावट काफी सीमित बनी हुई है। बाजार चौथी तिमाही में फेडरल रिजर्व की तरफ से कम से कम 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना को लगभग पूरी तरह से मानकर चल रहा है, जिससे ग्रीनबैक में किसी बड़े उलटफेर की संभावना सीमित है।\n\nबैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति का ऐतिहासिक सफर\nबैंक ऑफ जापान देश का केंद्रीय बैंक है, जो राष्ट्रीय मौद्रिक नीति निर्धारित करने और बैंक नोट जारी करने के लिए जिम्मेदार है। इसका मुख्य अधिदेश मुद्रा और वित्तीय नियंत्रण के माध्यम से मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसके तहत करीब 2 प्रतिशत की मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखा गया है।\n\nसाल 2013 में बैंक ऑफ जापान ने कम मुद्रास्फीति के माहौल से निपटने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए एक अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति लागू की थी। यह नीति मात्रात्मक और गुणात्मक सुगमता (क्यूक्यूई) पर आधारित थी, जिसके तहत तरलता बढ़ाने के लिए नोट छापकर सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसी संपत्तियां खरीदी जाती थीं। इसके बाद 2016 में केंद्रीय बैंक ने अपनी इस आक्रामक रणनीति को और आगे बढ़ाते हुए पहले नकारात्मक ब्याज दरें शुरू कीं और फिर अपने 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड को सीधे नियंत्रित करना शुरू किया।\n\nनीतियों के अंतर से लेकर नीतिगत बदलाव तक का सफर\nकेंद्रीय बैंक के इस भारी भरकम प्रोत्साहन कार्यक्रम के कारण येन अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले लगातार कमजोर होता चला गया। वर्ष 2022 और 2023 में यह गिरावट और ज्यादा गंभीर हो गई, क्योंकि उस दौरान बैंक ऑफ जापान और दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों में भारी अंतर आ गया था। अमेरिका और यूरोप के प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने कई दशकों के उच्च स्तर पर पहुंची मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी बेहद आसान नीति पर अड़ा रहा।\n\nइस नीतिगत अंतर के कारण जापानी मुद्रा पर भारी दबाव बना। आखिरकार मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने अपनी इस दशक पुरानी व्यवस्था को वापस लेते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की और अपनी अत्यधिक ढीली नीति को समाप्त कर दिया। हाल ही में बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जिसने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम तय किया। कमजोर येन और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आए उछाल ने जापानी मुद्रास्फीति को केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर पहुंचा दिया था। इसके अलावा देश में वेतन वृद्धि की उम्मीदों ने भी मुद्रास्फीति को बढ़ावा दिया, जिसके चलते ब्याज दरें बढ़ाना जरूरी हो गया। हालांकि पिछले सप्ताह बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि को बाजार ने अपेक्षाकृत नरम माना, जिसने येन की बढ़त पर कुछ हद तक सीमाएं भी बांधी हैं।\n\nअन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का हाल\nविदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजार के अन्य हिस्सों में भी व्यापक उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और 200-दिवसीय एसएमए के नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के पास कमजोर नजर आया। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की तेजी ने वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर जगा दी हैं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके साथ ही भू-राजनीतिक जोखिमों ने अमेरिकी डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को दबा दिया।\n\nदूसरी ओर सोने की कीमतों में भी दबाव बना हुआ है। सोना 4,230 डॉलर के समर्थन स्तर से संभलकर 4,300 डॉलर के ठीक नीचे कारोबार करता दिखा। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाओं तथा 5 प्रतिशत से ऊपर बनी लंबी अवधि की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के चलते पीली धातु पर व्यापक मंदी का दबाव बना हुआ है।\n\nतकनीकी संकेतक और कारोबारी स्तर\nताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी 157.58 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 158.26 से 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 149.41 से 163.98 के बीच रहा है, जबकि मौजूदा कारोबारी सत्र में वॉल्यूम इसके 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना दर्ज किया गया।\n\nतकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 52 पर तटस्थ बना हुआ है। एमएसीडी (MACD) -0.35 पर है, जो सिग्नल लाइन -0.82 के मुकाबले 0.47 का सकारात्मक हिस्टोग्राम दिखाते हुए तेजी का रुख प्रस्तुत कर रहा है। