# भारत में सोना फिसला, मजबूत डॉलर और ब्याज दर बढ़ने की आशंका से कीमतों पर दबाव

> भारत में सोने का भाव बुधवार को गिरकर 12,397.88 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया, जबकि एक दिन पहले यह 12,536.40 रुपये था। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की बढ़ती आशंका ने पीली धातु को नीचे खींचा।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-06-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/bharata-men-sona-phisala-majabuta-dollar-aura-byaja-dara-barhane-ki-ashnka-se-kimaton-para-dabava-2591 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोने की कीमत, सोना भाव भारत, गोल्ड रेट, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, सुरक्षित निवेश, केंद्रीय बैंक सोना

भारत में सोने की चमक बुधवार को थोड़ी फीकी पड़ गई। एक ग्राम सोने का दाम घटकर 12,397.88 भारतीय रुपये रह गया, जबकि मंगलवार को यही भाव 12,536.40 रुपये था। बड़ी मात्रा में खरीदारी करने वालों के लिए जो पैमाना मायने रखता है, यानी प्रति तोला कीमत, वह भी 146,222.10 रुपये से लुढ़ककर 144,611.40 रुपये प्रति तोला पर आ गई।

यह गिरावट लगातार दूसरे दिन देखने को मिली और इसी के साथ सोना करीब दो हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि कच्चे तेल की कीमतों में हाल की नरमी से महंगाई का डर कुछ कम हुआ है, फिर भी कारोबारी अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की ज्यादा संभावना मान कर चल रहे हैं। यही वजह है कि बाजार का रुझान सोने के खिलाफ बना हुआ है।

## डॉलर और सोने का उल्टा रिश्ता
सोने की चाल काफी हद तक अमेरिकी डॉलर के व्यवहार पर टिकी होती है, क्योंकि इसका भाव डॉलर में ही तय होता है (XAU/USD)। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमत दबाव में रहती है, और जब डॉलर कमजोर पड़ता है तो सोना ऊपर चढ़ने लगता है। सोने का रिश्ता अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड से भी उल्टा है, और ये दोनों ही बड़े सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। डॉलर के गिरने पर अक्सर सोना चढ़ता है, जिससे निवेशकों और केंद्रीय बैंकों को मुश्किल समय में अपनी पूंजी बांटने का मौका मिलता है।

सोने का जोखिम वाली संपत्तियों से भी उल्टा नाता है। शेयर बाजार में तेजी आने पर सोना कमजोर पड़ता है, जबकि जोखिम भरे बाजारों में बिकवाली के दौरान निवेशक पीली धातु की ओर भागते हैं।

## कीमत किन बातों से बदलती है
सोने के दाम कई कारणों से ऊपर-नीचे होते हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता या गहरी मंदी का डर सुरक्षित निवेश होने के नाते सोने को तेजी से ऊपर ले जा सकता है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज या रिटर्न नहीं मिलता, इसलिए ब्याज दरें कम होने पर यह चढ़ता है, जबकि पैसे की लागत यानी ब्याज दरें बढ़ने पर इस पर बोझ बढ़ जाता है। लेकिन ज्यादातर उतार-चढ़ाव अंततः डॉलर की चाल पर ही निर्भर करते हैं।

## क्यों खास है सोना
इंसानी इतिहास में सोने की भूमिका हमेशा अहम रही है। लंबे समय से इसे मूल्य संजोने और लेन-देन के जरिए के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। आज इसकी चमक और गहनों में इस्तेमाल के अलावा इसे एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, यानी मुश्किल और उथल-पुथल भरे दौर में इसे अच्छा विकल्प समझा जाता है। सोना महंगाई और कमजोर होती मुद्राओं के खिलाफ एक ढाल भी माना जाता है, क्योंकि यह किसी सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर नहीं करता।

## केंद्रीय बैंक सबसे बड़े खरीदार
दुनिया में सबसे ज्यादा सोना केंद्रीय बैंकों के पास है। मुश्किल समय में अपनी मुद्रा को सहारा देने के लिए ये बैंक अपने भंडार में विविधता लाते हैं और सोना खरीदते हैं, ताकि अर्थव्यवस्था और मुद्रा की मजबूती की धारणा बेहतर दिखे। ऊंचा सोने का भंडार किसी देश की भुगतान क्षमता पर भरोसे की वजह बनता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडार में करीब 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना जोड़ा। यह रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद किसी एक साल की सबसे बड़ी खरीद है। चीन, भारत और तुर्की जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक तेजी से अपना सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं।

## इसका आप पर असर
- **खरीदारों के लिए:** भाव गिरने से भारत में गहने या सिक्के खरीदने वालों को थोड़ी राहत है, क्योंकि एक ग्राम सोना अब 12,397.88 रुपये पर आ गया है।
- **निवेशकों के लिए:** मजबूत डॉलर और ब्याज दर बढ़ने की आशंका बनी रहने तक सोने पर दबाव दिख सकता है, इसलिए निवेश का फैसला सोच-समझकर लें।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत में आज एक ग्राम सोने का भाव क्या है?
बुधवार को एक ग्राम सोने का दाम 12,397.88 रुपये रहा, जो मंगलवार के 12,536.40 रुपये से कम है।

### 2. प्रति तोला सोने की कीमत कितनी हो गई?
प्रति तोला सोना 146,222.10 रुपये से गिरकर 144,611.40 रुपये पर आ गया।

### 3. सोने की कीमत में गिरावट की वजह क्या है?
मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की बढ़ती आशंका ने सोने को नीचे खींचा।

### 4. डॉलर का सोने पर क्या असर पड़ता है?
सोना डॉलर में आंका जाता है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर सोना दबाव में रहता है और डॉलर कमजोर होने पर चढ़ता है।

### 5. 2022 में केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में करीब 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा, जो रिकॉर्ड शुरू होने के बाद की सबसे बड़ी सालाना खरीद है।

### 6. कौन से देश तेजी से सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं?
चीन, भारत और तुर्की जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक तेजी से अपना सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं।

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