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय ईएमए 156.88, 50-दिवसीय ईएमए 158.04 और 200-दिवसीय ईएमए 157.67 पर स्थित हैं। इसके अलावा 50-दिवसीय एसएमए 158.68 और 200-दिवसीय एसएमए 158.45 पर हैं, जहां 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर रहने के साथ गोल्डन क्रॉस मौजूद है, हालांकि लंबी अवधि का रुझान नीचे की ओर झुका हुआ है। बोलिंगर बैंड्स (20,2) 152.10 से 160.81 के दायरे में हैं, जिसका मध्य स्तर 156.46 है और मौजूदा भाव बैंड के भीतर बना हुआ है। एडीएक्स (ADX) 32 पर ट्रेंडिंग गति दर्शा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक पर फास्ट लाइन 77 और सिग्नल लाइन 83 पर है। दैनिक अस्थिरता के लिए 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 1.45 है। प्रमुख स्तरों में पिवट 157.98 पर है, जबकि पहला रेजिस्टेंस आर1 158.46 और दूसरा रेजिस्टेंस आर2 159.34 पर स्थित है। वहीं समर्थन स्तरों में पहला सपोर्ट एस1 157.09 और दूसरा सपोर्ट एस2 156.61 पर देखा जा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nजापानी येन में संभावित मजबूती और केंद्रीय बैंक की नीतियों से वैश्विक मुद्रा बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और यात्रा लागत पर पड़ेगा।\n\n• भारतीय यात्रियों और छात्रों पर असर: जापान की यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों या वहां अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए खर्चा बढ़ सकता है। अगर येन डॉलर और रुपये के मुकाबले मजबूत होता है तो टोक्यो में रहना और पढ़ाई का खर्च अधिक होगा।\n• आयात और निर्यात पर प्रभाव: जापानी तकनीक और ऑटो पार्ट्स आयात करने वाली कंपनियों की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि जापान को निर्यात करने वाले भारतीय कारोबारियों को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलने की संभावना बनेगी।\n• वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव: येन कैरी ट्रेड के अनवाइंड होने से अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में अचानक अस्थिरता पैदा हो सकती है। निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं जिससे अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं पर असर पड़ सकता है।\n• मुद्रा कारोबारियों के लिए जोखिम: फॉरेक्स ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को 156 से 160 के दायरे में कड़े स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करना चाहिए। सरकारी हस्तक्षेप की स्थिति में बाजार में एकतरफा और तीव्र गिरावट आ सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nजापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की कड़ी चेतावनी देने और घरेलू सरकारी बॉन्ड यील्ड में तीन दशक की रिकॉर्ड वृद्धि के कारण येन में तेजी आई है। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान की स्वतंत्रता का समर्थन किए जाने से सट्टेबाजों की डॉलर खरीदारी पर रोक लगी है।\n\n• सरकारी हस्तक्षेप की सीधी चेतावनी: जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने कहा कि वह मुद्रा की अत्यधिक कमजोरी पर साहसिक कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगी। डॉलर-येन जोड़ी 160.00 के संवेदनशील स्तर के पास पहुंचते ही सरकारी दखल का डर पैदा हो गया।\n• बॉन्ड यील्ड में ऐतिहासिक उछाल: 10-वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड की यील्ड 3.112 प्रतिशत के 30 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इससे अमेरिकी ट्रेजरी और जापानी बॉन्ड के बीच प्रतिफल का अंतर घट गया, जिसने येन में नई पूंजी आकर्षित की।\n• बैंक ऑफ जापान का दर वृद्धि चक्र: केंद्रीय बैंक ने हाल ही में अपने ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। पिछले दशकों की बेहद ढीली मौद्रिक नीति से पीछे हटने के बाद मुद्रास्फीति और वेतन वृद्धि के दबाव में दरों को सामान्य किया जा रहा है।\n• फेडरल रिजर्व की मजबूती का मुकाबला: हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा चौथी तिमाही में ब्याज दरें 25 आधार अंक बढ़ाने की उम्मीद से डॉलर मजबूत बना हुआ है, लेकिन जापानी नीति निर्माताओं के कड़े रुख ने डॉलर की एकतरफा तेजी को रोक दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी में शुक्रवार को गिरावट क्यों आई?\nजापान की वित्त मंत्री द्वारा येन में स्थिरता के लिए साहसिक कदम उठाने की चेतावनी और 10-वर्षीय जापानी बॉन्ड यील्ड के 3.112 प्रतिशत पर पहुंचने के कारण मुद्रा जोड़ी में गिरावट आई।\n\n2. जापानी अधिकारियों के लिए 160.00 का स्तर इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?\nबाजार विशेषज्ञ 160.00 के स्तर को जापानी सरकार के लिए अत्यधिक येन कमजोरी की सहनशीलता सीमा मानते हैं, जहां पहुंचने पर सीधे बाजार हस्तक्षेप का खतरा रहता है।\n\n3. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?\nकेंद्रीय बैंक ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।\n\n4. जापान में 10-वर्षीय और 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड किस स्तर पर पहुंची?\n10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 30 साल के उच्च स्तर 3.112 प्रतिशत पर पहुंची, जबकि 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4,223 छूने के बाद 4.20 प्रतिशत के नीचे आई।\n\n5. अमेरिकी डॉलर की गिरावट किस वजह से सीमित रही?\nअमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा चौथी तिमाही में ब्याज दरों में कम से कम 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीदों के चलते डॉलर को लगातार समर्थन मिल रहा है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-25",
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